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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

प्रश्नुसार निम्न की संकरण अवस्थाएँ ज्ञात कीजिए । `SO_(2)` में `S` की

Answer» `SO_(2):SO_(2)` में केंद्रीय सल्फर परमाणु दो ऑक्सीजन परमाणुओं से जुड़ा है । S - परमाणु के बाह्यतम कक्ष में 6 इलेक्ट्रॉन उपस्थित होते है तथा `SO_(2)` में S की संयोजकता 4 है । अणु पर कुल आवेश शून्य है । अतएव ,
`GA=2, VE=6, V=4 " तथा " C=0`
`I=GA+(1)/(2)(VE-V-C)`
`=2+(1)/(2)(6-4-0)=3 `
अतएव ,`SO_(2)` में S की संकरण अवस्था `sp^(2)` है ।
2.

प्रश्नुसार निम्न की संकरण अवस्थाएँ ज्ञात कीजिए । ` BCl_(3)` में `B` की

Answer» `BCl_(3):BCl_(3)` में
GA=3,VE=3,V=3 तथा C=0
`I=3+(1)/(2)(3-3-0)=3`
अतएव `BCl_(3)` में B की संकरण अवस्था `sp^(2)` है ।
3.

प्रश्नुसार निम्न की संकरण अवस्थाएँ ज्ञात कीजिए । `ClF_(3)` में Cl की

Answer» `ClF_(3):ClF_(3)` में
GA=3,VE=7,V=3 तथा C=0
`I=3+(1)/(2)(7-3-0)=5`
अतएव `ClF_(3)` में Cl की संकरण अवस्था `sp^(3)d` है ।
4.

निम्नलिखित अणुओं को आबन्धो की बढ़ती आयनिक प्रकृति के क्रम में लिखिए - `LiF, K_(2)O,N_(2),SO_(2)` तथा `ClF_(3)`

Answer» सामान्यतः , संयोग करने वाले परमाणुओं की विद्युतऋणात्मकताओं में जितना अधिक अन्तर होगा , अणु में उतने ही अधिक आयनिक लक्षण होंगे । अणु की आकृति भी इस सम्बन्ध में महत्वपूर्ण है । दिये गये अणुओं का आयनिक प्रकृति के आधार पर क्रम निम्न है -
`N_(2) lt SO_(2) lt ClF_(3) lt K_(2)O lt LiF`
`ClF_(3)` का `SO_(2)` की तुलना में अधिक आयनिक होना इसकी T- आकृति के कारण है ।
5.

चतुष्फलकीय ज्यामिति के आलावा `CH_(4)` अणु की एक और संभव ज्यामिति वर्ग - समतली है , जिसमे हाइड्रोजन के चार परमाणु एक वर्ग के चार कोनो पर होते है । व्याख्या कीजिए कि `CH_(4)` का अणु वर्ग - समतली नहीं होता है ।

Answer» वर्ग समतली ज्यामिति के लिए `dsp^(2)` संकरण आवश्यक है । कार्बन परमाणु का उत्तेजित अवस्था में विन्यास `1s^(2)2s^(1)2p_(x)^(1)2p_(y)^(1)2p_(z)^(1)` है । इसके पास d-कक्षक नहीं है । अतएव यह `dsp^(2)` संकरण में भाग नहीं ले सकता । इस कारण `CH_(4)` की वर्ग-समतली आकृति सम्भव नहीं है । `CH_(4)` में कार्बन परमाणु `sp^(3)` संकरित अवस्था में होता है , जो `CH_(4)` के अणु को आकृति में चतुष्फलकीय (tetrahedral) बनता है ।
6.

HCl का प्रतिशत आयनिक लक्षण ज्ञात कीजिए । यदि HCl के द्विध्रुव आघूर्ण का प्रायोगिक मान 1.03 D को तथा इसकी बन्ध लम्बाई 1.27Å हो ।

Answer» HCl के द्विध्रुव आघूर्ण का सैद्धान्तिक मान निम्न प्रकार के ज्ञात किया जा सकता है । यह मानते हुए कि H अपना इलेक्ट्रॉन Cl को स्थानान्तरित कर देता है ।
`mu_(cal)=4.8 xx 10^(-10) xx 1.27 xx 10^(-8)=6.09 xx 10^(-18) esu-cm=6.09D`
प्रश्नुसार `, mu_(obs)=1.03D`
%आयनिक लक्षण `=(1.03)/(6.09) xx 100=16.9`
7.

