This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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‘साधूपदेश’ काव्य में काका हाथरसी ने किस पर व्यंग्य किया है ? |
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Answer» ‘साधूपदेश’ काव्य में कवि काका हाथरसी’ ने उन अनपढ़ और ढोंगी लोगों पर व्यंग्य किया है, जो अपने आपको साधु के रूप में पेश करते हैं और वास्तविक साधुओं की भाँडी नकल कर अपना उल्लू सीधा करते हैं। इन लोगों को ज्ञानप्रद बातों से कुछ लेना-देना नहीं होता और वे ज्ञान की या परीक्षा की घड़ी आने पर मौनव्रत धारण करने का बहाना बना लेते हैं। ये बड़े-से-बड़ा पाप करने से भी नहीं डरते। |
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दिखावा करते हुए साधु कैसा व्यवहार करता है ? |
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Answer» दिखावा करते हुए साधु हाथ में गोमुखी लेकर माला फेरता रहता है और ऊपर से विनम्र बना रहता है और अंदर से छल-कपट करने से नहीं चूकता। |
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दंभी साधुओं को किस बात का भय सताता है ? |
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Answer» दंभी साधुओं को इस बात का भय सताता है कि यदि कोई तर्क करने के लिए आ जाए और वे उसका उचित जवाब न दे पाएँ, तो उनकी पोल न खुल जाए। |
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ढोंगी साधु भक्तों को उपदेश देते हुए कहते हैं कि यदि कोई व्यक्ति आपसे किसी विषय पर तर्क करे तो …..(अ) उसके पैर पकड़ लीजिए।(ब) उससे क्षमा मांग लोजिए।(क) उससे डरकर भयभीत न हों। |
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Answer» ढोंगी साधु भक्तों को उपदेश देते हुए कहते हैं कि यदि कोई व्यक्ति आपसे किसी विषय पर तर्क करे तो उससे डरकर भयभीत न हों। |
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आजकल के साधु अपने पर आए हुए धर्मसंकट को किस युक्ति से टालते हैं? |
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Answer» कभी-कभी साधुओं के पास आनेवालों में से कुछ भक्त उनसे जीव, बा, तुम, मैं आदि विषयों को लेकर तर्क करते हैं। ऐसी स्थिति में उनके सामने धर्मसंकट खड़ा हो जाता है। इस तरह की समस्या आ जाने पर आजकल के साधु स्लेट पर तर्क करनेवालों को दिखा देते हैं कि आजकल उनका मौनव्रत चल रहा है। |
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साधु मौन धारण क्यों करते है ? |
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Answer» साधु इसलिए मौन धारण करते हैं, ताकि यदि कोई उनसे कोई गूढ़ प्रश्न पूछे, तो उसका उत्तर देने से वे बच सकें। इस युक्ति से उनका धर्मसंकट कट जाता है। |
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साधु उपदेश देने के लिए झोपड़ी कहाँ बनाते हैं? |
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Answer» साधु उपदेश देने के लिए झोंपड़ी शहर से दूर बगीचे में बनाते हैं। |
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साधु उपदेश देने के लिए झोंपड़ी कहाँ बनाते हैं ? |
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Answer» साधु का शरीर दिव्य और चमकता हुआ है तथा उसका सिर घुटा हुआ और सीप की तरह चिकना है। |
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ढोंगी साधू के मतानुसार आप अपने हाथ में हमेशा माला लेकर गोमुखी में उसे फिराते रहिए, ताकि …(अ) लोगों को यह लगे कि आप ज्ञानी है।(ब) लोगों को यह लगे कि आप विश्वगुरु है।(क) लोगों को यह लगे कि आप ईश्वर के नाम का जाप करते रहते हैं। |
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Answer» डॉगी साधू के मतानुसार आप अपने हाथ में हमेशा माला लेकर गोमुखी में उसे फिराते रहिए, ताकि लोगों को यह लगे कि आप ईश्वर के नाम का जाप करते रहते हैं। |
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| 10. |
नाम जपने का साधन ………… है।A. धोतीB. मालाC. जापयंत्रD. नामयंत्र |
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Answer» सही विकल्प है B. माला |
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साधु का शरीर कैसा है?A. दिव्य और चमकताB. अग्नि जैसाC. कठोरD. निर्भय |
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Answer» A. दिव्य और चमकता |
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सच्चा साधु दिखाई देने के लिए मुंडन करा लीजिए …(अ) जिससे आपका ज्ञान बढ़ता रहे।(ब) जिससे आपका सिर सिप की तरह चमकता रहे।(क) जिससे आपके सिर का भार उतरता रहे। |
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Answer» सच्चा साधु दिखाई देने के लिए मुंडन करा लीजिए जिससे आपका सिर सिप की तरह चमकता रहे। |
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ढोंगी साधु मौनव्रत क्यों धारण करते है ? |
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Answer» ढोंगी साधुओं के पास कभी-कभी कुछ लोग विभिन्न विषयों पर तर्क करने के लिए आते हैं। वे साधुओं से अपने प्रश्नों के उत्तर की अपेक्षा करते हैं। ढोंगी साधु इस प्रकार के प्रश्नों के उत्तर से अनभिज्ञ होते हैं। ऐसे अवसर पर जोंगी साधुओं के समक्ष धर्मसंकट पैदा हो जाता है। इस समस्या से निपटने के लिए डॉगी साधु मौनव्रत धारण करने का बहाना बना लेते हैं। यह युक्ति अपनाने से ढोंगी साधुओं से कोई भी व्यक्ति तर्क करने की हिम्मत नहीं करता। |
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ढोंगी साधु भक्तजनों को क्या उपदेश देते हैं ? |
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Answer» ढोंगी साधु अपने भक्तजनों को उपदेश देते हैं कि वे अपने हाथ में गोमुखी लेकर माला फिराने का ढोंग करते रहें। ऊपर से विनम्र और सज्जन दिखने का ढोंग करते रहें, पर अंदर से छल-कपट करने से न चूकें। शहर से दूर झोपड़ी बनाकर निवास करें और सिर मुंडा कर, चंदन आदि से श्रृंगार करते रहे। मौनव्रत धारण करें, फल की इच्छा न करें, नर्क की परवाह न करें और खूब पाप करें। |
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साधु बाहर से ……. है।A. चालाकB. हृदय से विनम्रC. नमD. अनपढ़ दिखते |
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Answer» सही विकल्प है C. नम |
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ढोंग करने के लिए …(अ) ऊपरी दिखावा करना जरूरी है।(ब) मन में पाप रखना जरूरी है।(क) मार-पीट करना जरूरी है। |
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Answer» ढोंग करने के लिए ऊपरी दिखावा करना जरूरी है। |
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आजकल के साधु के सामने कोई तर्क करने आये तो वे क्या युक्ति करेंगे ?(अ) अपने को ही ज्ञानि सिद्ध करेंगे(ब) डर के मारे वाद-विवाद ही नहीं करेंगे(क) अपनी झोंपड़ी में प्रवेश ही नहीं करने देंगे(ड) अपनी पोल खुल न जाए इसके लिए मौन रहेंगे |
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Answer» (ड) अपनी पोल खुल न जाए इसके लिए मौन रहेंगे |
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कवि भक्तगण को कौन-से गुण ग्रहण करने की बात करते हुए व्यंग्य करते हैं ?(अ) पोथी पढ़कर ज्ञानी बनना(ब) हाथ में गोमुखी लेकर ईश्वर स्मरण करना(क) मुख में राम बगल में छुरी चलाना(ड) उपदेश सुनना |
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Answer» (ब) हाथ में गोमुखी लेकर ईश्वर स्मरण करना |
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