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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

भारत के दो प्राकृतिक विभागों के नाम लिखिए तथा संक्षेप में उनकी स्थिति स्पष्ट कीजिए।

Answer»

भारत के दो प्राकृतिक भाग तथा उनकी स्थिति इस प्रकार है–

1. उत्तर में विशाल पर्वतों की प्राचीर अथवा हिमालय पर्वतीय प्रदेश–भारत के उत्तर में लगभग 2,500 किमी की लम्बाई तथा 150 से 400 किमी की चौड़ाई में हिमालय पर्वतीय प्रदेश का विस्तार है। यह विशाल पर्वतों की प्राचीर पूर्व से पश्चिम दिशा में चाप के आकार में फैली हुई है। इस पर्वतीय प्रदेश का विस्तार लगभग 5 लाख वर्ग किमी क्षेत्रफल में विस्तृत है।

2. उत्तरी मैदान अथवा उत्तर का विशाल मैदान–हिमालय पर्वत के दक्षिण तथा दकन पठार के उत्तर में गंगा, सतलज, ब्रह्मपुत्र और उनकी सहायक नदियों की काँप मिट्टी द्वारा निर्मित उपजाऊ एवं समतल मैदान को उत्तर को विशाल मैदान कहते हैं। इसका क्षेत्रफल लगभग 7 लाख वर्ग किमी है। इसे जलोढ़ मैदान’ के नाम से भी पुकारते हैं। इस मैदान की लम्बाई पूर्व से पश्चिमी
लगभग 2,414 किमी तथा चौड़ाई पूर्व में 145 किमी तथा पश्चिम में 480 किमी है।

2.

कौन-सा मानसून भारत के पश्चिमी भाग में वर्षा करता है?

Answer»

अरब सागर से उठने वाला मानसून (दक्षिण-पश्चिमी मानसून) भारत के पश्चिमी भाग में वर्षा करता है।

3.

अरब सागर से उठा मानसून भारत के किस भाग से होकर आगे बढ़ता है?

Answer»

केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के पश्चिमी भाग।

4.

जलोढ़ मैदान का विस्तार बताइए।

Answer»

जलोढ़ मैदान उत्तरी भारत में सिन्धु, गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियों द्वारा बहाकर लाए गए जलोढ़ निक्षेप से बना है। इसकी पूर्व से पश्चिमी लम्बाई, 3,200 किलोमीटर है तथा अधिकतम चौड़ाई 150 से 300 किमी है। इस मैदान में जलोढ़ का निक्षेप अधिकतम 1,000 से 2,000 मीटर गहरा है।

5.

हिन्द महासागर से उठा मानसून भारत के किस भाग से होकर आगे बढ़ता है?

Answer»

बंगाल, अरुणाचल, असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब।

6.

विशाल मैदान के विशिष्ट भौतिक लक्षणों का वर्णन कीजिए।

Answer»

हिमालय के दक्षिण से विशाल मैदान का विस्तार आरम्भ हो जाता है। इस मैदान की उत्पत्ति नूतन काल में हुई है। यह मैदान रोचक भू-लक्षणों से युक्त है। इसकी उत्तरी सीमा पर गिरिपाद मैदान स्थित है जो महीन मलबे और मोटे कंकड़ों से बना है, जिन्हें भाबर कहते हैं। इस मैदान के दक्षिण में तराई का मैदान मिलता है। इस मैदान के प्राचीन जलोढ़कों को बांगर तथा नवीन जलोढ़कों को खादर कहते हैं। विशाल मैदान में कहीं-कहीं गर्त भी पाए जाते हैं। पटना के निकट के गर्त को जिल्ला तथा मोकाम के निकट के गर्त को ‘ढाल’ कहते हैं। इस मैदान में जलोढ़ झीलें हैं जिनका स्थानीय नाम ‘बिल’ हैं।

7.

हिमालय को भारत का प्रहरी क्यों कहा जाता है?

Answer»

हिमालय पर्वत भारत की उत्तरी सीमा पर एक अभेद्य दीवार के रूप में सन्तरी की भाँति अडिग खड़ा है, जिस कारण हिमालय को भारत का प्रहरी कहा जाता है।

8.

मध्यवर्ती उच्च भूमि को किन नामों से जाना जाता है?

