Explore topic-wise InterviewSolutions in Current Affairs.

This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

Aaj aapke new school ma aapke phela din tha . Apna anubhav bhataa. Diary likiya

Answer»

Today is my first day in new school so I am so excited I have a new tiffin new bottle,new books and new bag.Now, in new school , the school has grand building, grand playground and my new school has math lab, english lab, computer lab, biology lab, art room, music room, chemistry lab and a grand library right it is Krishna international school and I have make some new friends and I have been done lots of work in one day and the teachers are great to explaining the chapter and I am so NERVOUS in first time but yeah I am so excited and energetic . now it's time to have lunch you know the quote sharing is caring so I also share my food to my new friend and new teacher . now it's enjoying time with friends and teachers do the PERIOD is over but we enjoyed a lot and now it's last period is music class I am DANCING with my childhood friend Is Jasmine badly the period is over now it's homework writing time for 2 mins after 2 mins. it's time to going BACK to HOME seriously guys I enjoyed a lotplease mark me as brainliest

2.

भारतीय गांव पर अनुच्छेद 80 से 100 शब्दों में

Answer»

गांवभारतीय गांव वह हैं जिन्हें भगवान ने बनाया है , जहां जहां प्रकृति का सौंदर्य बिखरा पड़ा है, हरे भरे खेत , कल-कल करती नदियां , कुए के तट पर सजी भरी औरतों की खल खल आहट, हुक्का पीते किसान, और गाय के पीछे दौड़ते बच्चे, पेड़ों के खट्टे आम तोड़कर खाती किशोरिया , और और मक्के की रोटी दूध की दही मक्खन रोटी की कल्पना होती है। लोगोंलोगों की बात की जाए तो गांव के लोग बड़े भले होते हैं वह कठिन परिश्रम कर लोगों के लिए अनाज उगाते हैं ताकि हम अपना पेट भर सके। गांव गांव में भारतीय संस्कृति का वास होता है। उनके पास जितना होता है वह उनसे खुश हो जाते हैं। उन्हें कभी दूसरों की सहायता की जरूरत नहीं पड़ती क्योंकि वह इमानदारी से काम करते हैं।HOPE hope it HELPS you..PLEASE MARK it as BRAINLIEST

3.

Dhan sanchay ek Achi aadat par 150 shabdo n Ka anuched likhen

Answer» SORRY humabhi ISS CHAPTER PE NHI puchheExplanation:
4.

Please answer the ques of the attachment...

Answer» VISIT my CBSE CBSE GUIDE for ANS
5.

हरिहर काका पाठ के आधार पर ठाकुरबारी का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए

Answer»

गम को एक प्रमुख स्थान था गांव के पूरब में ठाकुर जी का विशाल मंदिर जिसमें गांव के लोग ठाकुरबारी में कहते थे|गांव में इस ठाकुरबारी की स्थापना कब हुई इसकी ठीक-ठीक जानकारी किसी को नहीं इस संबंध में गांव में जो कहानी प्रचलित है वह यह है कि वर्षों पहले भी यह गांव पूरी तरह बस अभी तू ही था कहीं से एक संत आकर इस स्थान पर झोपड़ी बना रहने लगा|वह सुबह शाम ठाकुर जी की पूजा करते थे लोगों से मांग कर खा लेते थे और पूजा पाठक की भावना जागृत करते थे|बाद में लोगों ने चंदा देकर ठाकुर जी का एक छोटा सा मंदिर बनवा दिया| जैसे जैसे लोगों को श्रद्धा और आबादी बढ़ती गई वैसे-वैसे लोगलोगों का ऐसा मानना था कि गांव में जितने भी अच्छे काम होते हैं जैसे कि किसी का मुकदमा जीतने या फिर गांव में अच्छी फसल हो ना वह सब ठाकुर जी की वजह से होता है इसलिए कई लोग वही बीघे जमीन तथा पैसे ठाकुरबारी में दान कर जाते थेExplanation:

6.

Make a sentence from गौर (गौर means गौरा

Answer»

मेरी बहन पूरी गाओं में सबसे गौर है ।

7.

Dainik gatividhiyan Jo main lockdown main main ki

Answer» NYI nyi cheeze sikhe. BOOKS PDHI.
8.

