Explore topic-wise InterviewSolutions in Current Affairs.

This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

कवि बिहारी के अनुसार भगवान किस प्रकार की भक्ति से प्रसन्न होते हैं?

Answer»

बिहारी कहते हैं – जप करने, माला फेरने एवं चंदन का तिलक लगाने जैसी बाहरी क्रियाओं से ईश्वर प्रसन्न नहीं होते हैं। इन बाह्य आचरणों से सच्ची भक्ति नहीं होती है। ईश्वर तो केवल सच्चे मन से की गई भक्ति से ही प्रसन्न होते हैं।

2.

बिहारी के दोहे कवि परिचय :

Answer»

गागर में सागर भरने वाले रीतिकाल के श्रेष्ठ कवि बिहारी लाल का जन्म ग्वालियर के पास ‘बसुआ’ गोविंदपुर नामक गाँव में हुआ। बिहारी अपने समय के असाधारण कवि थे। ‘बिहारी सतसई’ सबसे अधिक लोकप्रिय एवं प्रसिद्ध रचना है। इस ग्रंथ पर अनेक भाषाओं में टीकाएँ लिखी गई हैं। आपके दोहों का मुख्य विषय श्रृंगार वर्णन है। आपने भक्ति और नीति विषयक दोहों की भी अत्यंत सफलता पूर्वक रचना की है।

‘बिहारी सतसई’ श्रृंगार का तो सागर है ही, साथ ही मानव-जीवन और समाज के विभिन्न पहलुओं की मार्मिक एवं निर्माणपरक झाँकी भी प्रस्तुत करती है। आपके नीति के दोहे सांसारिक ज्ञान को सामने ला देते हैं। सतसई में जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की सामग्री उपस्थित है। विषय की यह व्यापकता रीतिकाल के अन्य कवियों में नहीं मिलती। बिहारी का भाषा भंडार अत्यंत विस्तृत है। भाव और परिस्थिति के अनुकूल ब्रज और संस्कृत भाषा के शब्दों का सुंदर प्रयोग किया है।

3.

‘छोटे बड़े नहीं हो सकते’ इसके लिए कौन सा उदाहरण दिया गया है?

Answer»

छोटे बड़े नहीं हो सकते’ उदाहरणार्थ हम लाख अपनी आँखें फाड़-फाड़ कर क्यों न देखें, छोटी वस्तु हमें बड़ी नहीं दिखाई दे सकती।

4.

ससंदर्भ भाव स्पष्ट कीजिए :जपमाला छापा तिलक, सरै न एकौ कामु।मन-काँचै नाचै वृथा, साँचै राँचै रामु॥

Answer»

प्रसंग : प्रस्तुत दोहा हमारी पाठ्य पुस्तक ‘साहित्य गौरव’ के मध्य युगीन कविता ‘बिहारी के दोहे’ से लिया गया है जिसके कवि बिहारीलाल हैं।

संदर्भ : बिहारी जी इस नीतिपरक दोहे के माध्यम से सांसारिक ज्ञान को सामने ला देते हैं और कहते हैं कि बाहरी दिखावा और पाखण्ड व्यर्थ है, क्योंकि भगवान भाव से प्रसन्न होते हैं, पाखण्ड से नहीं।

भाव स्पष्टीकरण : प्रस्तुत दोहे में कवि बिहारी कहते हैं कि बाहरी दिखावा, पाखण्ड व्यर्थ है। भगवान भाव से प्रसन्न होते हैं, पाखण्ड से नहीं। जप करना, माला पहनना, छापा और तिलक लगाना इन सब प्रकार के पाखण्डों से ईश्वर की प्राप्ति नहीं होती है। बल्कि जब तक तेरा मन कच्चा है, तब तक तेरा यह सारा नाचा अर्थात् पाखण्ड व्यर्थ है, इसलिए व्यक्ति को विषय-वासनाएँ मिटाकर और बाहरी आडम्बरों को त्यागकर सच्चे मन से ईश्वर की उपासना करनी चाहिए क्योंकि राम अर्थात् भगवान तो सच्ची भावना से प्रसन्न होते हैं।

विशेष : भाषा – ब्रज और संस्कृत भाषा के शब्दों का प्रयोग।
भाव – भक्ति और नीति परक।

5.

पीर-औलिया खुदा को क्यों नहीं जान पाये ?

