This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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कीमतों में बढ़ोतरी धीरे-धीरे मौत की ओर ले जाती है।(संयुक्त वाक्य में परिवर्तित कीजिए) |
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Answer» े अर्थ में किसी तरह का परिवर्तन किए बिना उसे एक प्रकार के वाक्य से दूसरे प्रकार के वाक्य में परिवर्तन करना वाक्य परिवर्तन कहलाता है। साधारण वाक्यों का संयुक्त वाक्यों में परिवर्तन साधारण वाक्य संयुक्त वाक्य मैं दूध पीकर सो गया। मैंने दूध पिया और सो गया। वह पढ़ने के अलावा अखबार भी बेचता है। वह पढ़ता भी है और अखबार भी बेचता है मैंने घर पहुँचकर सब बच्चों को खेलते हुए देखा। मैंने घर पहुँचकर देखा कि सब बच्चे खेल रहे थे। स्वास्थ्य ठीक न होने से मैं काशी नहीं जा सका। मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं था इसलिए मैं काशी नहीं जा सका। सवेरे तेज वर्षा होने के कारण मैं दफ्तर देर से पहुँचा। सवेरे तेज वर्षा हो रही थी इसलिए मैं दफ्तर देर से पहुँचा। संयुक्त वाक्यों का साधारण वाक्यों में परिवर्तन संयुक्त वाक्य साधारण वाक्य पिताजी अस्वस्थ हैं इसलिए मुझे जाना ही पड़ेगा। पिताजी के अस्वस्थ होने के कारण मुझे जाना ही पड़ेगा। उसने कहा और मैं मान गया। उसके कहने से मैं मान गया। वह केवल उपन्यासकार ही नहीं अपितु अच्छा वक्ता भी है। वह उपन्यासकार के अतिरिक्त अच्छा वक्ता भी है। लू चल रही थी इसलिए मैं घर से बाहर नहीं निकल सका। लू चलने के कारण मैं घर से बाहर नहीं निकल सका। गार्ड ने सीटी दी और ट्रेन चल पड़ी। गार्ड के सीटी देने पर ट्रेन चल पड़ी। साधारण वाक्यों का मिश्रित वाक्यों में परिवर्तन साधारण वाक्य मिश्रित वाक्य हरसिंगार को देखते ही मुझे गीता की याद आ जाती है। जब मैं हरसिंगार की ओर देखता हूँ तब मुझे गीता की याद आ जाती है। राष्ट्र के लिए मर मिटने वाला व्यक्ति सच्चा राष्ट्रभक्त है। वह व्यक्ति सच्चा राष्ट्रभक्त है जो राष्ट्र के लिए मर मिटे। पैसे के बिना इंसान कुछ नहीं कर सकता। यदि इंसान के पास पैसा नहीं है तो वह कुछ नहीं कर सकता। आधी रात होते-होते मैंने काम करना बंद कर दिया। ज्योंही आधी रात हुई त्योंही मैंने काम करना बंद कर दिया। मिश्रित वाक्यों का साधारण वाक्यों में परिवर्तन |
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अपने प्रधानाचार्य को पत्र लिखकर विद्यालय के बाहर खड़े रेहड़ी पटरी वालों की शिकायत कीजिए ताकि उनके हटवाया जा सके |
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Answer» ंडन नई कॉलोनी जबलपुर सेवा में, प्रधानाचार्य नवीन निकेतन जबलपुर 7 अप्रैल 2016 आदरणीय प्रधानाचार्य जी, विषय: विद्यालय के मुख्य द्वार पर खोमचे वालों के कारण होने वाली परेशानी के बारे में। हमारे विद्यालय के मुख्य द्वार पर आजकल कई खोमचे वाले बैठने लगे हैं। वे अधिक मूल्य पर समान बेचते हैं। उनकी चीज़े अच्छी नहीं होती हैं। विद्यार्थी अज्ञानता वश उनकी बातों में आकर उनसे चीजें खरीदते हैं। ये उनके लिए हानिकर हो सकती हैं। कृपया आप उन खोमचे वालों को विद्यालय के द्वार पर बैठने की अनुमति न दें। इसके लिए हम सब विद्यार्थी आपके आभारी होंगे। आपकी सेवा में सुरेश टंडन |