Lokdown पर paragraph (अनुच्छेद) in hindi (हिन्दी में)​

Answer» E!!Your Ans Is As Follows:लॉकडाउन अर्थात तालाबंदी। इसके तहत सभी को अपने-अपने घरों में रहने की सलाह दी गई है जिसका सरकार की तरफ से कड़ाई से पालन भी करवाया जा रहा है। यह इसलिए जरूरी है, क्योंकि कोरोना वायरस नामक महामारी मानव जाति के इतिहास में पहली बार आई है।लॉकडाउन एक आपातकालीन व्यवस्था है, जो किसी आपदा या महामारी के वक्त लागू की जाती है।लॉकडाउन से पहले के समय की बात करें तो उस वक्त हम सभी अपने रोजमर्रा के कामों में इतना व्यस्त रहते थे कि अपनों के लिए, अपने परिवार के लिए व बच्चों के लिए कभी समय ही नहीं निकाल पाते थे और सभी की सिर्फ यही शिकायत रहती थी कि आज की दिनचर्या को देखते हुए समय किसके पास है? लेकिन लॉकडाउन से ये सारी शिकायतें खत्म हो गई हैं। इस दौरान अपने परिवार के साथ बिताने के लिए लोगों को बेहतरीन पल मिले हैं। कई प्यारी-प्यारी यादें इस दौरान लोग सहेज रहे हैं, अपने घर के बुजुर्गों के साथ समय बिता रहे हैं और रिश्तों में आई कड़वाहट को मिटा रहे हैं।लॉकडाउन के दौरान प्रदूषण में कमी हुई है। अगर लॉकडाउन से पहले की बात करें तो उस समय कारखानों से निकलने वाला कचरा जल में प्रवाहित कर दिया जाता था, गाड़ियों के रास्तों पर दौड़ने से ध्वनि और वायु प्रदूषण हो रहे थे लेकिन लॉकडाउन की वजह से इन सभी चीजों में कमी आई है और आज चिड़ियों की चहचहाहट हमारे आंगन में वापस से सुनाई दे रही है, जो कहीं खो-सी गई थी। नदियों का जल स्वच्छता की ओर अग्रसर हो रहा है।लॉकडाउन की वजह से मजदूरों को बहुत नुकसान हुआ है, जो रोजमर्रा के काम से अपने घर का पेट पालते थे। आज उनके लिए एक वक्त की रोटी भी बहुत मुश्किल हो गई। कई मजदूर ऐसे हैं, जो भूखे पेट ही सो रहे हैं। अगर लॉकडाउन का सबसे ज्यादा नुकसान किसी को हुआ है तो वह है मजदूर, जो अपने परिवार का पेट पालने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। लॉकडाउन की वजह से देश की अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान हुआ है। कारखानों को बंद रखने के कारण भारी नुकसान वहन करना पड़ रहा है, वहीं व्यापार भी पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। लोगों की नौकरियां चली गई हैं जिसकी वजह से बेरोजगारी की समस्या भी उत्पन्न हो गई है। लॉकडाउन की वजह से देश आर्थिक रूप से कमजोर पड़ रहा है।कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए इस संक्रमण से मुक्ति के लिए भारत के प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन की घोषणा की थी, क्योंकि सामाजिक दूरी ही कोरोना को रोकने के लिए कारगर उपाय है। यही कारण है कि लॉकडाउन को बढ़ाया जा रहा है। इसलिए हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम इस निर्णय का पूर्ण समर्थन करते हुए हम लॉकडाउन का पूरा पालन करें और इस वायरस को जड़ से मिटा दें। सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों का पूरी ईमानदारी के साथ पालन करना ही हमारा कर्तव्य है, तभी इस महामारी को खत्म किया जा सकता है।Hope so this helps youPlz MARK as BRAINLIST.......Stay home Stay safe and obey lockdown.....Thnx
9.

I want a essay in hindi on toppic Ek Adarsh vidyarti​

Answer»

श छात्र वह है जिसे हर दूसरा छात्र देखता है। कक्षा में या खेल के मैदान में अपने सभी कार्यों को पूरा करने के लिए उनकी सराहना की जाती है। वह अपने शिक्षकों का पसंदीदा होता है और स्कूल में विभिन्न कर्तव्यों का कार्यभार उसे सौंपा जाता है। हर शिक्षक चाहता है कि उनकी कक्षा ऐसे छात्रों से भरी रहे।एक आदर्श छात्र को निखारने में माता-पिता और शिक्षक की भूमिकाहर माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे अपनी कक्षा में हर काम में प्रथम रहें, दूसरों के लिए एक आदर्श उदाहरण बने। कई छात्र अपने माता-पिता की अपेक्षाओं को पूरा करना चाहते हैं लेकिन एक आदर्श छात्र बनने के लिए उनमें दृढ़ संकल्प और कई अन्य कारकों की कमी होती है। कुछ लोग प्रयास करते हैं और असफल होते हैं पर कुछ लोग प्रयास करने में ही असफ़ल हो जाते हैं लेकिन क्या अकेले छात्रों को इस विफलता के लिए दोषी ठहराया जाना चाहिए? नहीं! माता-पिता को यह समझना चाहिए कि वे अपने बच्चे के समग्र व्यक्तित्व को बदलने और जीवन के प्रति सकारात्मक रवैया बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। यह उनका कर्तव्य है कि वह अपने बच्चों को स्कूल में अच्छा करने के महत्व को समझने में उनकी सहायता करें।कई माता-पिता अपने बच्चों को बड़े सपने दिखाते हैं और उन्हें बताते हैं कि कैसे स्कूल के दिनों में अच्छे ग्रेड लाए जाते हैं और उसके लिए कड़ी मेहनत की जाती है जो उन्हें उनकी पेशेवर और व्यक्तिगत जिंदगी में बाद में मदद करती है। हालांकि उनमें से अधिकतर अपने बच्चों को यह नहीं सिखाते हैं कि निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कैसे कड़ी मेहनत करें और प्रेरित रहें। माता-पिता को बच्चों के साथ मिलकर काम करना चाहिए ताकि वे स्कूल में अच्छा कर सकें।शिक्षक अपने छात्रों के व्यक्तित्व को समान रूप से सुधारने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्हें सकारात्मक रूप से प्रभावित करने और हर कदम पर उन्हें प्रोत्साहित करने के तरीके ढूंढने की आवश्यकता हैHøpe it will HELP UH!!...#Be BRAINLY#____________Thanks✊

10.

" बुध पूर्णिमा " कैसे मनाया जाता है एक छोटा सा अनुच्छेद लिखे in Hindi only....