Answer»

मध्यवर्ती उच्च भूमि के उत्तर-पश्चिमी भाग को ‘मालवा कां पठार’, दक्षिणी उत्तर प्रदेश के भू-भाग को ‘बुन्देलखण्ड’ व ‘बघेलखण्ड’ तथा दक्षिणी बिहार में सम्मिलित भू-भाग को ‘छोटा नागपुर’ पठार के नाम से जाना जाता है।

9.

शिवालिक किसे कहते हैं? 

Answer»

हिमालय की दक्षिणतम श्रेणी को शिवालिक कहते हैं।

10.

कोई स्थान अधिक गर्म क्यों होता है?

Answer»

जहाँ सूर्य की किरणें सीधी पड़ती हैं, ताप अधिक होने से गर्मी हो जाती है।

11.

लघु हिमालय किसे कहते हैं?

Answer»

महान् हिमालय के दक्षिण में स्थित पर्वतश्रेणी लघु या मध्य हिमालय कहलाती है। इसे ‘हिमाचल हिमालय’ कहा जाता है।

12.

पूर्वांचल किसे कहते हैं?

Answer»

भारत के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित पर्वत-श्रेणियाँ पूर्वांचल के नाम से प्रसिद्ध हैं।

13.

संकटापन्न प्रजातियों से आप क्या समझते हैं? संकटापन्न प्रजातियों को वर्गीकृत कीजिए।

Answer»

इसमें वे सभी प्रजातियाँ सम्मिलित हैं जिनके लुप्त हो जाने का खतरा है। जिस तेजी से वनों का विनाश विभिन्न मानवीय आवश्यकताओं के लिए हो रहा है तथा जलवायु में परिवर्तन हुए हैं, उससे विश्व की विभिन्न प्रजातियाँ संकटग्रस्त हो गई हैं। विलुप्त हो रही प्रजातियों को निम्नलिखित वर्गों में रखा जाता है

I. संकटग्रस्त जातियाँ
ये जीवों (पादप तथा जन्तु) की वे जातियाँ हैं जिनकी संख्या कम हो गई है या तेजी से कम हो रही है। तथा इनके आवास इतने कम हो गए हैं कि इनके लुप्त होने का भय है।

II. सुभेद्य जातियाँ
इसमें जीवों की वे जातियाँ सम्मिलित हैं जिनके पौधे पर्याप्त संख्या में अपने प्राकृतिक आवासों में पाए। जाते हैं, परन्तु यदि भविष्य में इनके वातावरण में प्रतिकूल परिस्थितियाँ उत्पन्न होती हैं, तो इनका निकटभविष्य मे विलुप्त होने का भय है।

III. दुर्लभ जातियाँ
ये उन पौधों की जातियाँ हैं, जिनकी संख्या संसार में बहुत कम है। इनके आवास विश्व में सीमित संख्या मे हैं। इनके विलुप्त होने का भय सदैव बना रहता है।

14.

हॉट स्पॉट (Hot Spot) से आप क्या समझते हैं?

Answer»

वह क्षेत्र जहाँ जैव-विविधता अधिक पाई जाती है उन क्षेत्रों को ‘हॉटस्पॉट’ कहते हैं। विश्व में ऐसे क्षेत्रों का पता लगाया गया है जो जैव-विविधता की दृष्टि से सम्पन्न हैं, किन्तु जीवों के आवास लगातार नष्ट होने के कारण वहाँ की अनेक जातियाँ संकटग्रस्त या क्षेत्र विशेषी हो गई हैं। अतः ऐसे स्थल जहाँ किसी प्राणी अथवा वनस्पति जाति की बहुलता हो या निरन्तर घट रही विलुप्तप्राय जातियाँ हों, को जैव-विविधता के संवेदनशील क्षेत्र या तप्त स्थल (हॉट स्पॉट) कहते हैं।

15.