Answer»

पीर और औलिया बाहरी दिखावों को ही खुदा की प्राप्ति का मार्ग मान बैठे हैं। वे कुरान पढ़ते हैं और शिष्य बनाते हैं। ये लोग लोगों को मज़ारों पर इकट्ठा करते हैं। पर खुदा को ये लोग नहीं पहचान पाए हैं।

6.

भई खूब! क्या आइडिया है। इस वाक्य को ध्यान में रखते हुए बताइए कि एक भाषा में दूसरी भाषा के शब्दों के आने से क्या लाभ होते हैं?

Answer»

एक भाषा के शब्द जब ज्यों के त्यों दूसरी भाषा में आते हैं तो इससे भाषा सरल, सहज और बोधगम्य बनती है। वह अधिकाधिक लोगों द्वारा प्रयोग और व्यवहार में लाई जाती है। कुछ ही समय में ये शब्द उसी भाषा के बनकर रह जाते हैं।

7.

ससंदर्भ भाव स्पष्ट कीजिए :अति अगाधु, अति औथरौ, नदी, कूप, सरू, बाइ।सो ताकौ सागरू जहाँ, जाकी प्यास बुझाइ॥

Answer»

प्रसंग : प्रस्तुत दोहा हमारी पाठ्य पुस्तक ‘साहित्य गौरव’ के ‘बिहारी के दोहे’ से लिया गया है, जिसके रचयिता बिहारी लाल जी हैं।

संदर्भ : कवि बिहारी इस दोहे के माध्यम से कहते है कि जिसका जिसमें अभीष्ट सध जाये, वही उसके निमित्त सब कुछ है, चाहे वह बड़ा हो या छोटा ।

भाव स्पष्टीकरण : इस दुनिया में अति गहरे और अति उथले पानी के स्रोत हैं। जैसे – सागर, नदी, कूप, सरोवर और कुँआ। बिहारी लाल कहते हैं कि जहाँ जिसकी प्यास बुझ जाए वही उसके लिए सागर के समान है। भाव यह है कि संसार में छोटे-बड़े कई दानी हैं। जिसकी इच्छा जहाँ पूर्ण हो जाए, उस के लिए वही बड़ा दानी है।

8.

कवि ने नदी, कूप, सर, बावली को सागर के समान किस स्थिति में सागर माना है?

Answer»

कवि ने नदी, कूप, तालाब और बावली को सागर के समान इसलिए माना है क्योंकि इन्होंने जिसकी प्यास बुझाई उसके लिए तो यह सागर ही है।

9.

कबीर ने नियम और धर्म का पालन करनेवाले लोगों को किन कमियों की ओर संकेत किया है ?

Answer»

कबीर ने नियम और धर्म का पालन करनेवाले लोगों की निम्नलिखित कमियों (आडम्बरों) की ओर संकेत किया है – रोज नियम से स्नान करनेवाले, मूर्ति पूजा करनेवाले, आसन लगानेवाले, पीपल पूजनेवाले, तीर्थ करनेवाले, टोपी पहननेवाले, माला पहननेवाले, छाप-तिलक लगानेवाले आदि दंभी और अंधविश्वासी हैं।

ऐसे सारे लोग आत्मज्ञान से वंचित है और वे धर्म के, ईश्वर के सच्चे स्वरूप को नहीं पहचान पाते । मुसलमान भी पवित्र कुरान का पाठ करते हैं, स्वयं को ईश्वर के सच्चे स्वरूप का ज्ञान न होने के बावजूद अपने शिष्यों को उपदेश देना, धार्मिक कट्टरता के कारण आपस में लड़ना, अपने ईश्वर को श्रेष्ठ बताना, घर-घर मंत्र देते फिरना आदि । वे भ्रमवश ईश्वर के सच्चे स्वरूप को पहचान नहीं पाते । जबकि ईश्वर तो सबके हृदय में विद्यमान हैं।

10.

बाह्य आडम्बरों की अपेक्षा स्वयं (आत्म) को पहचानने की बात किन पंक्तियों में कही गई है ? अपने शब्दों में लिखें ।

Answer»

कबीर ने बाह्य आडम्बरों की जगह स्वयं को पहचानने की बात निम्नलिखित पंक्तियों में कही गई है –

“टोपी पहिरे माला पहिरे, छाप तिलक अनुमाना
साखी सब्दहि गावत भूले, आतम खबरि न जाना ।।”

इन पंक्तियों का आशय यह है कि हिन्दू और मुसलमान दोनों धर्म के सही रूप को पहचानने के बजाय मिथ्या बाह्य आडंबरों की होड़ में लीन हैं । कोई टोपी पहनता है, कोई माला पहनता है, कोई छाप लगाता है, कोई तिलक लगाता है । सानी और शब्द गाना भूल गये हैं । स्वयं अपने आत्मतत्त्व को पहचानना ही भूल गये हैं।

11.