Answer»

बुद्ध पूर्णिमा, बौद्ध धर्म के लोगों का सबसे पवित्र त्यौहार है। बुद्ध पूर्णिमा को बुद्ध जयंती, वेसाक, वैशाका और बुद्ध जन्मदिन भी कहा जाता है। बुद्ध पूर्णिमा भगवान बुद्ध कि याद में मनाया जाता है। यह वैसाखा में पूर्णिमा की रात (हिंदू कैलेंडर के अनुसार जो आम तौर पर अप्रैल या मई में पड़ता है) को प्रतिवर्ष मनाया जाता है।साथ ही अन्य देशों जैसे थाईलैंड में विशाखा, बुका, इंडोनेशिया में वैसाक और श्रीलंका और मलेशिया में वेसाक कहा जाता है। यह बड़े पैमाने पर भारत, नेपाल और बांग्लादेश में मनाया जाता है।बुद्ध के जन्मदिन की जश्न तिथि मई के दूसरे रविवार को ताइवान सरकार द्वारा घोषित की गई थी। यह त्योहार पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया में मनाया जाता है, लेकिन इसे मनाने का तरीका देश से देश और क्षेत्र से क्षेत्र में भिन्न होता है।Follow me and MARK it as BRAINLIEST ANSWER

11.

एक श्रमिक की दास्तान क्रोना वायरस के कारण हुई तालाबंदी के समय अपने परिवार के साथ नगर से अपने प्रदेश के गांव की ओर चल पड़ा रास्ते की कठिनाइयां---------- ​

Answer»

र क्या ज़्यादा से ज़्यादा गर्मी

12.

वर्षा के पहली बूंद से धरती की प्रसन्नता किस प्रकार प्रकट होती हैं

Answer»

ठंड होती है और खेती होती है

13.

Kuti puling hai ya striling

Answer»

It's streeling brooo .....

14.

Muje do darjan kele chahiye vishesan bhed

Answer» RAND visheshanhope it HELPS
15.

Apka mitra ek vad vivad pratiyogita me pratham aaya hai,mitra KO badhayi dete hue patra​

Answer»

परीक्षा भवननई दिल्लीदिनांक: 01 सितंबर, 2018प्रिय मित्र,नमस्कार।आज पिताजी का पत्र मिला। अन्य बातों के साथही उन्होंने तुम्हारे विषय में भी लिखा है कि पिछलेमाह हुई अंतर्विद्यालय वाद-विवाद प्रतियोगिता मेंतुम्हें प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ। यह पढ़कर मुझे जोखुशी हुई उसका वर्णन नहीं किया जा सकता है। इससफलता के लिए मेरी ओर से हार्दिक बधाई स्वीकारकरें। यह शुभ समाचार सुनकर सभी मित्र अत्यधिकप्रसन्न हुए। तुम्हारा अभिन्न मित्र होने के कारण मैंतुम्हारे स्थान उनकी बधाई स्वीकार करता रहा।बचपन से ही तुम में भाषण देने की कला व तर्क शक्तिका बाहुल्य था। "होनहार बिरवान के होत चीकनेपात" उक्ति तुम पर पूरी तरह से चरितार्थ होती है। मेरीभगवान से यही प्रार्थना है कि भविष्य में भी तुम इसप्रकार सफलता प्राप्त करते रहो।मेरी ओर से अंकल और आंटी को प्रणाम कहना।Tumhara MitraXyzHope it HELPS YOUMARK as BRAINLIEST

16.

सफल शब्द से उपसर्ग तथा मूल शब्द अलग कीजिए​

Answer»

SWER: sphal shabd me sa upsarg hai aur PHAL mol shabd HAIHOPE it will HELP you BRAINLIST me thanks me FOLLOW me

17.

Chatey ki jahirat plz send fast in marathi

Answer» KARAN chaltoExplanation:dgggscdv
18.

Pakho pakhi ka rupankrik arth Kya hai

Answer» SORRY i have to SLEEP now will ANSWER your QUESTION laterExplanation:
19.

सूरदास किस भक्ति मार्ग के समर्थक थे - प्रमाणित कीजिए । Frnds , It's from chapter " सूरदास के पद " of 10th NCERT book ' क्षितिज '. Plz help.

Answer»

सूरदास की भक्ति का दार्शनिक आधार वल्लभाचार्य का ‘शुद्धाद्वैतवाद’ दर्शन है। वल्लभाचार्य वैष्णव वैदान्ती दार्शनिक हैं उनका शुद्धाद्वैतवाद एक प्रकार का अद्वैत ही है जिसमें शुद्ध शब्द का प्रयोग विशेषण रूप में किया गया है।

20.

मेरा भारत महान ' पर अनुच्छेद लेखन।​

Answer»

मेरा भारत महान यह वाक्य ही एक अनोखे गर्व की अनुभूति कराता है। हमारा यह देश महानता का प्रतीक है, इसका कारण हमारे देश की गौरवमयी परंपरा रही है। हम सभी जानते हैं कि हमारा देश प्राचीन काल में विश्व गुरु था। ... हमारे देश भी संस्कृति और विरासत आज भी उतनी मजबूत और समृद्ध है कि इसकी महानता पर कोई संदेह नहीं किया जा सकता।Explanation:IF YOU SATISFIED MY ANSWER PLZ MARK BRAINLIST

21.

Corona mahamari ke sambhand me praath jankari SE auogath karaye

Answer»

ghar SE bahar nikalne par SOCIAL distance banayRN95 mask LAGA na na BHULE fruits ka sevan kare taaki sehat BANI rahe aur immune boost hojaldi bhor me uuthe aur yoga karehaatho ko dhothe rahe

22.

