This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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जीवन में मुशकिलों को परिश्रम से पर करके जीवन में सफलता प्राप्त किए पांच व्यक्तियों के नाम लिखिए |
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Answer» the NAMES of the persons are 1) Mahatma Gandhi2)Shubhas CHANDRA Bose3)S.A.Ramanujan4)arunima Sinha5)A.P.JAbdul Kalam |
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सुधीर ने सुधीर के भाई को सुधीर की घड़ी दी. इस वाक्य को शुद्ध करो. |
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Answer» े आपने भाई को अपनी घड़ी दी |
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Paragraph writing on my favourite festival holi |
| Answer» TION:you MUST write SOMETHING about the THINGS in holy happened and like that EVERYTHING you will | |
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Tum vahan chale jao Jahan gadi rukti hai Kaun sa vakya bhed hai |
| Answer» VAKYA............ | |
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एक _____औरत_____ पर बैठकर ______गीत गा रही थी। उस ______से दूर दूर तक बस_____ही दिखाई देती थी।इन 5 खाली जगह में एक ही शब्द आयेगा.. ... |
| Answer» | |
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Please tell the answer of question 3. please if u dont know then dont send meaningless answers,please. |
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Answer» Wo kehte hain KI aaj kal shikshakon ko lagta hai ki jo pustak mein likha hai kewal wahi SAHI hai. Lekhak YE bhi kehte hain ki unje choti choti baaton par NIBANDH LIKHNE ko kaha jata hai. Wo kehte hain ki is se kewal samay ki barbadi hoti hai.Hope it helpsThankyou. |
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निम्न संयुक्त व्यंजनों की सहायता चित्र देखकर शब्द बनाओ व उचितमात्रा भी लगाओ| |
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Answer» mkka,BILLI,chamchh,lattuchappl |
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बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर। पंथी को छाया नहीं,फल लागे अति दूर।। मिलने वाली शिक्षा बताइए।।। |
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Answer» बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर पंथी को छाया नहीं फल लागे अति दूर इस पल तेरा यह आशय है कि कोई भी वस्तु यदि बड़ी हो तो क्या होता है यदि वह कोई काम की ना जैसे खजूर का पेड़ वह इतना बड़ा रहता है परंतु वह किसी काम का नहीं रहता है खजूर का पेड़ ना किसी को छाया देता है ना किसी को फल देता है । HOPE this HELPS you |
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IPL का मैच देखने जा रहे मित्रो की बात -चीत लिखे |
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Answer» csk hi jetegi nhi PAGAL rcb hi jitegi nhi mujhe PATA hai ki ms dhoni match jetaa degamujhe bhi pata hai KOHLI hero hai hero nhi ZERO hai pls thanks me N mark me brainliest |
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Jiska Koi Koi Paar Na Ho vakyansh ka Arth |
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Answer» ,gkyozyxlxydlsmyskgysylsjtakgzkgxoycyp |
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Meaning of lok nach or countrydance in punjabi |
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Answer» I can USE the GOOGLE TRANSLATOR APP |
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Varsha shabd ka pad parichay ? |
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Answer» Hey mate answer of your question is GIVEN below by me...EXPLANATION:Varsha..Singular..streeling..KRIYA...I hope it can help you.. |
