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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

हिन्दी नाटक के विकास में किस नाटककार का सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है ? उसके द्वारा लिखित दो नाटकों के नाम लिखिए।

Answer»

हिन्दी नाटक के विकास में श्री जयशंकर प्रसाद का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके द्वारा लिखित दो नाटक हैं-‘अजातशत्रु’ और ‘ध्रुवस्वामिनी’।

2.

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के नाटक किन विषयों पर आधारित हैं ?

Answer»

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के नाटक राष्ट्र-प्रेम, धर्म, राजनीति, समाज-सुधार, प्रेम आदि विषयों पर आधारित हैं। इनके नाटकों में प्रेम-तत्त्व की प्रमुखता है।

3.

माखनलाल चतुर्वेदी द्वारा लिखित किसी एक नाटक का नाम बताइए।

Answer»

श्री माखनलाल चतुर्वेदी द्वारा लिखित  नाटक ‘कृष्णार्जुन युद्ध’ है।

4.

सेठ गोविन्ददास किस विधा के प्रमुख लेखक हैं ?

Answer»

सेठ गोविन्ददास ‘नाटक’ विधा के प्रमुख लेखक हैं।

5.

हिन्दी के प्रथम नाटक और उसके नाटककार का नाम लिखिए।

Answer»

हिन्दी के प्रथम नाटक का नाम ‘नहुष’ है, जिसकी रचना गोपालचन्द्र गिरधरदास (भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के पिता) द्वारा की गयी।

6.

हिन्दी के कुछ प्रसिद्ध ऐतिहासिक नाटककारों तथा उनके द्वारा लिखित एक-एक नाटक का नाम लिखिए।

Answer»

हिन्दी के कुछ प्रसिद्ध ऐतिहासिक नाटककार तथा उनके द्वारा लिखित एक-एक नाटक के नाम हैं-

⦁    श्री जयशंकर प्रसाद : अजातशत्रु
⦁    श्री उपेन्द्रनाथ अश्क’ : जय-पराजय
⦁    श्री उदयशंकर भट्ट : मुक्ति-पथ
⦁    श्री सेठ गोविन्ददास : हर्ष
⦁    श्री व्यथित हृदय : राजमुकुट
⦁    श्री हरिकृष्ण ‘प्रेमी : आन का मान
⦁    श्री लक्ष्मीनारायण मिश्र : गरुड़ध्वज
⦁    श्री जगदीशचन्द्र माथुर : कोणार्क आदि।

7.

जयशंकर प्रसाद के नाटकों के क्या विषय हैं ?

Answer»

प्राचीन भारतीय इतिहास और संस्कृति का समन्वय, देशप्रेम, आधुनिक युग की समस्याएँ, मानव-मन का अन्तर्द्वन्द्व आदि जयशंकर प्रसाद के नाटकों के प्रमुख विषय हैं।

8.

प्रसादोत्तर काल के चार नाटककारों तथा उनके एक-एक नाटक का नाम लिखिए।याशुक्लोत्तर युग (प्रसाद के परवर्ती) के दो प्रमुख नाटककारों के नाम लिखिए।

Answer»

⦁    लक्ष्मीनारायण मिश्र–सिन्दूर की होली
⦁    विष्णु प्रभाकर टूटते परिवेश
⦁    धर्मवीर भारती–अन्धा युग तथा
⦁    मोहन राकेश-लहरों के राजहंस।

9.

हिन्दी के प्रमुख नाटककारों के नाम लिखिए।याउदयशंकर भट्ट किस गद्य-विधा के प्रमुख लेखक हैं ?

Answer»

⦁    भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
⦁    जयशंकर प्रसाद
⦁    वृन्दावनलाल वर्मा
⦁    लक्ष्मीनारायण मिश्र
⦁    सेठ गोविन्ददास
⦁    विष्णु प्रभाकर
⦁    हरिकृष्ण प्रेमी
⦁    उदयशंकर भट्ट
⦁    उपेन्द्रनाथ अश्क आदि हिन्दी के प्रमुख नाटककार हैं।

10.