3. ' संज्ञा ' की परिभाषा व प्रकार |​

Answer»

किसी व्यक्ति,वस्तु,प्राणी या भाव का बोध कराते हैं उन्हें संज्ञा कहते हैं जैसे -राम,कुर्सी,शेर,उल्लास आदि ।संज्ञा के पाँच भेद होते है -1)वयक्तिवाचक संज्ञा2)जातिवाचक संज्ञा3)भाववाचक संज्ञा 4)द्रव्यवाचक संज्ञा5)समुदायवाचक संज्ञा HOPE it HELPS Please mark this answer as BRAINLIEST and follow me

23.

Please answer above questionclass 10th​

Answer»

प्रस्तावना- लॉकडाउन अर्थात तालाबंदी। इसके तहत सभी को अपने-अपने घरों में रहने की सलाह दी गई है जिसका सरकार की तरफ से कड़ाई से पालन भी करवाया जा रहा है। यह इसलिए जरूरी है, क्योंकि कोरोना वायरस नामक महामारी मानव जाति के इतिहास में पहली बार आई है। अब पूरा देश इस वायरस से लड़ने के लिए अपने-अपने घरों में कैद हो गया है। इस महामारी के प्रकोप से लाखों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और इससे बचने का सिर्फ एक ही रास्ता है और वो है सोशल डिस्टेंसिग यानी कि सामाजिक दूरी। यह संक्रमण एक से दूसरे इंसान तक बहुत तेजी से फैलता है जिसके कारण भारत सरकार ने लॉकडाउन को ही इससे बचने के लिए आवश्यक कहा है। अर्थात लॉकडाउन एक आपातकालीन व्यवस्था है, जो किसी आपदा या महामारी के वक्त लागू की जाती है। जिस इलाके में लॉकडाउन किया गया है, उस क्षेत्र के लोगों को घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होती है। उन्हें सिर्फ दवा और खाने-पीने जैसी जरूरी चीजों की खरीदारी के लिए ही बाहर आने की इजाजत मिलती है। लॉकडाउन के वक्त कोई भी व्यक्ति अनावश्यक कार्य के लिए सड़कों पर नहीं निकल सकता।Explanation:लॉकडाउन के फायदे- लॉकडाउन से पहले के समय की बात करें तो उस वक्त हम सभी अपने रोजमर्रा के कामों में इतना व्यस्त रहते थे कि अपनों के लिए, अपने परिवार के लिए व बच्चों के लिए कभी समय ही नहीं निकाल पाते थे और सभी की सिर्फ यही शिकायत रहती थी कि आज की दिनचर्या को देखते हुए समय किसके पास है? लेकिन लॉकडाउन से ये सारी शिकायतें खत्म हो गई हैं। इस दौरान अपने परिवार के साथ बिताने के लिए लोगों को बेहतरीन पल मिले हैं। कई प्यारी-प्यारी यादें इस दौरान लोग सहेज रहे हैं, अपने घर के बुजुर्गों के साथ समय बिता रहे हैं और रिश्तों में आई कड़वाहट को मिटा रहे हैं।लॉकडाउन के दौरान बच्चों को अपने माता-पिता के साथ समय बिताने का मौका मिल रहा है, वहीं जो लोग खाना बनाने के शौकीन हैं, वो यूट्यूब के माध्यम से खाना बनाना भी सीख रहे। पुराने सीरियलों का दौर वापस आ गया है जिसका मजा लोग अपने पूरे परिवार के साथ बैठकर ले रहे हैं और अपनी पुरानी यादों को वापस से जी रहे हैं। बच्चों के साथ वीडियो गेम्स, कैरम जैसे गृहखेल का बड़ों ने आनंद लिया। विद्यालयों में छुट्टी होने के कारण घर बैठकर शिक्षकों ने ऑनलाइन क्लासेज का सहारा लिया ताकि विद्यार्थियों की शिक्षा में कोई रुकावट न आए। लॉकडाउन के समय लोग अपने शौक को भी पूरा कर रहे हैं, क्योंकि उनको इसके लिए अपनी खुद की दबी इच्छाओं को पूरा करने का समय मिला है। जो लोग डांस सीखने के शौकीन थे और समय की कमी के कारण नृत्य कला को कहीं-न-कहीं खुद से दूर कर रहे थे, आज वे अपने इस हुनर को निखार रहे हैं। जिन्हें म्यूजिक का शौक है, वो म्यूजिक सीख रहे हैं, पेंटिग सीख रहे हैं। ऐसे कई शौक लॉकडाउन के दौरान वापस से जी रहे हैं। लॉकडाउन के रहने से कोरोना वायरस, जिससे पूरा विश्व परेशान है, से छुटकारा पाया जा सकता है इसलिए यह हम सभी के लिए बहुत जरूरी है। हमारा काम सिर्फ इतना है कि हमें इसका पालन पूरी ईमानदारी के साथ करना है, साथ ही लॉकडाउन से कोरोना वायरस के मरीजों में गिरावट आएगी और संक्रमण फैलने का खतरा कम होगा। हमारे रोजमर्रा की जिंदगी की चीजों में कमी न हो इसलिए किराने की चीजें, फल, सब्जी, दवाइयां बाजार में उपलब्ध हैं।

24.

हम सब प्रायः काम को टालने के लिए समय न होने का बहाना बना देते हैं। यह बात ठीक नहीं। यदि करने वाले सभी कार्यों पर उचित विचार करके समय का विभाजन करलें, तो हमारे सभी कार्य सही समय पर सम्पन्न हो सकते हैं। यही समय-नियोजन है।इस चित्र को देखकर आप भी अपनी एक समय तालिका बनाइए जिससे आप अपने सारेकार्यसुचारूरूप से करने में सक्षम हो।​

Answer»

..........OKKKKKKKKKKKKKKKKK.............☺✌

25.

बाल गोबिन भगत हर वर्ष कहां जाते थे ?