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अभिव्यक्तिमनुष्य जीवन में अहिंसा का महल्व इस विषय पर अपने विचार लिबिए |
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Answer» दिगंबर जैन संत उपाध्याय अभिनंदन सागर महाराज ने कहा कि अहिंसा के महत्व को समझना चाहिए। देश को आजादी दिलाने में महात्मा गांधी ने बिना किसी शस्त्र के आंदोलन लड़ा और दुनिया को बता दिया कि अहिंसा के रास्ते से सब कुछ जीता जा सकता है। वे शुक्रवार को जैन भवन में प्रवचन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने लाठी और लंगोटी को धारण कर देश को आजाद कराया, यह सबसे बड़ा अहिंसा का उदाहरण है। चातुर्मास में संत जन मोह निद्रा में सोए हुए लोगों को जगाने का कार्य करते हैं। मनुष्य का जन्म लेना भाग्य है लेकिन जैन कुल में जन्म लेना व स्वाध्याय करना अहोभाग्य है। ऐसी साधना करो कि मोक्ष की प्राप्ति हो : डॉ. चेतना: जैन साध्वी डॉ. चेतना ने कहा कि संसार में सबसे बड़ा दुख जन्म लेने का है। भले आप नहीं जानते परंतु परमात्मा ने अपने ज्ञान से सब कुछ देखा है। वे शुक्रवार को महावीर भवन में प्रवचन दे रही थी। उन्होंने कहा कि ऐसी साधना करो कि जन्म मरण के चक्कर से मोक्ष प्राप्त किया जा सके। जन्म से पहले मां के गर्भ में जीव बहुत दुख सहन करता है। जन्म के बाद संसार के दुख, बीमारी, शोक, पीड़ा और फिर वृद्धा अवस्था में कष्ट सहन करने पड़ते हैं। यदि जन्म ही नहीं हो तो फिर कोई दुख व कष्ट नहीं होगा। EXPLANATION:PLEASE MARK me BRAINLIST |
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रीति के अनुसार दोनों को एक ही गाँव का होना आवश्यक था। (संयुक्त वाक्य में बदलिए) |
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Answer» here ur ANSWER MATE :-->riti ke lie dono ko ek HI GAON ka hona aavshysk tha . hopes its help u MARK it as a brainlist answer. follow me . rate this answer. |
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Gaban upaniyas ki samasiya |
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Answer» I can't UNDERSTAND can you TELL me once again |
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Coronavirus Ek vaishvik mahamari per samvad |
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Answer» ek dost :--> PAHALI bar koi Chinese product tika hua hai . dusra dost: --> sahi agar is ke yaha mahamari ya chalti rahi to jald hi poora vishva is se nafarat karega . or to or kya pata Cheen is se sabko gulam banale . aapni dushmani nikalne ke lie . ek dost :-+> kaise dushmani .dusra dost :--> aree unko bhi TI angrejo ne gulam banya tha na . To bas samaj ja . ek dost :-+> ha !!thik bolte ho . parantu choddo en BATO ko kal hi mane patrika me padha ki bharat me log 50 hazar ke par sakarmit thee . ek se lagatar 4 marij badte ja rahe hai . sabhi jagha munha par corona jaise ravan ki hi baat hai . dusra dost :--> parantu jo hamare corona niptao ke yodha hai hame oonka saman karna chayee. hame bhi unka saath dena chayee evam hame mask lagana chayee, sanitizer se haat bar bar dhona chayee , halki si jukham hie ti doctor se salaha leni chayee . na ki unke pas jana chayee. kyunki vaga or marijo ko bhi thiik kar rahe hai . hane corona ko harana hai . jarurat padne par ghar se bhar niklana hai . saaf safau rakhni hai . or sabse jarruri baat hame bimari se ladna hai bimar se nahi . or to or bachav hi ek suraksa hai . ek dost :--> or kya acha khasa dhabda chal raha thaa ki mers dhanda hi thap ho gya . es bar sabka bhaut nuksan hoga . sahi kaha TGA pandit ji ne ki es sall sab par rahu chad jaayegaa . pata nahi ab KAB khatam hoga corona . bhagvan kare ki vegyannik log jald se jald davi baba de . aakhir bacho ki padhai bhi to rukh rahi hai . dusra dost :--> chalo ab chalta hu modi ji ka corona par bhasan aane vala hai . ek dost :--> thik hai phirr chalte hai kal milenge . ...................................................................................... HOPES ITS HELP U MARK IT AS A BRAINLIST ANSWER . FOLLOW ME . RATE THIS ANSWER. |
