This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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प्रोग्राम प्लान की कौन-सी तकनीक इसे वास्तविक प्रोग्राम के नजदीक बनाती है। (a) फ्लोचार्ट(b) निर्णय तालिका(C) स्यूडोकोड(d) एल्गोरिथ्म |
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Answer» (b) निर्णय तालिका |
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एल्गोरिथ्म की उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए। अथवाएल्गोरिथ्म का वर्णन कीजिए। |
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Answer» एल्गोरिथ्म किसी कार्य को करने के लिए एक विशेष क्रम में लिखे गए निर्देशों का समूह होता है। ये निर्देश इस प्रकार लिखे जाते हैं कि कोई यूजर उसे समझकर उसी क्रम में सही तरीके से पालन करता जाए, तो कार्य पूरा हो जाता है। एल्गोरिथ्म जोड़ने, घटाने, गुणा एवं भाग की क्रियाओं के लिए क्रमशः +,,* एवं / चिह्नों का प्रयोग करती है। उदाहरण 1 से 20 तक के मध्य सभी सम संख्याओं का योग ज्ञात करने के लिए एल्गोरिथ्म इस प्रकार हैं। चरण 1 प्रारम्भ (Start) |
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स्यूडोकोड्स पर संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए। अथवास्यूडोकोड शब्द का अर्थ समझाइए। |
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Answer» किसी समस्या के समाधान को अंग्रेजी भाषा में बिन्दुबार लिखना स्यूडोकोड कहलाता है। |
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एल्गोरिथ्म का अर्थ समझाइए। |
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Answer» एल्गोरिथ्म किसी कार्य को करने के लिए एक विशेष क्रम में लिखे गए निर्देशों का समूह होता है। |
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फ्लोचार्ट में प्रयुक्त चिहों के नाम लिखिए। |
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Answer» फ्लोचार्ट में प्रयोग होने वाले चिह्नों के नाम इस प्रकार हैं। टर्मिनल बॉक्स, इनपुट-आउटपुट बॉक्स, प्रोसेसिंग बॉक्स, डिसीजन बॉक्स, फ्लो लाइन्स, कनेक्टर्स लाइन आदि। |
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फ्लोचार्ट को परिभाषित कीजिए। |
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Answer» किसी भी समस्या का एल्गोरिथ्म तैयार करने के बाद उसका चित्रों के माध्यम द्वारा प्रदर्शन ही फ्लोचार्ट कहलाता है। |
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स्यूडोकोड तकनीक की सुविधाएँ एवं कमियाँ बताइए। |
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Answer» स्यूडोकोड प्रोग्राम प्लानिंग तकनीक के निम्नलिखित लाभ हैं। (i) यह फ्लोचार्ट, एल्गोरिथ्न तथा डिसीजन टेबल की तुलना में सरल माध्यम है। स्यूडोकोड की सीमाएँ निम्नलिखित हैं। (i) इसे लिखने का कोई नियम नहीं है। इस कारण एक प्रोग्रामर द्वारा लिखा गया स्यूडोकोड दूसरे प्रोग्रामर द्वारा सरलता से नहीं समझा जा सकता है। |
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एक प्रोग्राम में कुल तीन कण्डीशन है। उसकी निर्णय तालिका में अधिकतम नियमों की संख्या क्या होगी?(a) 3(b) 6(c) 8(d) 12 |
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Answer» सही विकल्प है (c) 8 |
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निर्णय तालिका शब्द को समझाइए। |
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Answer» निर्णय तालिका में प्रोग्राम लॉजिक को एक तालिका के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है। |
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डिसीजन टेबल का वर्णन कीजिए। अथनानिर्णय तालिका की उपयोगिता का वर्णन कीजिए। |
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Answer» डिसीजन टेबल या निर्णय तालिका तकनीक में प्रोग्राम के लॉजिक को एक तालिका के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है। यह लॉजिक का ग्राफिक रूप में चित्रण करता है। इसके प्रयोग से कठिन-से-कठिन प्रोग्राम लॉजिक को प्रस्तुत किया जा सकता है। डिसीजन टेबल के प्रारूप को चार भागों में विभाजित किया जाता है । ⦁ कण्डीशन यह डिसीजन टेबल को पहला भाग होता है, जिसमें प्रोग्राम लॉजिक में उपस्थित शत (Conditions) को लिखा जाता है। ⦁ कण्डीशन के मार्ग यह डिसीजन टेबल में शर्तों के दो या दो से अधिक मार्गों को दिखाता है। ⦁ एक्शन यह भाग डिसीजन टेबल के पहले भाग के नीचे होता है, इसमें प्रोग्राम प्लान में लिए जाने वाले सभी एक्शन पंक्तिबद्ध (Rowwise) होते हैं। ⦁ एक्शन एण्ट्री इस भाग में अनेक कॉलम्स तथा पंक्तियाँ होती हैं, जो एक्शन के कॉलम के बराबर होती हैं। |