निम्नलिखित में से किसके लिए द्विध्रुव आघूर्ण शून्य नहीं होता है ?A. `[Ni(CN)_(4)]^(2-)`B. `CHCl_(3)`C. `CO_(2)`D.

Answer» Correct Answer - B
8.

उत्कृष्ट गैसे एकपरमाणुक क्यों होती है ?

Answer» स्थायी इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के कारण ये परस्पर संयोग करने की क्षमता नहीं रखते है ।
9.

क्या उत्कृष्ट गैसों के परमाणुओं के मध्य वन्डरवाल बल कार्य करते है ?

Answer» Correct Answer - हाँ
10.

किस प्रकार का बन्ध बनेगा यदि दो परमाणुओं की विद्युत्ऋणात्मकताओं का अन्तर - (i) शून्य हो , (ii) 1.1 हो , (iii) 2.0 हो ?

Answer» (i) सह-संयोजक (ii) सह-संयोजक (iii) आयनिक
11.

अभी हाल में ज्ञात हुआ है कि कार्बन सबऑक्साइड `(C_(3)O_(2))` शुक्र ग्रह के वायुमण्डल का मुख्य अवयव है । निम्नलिखित में से कौन सा चित्रण कार्बन सबऑक्साइड की मूल अवस्था में लुईस संरचना को सही प्रकार निरूपित करता है ?A. `:overset(* *)C:C::C:C::overset(* *)(O):`B. `:O::C:C:C:C::O:`C. `:overset(* *)(O)::C::C::C:overset(* *)(O):`D. `:O:C:C:C:O:`

Answer» Correct Answer - C
12.

`NH_(3)` तथा `PH_(3)` में से किसका द्विध्रुव आघूर्ण अधिक होता है तथा क्यों ?

Answer» `NH_(3),N` की उच्च विद्युतऋणात्मकता के कारण
13.

`NH_(3)` की अपेक्षा `NF_(3)` का द्विध्रुव आघूर्ण बहुत कम होता है , क्योंकि -A. N- परमाणु का आकर H- परमाणु की अपेक्षाकृत बहुत छोटा होता है ।B. F,N-परमाणु की अपेक्षा अधिक विद्युतऋणात्मक है जबकि H- परमाणु N- परमाणु की अपेक्षा कम विद्युतऋणात्मक होता है ।C. `NF_(3)` में साझे में भाग न लेने वाला इलेक्ट्रॉन युग्म उपस्थित नहीं है ।D. `NH_(3)` की अपेक्षा `NF_(3)` में एकाकी युग्मो की संख्या अत्यधिक होती है ।

Answer» Correct Answer - B
14.

एक त्रिपरमानुक अणु YXY के लिए किस `theta` कोण पर द्विध्रुव आघूर्ण अधिकतम होगा ?A. `theta=90^(@)`B. `theta=120^(@)`C. `theta=150^(@)`D. `theta=180^(@)`

Answer» Correct Answer - A
15.

`NH_(3)` तथा `NF_(3)` में किस अणु का द्विध्रुव आघूर्ण अधिक है और क्यों ?

Answer» `NF_(3)` अणु की तुलना में `NH_(3)` अणु का द्विध्रुव आघूर्ण अधिक है ।
16.

निम्नलिखित में से सर्वाधिक तथा न्यूनतम विद्युतऋणात्मक तत्त्वों का चयन कीजिए - `Cl, Na, O, N, S, F, Cs`

Answer» Correct Answer - F,Cs
17.

तत्त्व X अत्यधिक विद्युतधनात्मक है तथा तत्त्व Y अत्यधिक विद्युतऋणात्मक है । दोनों एक संयोजी है । इनके द्वारा निर्मित यौगिक है -A. `X^(+)Y^(-)`B. `X^(-)Y^(+)`C. `X-Y`D. ` X to Y`

Answer» Correct Answer - A
18.