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Saraswati Nadi ki kahani Hindi mai |
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Answer» सरस्वती नदी हरियाणा, पंजाब व राजस्थान से होकर बहती थी और कच्छ के रण में जाकर अरब सागर में मिलती थी। तब सरस्वती के किनारे बसा राजस्थान भी हराभरा था। उस समय यमुना, सतलुज व घग्गर इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ थीं। बाद में सतलुज व यमुना ने भूगर्भीय हलचलों के कारण अपना मार्ग बदल लिया और सरस्वती से दूर हो गईं।This is SHORT STORY.... HOPE it HELPS you........ |
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अभिव्यक्तिमनुष्य जीवन में अहिंसा कामहल इस विषय पर अपने विचार लिविर |
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Answer» का सामान्य अर्थ है 'हिंसा न करना'। इसका व्यापक अर्थ है - किसी भी प्राणी को तन, मन, कर्म, वचन और वाणी से कोई नुकसान न पहुँचाना। मन में किसी का अहित न सोचना, किसी को कटुवाणी आदि के द्वार भी नुकसान न देना तथा कर्म से भी किसी भी अवस्था में, किसी भी प्राणी कि हिंसा न करना, यह अहिंसा है। जैन धर्म एवं हिन्दू धर्म में अहिंसा का बहुत महत्त्व है। जैन धर्म के मूलमंत्र में ही अहिंसा परमो धर्म: (अहिंसा परम (सबसे बड़ा) धर्म कहा गया है। आधुनिक काल में महात्मा गांधी ने भारत की आजादी के लिये जो आन्दोलन चलाया वह काफी सीमा तक अहिंसात्मक था। हिंदू शास्त्रों की दृष्टि से "अहिंसा" का अर्थ है सर्वदा तथा सर्वदा (मनसा, वाचा और कर्मणा) सब प्राणियों के साथ द्रोह का अभाव। (अंहिसा सर्वथा सर्वदा सर्वभूतानामनभिद्रोह: - व्यासभाष्य, योगसूत्र 2। 30)। अहिंसा के भीतर इस प्रकार सर्वकाल में केवल कर्म या वचन से ही सब जीवों के साथ द्रोह न करने की बात समाविष्ट नहीं होती, प्रत्युत मन के द्वारा भी द्रोह के अभाव का संबंध रहता है। योगशास्त्र में निर्दिष्ट यम तथा नियम अहिंसामूलक ही माने जाते हैं। यदि उनके द्वारा किसी प्रकार की हिंसावृत्ति का उदय होता है तो वे साधना की सिद्धि में उपादेय तथा उपकार नहीं माने जाते। "सत्य" की महिमा तथा श्रेष्ठता सर्वत्र प्रतिपादित की गई है, परंतु यदि कहीं अहिंसा के साथ सत्य का संघर्ष घटित हाता है तो वहाँ सत्य वस्तुत: सत्य न होकर सत्याभास ही माना जाता है। कोई वस्तु जैसी देखी गई हो तथा जैसी अनुमित हो उसका उसी रूप में वचन के द्वारा प्रकट करना तथा मन के द्वारा संकल्प करना "सत्य" कहलाता है, परंतु यह वाणी भी सब भूतों के उपकार के लिए प्रवृत्त होती है, भूतों के उपघात के लिए नहीं। इस प्रकार सत्य की भी कसौटी अहिंसा ही है। इस प्रसंग में वाचस्पति मिश्र ने "सत्यतपा" नामक तपस्वी के सत्यवचन को भी सत्याभास ही माना है, क्योंकि उसने चोरों के द्वारा पूछे जाने पर उस मार्ग से जानेवाले सार्थ (व्यापारियों का समूह) का सच्चा परिचय दिया था। हिंदू शास्त्रों में अहिंसा, सत्य, अस्तेय (न चुराना), ब्रह्मचर्य तथा अपरिग्रह, इन पाँचों यमों को जाति, देश, काल तथा समय से अनवच्छिन्न होने के कारण समभावेन सार्वभौम तथा महाव्रत कहा गया है (योगवूत्र 2। 31) और इनमें भी, सबका आधारा होने से, "अहिंसा" ही सबसे अधिक महाव्रत कहलाने की योग्यता रखती है|हिंसा मात्र से पाप कर्म का बंधन होता है। इस दृष्टि से हिंसा का कोई प्रकार नहीं होता। किंतु हिंसा के कारण अनेक होते हैं, इसलिए कारण की दृष्टि से उसके प्रकार भी अनेक हो जाते हैं। कोई जानबूझकर हिंसा करता है, तो कोई अनजान में भी हिंसा कर डालता है। कोई प्रयोगजनवश करता है, तो काई बिना प्रयोजन भी।