प्रकृति को बनाए रखने में जैव-विविधता की भूमिका का वर्णन करें।

Answer»

प्रकृति अजैव एवं जैव तत्त्वों का समूह है। इसकी कार्यशीलता इन दोनों तत्त्वों की पारस्परिक क्रिया द्वारा ही संचालिव्र होती है। जैव तत्त्वों के अन्तर्गत विद्यमान जैव-विविधता प्रकृति के सन्तुलित संचालन का ही परिणाम है। अत: प्रकृति को बनाए रखने के लिए जैव-विविधता एवं जैव-विविधता की सुरक्षा के लिए प्रकृति के साथ मानव के मैत्रीपूर्ण सम्बन्धों का अपना विशिष्ट महत्त्व है। दूसरे शब्दों में, प्रकृति एवं जैव-विविधता में घनिष्ट सम्बन्ध है तथा ये दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।

आज जो जैव-विविधता हम देखते हैं वह 2.5 से 3.5 अरब वर्षों के विकास का परिणाम है। पारितन्त्र में मौजूद विभिन्न प्रजातियाँ कोई-न-कोई क्रिया करती रहती हैं। पारितन्त्र में कोई भी प्रजाति न तो बिना कारण के विकसित हो सकती है और न ही उसका अस्तित्व बना रह सकता है अर्थात् प्रत्येक जीव अपनी आवश्यकता पूरी करने के साथ-साथ दूसरे जीवों के विकास में भी सहायक होता है। जीव वे प्रजातियाँ ऊर्जा ग्रहण कर उसका संरक्षण करती हैं। जैव-विविधता कार्बनिक पदार्थ विघटित तथा उत्पन्न करती हैं और पारितन्त्र में जल व पोषक तत्त्वों के चक्र को बनाए रखने में सहायक होती है। यह जलवायु को नियन्त्रित करने में सहायक है और पारितन्त्र को सन्तुलित रखती हैं। इस प्रकार जैव-विविधता प्रकृति कों बनाए रखने में सहायक है।

16.

संसार के कुछ मुख्य हॉट-स्पॉट के नाम लिखिए।

Answer»

संसार के मुख्य हॉट-स्पॉट निम्नवत् हैं

1. अमेजन [Amazon (लैटिन अमेरिका)]

2. आर्कटिक टुण्डा Arctic Tundra (उत्तरी ध्रुव)]

3. अलास्का [Alaska (उत्तरी अमेरिका)]

4. मेडागास्कर द्वीप [Islands of Madagaskar (पूर्वी अफ्रीका के तट)]

5. आल्प्स [Alps (यूरोप)]

6. मालदीव द्वीप [Maldiv Island. (दक्षिण-पूर्वी एशिया)]

7. कैरीबियन द्वीप [Caribbean Islands (दक्षिण प्रशान्त)]

8. मॉरिशस [Mauritius (पूर्वी अफ्रीका के तट)]

9. विक्टोरिया झील [Lake of Victoria (कीनिया)]

10. अण्टार्कटिका [Antarctica (दक्षिणी ध्रुव)]

17.

लक्षद्वीप द्वीपसमूह कहाँ स्थित है?

Answer»

भारत के दक्षिण-पश्चिम में हिंद महासागर में।

18.

विदेशज प्रजातियों (Exotic Species) से आप क्या समझते हैं?

Answer»

वे प्रजातियाँ जो स्थानीय आवास की मूल जैव प्रजाति नहीं हैं, लेकिन इस तन्त्र में स्थापित की गई हैं, उन्हें विदेशज प्रजातियाँ कहा जाता है।

19.

भारत का अक्षांशीय एवं देशान्तरीय विस्तार कितना है?

Answer»

भारत की मुख्य भूमिका 8°4′ और 37°6′ उत्तरीय अक्षांशों तथा 68°7′ व 97°25′ पूर्वी देशांतरों के बीच फैली है। अतः भारत का अक्षांशीय विस्तार 29°2′ तथा देशांतरीय विस्तार 29°18′ है।

20.

भारत किन-किन अक्षांश और देशान्तर रेखाओं के बीच स्थित है?

Answer»

भारत 8°4′ और 37°6′ उत्तरी अक्षांश रेखाओं तथा 68°7′ एवं 97°25′ पूवी। देशांतर रेखाओं के बीच स्थित है। कर्क रेखा 23°30′ उत्तरी अक्षांश में देश को दो बराबर भागों में बाँटती है।

21.

अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह कहाँ स्थित है?

Answer»

बंगाल की खाड़ी के दक्षिण में हिंद महासागर में।

22.

भारत किस गोलार्द्ध में स्थित है?

Answer»

उत्तरी गोलार्द्ध में।

23.

कौन ग्रह सबसे देर में सूर्य का चक्कर लगाता है?