‘बीजक’ ग्रंथ के रचनाकार …………….. हैं ।(a) कबीर(b) रैदास(c) मलूकदास(d) दादू दयाल

Answer»

सही विकल्प है (a) कबीर

12.

कबीर की मृत्यु सन् ……………….. में बस्ती के निकट मगहर में हुई थी।(a) 1517(b) 1518(c) 1516(d) 1515

Answer»

सही विकल्प है (b) 1518

13.

कबीर के गुरु . …….. थे।(a) वल्लभाचार्य(b) शंकराचार्य(c) रामानंद(d) विठ्ठलनाथ

Answer»

सही विकल्प है (c) रामानंद

14.

कवि ……………….. को पागल कहता है ।(a) ब्राह्मणों(b) पीर-औलिया(c) लोगों(d) संसार

Answer»

सही विकल्प है (d) संसार

15.

कबीर का पालन-पोषण जुलाहा दम्पति ………….. ने किया था ।(a) नीलम-नील(b) ब्राह्मण(c) नल-नील(d) नीरू-नीमा

Answer»

सही विकल्प है (d) नीरू-नीमा

16.

कबीर का जन्म सन् .. …. में हुआ था ।(a) 1398(b) 1399(c) 1396(d) 1395

Answer»

सही विकल्प है (a) 1398

17.

कबीर की दृष्टि में ईश्वर एक है । इसके समर्थन में उन्होंने क्या तर्क दिये हैं ?

Answer»

कबीर की दृष्टि में ईश्वर एक है । इसके समर्थन में उन्होंने निम्नलिखित तर्क दिये हैं –

  • संसार में सर्वत्र एक ही पवन और एक ही पानी है।
  • सब में एक ही ज्योति समाई है।
  • एक ही मिट्टी से सब बर्तन बने हुए हैं।
  • इन बर्तनों (अंश) को बनानेवाला कुम्हार (अंशी) भी एक ही है।
  • सभी जीवों में एक ही ईश्वर विद्यमान है, फिर वह जीव चाहे किसी भी रूप में हो।
18.

पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए-सो ताकौ सागर जहाँ, जाकी प्यास बुझाई।

Answer»

भाव-जिसकी जो प्यास बुझा दे उसके लिए तो वही सागर है।

19.

शरीर नश्वर है परंतु ……………. अमर है ।(a) ईश्वर(b) बुद्धि(c) आत्मा(d) भक्ति

Answer»

सही विकल्प है (c) आत्मा

20.

कविता में प्रयुक्त निन्नलिखित शब्दों को देखिए और उनके खड़ी बोली के रूप पर ध्यान दीजिए। सो = वह, ताकौ = उसके लिए, हुवै सकें = हो सके। नीचे लिखे शब्दों के खड़ी बोली रूप लिखिए

Answer»

तऊ = उससे, ताते = उतना, जातें = जितना, कह्यौं = कहा।

21.

कबीर कहते हैं कि …………. एक है।(a) परमात्मा(b) आत्मा(c) लोग(d) कोई नहीं

Answer»

सही विकल्प है (a) परमात्मा

22.

कबीर भक्तिकाल के ………….. धारा के कवि हैं ।(a) निर्गुण(b) सगुण(c) प्रेमाश्रयी(d) कोई नहीं

Answer»

सही विकल्प है (a) निर्गुण

23.

कविता में जहाँ एक ही शब्द दो या दो से अधिक बार आए और उसका अर्थ भिन्न-भिन्न हो, वहाँ यमक अलंकार होता है।

Answer»

(क) भजन कयौ, ताते भन्यौ, भन्यौ न एकौ बार।
दूरि भजन जातें कह्यौ, सौ तों भन्यौ गॅवार। यमक अलंकार है क्योंकि भजन और भज्यौ शब्द दो बार आकर भिन्न-भिन्न अर्थ में प्रयुक्त हुए हैं।
(ख) ‘इस धरा का इस धरा पर ही धरा रह जायेगा।
(ग) “काली घटा का घमण्ड घटा’

24.