सूत्रकृतांग में हिंसा के पाँच समाधान बतलाए गए हैं : (1) अर्थदंड, (2) अनर्थदंड, (3) हिंसादंड, (4) अकस्माद्दंड, (5) दृष्टिविपर्यासदंड। अहिंसा आत्मा की पूर्ण विशुद्ध दशा है। वह एक ओर अखंड है, किंतु मोह के द्वारा वह ढकी रहती है। मोह का जितना ही नाश होता है उतना ही उसका विकास। इस मोहविलय के तारतम्य पर उसके दो रूप निश्चित किए गए हैं : (1) अहिंसा महाव्रत, (2) अहिंसा अणुव्रत। इनमें स्वरूपभेद नहीं, मात्रा (परिमाण) का भेद है।मुनि की अहिंसा पूर्ण है, इस दशा में श्रावक की अहिंसा अपूर्ण। मुनि की तरह श्रावक सब प्रकार की हिंसा से मुक्त नहीं रह सकता। मुनि की अपेक्षा श्रावक की अहिंसा का परिमाण बहुत कम है। उदाहरणत: मुनि की अहिंसा 20 बिस्वा है तो श्रावक की अहिंसा सवा बिस्वा है। (पूर्ण अहिंसा के अंध बीस हैं, उनमें से श्रावक की अहिंसा का सवा अंश है।) इसका कारण यह है कि श्रावक 19 जीवों की हिंसा को छोड़ सकता है, वादर स्थावर जीवों की हिंसा को नहीं। इससे उसकी अहिंसा का परिमाण आधा रह जाता है-दस बिस्वा रह जाता है। इसमें भी श्रावक उन्नीस जीवों की हिंसा का संकल्पपूर्वक त्याग करता है, आरंभजा हिंसा का नहीं। अत: उसका परिमाण उसमें भी आधा अर्थात् पाँच बिस्वा रह जाता है। संकल्पपूर्वक हिंसा भी उन्हीं उन्नीस जीवों की त्यागी जाती है जो निरपराध हैं। सापराध न्नस जीवों की हिंसा से श्रावक मुक्त नहीं हो सकता। इससे वह अहिंसा ढाई बिस्वा रह जाती है। निरपराध उन्नीस जीवों की भी निरपेक्ष हिंसा को श्रावक त्यागता है। सापेक्ष हिंसा तो उससे हो जाती है। इस प्रकार श्रावक (धर्मोपासक या व्रती गृहस्थ) की अंहिसा का परिमाण सवा बिस्वा रह जाता है। इस प्राचीन गाथा में इसे संक्षेप में इस प्रकार कहा है :जीवा सुहुमाथूला, संकप्पा, आरम्भाभवे दुविहा।सावराह निरवराहा, सविक्खा चैव निरविक्खा।।(1) सूक्ष्म जीवहिंसा, (2) स्थूल जीवहिंसा, (3) संकल्प हिंसा, (4) आरंभ हिंसा, (5) सापराध हिंसा, (6) निरपराध हिंसा, (7) सापेक्ष हिंसा, (8) निरपेक्ष हिंसा। हिंसा के ये आठ प्रकार हैं। श्रावक इनमें से चार प्रकार की, (2, 3, 6, 8) हिंसा का त्याग करता है। अत: श्रावक की अहिंसा अपूर्ण है।HOPE THIS WILL HELP YOU PLEASE MARK AS BRAINLIEST |
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Hamen musibat se nahin ghabrana chahie yah kaun sa vakya hai kab hai |
| Answer» SARAL VAKYA HAI ISKA JAWAB | |
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Nirnay Na le pain per ham kaise mahsus karte hain |
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Answer» kisi bhi cheez KA NIRNAY na le pane pr hm BHIT akela mehsoos mrte h aisa lgta h jaise hm KHUD kuch ni kr payenge......ir hme kisi na kisi ki zroorat h |
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What is meaning of the idiom:आसमान से बातें करना |
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Answer» It simply means to TALK about the things which are not in your limits or the things that you can't achieveExplanation:for EXAMPLE I am talkin now that when I was born LOUIS 16 was there |
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Lakh ki vasti ka nirmadh bharat ke kin kin rajyo me hota h ? |
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Answer» - humare desh me LAKH ki vastuo ka nirman SABSE jyada jharkhand me hota HAI. Chatishgarh, m.p, west Bengal,MAHARASHTRA,odisha, U.P , assam ANYA pramukh lakh utpadak rajya hai.•●○Hope it helped○●• |
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समस्त मानव जाति का कल्याण कैसे हो सकता है question answer |
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Answer» तों को ध्यान में रखते हुए समस्त मानव जाति का विकास हो सकता है क्योंकि पूरी दुनिया में हर जगह पर मानव जाति का ही तो राज है और उनके हितों से विपरीत कार्य करने से वे दंगे या तोड़ फोड़ करेंगे इसी कारण उनके विकास का मार्ग है उनके हितों का ध्यान में रखना । मानव जाति का विकास करने के कई लोग रोबोट की खोज कर रहे है । |