कुछ प्रमुख रेडियो-नाटककारों के नाम लिखिए।

Answer»

⦁    श्री सुमित्रानन्दन पन्त
⦁    श्री उदयशंकर भट्ट
⦁    श्री विष्णु प्रभाकर
⦁    श्री अमृतलाल नागर
⦁    श्री उपेन्द्रनाथ ‘अश्क’
⦁    श्री सत्येन्द्र शरत् आदि प्रसिद्ध रेडियो-नाटककार हैं।

11.

भुवनेश्वर गद्य की किस विधा-विशेष के लिए प्रसिद्ध हैं?

Answer»

भुवनेश्वर नाटक और एकांकी गद्य-विधाओं के लिए प्रसिद्ध हैं। इनके द्वारा रचित एक नाटक का नाम ‘स्ट्राइक’ है।

12.

जयशंकर प्रसाद के परवर्ती (बाद के) नाटककारों के नाम लिखिए।

Answer»

⦁    लक्ष्मीनारायण मिश्र
⦁    हरिकृष्ण प्रेमी’
⦁    रामकुमार वर्मा
⦁    सेठ गोविन्ददास
⦁    उदयशंकर भट्ट
⦁    गोविन्दबल्लभ पन्त और
⦁    उपेन्द्रनाथ ‘अश्क’ जयशंकर प्रसाद के बाद के नाटककार हैं।

13.

जयशंकर प्रसाद के दो ऐतिहासिक नाटकों के नाम लिखिए।याजयशंकर प्रसाद के किन्हीं दो नाटकों के नाम लिखिए।याजयशंकर प्रसाद के एक नाटक का नाम लिखिए।

Answer»

⦁    चन्द्रगुप्त और
⦁    स्कन्दगुप्त जयशंकर प्रसाद के दो ऐतिहासिक नाटक हैं।

14.

छायावादी युग के दो नाटककारों के नाम लिखिए।

Answer»

⦁    जयशंकर प्रसाद तथा
⦁    डॉ० रामकुमार वर्मा।

15.

शुक्ल युग के उस सुप्रसिद्ध नाटककार का नाम लिखिए, जो अपने युग के सुप्रतिष्ठित कहानीकार होने के साथ-साथ श्रेष्ठ कवि भी हैं।

Answer»

जयशंकर प्रसाद शुक्ल युग के सुप्रसिद्ध  नाटककार हैं, जो सुप्रतिष्ठित कहानीकार और श्रेष्ठ कवि भी हैं।

16.

भारतेन्दु के बाद के प्रमुख ऐतिहासिक नाटककार का नाम लिखिए।याकिसी एक नाटककार का नाम लिखिए।

Answer»

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के बाद के प्रमुख ऐतिहासिक नाटककार हैं-श्री जयशंकर प्रसाद।

17.

शुक्ल युग के दो नाटककारों के नाम लिखिए।याप्रसाद युग के किसी एक नाटककार का नाम लिखिए।

Answer»

⦁    जयशंकर प्रसाद और
⦁    हरिकृष्ण ‘प्रेमी’ शुक्ल युग के दो नाटककार हैं।

18.

भारतीय आचार्यों द्वारा बताये गये नाटक के तत्त्व लिखिए।

Answer»

भारतीय आचार्यों ने नाटक के पाँच तत्त्व बताये हैं—

⦁    कथावस्तु
⦁    नायक
⦁    रस
⦁    अभिनय
⦁    वृत्ति

19.

नाटक किसे कहते हैं ?

Answer»

नाटक साहित्य की एक से अधिक अंकों वाली वह दृश्यात्मक गद्य-विधा है, जो रंगमंच पर अभिनय द्वारा प्रस्तुत करने की दृष्टि से लिखी जाती है तथा पात्रों एवं उनके संवादों पर आधारित होती है।

20.

पाश्चात्य विद्वानों की दृष्टि से नाटक के तत्त्व बताइए।

Answer»

पाश्चात्य विद्वानों ने नाटक के छ: तत्त्व स्वीकार किये हैं–

⦁    कथावस्तु
⦁    पात्र
⦁    संवाद अथवा कथोपकथन
⦁    देश-काल
⦁    भाषा-शैली
⦁    उद्देश्य

21.

भारतेन्दु के पश्चात् नाटक के क्षेत्र में सर्वाधिक योगदान किसका रहा ?

Answer»

भारतेन्दु के पश्चात् नाटक के क्षेत्र में  सर्वाधिक योगदान जयशंकर प्रसाद का रहा।

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