कबीर के अनुसार आत्मा व परमात्मा को अलग-अलग मानकर ईश्वर को न पहचाननेवालों को …………….. की प्राप्ति होती(a) स्वर्ग(b) नरक(c) पृथ्वी(d) अमृत

Answer»

सही विकल्प है (b) नरक

25.

कबीर के पुत्र व पुत्री का नाम …. …… था ।(a) कमल-कमला(b) किशोर-किशोरी(c) शंकर-गौरी(d) कमाल-कमाली

Answer»

सही विकल्प है (d) कमाल-कमाली

26.

……. गुरुओं व शिष्यों को अंततः में पछताना पड़ता है।(a) घुमक्कड़(b) सिद्ध(c) ज्ञानी(d) अज्ञानी

Answer»

सही विकल्प है (d) अज्ञानी

27.

कबीर की भाषा ……………. है ।(a) सरल(b) कठिन(c) तत्सम(d) सधुक्कड़ी

Answer»

सही विकल्प है (d) सधुक्कड़ी

28.

‘घर-घर’, ‘लरि-लरि’ में …………. अलंकार है ।(a) संदेह(b) यमक(c) पुनरुक्ति प्रकाश(d) श्लेष

Answer»

सही विकल्प है (c) पुनरुक्ति प्रकाश

29.

बालक को बुरी नजर से बचाने का प्रयास कौन किस तरह कर रहा है?

Answer»

बालक को बुरी नजर से बचाने के लिए कंज कली रूपी नायिका लताओं की साड़ी से सिर ढाँक कर फूलों के पराग रूपी राई (सरसों) और नमक को उसके सिर के चारों ओर घुमाकर इधर-उधर फेंक रही है, ताकि बालक को किसी की बुरी नज़र से कष्ट न हो।

30.

लक्ष्मण के किस कथन से उनकी निडरता का परिचय मिलता है?

Answer»

गुस्से में परशुराम लक्ष्मण को बार-बार काल का भय दिखाकर मरने से डरा रहे थे। इस बात पर लक्ष्मण ने परशुराम से कहा ऐसा लगता है आप काल को मेरे लिए बुलाकर लाए हैं। इसमें लक्ष्मण की निडरता दिखलाई देती है।

31.

परशुराम ने सेवक और शत्रु के विषय में क्या कहा?

Answer»

पशुरामजी ने कहा कि सेवक वह होता है जो अपने मालिक की सेवा करके उसे प्रसन्न रखता है। यदि वह दुश्मन की तरह कार्य करके अपने स्वामी के क्रोध को बढ़ाता है तो उसके साथ लड़ाई की जाती है।

32.

संदेश ग्रहण करने और भेजने में असमर्थ होने पर एक अनपढ़ लड़की को किस वेदना और विपत्ती को भोगना पड़ता है, अपनी कल्पना से लिखिए।

Answer»

अनपढ़ रहने की वेदना अपने-आप में सबसे बड़ी वेदना और अभिशाप है। उस पर भी एक लड़की का अनपढ़ रहना तो अपने आप में एक महाभिशाप है। क्योंकि भारतीय समाज में एक तो लड़कियों पर वैसे ही अनेक प्रकार की पाबन्दियाँ होती हैं। उस पर भी जिस नव-विवाहिता का पति परदेश गया हो उसकी तो बात ही क्या करना।

अनपढ़ लड़की खुद तो संदेश भेजने में असमर्थ होती है अतः उसे खत लिखने के लिए किसी ओर का मुँह ताकना पड़ेगा, उससे मिन्नतें करनी पड़ेगी। उसके समय के अनुसार, उसकी अनुकूलता के अनुसार खत लिखवाने जाने होगा। सबसे बड़ी विडम्बना यह है कि अपने पति के प्रति व्यक्त की गयी भावनाएँ-सार्वजनिक होने का खतरा भी बना रहता है।

ठीक यही बात अपने पति का खत आने पर उसे पढ़ने के लिए भी उसे दूसरों के सहारे रहना पड़ता है। कई बातें ऐसी भी होती हैं किसी अन्य के साथ बैठकर पढ़ने में संकोच या लज्जा का सामना करना पड़ता है।

33.

शिव-धनु भंग करनेवाले के विषय में परशुराम ने राम से क्या कहा ?

Answer»

परशुराम ने शिव-धनु को भंग करनेवाले के विषय में राम से कहा कि हे राम, जिसने शिव के धनुष को तोड़ा है, वह सहलबाहु के समान मेरा शत्रु है, अत: वह इस राज समाज से अलग हो जाए, वरना सभी राजा मारे जाएंगे।

34.