निम्नलिखित में से कौन -सा सूत्र आबन्ध बनाने वाले परमाणु की आबन्धन क्षमता को सही प्रकार से नहीं दर्शाता है ?A. `[H-underset(H)underset(|)overset(H)overset(|)(P)-H]^(+)`B. C. D.

Answer» Correct Answer - D
19.

`CO, CO_(3)^(2-) , CO_(2)` में `C-O` आबन्ध लम्बाई के बढ़ने का क्रम है -A. `CO_(3)^(2-) lt CO_(2) lt CO`B. `CO_(2) lt CO_(3)^(2-) lt CO`C. `CO lt CO_(3)^(2-) lt CO_(2)`D. `CO lt CO_(2) lt CO_(3)^(2-)`

Answer» Correct Answer - D
20.

कथन : `O_(2)^(+),O_(2),O_(2)^(-)` तथा `O_(2)^(2-)` स्पीशीजो में से `O_(2)` सर्वाधिक स्थायी है । कारण : `O_(2)` का आबन्ध क्रम 2 है ।A. यदि कथन तथा कारण दोनों सत्य है तथा कारण कथन का सही स्पष्टीकरण है ।B. यदि कथन तथा कारण दोनों सत्य है तथा कारण कथन का सही स्पष्टीकरण नहीं है ।C. यदि कथन सत्य है परन्तु कारण असत्य है ।D. यदि कथन असत्य है परन्तु कारण सत्य है ।

Answer» Correct Answer - D
21.

आबन्ध लम्बाई को आबन्ध -कोटि के रूप में आप किस प्रकार व्यक्त करोगे ?

Answer» आबन्ध कोटि जितनी अधिक होगी , आबन्ध लम्बाई उतनी ही कम होगी ।
22.

`He_(2)^(+)` आयन की आबन्ध कोटि ( क्रम ) 1/2 है । इसकी चुम्बकीय प्रकृति पर टिप्पणी कीजिए ।

Answer» Correct Answer - अनुचुम्ब्कीय
23.

निम्नलिखित में से किस अणु / आयन में सभी आबन्ध समान नहीं है ?A. `SF_(4)`B. `SiF_(4)`C. `XeF_(4)`D. `BF_(4)`

Answer» Correct Answer - A
`SF_(4)` अणु की संरचना त्रिकोणीय द्वीपीरामिडीय है , `BF_(4)^(-)` तथा `SiF_(4)` चुष्फलकीय है जबकि `XeF_(4)` में एकाकी युग्मो की अष्टफल्कीय वयवस्था होने के कारण इसकी ज्यामिति वर्ग समतल है । चुष्फलकीय तथा वर्ग समतल ज्यामिति में सभी आबन्ध समान होते है । त्रिकोणीय द्वीपीरामिडीय ज्यामिति में दोनों अक्षीय आबन्ध ( 204 पीकोमेटेर ) शेष दोनों निरक्षीय (equatorial ) आबंधो ( पी 219 कोमीटर ) की अपेक्षा छोटे होते है ।
24.

निम्नलिखित में से किस आयनन प्रक्रम के दौरान आबन्ध क्रम बढ़ता है तथा चुंबकीय व्यवहार परिवर्तित होता है ?A. `C_(2) to C_(2)^(+)`B. `NO to NO^(+)`C. `O_(2) to O_(2)^(+)`D. `N_(2) to N_(2)^(+)`

Answer» Correct Answer - B
`NO ` तथा `NO^(+)` के आणविक ऑर्बिटल इलेक्ट्रॉनिक अभिविन्यास , आबन्ध क्रम तथा चुम्बकीय वयवहार निम्न प्रकार है -
`NO:KK(sigma_(2_(s)))^(2)(sigma_(2_(s))^(**))^(2)(pi_(2p_(x)))^(2)(pi_(2p_(y)))^(2)(sigma_(2p_(z)))^(2)(pi_(2p_(x)))^(1)`
आबन्ध क्रम = `(N_(b)-N_(a))/(2)=(8-3)/(2)=2(1)/(2)`
चुम्बकीय वयवहार = अनुचुम्बकीय
`NO^(+):KK(sigma_(2_(s)))^(2)(sigma_(2_(s))^(**))^(2)(pi_(2p_(x)))^(2)(pi_(2p_(y)))^(2)(sigma_(2p_(z)))^(2)`
आबन्ध क्रम =`(N_(b)-N_(a))/(2)=(8-2)/(2)=3`
चुम्बकीय व्यवहार = प्रतिचुम्बकीय
अतः `NO to NO^(+)` , प्रक्रम के दौरान आबन्ध क्रम बढ़ता है तथा चुम्बकीय व्यवहार परिवर्तित होता है ।
25.