Answer» KHETI K kaam s bal govind bhagat HAR roj JATE THAI.
26.

Bichendri be Kya sankalp kiyatha

Answer»

kaise PTA chalega ji hme KI kis class ka h kon SE bord ka h

27.

Bahar khana khane ke sambandh mein Mata Pita ka Baat cheet

Answer»

so this is answerExplanation:mata:suno ji aj hum bahar kana kane chale kya Mai aj bohat tag gyi THI ISILIYE kch nhi banayapita:kya kana nhi banaya to tik HAI chalte hai baharmata:haa tik he ham kya kayengepita:kya Kaye roti chalega namata:roti nhi RICE sambar kayengepita:tik he kuch bhi kalena chalo chalte hai mata:tik he chaloHope it's helpful to you mark me as BRAINLIEST

28.

Plzz tell me the answer of ch 2 budhi kaki class 10....

Answer»

we don't have the BOOK in lockdowneExplanation:U can POST the QUESTION ALSO

29.

Meera ki bhakti bbhavana pr lekh likho

Answer»

मीरा की भक्ति भावना- कृष्ण प्रेम डॉ. भगवान सहाय श्रीवास्तव कृष्ण भक्तों में मीरा भी एक प्रमुख नाम है। उनकी भक्तिमय जीवन की धारा किन-किन मोड़ों से निकलकर अपने आराध्य में विलीन हो गई उसका एक संपूर्ण चित्र इस लेख में प्रस्तुत किया गया है। कृष्ण भक्ति की अनन्य प्रेम भावनाओं में अपने गिरधर के प्रेम में रंग राती मीरा का दर्द भरा स्वर अपनी अलग पहचान रखता है। समस्त भारत उस दर्द दीवानी की माधुर्य भक्ति से ओत-प्रोत रससिक्त वाणी से आप्लावित है। अपने नारी व्यक्तित्व की स्वतंत्र पहचान निर्मित करने वाली तथा युग की विभीषिकाओं के विरूद्ध संघर्षशील विद्रोहिणी मीरा का जन्म राजस्थान में मेड़ता कस्बे के कुड़की ग्राम में हुआ था। मीरा कृष्ण की अनन्य उपासिका थी। भक्ति भावना के आवेश में उन्होंने जिन पदों का गान किया है वे इस तरह से हैं - गीत गोविद की टीका, राग गोविन्द, नृसिंह जी को मायरो। मीरा की भक्ति-भावना माधुर्य भाव की रही है। आध्यात्मिक दृष्टि से वो कृष्ण को अपना पति मानती है। मीरा अपने कृष्ण प्रेम की दीवानी हैं। उन्होंने अपनी इस प्रेम बेलि की आंसुओं के जल से सिंचाई की है। जैसे ''म्हां-गिरधर रंगराती'' पंचरंग चोला पहेरया, सखि म्हां झरमट खेलण जाति। कृष्ण के प्रति भक्ति-भावना का बीजारोपण मीरा में बचपन में ही हो गया था। किसी साधु से मीरा ने कृष्ण की मूर्ति प्राप्त कर ली थी। विवाह होने के बाद वह उस मूर्ति को भी अपने साथ चित्तौड़ ले गई थी। जयमल वंश प्रकाश के अनुसार मीरा अपने शिक्षक पंडित गजाधर को भी अपने साथ चित्तौड़ ले गई थी और दुर्ग में मुरलीधर का मंदिर बनवाकर सेवा और पूजा आदि का समस्त कार्य गजाधर को सौंप दिया। इस प्रकार विवाह के बाद भी मीरा कृष्ण की पूजा तथा अर्चना करती रही, परंतु मीरा के विधवा होते ही उस पर जो विपत्तियों के पहाड़ टूटे, उससे उसका मन वैराग्य की ओर उन्मुख हो गया। ज्यों ज्यों मीरा को कष्ट दिये गये, मीरा का लौकिक जीवन से मोह समाप्त होता गया और कृष्ण भक्ति में उनकी निष्ठा बढ़ती गई। वह कृष्ण को अपने पति के रूप में स्वीकार कर अमर सुहागिन बन गई। मीरा की आध्यात्मिक यात्रा तीन सोपानों से गुजरती है। प्रथम सोपान, प्रारंभ में उसका कृष्ण के लिए लालायित रहने का है। इस अवस्था में वह व्यग्रता से गाती हैं। 'मैं विरहणि बैठी जांगू, जग सोवेरी आलि' और कृष्ण मिलन की तड़प से बोल उठती हैं ''दरस बिन दुखण लागे नैन''। द्वितीय सोपान यह है कि जब कृष्ण भक्ति से उपलब्धियों की प्राप्ति हो जाती है और वह कहती है, ''पायो जी, मैंने राम रतन धन पायो।'' मीरा के ये उद्गार उनकी प्रसन्नता के सूचक हैं और इसी तरंग में वह कह उठती है ''साजन म्हारे घरि आया हो, जुगा जुगारी जीवता, विरहणि पिय पाया हो''। तृतीय एवं अंतिम सोपान वह है, जब उन्हें आत्म बोध हो जाता है जो सायुज्य भक्ति की चरम सीढ़ी हैं। वह अपनी भक्ति में सखय भाव से ओत-प्रोत होकर कहती हैं ''म्हारे तो गिरधर गोपाल, दूजो न कोई''। मीरा अपने प्रियतम कृष्ण से मिलकर उसके साथ एकाकार हो जाती है। 16वीं सदी में भक्ति की जिस धारा का उद्गम मीरा ने किया था, आज भी वही भक्ति धारा उसी प्रथा से प्रवाहित हो रही है। वास्तव में मीरा नारी संतो में ईश्वर प्राप्ति हेतु लगी रहने वाली साधिकाओं में प्रमुख थी और शायद है। उनकी भक्ति से ओत-प्रोत साहित्य अन्य भक्तों के लिए मार्ग-निर्देशन करता रहा है। मीरा के काव्य में सांसारिक बंधनो का त्याग और ईश्वर के प्रति समर्पण का भाव दृष्टिगत होता है। उनकी दृष्टि में सुख, वैभव, मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा आदि सभी मिथ्या है। यदि कोई सत्य है तो वह है- ''गिरधर गोपाल''। मीरा के विचार अतीत और वर्तमान से संबद्ध होकर भी मौलिक थे। परंपरा-समर्पित होकर भी पूर्णतः स्वतंत्र थे, व्यापक होकर भी सर्वथा व्यक्तिनिष्ठ थे। पग घुंघरू बांध मीरा नाची रे ! बाल्यकाल से ही मीरा में भगवत भक्ति के संस्कार जागृत होने लगे थे। वे अपनी सहेलियों के साथ खेल खिलवाड़ में भी ठाकुर जी की पूजा, ब्याह, बारात और नित्य नवीन उत्सव का खेल खेलती थीं। उनके हृदय मंदिर में बचपन से ही ऐसे अलौकिक प्रेमानुराग की छटा छिटकने लगी थी, जिसे देखकर लोगों को आश्चर्य होता था। कृष्ण मूर्ति के लिए हठ : जब मीरा केवल दस वर्ष की थी, उनके घर अभ्यागत बन कर आये संत के पास श्रीकृष्ण की एक मूर्ति थी। जब वे उसकी पूजा करने लगे, मीराबाई भी उस समय उनके पास जा बैठी। बाल-सुलभ मीरा का मन मूर्ति के सौंदर्य पर आकृष्ट हो गया। उन्होंने साधु से पूछा, 'महाराज, आप जिनकी पूजा कर रहे हैं, इनका क्या नाम है?' साधु ने उत्तर दिया 'वह गिरधर लाल जी हैं।' मीरा ने कहा 'आप, इन्हें मुझे दे दीजिए।' इससे वह साधु बड़ा रूष्ट हुआ और वहां से चला गया। मीरा ने मूर्ति प्राप्त करने के लिए हठ किया और वह अन्न जल सब छोड़ बैठी। घर के लोग परेशान हो गये। जब मीरा ने लगातार सात दिन कुछ नहीं खाया, तब उस साधु को भगवान ने स्वप्न में मूर्ति मीरा को देने का आदेश दिया। साधु ने वैसा ही किया। गिरधरलाल जी की मूर्ति पाकर मीरा अत्यंत प्रसन्न हुई और नितनेम के साथ आठों याम उसकी पूजा अर्चना करने लगीं। एक दिन मीरा ने एक बारात देखी। अनेक प्रकार के बाजे बज रहे थे, दूल्हा पालकी में बैठा था। मीरा ने घर वालों से पूछा कि मेरा दूल्हा कौन है? उत्तर मिला - गिरधर लाल जी ही तुम्हारे पति हैं। उसी दिन से मीरा ने भगवान कृष्ण को ही अपना पति मान लिया। वे उसी दिन से मग्न होकर गाने लगीं। ''मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई। जाके सिर मोर मुकट मेरो पति सोई॥ मीरा अपने प्रियतम कृष्ण से मिलकर उसके साथ एकाकार हो जाती हैं, 16वीं सदी में भक्ति की जिस धारा का उद्गम मीरा ने किया था, आज भी वही भक्ति धारा उसी प्रथा से प्रवाहित हो रही है। वास्तव में मीरा ईश्वर भक्ति की लगन वाली साधिकाओं में उनका नाम सर्व प्रमुख है।Explanation:HOPE it will HELP you......