इस कविता में पूर्वी-प्रदेशों की स्त्रियों की किस विडम्बनात्मक स्थिति का वर्णन हुआ है ?

Answer»

इस कविता में कवि ने पूर्वी प्रदेश की स्त्रियों की विडम्बनात्मक स्थिति का यथार्थ वर्णन किया है। पूर्वी प्रदेश के ग्रामीण अंचल से कलकत्ता ही ऐसा महानगर है जो दिल्ली, बम्बई, मद्रास जैसे अन्य शहरों की अपेक्षा नजदीक है। अतः रोजी-रोटी की तलाश में इस प्रदेश के लोग अक्सर कलकत्ता की ओर ही रुख करते हैं। पीछे रह जाती हैं स्त्रियाँ।

घर-परिवार और रिश्तेदारी, बालबच्चों की पढ़ाई-लिखाई से लेकर बड़े-बूढ़ों की देखभाल से लेकर खेत-खलिहान की सारी जवाबदारियाँ उन्हीं के माथे होती हैं। पति के बिना अकेले हाथों इन जवाबदारियों का निर्वाह करना अपने-आप में कितना कठिन है इसका अनुमान सहज लगाया जा सकता है।

35.

विवाह और पति के बारे में चंपा के क्या विचार हैं ?

Answer»

जब कवि चंपा से विवाह की बात करता है तो चंपा विवाह की बात सुनते ही लजाकर शादी करने से मना करती है, परंतु जब पति की बात आती है तो वह सदैव उसे अपने साथ रखने की बात कहती है। यह पति को अलग करनेवाले कलकत्ता शहर के विनाश की कामना तक करती है।

36.

‘उस जनपद का कवि हूँ’ किसकी रचना है ?(A) दुष्यंत(B) अज्ञेय(C) भवानी(D) त्रिलोचन

Answer»

सही विकल्प है (D) त्रिलोचन

37.

कविता में गाँधी जी का प्रसंग किस संदर्भ में आया है और क्यों ?

Answer»

कविता में गाँधी जी का प्रसंग साक्षरता के सिलसिले में आया है। गाँधी जी की इच्छा थी कि सभी लोग पढ़ना-लिखना सीखें। गाँव में गाँधी जी का अच्छा प्रभाव है। कवि इसी प्रभाव के जरिए चंपा को पढ़ने के लिए तैयार करना चाहता है। इस कारण कविता में गाँधी जी का प्रसंग आया है।

38.

त्रिलोचन शास्त्री का मूल नाम क्या था ?(A) वासुदेव सिंह(B) भूषण सिंह(C) देव सिंह(D) ब्रिजभूषण

Answer»

सही विकल्प है (A) वासुदेव सिंह

39.

कविता की नायिका चंपा किसके प्रतीक का प्रतिनिधित्व करती है ?

Answer»

कविता की नायिका चंपा देश की निरक्षर व ग्रामीण स्त्रियों के प्रतीक का प्रतिनिधित्व करती है। ये अबोध बालिकाएँ प्राय उपेक्षा का शिकार होती हैं। ये पढ़ाई-लिखाई को निरर्थक समहाकर पढ़ने के अवसर को त्याग देती हैं।

40.

त्रिलोचन के पिता का नाम क्या था ?(A) मगरदेव सिंह(B) देवसिंह(C) जगत सिंह(D) जगरदेव सिंह

Answer»

सही विकल्प है (D) जगरदेव सिंह

41.

‘चंपा काले-काले अच्छर नहीं चीन्हती’ कविता का केन्द्रीय भाव अपने शब्दों में लिखिए।

Answer»

‘चंपा काले-काले अच्छर नहीं चीन्हती’ कविता ‘धरती’ संग्रह में संकलित है। यह पलायन के लोक अनुभवों को मार्मिकता से अभिव्यक्त करती है। इसमें ‘अक्षरों’ के लिए ‘काले-काले’ विशेषण का प्रयोग किया गया है जो एक ओर शिक्षा-व्ययस्था के अंतर्विरोधों को उजागर करता है तो दूसरी ओर उस दारूण यथार्थ से भी हमारा परिचय कराता है, जहाँ आर्थिक मजबूरियों के चलते घर टूटते हैं।

काव्य नायिका चंपा अनजाने ही उस शोषक व्यवस्था के प्रतिपक्ष में खड़ी हो जाती है, जहाँ भविष्य को लेकर उसके मन में अनजान खतरा है। यह कहती है कलकत्ते पर बजर गिरे। कलकत्ते पर वन गिरने की कामना, जीवन के खुरदरे यथार्थ के प्रति चंपा के संघर्ष और जीवन को प्रकट करती है।

42.