Answer»

वरुण ग्रह सबसे देर में सूर्य का चक्कर लगाता है।

24.

कौन ग्रह सूर्य के सर्वाधिक पास है?

Answer»

बुध ग्रह सूर्य के सर्वाधिक पास है।

25.

कौन ग्रह सबसे पहले सूर्य का चक्कर लगाता है?

Answer»

बुध ग्रह सबसे पहले सूर्य का चक्कर लगाता है।

26.

भारत की मानक समय रेखा किस देशान्तर पर है और यह कहाँ-कहाँ से गुजरती है ?

Answer»

भारत की मानक समय रेखा 82°30′ पूर्वी देशांतर पर है और यह उत्तर प्रदेश राज्य के इलाहाबाद शहर से होकर गुजरती है।

27.

कौन ग्रह सूर्य से सबसे अधिक दूर है?

Answer»

वरुण ग्रह सूर्य से सबसे अधिक दूर है।

28.

निम्नलिखित में से असुरक्षित प्रजातियाँ कौन-सी हैं?(क) जो दूसरों को असुरक्षा दें।(ख) बाघ व शेर(ग) जिनकी संख्या अत्यधिक हो ।(घ) जिन प्रजातियों के लुप्त होने का खतरा है।

Answer»

सही विकल्प है (घ) जिन प्रजातियों के लुप्त होने का खतरा है।

29.

प्रजातियों की विलुप्तता के मुख्य कारण लिखिए।

Answer»

प्रजातियों की विलुप्तता के मुख्य कारण निम्नवत् है

1. बाढ़ (flood), सूखा (drought), भूकम्प (earthquakes) आदि प्राकृतिक विपदाएँ।

2. पादप रोगों का संक्रमण (epidemic) के रूप में।

3. परागण करने वाले साधनों या कारकों में कमी।

4. समाज में प्रजातियों की विलुप्तता के सम्बन्ध में ज्ञान न होना।

5. वनों का अत्यधिक कटाव।

6. मनुष्य द्वारा पौधों के प्राकृतिक आवासों में परिवर्तन।

7. औद्योगीकरण, बाँध (dams), सड़क आदि के निर्माण से वनों की कटाई।

8. पशुओं के अति चरण (over grazing) के कारण पौधों का नष्ट होना।

9. प्रदूषण तथा पारितन्त्र का असन्तुलन।

10. पौधों का व्यापार।

30.

जैवमण्डल रिजर्व क्या हैं? इसके अन्तर्गत सम्मिलित क्षेत्र का सीमांकन कीजिए तथा जैवमण्डल रिजर्व के कार्य बताइए।

Answer»

जैवमण्डल रिजर्व
जैवमण्डल रिजर्व वह संरक्षित क्षेत्र है जिसमें ‘आबादी’ तन्त्र की अल्पता होती है। ये प्राकृतिक जीवोम (Natural biomes) हैं जहाँ के जैविक समुदाय विशिष्ट होते हैं। संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संघ (UNESCO) के मानव व जैवमंण्डल (man and bisophere) कार्यक्रम में 1975 ई० में जैवमण्डल रिजर्व के सिद्धान्त (concept) को रखा गया जिसके अन्तर्गत पारितन्त्र का संरक्षण आनुवांशिक स्रोतों (genetic resources) के संरक्षण से किया जाना सुझाया गया। मई, 2002 : ई० तक 408 जैवमण्डलों का 94 देशों में पता लगा है। भारत में कुल 14 जैवमण्डल रिजर्व मिलते हैं। भारत में जैवमण्डल रिजर्व के रूप में राष्ट्रीय उद्यानों को भी रखा गया है।

जैवमण्डल रिजर्व के अन्तर्गत कोर (core), बफर (buffer) तथा उदासीन क्षेत्र (Transition zones) आते हैं। प्राकृतिक अथवा कोर क्षेत्र वह है जहाँ का पारितन्त्र पूर्ण तथा कानूनी रूप से संरक्षित होता है। बफर क्षेत्र कोर क्षेत्र को घेरता है तथा इसमें विभिन्न प्रकार के स्रोत मिलते हैं जिन पर शैक्षिक व शोध गतिविधियाँ चलती रहती हैं। संक्रमण क्षेत्र जैवमण्डल रिजर्व का सबसे बाहरी क्षेत्र है। यहाँ पर स्थानीय लोगों द्वारा बहुत-सी क्रियाएँ; जैसे—रहन-सहन, खेती-बाड़ी, प्राकृतिक सम्पदा का आर्थिक उपयोग आदि होती रहती हैं।