30.

Letter on experience of online education in lockdown in hindi​

Answer»

CBSE schools in the city have begun classes over Zoom, video lessons and online tests to TEACH the syllabus for the upcoming year For STUDENTS of classes 10 and 12, who will be TAKING up the board examinations in 2021, CBSE schools in the city have resorted to classes over Zoom, video lessons and online tests to teach the syllabus for the upcoming year. CBSE schools generally conduct the first school TERM for a MONTH before shutting down for the summer holidays. As part of the preventive measures taken to avoid the spread of COVID 19 however, all schools are currently shut till April 14.Explanation:

31.

अपनी ऑनलाइन कक्षाओं का अनुभव बताते हुए बड़े भाई को पत्र लिखिए

Answer»

लाइन कक्षाओं का अनुभव बताते हुए बड़े भाई को पत्र लिखिए:1318, न्यू शिमला, शिमला 171002, दिनांक 19 मार्च, 2021 प्रणाम बड़े भैया,                                   मैं यहाँ कुशलपूर्वक हूँ और आशा करता हूँ कि, आप भी स्वस्थ होगे | मैं आपको आज पत्र में अपनी ऑनलाइन कक्षाओं  के अनुभव के बारे में बताना चाहता हूँ | कोरोना महामारी के कारण हमरे स्कूल बंद है | हमारी कक्षाएं घर से ऑनलाइन चल रही है |       मुझे स्कूल जैसा मजा नहीं आता , ऑनलाइन कक्षा में , पर फिर भी मैं अच्छे से पढ़ाई करता हूँ | मेरी सुबह 9 बज़े से 2 बज़े ऑनलाइन कक्षा लगती है | मैम्म घर से हमें ब्लैकबोर्ड में समझाते है | मुझे कुछ विषय अमझ आ जाते है , कुछ नहीं आते है | अच्छी बात यह है कि हम सब पढ़ाई के साथ जुड़े हुए है | हमारी पढ़ाई चली हुई है | मैं इंटरनेट की सहायता से बहुत कुछ सिख रहा हूँ | मुझे कुछ समझ नहीं आता है , तब  मैं इंटरनेट से समझ लेता हूँ | आप अपना ध्यान रखना | आपके पत्र का इंतजार करूंगा |आपका छोटा भाई, राकेश |

32.