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विद्यालय की फटबॉल टीम में चयन होने की सूचना अपनी माताजी को पत्र द्वारा दीजिए |
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Answer» n wa ji wa u esq j esq L esq UJ esq j sq ju esq UU esq ju wa |
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There is no idioms Ok you all are made |
| Answer» TION:SORRY but can you PLEASE ELABORATE your QUESTION. | |
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Magnet means Mehnat ka matlab kya hai |
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Answer» KRUPAYA QUESTION REPEAT KAREIN!!!!!!!!EXPLANATION: |
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Ram Naresh triphathi ki poem satkartavya me kavi ke anusar karya me kon kon lage hai |
| Answer» SACHAR ACHAR LAGE HAIN | |
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Saraswati Nadi ki kahani real |
| Answer» SARASWATI river is realIt was a LONG vanished river that flown through rajasthan and contributed the rajasthan PLAINS deposition | |
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दिए गए कृर्ततम्यवाले वाक्यों को निदेशानुसार बीनादादी सो नही सकती (भाकपाचक में )राजन नही खेलता ( भाववाव्य मै) |
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Answer» sorry BRO aap kya likhe ho nahi SAMAJH AA raha hai PLEASE thik se likho Explanation:PLEASE FOLLOW MEMARK AS BRAINLIST PLEASE |
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One ke prani Sab Kuchh stabh Bhav se dekh rahe the apurn vartaman kaal |
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Answer» वन के प्राणी सब कुछ सहज भाव से देख रहे है EXPLANATION:PLEASE FOLLOW MEMARK AS BRAINLIST PLEASE |
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Ek bhikari-ek wakti ka usko roz dekhna - bhikhari ki phulon ki dukan kholna |
| Answer» BS 2 lines..!anyways jo BHI hai.. achcha lga.. plz hit THNX button here | |
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L.e.d and cfl ka full form |
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Answer» L.E.D- LIGHT EMITTING DIODEC.F.L-COMPACT FLOUROCENT LAMPSpls MARK BRAINLIEST |
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Tatini sabd Ka vakay paryog |
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Answer» Tatini SHABD ka VAKYA pryog....kl hm sb tatini KE paas picnic mnane ke liye jayange......THANX... |
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Naukar malik Ko Salam karta hai purn bhootkaal |
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Answer» नौकर मालिक को सलाम करता था।Explanation:PLEASE FOLLOW MEMARK AS BRAINLIST PLEASE |
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Anunasik defination |
| Answer» JO swar nak SE nikalte haiExplanation:PLEASE MARK me brainleast and follow me | |
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Sumati yajmano ko gandae kyu dete the |
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Answer» pata NAHIN KYA DETE Hain main Koi story nahin kari hai EXPLANATION:SORRY |
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Vah chidiya jo kavita aashay spasht karen |
| Answer» | |
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Bhagat ke Parivar mein unke theek to aur kaun kaun tha in hindi class10th |
| Answer» | |
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5×3=51,5×4=02,5×5=52,5×6=03,5×7=? Solve questions |
| Answer» 5#[EMAIL PROTECTED],5#[email protected],5#[email protected],5#[email protected],5#[email protected],5#[email protected] | |