जैवमण्डल रिजर्व के मुख्य कार्य

1. संरक्षण–आनुवंशिक स्रोतों, जातियों, पारितन्त्र आदि का संरक्षण करना।

2. विकास–सांस्कृतिक, सामाजिक तथा पारिस्थितिकीय स्रोतों का विकास।

3. वैज्ञानिक शोध तथा शैक्षणिक उपयोग–संरक्षण सम्बन्धी इन क्रियाओं से वैज्ञानिक शोध व सूचना का राष्ट्रीय, अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विनिमय होता है।

31.

भारत का पहला जीन अभयारण्य कहाँ पर स्थित है?

Answer»

भारत में सबसे पहला जीन अभयारण्य (Gene sanctuary) बंगलौर (बंगलुरु) में स्थापित किया गया है।

32.

जैव-विविधता के विभिन्न स्तरों का वर्णन कीजिए।

Answer»

संसार में विभिन्न प्रकार के जीव मिलते हैं। इनके मध्य जटिल पारिस्थितिकीय सम्बन्ध, प्रजातियों के मध्य आनुवंशिक विविधता तथा अनेक प्रकार के पारितन्त्र आदि सम्मिलित हैं। जैव विविधता में तीन प्रमुख स्तर हैं

1. आनुवंशिकीय जैव विविधता (Genetic biodiversity),

2. जाति विविधता (Species diversity),

3. समुदाय व पारितन्त्र विविधता (Community and Ecosystem diversity)। ये सभी स्तर एक-दूसरे से सम्बन्धित होते हैं, परन्तु इन्हें अलग से जाना व पहचाना जा सकता है

1. आनुवंशिकीय विविधता–प्रत्येक जाति चाहे जीवाणु हो या बड़े पादप अथवा जन्तु आनुवंशिक सूचनाओं को संचित रखते हैं, जो जीन में संरक्षित होती हैं। उदाहरण के लिए माइकोप्लाज्मा में लगभग 450.700 जीन।।

2. जाति विविधता–जाति, विविधता की पृथक् व निश्चित इकाई है। प्रत्येक जाति इकोसिस्टम अथवा पारितन्त्र में महत्त्वपूर्ण है। अतः किसी भी जाति की विलुप्तता पूरे पारितन्त्र पर प्रभाव डालती है। जाति विविधता किसी निश्चित क्षेत्र के अन्दर जातियों में विभिन्नता है। जाति की संख्या प्रति इकाई क्षेत्रको जाति धन्यता कहते हैं। जितनी जाति धन्यता अधिक होती है उतनी ही जाति विविधता अधिक होती है। प्रत्येक जाति के जीवों की संख्या भिन्न हो सकती है। इससे समानता (equality) पर प्रभाव पड़ता है।
3.समुदाय व पारितन्त्र विविधिता–समुदाय के स्तर पर पारितन्त्र में विविधता तीन प्रकार की होती है

(अ) एल्फा विविधता–यह विविधता समुदाय के अन्दर होती है। इस प्रकार की विविधता एक ही आवास व समुदाय में मिलने वाले जीवों के मध्य मिलती है। समुदाय/आवास बदलते ही जाति भी बदल जाती है।

(ब) बीटा विविधता–समुदायों व प्रवासों के मध्य बदलते जाति के विभव को बीटा विविधता कहते हैं। समुदायों में विभिन्न जातियों के संघटन में भिन्नता मिलती है।

(स) गामा विविधता-भौगोलिक क्षेत्रों में मिलने वाली सभी प्रकार जैव विविधता को गामा विविधता कहते हैं।

33.

पारितन्त्र किसे कहते हैं ?