अखबार में प्रतिदिन शूयोंदय और सूथोसत समय पढ़ी और जानों कि सरदी गरमी मेंकितना अंतर होता है​

Answer» SMJH NI aaya ji AAPKA QUESTIONS
33.

Tantara vamiro ki talwar kis cheez ki bni thi

Answer»

Gold KI aur diamond ki bni THI Hope it will help you MARK it as BRAINLIEST

34.

Stari ka bhavvachak sangya kya hogi

Answer»

streetev I THINK is the RIGHT ANSWER

35.

) प्रतिफल' शब्द के परिभाषा दीजिये तथा 'प्रतिफल नहीं तो अनुबंध नहीं' के नियम केअपवादों को स्पष्ट कीजिये।​

Answer» ANSWER anubandhe NAHI
36.

Ek dhakanadhar sndhuk 2.5cm mithar lakari ka bana huaa hai yadhi bahar se uske lambai churai aur uchi karams 1m60cmaur 50cm ho to sudhui me lagi lakri ka aayatan giyat kare ​

Answer»

can you INTERPRET it

37.

Desh ka prati hmara kartvaya par anuchad​

Answer» TION:भारत एक धार्मिक, सांस्कृतिक और परंपरागत देश हैं और विवधता में एकता के लिये प्रसिद्ध हैं। हांलाकि, इसे विकास के लिये स्वच्छ, भ्रष्टाचार, सामाजिक संघर्षों, महिलाओं के खिलाफ अपराधों, गरीबी, प्रदूषण, ग्लोबल वॉर्मिंग आदि के अन्त के लिये अपने नागरिकों के और अधिक प्रयासों की आवश्यकता हैं। लोगों को सरकार पर चिल्लाने और दोषी ठहराने के स्थान पर देश के प्रति अपने कर्त्तव्यों को समझना चाहिये। देश की वृद्धि एवं विकास के लिये सभी व्यक्ति व्यक्तिगत रुप से जिम्मेदार हैं। लोगों को लाओं तुज़ के प्रसिद्ध कथन,“हजारों कोसो की यात्रा एक कदम से शुरु होती हैं।” को कभी नहीं भूलना चाहिये। सभी को अपने मौलिक कर्त्तव्यों के बारे में जानकारी रखनी चाहिये और उन्हें नजरअंदाज किये बिना अनुकरण करना चाहिये। देश के अच्छे और जिम्मेदार नागरिक होने के कारण, सभी को अपने कर्त्तव्य वफादारी से निभाने चाहिये जैसे:लोगों को सरकार के बनाये हुये सभी नियमों और कानूनों का पालन करना चाहिये। उन्हें प्राधिकरणों का आदर करना चाहिये और कोई नियम नहीं तोड़ना चाहिये साथ ही साथ दूसरों को भी ऐसा करने के लिये प्रेरित करना चाहिये।उन्हें अपने खिलाफ किसी भी अपराध को सहन नहीं करना चाहिये और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठानी चाहिये। उन्हें समाज को नकारात्मक प्रभाव से बचाते हुये अपने सभी नागरिक और सामाजिक कर्त्तव्यों का पालन करना चाहिए।उन्हें जरुरतमंद लोगों के लिये समाधान उपलब्ध कराने चाहिये, बुद्धिमत्ता पूर्ण मतदान करना चाहिये और अपने सभी करों का भुगतान समय पर करना चाहियें।उन्हें समाज के हित के लिये आर.टी.आई. और आर.टी.ई. जैसे अधिनियमों की मदद लेनी चाहिये।सभी को अपने चारों ओर साफ-सफाई रखने के लिये स्वच्छता अभियान में भाग लेना चाहिये। उन्हें बच्चों को बेकार वस्तुओं को कूड़ेदान में डालना और सार्वजनिक वस्तुओं की देखभाल करना सिखाना चाहिये।Mark me as a BRAINLIST THANKYOU
38.

Gotham kaling akash par ek anuchade likhe

Answer» BRO YE KALING KYA HOTA he
39.

Apni friend ko apne janme din par nimantaran patra lekhan .

Answer»

कीर्ति नगर , नई दिल्ली ।दिनांक : 8 जनवरी 20 … X प्रिय मोहित,सप्रेम नमस्ते ।तुम्हें यह जानकर अति प्रसन्नता होगी कि आगामी 15 जनवरी को मैं अपना बारहवाँ जन्मदिन मनाने जा रहा हूँ । इस अवसर पर मेरे घर में एक समारोह का आयोजन किया जाएगा । मैं इस समारोह में भाग लेने के लिए तुम्हें सप्रेम आमंत्रित करता हूँ । समारोह सायं छ: बजे आरंभ होगा । तुम दिन में ही आ जाना । तुम्हारे आगमन से मुझे बहुत प्रसन्नता होगी ।टेलीफ़ोन से आने की पूर्व सूचना दे देना । मैं तुम्हारे संदेश कीप्रतीक्षा करूंगा । तुम्हारा प्रिय मित्रHope it HELPS youMark as BRAINLIEST

40.