निम्नलिखित में से किस अणु/आयन में अयुग्मित इलेक्ट्रॉन उपस्थित नहीं है ?A. `O_(2)^(2-)`B. `B_(2)`C. `N_(2)^(+)`D. `O_(2)`

Answer» Correct Answer - A
निम्नलिखित इलेक्ट्रॉनिक अभिविन्यासों से स्पष्ट है कि `O_(2)^(2-)` आयन में कोई आयुग्मित इलेक्ट्रॉन उपस्थित नहीं है ।
`O_(2)^(2-):KK (sigma_(2s))^(2)(sigma_(2s)^(**))^(2)(sigma_(2p_(z)))^(2)(pi_(2p_(x)))^(2)(pi_(2p_(y)))^(2)(pi_(2p_(x))^(**))^(2)(pi_(2p_(y))^(**))^(2)`
`B_(2):KK(sigma_(2_(s)))^(2)(sigma_(2_(s))^(**))^(2)(pi_(2p_(x)))^(1)(pi_(2p_(y)))^(1)`
`N_(2)^(+):KK(sigma_(2_(s)))^(2)(sigma_(2_(s))^(**))^(2)(pi_(2p_(x)))^(2)(pi_(2p_(y)))^(2)(sigma_(2p_(z)))^(1)`
`O_(2):KK (sigma_(2s))^(2)(sigma_(2s)^(**))^(2)(sigma_(2p_(z)))^(2)(pi_(2p_(x)))^(2)(pi_(2p_(y)))^(2)(pi_(2p_(x))^(**))^(1)(pi_(2p_(y))^(**))^(1)`
यहाँ KK , बन्द K कोष संरचना अर्थात `(sigma_(1s))^(2)(sigma_(1s)^(**))^(2)` संरचना को दर्शाता है ।
26.

निम्नलिखित में से किस आणविक ऑर्बिटल की ऊर्जा न्यूनतम है ?A. `sigma_(2p_(z))`B. `pi_(2p_(y))^(**)`C. `sigma_(2p_(z))^(**)`D. `sigma_(2s)^(**)`

Answer» Correct Answer - D
27.

निम्नलिखित में से कौन सा समूह समइलेक्ट्रॉनिक स्पीशीजो को नहीं दर्शाता है ?A. `BO_(3)^(3-),CO_(3)^(2-),NO_(3)^(2-)`B. `SO_(3)^(2-),CO_(3)^(2-),NO_(3)^(-)`C. `CN^(-),N_(2),C_(2)^(2-)`D. `PO_(4)^(3-),SO_(4)^(2-),ClO_(4)^(-)`

Answer» Correct Answer - B
विकल्प (a) में दी गयी प्रत्येक स्पीशीज में इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 32
विकल्प ( c) में दी गयी प्रत्येक स्पीशीज में इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 14
विकल्प (d) में दी गयी प्रत्येक स्पीशीज में इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 50
विकल्प (b) में , `SO_(3)^(2-), CO_(3)^(2-) ` तथा `NO_(3)^(-)` में क्रमश: 42,32 तथा 32 इलेक्ट्रॉन उपस्थित है । अतः यह समूह समइलेक्ट्रॉनिक नहीं है ।
28.

निम्नलिखित में से कौन - की अनुचुंबकीय है ? `H_(2),H_(2)^(+)` तथा `H_(2)^(-)`

Answer» `H_(2)^(+)` तथा `H_(2)^(-)`
29.