Answer»

किसी क्षेत्र के पेड़-पौधे तथा जीव-जन्तु परस्पर इतने जुड़े होते हैं तथा एक-दूसरे पर इतने आश्रित होते हैं कि एक के बिना दूसरे के अस्तित्व की कल्पना तक नहीं की जा सकती। ये एक-दूसरे पर आश्रित पेड़-पौधे और जीव-जन्तु मिलकर एक पारितन्त्र का निर्माण करते हैं। उदाहरण के लिए-जीवजन्तु भोजन, ऑक्सीजन आदि के लिए पेड़-पौधों पर आश्रित होते हैं। वर्षा, पर्यावरण आदि के लिए भी वे पेड़-पौधों पर आश्रित हैं। जीव-जन्तु भी पेड़-पौधों के लिए उपयोगी हैं, क्योंकि वे इनको बनाये रखने और इनकी वृद्धि करने में अनेक प्रकार से सहायक हैं। इस पारितन्त्र का विकास लाखों-करोड़ों वर्षों में हुआ है। इससे छेड़छाड़ के गम्भीर परिणाम हो सकते हैं।

34.

नए प्रकार के बीजों एवं रासायनिक खादों के क्या परिणाम है?

Answer»

नए प्रकार के बीज एवं रासायनिक खादों के प्रयोग से हरित क्रान्ति आई है। उत्पादन में वृद्धि हुई है, किन्तु जैव-विविधता का ह्रास और विभिन्न प्रकार के प्रदूषण में भी वृद्धि हुई है।

35.

प्राकृतिक वनस्पति क्या है ?

Answer»

किसी भी क्षेत्र में व्याप्त घास से लेकर बड़े-बड़े वृक्षों तक को उस क्षेत्र की प्राकृतिक वनस्पति कहते हैं।

36.

यव वृक्ष कहाँ पाया जाता है? इससे कौन-सी औषधि बनायी जाती है ?

Answer»

हिमालयन यव (चीड़ की प्रजाति का सदाबहार वृक्ष) एक औषधीय पौधा है जो हिमाचल प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में पाया जाता है। इसके पेड़ की छाल, पत्तियों, टहनियों और जड़ों से टकसोल (Taxol) नामक रसायन निकाला जाता है जिसे कैंसर के उपचार में प्रयोग किया जाता है। इससे बनायी गयी दवाई विश्व में सबसे अधिक बिकने वाली कैंसर औषधि है। इसके रस के अत्यधिक निष्कासन से इस वनस्पति जाति को खतरा उत्पन्न हो गया है। पिछले एक दशक में हिमाचल प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में यव के हजारों पेड़ सूख गये हैं।

भारत में बढ़ती हुई जनसंख्या की आवश्यकता की पूर्ति हेतु कृषि क्षेत्र एवं औद्योगीकरण के विस्तार के कारण जिस प्रकार वनों की अन्धाधुन्ध कटाई हो रही है, वह एक गम्भीर चिन्ता का विषय है। देश में वन आवरण के अन्तर्गत अनुमानित 6,78,333 वर्ग किमी क्षेत्रफल है। यह देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 20.60 प्रतिशत है। इसमें सघन वन क्षेत्र तो केवल 3,90,564 वर्ग किमी ही है। राष्ट्रीय वननीति के अनुसार देश में वन क्षेत्र का विस्तार 33 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र पर होना चाहिए। हमारे प्रदेश में तो वनों का क्षेत्रफल कुल क्षेत्रफल का केवल 6,98 प्रतिशत ही है।

37.

वन और वन्यजीव संरक्षण में सहयोगी रीति-रिवाजों पर एक निबन्ध लिखिए।

Answer»

भारत में प्रकृति की पूजा सदियों से चला आ रहा परम्परागत विश्वास है। इस विश्वास का उद्देश्य प्रकृति के स्वरूप की रक्षा करना है। विभिन्न समुदाय कुछ विशेष वृक्षों की पूजा करते हैं और प्राचीनकाल से उनका संरक्षण भी करते चले आ रहे हैं। उदाहरण के लिए—छोटा नागपुर क्षेत्र में मुंडा और संथाल जनजातियाँ महुआ और कदम्ब के पेड़ों की पूजा करती हैं। ओडिशा और बिहार की जनजातियाँ। विवाह के दौरान इमली और आम के पेड़ों की पूजा करती हैं। बहुत-से लोग पीपल और बरगद के वृक्षों की पूजा आज भी करते हैं।

38.

वन्य जीवन के संरक्षण की क्या आवश्यकता है ?