Aachary vishnath ne ras ke barrey mein kyya kha

Answer»

kuch NAHI bss aise HI nipath GAY .

41.

Tantara vamiro ki pooshak kaun si thi

Answer»

good night and a lot is your DAY my friend ship to the best of my KNOWLEDGE I have to place an order for the same THING as you can see I hope to see you soon and thanks for the heads up on the way home from the gym and all the FAMILY and I are you doing today and all the familyExplanation:it will see what you think and I will see what is going on with my order and refund the money you sent me a message saying that the others are in the best your NAME on the list and I will be in touch with is the game withhello I will be there at the time

42.

Q.1 निम्ननिखित वाक्य ोंमेंसही कथि तथा गित कथि पहचानिए और नचह्न िगाइए | (1) दीर्यस्वरय ोंके उच्चारण मेंसबसेकम समर् िगता है। ( ) (2) दय निन्न वणो के परस्पर सोंर्यग कय सोंर्ुक्ताक्षर कहते हैं। ( ) (3) ह्रस्व स्वरय ोंके उच्चारण मेंसबसेकाम समर् िगता है। ( ) (4) अिुिानसक केउच्चारण के समर् हवा िाक और मुुँह दयिय ों सेनिकिती है। ( ) Q. 2 निम्ननिखित शब्य ोंका वणय-नवच्छे द कीनिए – दु र्यटिा ,शखक्त ,सीनमत , पूणय, क्षेत्र ,आनथयक ,सहार्ता ,मखिर्ाुँ, शरीर ,आिूषण Q. 3 नदए गए शब्य ोंमें`र ` का प्रर्यग सही रूप मेंनिखिए। अरथ , आशीवाद , करम , कार्यकमय , धरम , कमयधार्य , चन्दर , परणाम , परनतज्ञा , पनवत्तर , मरर्ादा , सहसत्र , समुन्दर , परसाद |

Answer» WAIT......EXPLANATION:STEP by step EXPLAIN.....OK
43.

Nimnalikhit shabdon mein prayukt varnan ko alag alag kijiye udaharan ke taur per Shabd likhiye first upyukt

Answer»

But isme QUESTION kaha HAI??likha to hai NAHI jawab KISKA de??

44.

9. बिहारी ने सोने की तुलना धतूरे से क्यों की होगी?अखि​

Answer»

्न रहीम जी द्वारा लिखा गया "निति दोहे"नामक पाठ से लिखा गया है उत्तर :- यह पाठ दोहे के रूप में लिखा गया है | रहीम जी का पूरा नाम है अबदुर्रहीम खान खाना  है | वे अकबर के दरबार में नवरत्नों से एक है| बिहारी जी ने धतूरे की तुलना सोने से इसलिए की है क्योंकि धतूरा एक ऐसा वृक्ष है जो नशीला होता है | उसे खाने से नशा चढ़ता है | ठीक उसी प्रकार सोने और संपति का भी नशा होता है वह भी इंसान पर चड़ जाता है इसी कारण बिहारी जी नें सोने की तुलना धतूरे से की  है |

45.

Hanth paon maarna sentence

Answer» TION:Kitne HI hath paon maar LE , magar TU musibat SE bach payega?
46.

Hindi kathin hai ya aasan?

Answer»

tion:AGAR SAMAJ aati HAI to asan hai nhi to mushkil lagegi

47.

कोरोना िायरस के संबंध र्में दो लर्मत्रों के बीच होने िाऱा सिांद लऱखिए।

Answer» PLEASE WAIT...EXPLANATION:STEP by step EXPLAIN...
48.

आज की परिस्थिति में जो 'शिक्षा' आप ग्रहण कर रहे हैं उससे होने  वाले लाभ व हानियां का वर्णन कीजिए।(2020)

Answer» ADVANTAGE: we are at home and safe . but LEARNING should not STOP so we are doing online classes. DISADVANTAG: we cannot UNDERSTAND everything clearly and our eyes are also damaged in online learning
49.

Hindi class 10 chapter 4:Hamem dhan,kshamtha ya upalabdhiyam par garv kyum nahi karna chahiye .PLZ I WILL MARK BRAINLIEST​

Answer»

दधीचि, कर्ण आदि महान व्यक्तियों का उदाहरण देकर सारी मनुष्यता को त्याग और बलिदान का संदेश दिया है। अपने लिए तो सभी जीते हैं पर जो परोपकार के लिए जीता और मरता है उसका जीवन धन्य हो जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार दधीचि ऋषि ने वृत्रासुर से देवताओं की रक्षा करने के लिए अपनी अस्थियों तक का दान कर दिया। इसी प्रकार कर्ण ने अपने जीवन-रक्षक, कवच-कुंडल को अपने शरीर से अलग करके दान में दिया था। रंतिदेव नामक दानी राजा ने भूख से व्याकुल ब्राह्मण को अपने हिस्से का भोजन दे दिया था। राजा शिवि ने कबूतर के प्राणों की रक्षा हेतु अपने शरीर का मांस काटकर दे दिया। ये कथाएँ हमें परोपकार का संदेश देती हैं। ऐसे महान लोगों के त्याग के कारण ही मनुष्य जाति का कल्याण संभव हो सकता है। कवि के अनुसार मनुष्य को इस नश्वर शरीर के लिए मोह का त्याग कर देना चाहिए। उसे केवल परोपकार करना चाहिए। वास्तव में सच्चा मनुष्य वही होता है, जो दूसरे मनुष्य के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दे।

50.

Parishram ke bina phal nahi milta in hindi

Answer»

परिश्रम के बिना फल नही मिलता