सन् 1981 में त्रिलोचन शास्त्री को किस कृति के लिए ‘साहित्य अकादमी’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया ?(A) धरती(B) दिगन्त(C) ताप के ताये हुए दिन(D) तुम्हें सौंपता हूँ

Answer»

सही विकल्प है (C) ताप के ताये हुए दिन

43.

त्रिलोचन जी की माता का नाम क्या था ?(A) मनबरता देवी(B) देवी(C) मालती(D) माला

Answer»

सही विकल्प है (A) मनबस्ता देवी

44.

‘चंपा काले-काले अच्छर नहीं चीन्हती’ कविता के रचनाकार कौन हैं ?(A) भवानीप्रसाद मिश्र(B) प्रेमचंद(C) त्रिलोचन शास्त्री(D) दुष्यंतकुमार

Answer»

सही विकल्प है (C) त्रिलोचन शास्त्री

45.

परशुराम ने सभा से किस कार्य का दोष उन्हें न देने को कहा ?

Answer»

परशुराम का कहना था कि बालक लक्ष्मण अपने कठोर बचनों से उनका क्रोध बढ़ाए जा रहा है। कटुवचन बोलनेवाला बध के योग्य है। अत: अगर मैं इस बालक की हत्या कर दूं तो सभा मुझे दोष न दे।

46.

परशुराम लक्ष्मण से बार-बार अपने फरसे की ओर देखने की बात क्यों करते हैं?

Answer»

परशुराम लक्ष्मण को बार-बार अपने फरसे की ओर देखने की बात इसलिए कर रहे हैं ताकि लक्ष्मण को फरसे की कठोरता तथा परशुराम के बल प्रताप का ज्ञान हो जिससे लक्ष्मण भयभीत हो गए और उन्हें अपमानित न करें।

47.

आरंभ में परशुराम के क्रोध का मूल कारण क्या था ?

Answer»

आरंभ में परशुराम के क्रोध का मूल कारण शिव के धनुष का टूटना था।

48.

‘फटिक सिलानि सौं सुधार्या सुधा मंदिर के आधार पर सुधा मंदिर का चित्रण कीजिए।

Answer»

चाँदनी रात में चारों ओर फैले उज्ज्वल प्रकाश में आसमान को देखने से ऐसा लगता है, जैसे पारदर्शी शिलाओं से बना हुआ कोई सुधा मंदिर हो। इसकी दीवारें पारदर्शी होने के कारण भीतर-बाहर सब कुछ अत्यंत सुंदर दिखाई दे रहा है। यह मंदिर अमृत की भाँति लग रहा है।

49.

लक्ष्मण ने शिव-धनुष के टूटने के कौन-कौन से तर्क दिए हैं ?

Answer»

परशुराम के क्रोधित होने लक्ष्मण ने शिवधनुष के टूटने के निम्नलिखित तर्क दिए – 

(क) धनुष बहुत पुराना तथा जीर्ण था। 

(ख) राम ने तो उसे नया समझकर हाथ लगाया था किन्तु वह तो छूते ही टूट गया। 

(ग) लक्ष्मण की दृष्टि में सभी धनुष एकसमान होते हैं। 

(घ) ऐसे पुराने धनुष के टूट जाने पर किसी तरह के लाभ-हानि की चिंता करना निरर्थक है।

50.

काव्य में लक्ष्मण ने वीर योद्धा की क्या-क्या विशेषताएं बताई हैं?

Answer»

लक्ष्मण ने वीर योद्धा को निम्नलिखित विशेषताएं बताई है-

(क) वीर योद्धा रणक्षेत्र में शत्रु के समक्ष अपना पराक्रम दिखाते हैं। 

(ख) वे शत्रु के सम्मुख अपनी वीरता का बखान नहीं करते। 

(ग) वे शांत, विनम्र तथा धैर्यवान होते हैं । 

(घ) वे देवता, ब्राह्मण, हरिभक्तों तथा गाय पर अपनी वीरता नहीं दिखलाते । 

(ङ) वीर अपशब्दों का प्रयोग नहीं करते । 

(च) वे क्षोभरहित होते हैं।