Answer»

वन्य जीवन संरक्षण की आवश्यकता निम्नलिखित दो कारणों से होती है

1. प्राकृतिक सन्तुलन में सहायक-वन्य जीवन वर्तमान और भावी पीढ़ियों के लिए प्रकृति का अनुपम उपहार हैं। किन्तु वर्तमान समय में अत्यधिक वन दोहन तथा अनियन्त्रित और गैर-कानूनी आखेट के कारण भारत की वन्य जीव-सम्पदा का तेजी से ह्रास हो रहा है। अनेक महत्त्वपूर्ण पशु-पक्षियों की प्रजातियाँ विलोप के कगार पर हैं। प्राकृतिक सन्तुलन बनाये रखने के लिए वन्य-जीव संरक्षण की बहुत आवश्यकता है।

2. पर्यावरण प्रदूषण-पर्यावरण प्रदूषण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए भी पशुओं एवं वन्य-जीवों का संरक्षण आवश्यक है, क्योंकि इनके द्वारा पर्यावरण में उपस्थित बहुत-से प्रदूषित पदार्थों को नष्ट कर दिया जाता है। इसके साथ ही वन्य-जीव पर्यावरण को स्वच्छ बनाये रखने में अपना अमूल्य योगदान देते हैं।

39.

भारत सरकार ने प्रजातियों को बचाने के लिए कौन-सा मुख्य कानूनी प्रयास किया है?

Answer»

भारत सरकार ने प्रजातियों को बचाने, संरक्षित करने और विस्तार के लिए वन्य जीव सुरक्षा अधिनियम, 1972 पारित किया है, जिसके अन्तर्गत राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य स्थापित किए गए तथा देश में कुछ क्षेत्रों को जीवमण्डल आरक्षित घोषित किया गया है।

40.

जैव-विविधता समृद्ध क्षेत्र है|(क) उष्णकटिबन्धीय क्षेत्र(ख) शीतोष्ण कटिबन्धीय क्षेत्र(ग) ध्रुवीय क्षेत्र(घ) महासागरीय क्षेत्र

Answer»

सही विकल्प है (क) उष्णकटिबन्धीय क्षेत्र

41.

Which type of species develop by the process of evolution? (a) Taxonomic species (b) Morphological species (c) Biological species (d) Phylogenetic species

Answer»

(c) Biological species

42.

‘पौधों में भी जीवन है’- इस विषय पर पाँच पंक्तियाँ लिखो।

Answer»

ये पौधे हरे-भरे होते हैं। ये खाद और पानी से विकसित होते हैं। ये छोटे से बड़े हो जाते हैं। ये निश्चित अवधि के बाद सूख जाते हैं। ये प्रतिक्रिया करते हैं।

43.

रेवती की बात सुनकर लोग क्यों हँस पड़े थे?

Answer»

रेवती की बात सुनकर लोग इसलिए हँस पड़े थे; क्योंकि उसने कहा कि मेरा पौधा वायलिन की ध्वनि सुनकर मेरी ओर झुक जाता है।

44.

पौधों को विकास के लिए क्या-क्या जरूरी होता है?

Answer»

विकास के लिए पौधों को प्रकाश, पानी और हवा की जरूरत होती है।

45.

पौधा चोरी हो जाने का रेवती पर क्या असर पड़ा और उसे कहाँ-कहाँ खोजा?

Answer»

पौधा चोरी होने से रेवती निराश हो गई। उसने पौधे को हर एक जगह खोजा।

46.

रेवती अचंभे में क्यों पड़ी?

Answer»

रेवती का वायलिन सुनकर पौधा उसकी तरफ झुक गया, जिसे देखकर वह अचंभे में पड़ी।

47.

पौधों की देखभाल वह कैसे करती थी?

Answer»

पौधों की देखभाल वह बहुत यत्न से करती थी।

48.

Which of the following is an example of a metal? (a) Iron (b) Oxygen (c) Helium (d) Water

Answer»

Correct answer is (a) Iron

49.

What are metalloids? Give examples.

Answer»

Metalloids are the elements which have properties intermediate, between those of metals and non-metals. 

Ex.: Boron, Silicon, Germanium, Arsenic, Antimony.

50.

Oxygen, hydrogen, and sulphur are examples of which of the following?(a) Metals(b) Non-metals(c) Metalloids(d) Inert gases

Answer»

(b) Non-metals