निम्नलिखित में से कौन - सा एक समइलेक्ट्रॉनिक स्पीशीजो के समूह को दर्शाता है ?( परमाणु क्रमांक : `Cs-55,Br-35`)A. `Na^(+),Ca^(2+),Mg^(2+)`B. `N^(3-),F^(-),Na^(+)`C. `Be,Al^(3+),Cl^(-)`D. `Ca^(2+),Cs^(+),Br`.

Answer» Correct Answer - B
`N^(3-),F^(-) ` तथा `Na^(+)` सभी में 10 इलेक्ट्रॉन उपस्थित है ।
30.

`He_(2)` अज्ञात है , क्यों ? अथवा `He_(2)` एक अस्थायी अणु है , क्यों ?

Answer» `He_(2)` का आबन्ध क्रम शून्य होता है अतः इस अणु का अस्तित्व सम्भव नहीं है ।
31.

परमाणविक ऑर्बिटलो के रैखिक संयोग (LCAO) से आप क्या समझते है ?

Answer» संयोग करने वाले परमाणुओं के प्रमाणिक ऑर्बिटलों के संयोग द्वारा उचित आणविक ऑर्बिटलों के सन्निकट(approximation) का प्रक्रम परमाणविक ऑर्बिटलों का रैखिक संयोजन कहलाता है ।
32.

निम्नलिखित में से सबसे कम आयनिक कौन -सा है ?A. AgClB. KClC. `BaCl_(2)`D. `CoCl_(2)`

Answer» Correct Answer - A
33.

A,B,C,D तथा E पाँच उदासीन तत्त्व है , जिनके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास निम्न प्रकार है - (A)-`1s^(2)2s^2)2p^(6) 3s^(2) " "B-1s^(2)2s^(2)2p^(6)3s^(1)` C-`1s^(2)2s^(2)2p^(1)" "D-1s^(2)2s^(2)2p^(5)` E-`1s^(2)2s^(2)2p^(6)` (i) A तथा B (ii) B तथा D (iii) C तथा D (iv) केवल E युक्त पदार्थो के मुलानुपाती सूत्र लिखिए ।

Answer» (i) `AD_(2)`, (ii) BD , (iii) `CD_(3)` , (iv) E (एकपरमाणुक)
34.

किसी आयनिक योगिक की जालक ऊर्जा निर्भर करती है -A. आयन के आवेश तथा आकार परB. केवल आयनों के संकुलन (packing) परC. केवल आयन के आकार परD. केवल आयन के आवेश पर ।

Answer» Correct Answer - A
35.

निम्नलिखित में से कौन-सा अनुचुम्बकीय (paramagnetic) है ?A. `O_(2)^(-)`B. `CN^(-)`C. `CO`D. `NO^(+)`

Answer» Correct Answer - A
36.

`Li_(2)` अणु के आणविक ऑर्बिटलों इलेक्ट्रॉनिक विन्यास `KK(sigma_(2s))^(2)` में से क्या अभिप्राय है ?

Answer» संकुलित कोश K संरचना `(sigma_(1s))^(2)(sigma_(1s)^(**))^(2)`
37.

निम्नलिखित में से कौन सा रैखिक अणु नहीं है ?A. `CO_(2)`B. `C_(2)H_(2)`C. `HCN`D. `H_(2)O`

Answer» Correct Answer - D
38.

निम्नलिखित में से कौन-सा प्रतिचुम्बकीय है ?A. `O_(2)^(+)`B. `O_(2)`C. `O_(2)^(-)`D. `O_(2)^(2-)`

Answer» Correct Answer - D
39.

अमोनिया अणु निम्नलिखित संकर ऑर्बिटलों द्वारा निर्मित होता है ?A. `dsp^(2)`B. `sp^(3)`C. `sp^(3)d`D. `d^(2)sp`

Answer» Correct Answer - B
40.

`O_(2)^(-)` का परिकलित आबन्ध क्रम है -A. 2.5B. `2.0`C. `1.5`D. `1.0`

Answer» Correct Answer - C
41.

निम्नलिखित में से कौन -सी स्पीशीज प्रतिचुम्बकीय (diamgnetic ) व्यवहार दर्शाती है ?A. `O_(2)^(2-)`B. `O_(2)^(+)`C. `O_(2)`D. `NO`

Answer» Correct Answer - A
42.