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‘एल्गोरिथ्म’ से आप क्या समझते हैं? इसकी संरचना क्यों करते हैं? समझाइए। |
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Answer» एल्गोरिथ्म किसी कार्य को करने के लिए एक विशेष क्रम में लिखे गए निर्देशों का समूह होता है। यह समस्या के समाधान की क्रमबद्ध रूपरेखा देता है। इस चरण में दिए गए इनपुट से आउटपुट तक पहुंचने में सारे चरण क्रमानुसार लिखे जाते हैं। एल्गोरिथ्म में जोड़ने, घटाने, गुणा एवं भाग की क्रियाओं के लिए क्रमशः +,-,* एवं / के चिह्नों का प्रयोग करते हैं। उदाहरण किसी वृत्त की त्रिज्या ज्ञात होने पर उसकी परिधि तथा क्षेत्रफल ज्ञात करना। यदि उसकी परिधि (P)2πr, त्रिज्या r तथा क्षेत्रफल (A)πr2 है, जहाँ ॥ का मान लगभग 3.1416 होता है। इसके लिए एल्गोरिथ्म निम्न प्रकार से लिखा जा सकता है। चरण 1 प्रारम्भ (Start) |
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फ्लोचार्ट के कोई दो लाभ व दो सीमाएँ लिखिए। |
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Answer» फ्लोचार्ट के लाभ (i) किसी प्रोग्राम के फ्लोचार्ट के माध्यम से कोई भी प्रोग्रामर उस प्रोग्राम की कोडिंग सरलता से कर सकता है। (ii) फ्लोचार्ट में प्रोग्राम की त्रुटि हूँढने और उसे दूर करने में सरलता होती है। फ्लोचार्ट की सीमाएँ। (i) फ्लोचार्ट तैयार करने में अधिक समय लगता है। (ii) एक बार तैयार करने के बाद इसमें परिवर्तन करना कठिन है। |
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विभिन्न प्रोग्राम तकनीकों के गुण व दोष बताइए। |
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Answer» प्रोग्राम प्लानिंग तकनीकों के गुण निम्नलिखित हैं (i) प्रोग्राम प्लानिंग के माध्यम से प्रोग्राम की कोडिंग करना सरल होता है। (ii) त्रुटि को ढूंढने और उसे दूर करने में सरलता होती है। प्रोग्राम प्लानिंग के दोष निम्नलिखित हैं (i) प्रोग्राम की प्लानिंग करने में अधिक समय लगता है। (ii) प्रोग्रामर प्रत्येक तकनीक का उपयोग अपने अनुसार करता है, जिसे दूसरे प्रोग्रामर द्वारा समझना कठिन होता है। |
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मॉड्यूलर प्रोग्राम डिजाइन तकनीक की व्याख्या कीजिए । |
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Answer» मॉड्यूलर प्रोग्राम डिजाइन तकनीक में, एक प्रोग्राम को छोटे-छोटे मॉड्यूलों में विभाजित किया जाता है। इन छोटे मॉड्यूलों को सब–प्रोग्राम भी कहा जाता है। जब किसी प्रोग्राम में त्रुटि आती है, तो पूरे प्रोग्राम को चैक न करके केवल उस मॉड्यूल को जाँचा जाता है, जिसमें त्रुटि है तथा उसे ठीक किया जाता है। इससे प्रोग्राम को बनाने और व्यवस्थित करने में कम समय लगता है। |
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प्रोग्रामिंग के ‘कोडिंग स्टेप में वास्तव में हम करते हैं (a) प्लानिंग(b) डिबगिंग(c) टेस्टिंग(d) इनमें से कोई नहीं |
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Answer» (d) इनमें से कोई नहीं |
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किस चरण में प्रोग्राम त्रुटि सुधारी जा सकती है?(a) प्लानिंग(b) कोडिंग(C) डिबगिंग(d) टेस्टिंग |
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Answer» सही विकल्प है (c) डिबगिंग |
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यदि प्रोग्राम प्लान में परिवर्तन करना पड़े तो निम्न में से किस। तकनीक के प्लान को परिवर्तित करना सर्वाधिक सरल होगा(a) फ्लोचार्ट(b) निर्णय तालिका(C) स्यूडोकोड(d) एल्गोरिथ्म |
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Answer» (d) एल्गोरिथ्म |
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इस बात का निर्धारण किस चरण में होता है कि दिया गया प्रोग्राम समस्त आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है? (a) प्लानिंग(b) डिजाइनिंग(C) कोडिंग(d) टेस्टिंग |
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Answer» सही विकल्प है (4) टेस्टिंग |
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