2s- कक्षक में उपस्थित एक इलेक्ट्रॉन का कक्षक कोणीय संवेग होगा

Answer» Correct Answer - `sigma_(2s)`
43.

`sp^(2)` संकरण वाले अणु की संरचना त्रिकोणीय समतलीय क्यों होती है ?

Answer» `sp^(2)` संकरित ऑर्बिटल `120^(@)` के कोण पर अभिविन्यासित होते है तथा ये समान तल में उपस्थित होते है ।
44.

`sigma ` तथा `pi`- आबंधो में से कौन -सा आबन्ध अधिक प्रबल है तथा क्यों ?

Answer» `sigma ` आबन्ध , परमाणु कक्षकों ( ऑर्बिटलों ) के अत्यधिक अतिव्यापन के कारण ।
45.

तीन तत्त्वों के लुईस प्रतीक निम्न प्रकार है :- `overset(*)(A), *underset(*) overset(*)(B)*,:underset(* *)overset(* *)C.` (i) इन्हें आवर्त -सारणी के उपयुक्त समूह में रखिए । (ii) इनमे से कौन से तत्त्व आयन बनायेंगे तथा निर्मित आयनों पर क्या आवेश होगा ? (iii) A तथा B एवं A तथा C के संयोग से बनने वाले सह-संयोजक यौगिकों के सूत्र तथा लुईस संरचनाएँ लिखिए ।

Answer» (i) समूह 1, समूह 14, समूह 17
(ii) A तथा C आयन बनायेंगे -`A^(+),C^(-)`
(iii) (a) `BA_(4), {:(" "A),(A:underset(* *)overset(* *)(B):A),(" "A):} (b) AC,(A^(+))( :underset(* *)overset(* *)(C): )^(-)`
46.

निम्नलिखित तत्त्वों के लिए लुईस संरचना बनाइए - `Na, Ca, Br, Xe, As, Ge`

Answer» `overset(*)(Na),overset(* *)(Ca),:underset(* *)overset(* *)(Br)*,:underset(* *)overset(* *)(Xe):,*underset(*)overset(* *)(As)*,*underset(*)overset(*)(Ge)*`
47.

`sp^(3)` संकरित कक्षकों (ऑर्बिटलों ) में कितना s तथा p लक्षण उपस्थिति होता है ?

Answer» 25%s लक्षण तथा 75% p लक्षण
48.

दो p- कक्षकों (ऑर्बिटलों ) के अक्षीय अतिव्यापन से किस प्रकार का आबन्ध बनता है ?

Answer» Correct Answer - `sigma`- बन्ध
49.

सह-संयोजक आबन्ध का निर्माण किस प्रकार के कक्षकों के अतिव्यापन द्वारा सम्भव है ?

Answer» Correct Answer - अर्द्धपूर्ण कक्षक
50.

`C_(2)H_(2)X_(2)` प्रकार के यौगिक सिस-ट्रान्स ( समपक्ष-विपक्ष ) संयोजकता क्यों दर्शाते है ? स्पष्ट कीजिए ।

Answer» `C_(2)H_(2)X_(2)` प्रकार के यौगिकों में एक `C=C` द्वि -आबन्ध होता है । परमाणु द्वि-बन्ध के परितः (around ) घूर्ण नहीं कर सकते ।
अतः त्रिविम में परमाणुओं के निम्नलिखित दो अभिविन्यास सम्भव है -
`{:(H-C-X),(" ||"),(H-C-X),("समपक्ष या सिस"):}" "{:(H-C-X),(" ||"),(X-C-H),("विपक्ष या ट्रान्स "):}`
वह समावयवी जिसमे समान परमाणु द्वि -आबन्ध के एक ओर स्थित होते है , सिस या समपक्ष समावयवी कहलाता है जबकि वह समावयवी जिसमे समान परमाणु द्वि -आबन्ध के विपरीत ओर स्थित होते है , ट्रान्स या विपक्ष समावयवी कहलाता है । अतः इस प्रकार के यौगिक सिस -ट्रान्स समावयवता दर्शाते है ।
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