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Aapke Vidyalaya Mein picnic Banai gai hai ke sambandh Mein Apne pitaji ko Patra likhiye |
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Answer» वैशाली जन्दाहा, (लोमा) मकान सं० 125 आदरणीय पिताजी, आपको मेरा प्रणाम। मैं यहां ठीक हूं, और आशा करती हूं कि आप सब भी सकुशल होंगे। मैं यह बताना चाहती हूं कि मेरे स्कूल में एक पिकनिक आयोजित की गई है, जिसके लिए हम सभी विद्यार्थियों का जाना अनिवार्य है। यह पिकनिक नालंदा के पास में ही है, और मुझे जाने का भी काफी मन है। इसलिए मैं इसके लिए आपसे अनुमति मांग रही हूं। कृपया मुझे अनुमति देने का कष्ट कीजिए। बरों को मेरा प्रणाम कहिए गा। प्रनाम । |
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स्वमत - Lekhan madhe asleli viram chinh chi aavashyakta spasht kara ? |
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Answer» ित्र प्रकार के भावों और विचारों को स्पष्ट करने के लिए जिन चिह्नों का प्रयोग वाक्य के बीच या अंत में किया जाता है, उन्हें 'विराम चिह्न' कहते है। दूसरे शब्दों में- विराम का अर्थ है - 'रुकना' या 'ठहरना' । वाक्य को लिखते अथवा बोलते समय बीच में कहीं थोड़ा-बहुत रुकना पड़ता है जिससे भाषा स्पष्ट, अर्थवान एवं भावपूर्ण हो जाती है। लिखित भाषा में इस ठहराव को दिखाने के लिए कुछ विशेष प्रकार के चिह्नों का प्रयोग करते हैं। इन्हें ही विराम-चिह्न कहा जाता है। सरल शब्दों में- अपने भावों का अर्थ स्पष्ट करने के लिए या एक विचार और उसके प्रसंगों को प्रकट करने के लिए हम रुकते हैं। इसी को विराम कहते है। इन्हीं विरामों को प्रकट करने के लिए हम जिन चिह्नों का प्रयोग करते है, उन्हें 'विराम चिह्न' कहते है। यदि विराम-चिह्न का प्रयोग न किया जाए तो अर्थ का अनर्थ हो जाता है। जैसे- (1)रोको मत जाने दो। (2)रोको, मत जाने दो। (3)रोको मत, जाने दो। उपर्युक्त उदाहरणों में पहले वाक्य में अर्थ स्पष्ट नहीं होता, जबकि दूसरे और तीसरे वाक्य में अर्थ तो स्पष्ट हो जाता है लेकिन एक-दूसरे का उल्टा अर्थ मिलता है जबकि तीनो वाक्यों में वही शब्द है। दूसरे वाक्य में 'रोको' के बाद अल्पविराम लगाने से रोकने के लिए कहा गया है जबकि तीसरे वाक्य में 'रोको मत' के बाद अल्पविराम लगाने से किसी को न रोक कर जाने के लिए कहा गया हैं। इस प्रकार विराम-चिह्न लगाने से दूसरे और तीसरे वाक्य को पढ़ने में तथा अर्थ स्पष्ट करने में जितनी सुविधा होती है उतनी पहले वाक्य में नहीं होती। अतएव विराम-चिह्नों के विषय में पूरा ज्ञान होना आवश्यक है। विराम चिह्न की आवश्यकता- 'विराम' का शाब्दिक अर्थ होता है, ठहराव। जीवन की दौड़ में मनुष्य को कहीं-न-कहीं रुकना या ठहरना भी पड़ता है। विराम की आवश्यकता हर व्यक्ति को होती है। जब हम करते-करते थक जाते है, तब मन आराम करना चाहता है। यह आराम विराम का ही दूसरा नाम है। पहले विराम होता है, फिर आराम। स्पष्ट है कि साधारण जीवन में भी विराम की आवश्यकता है। लेखन मनुष्य के जीवन की एक विशेष मानसिक अवस्था है। लिखते समय लेखक यों ही नहीं दौड़ता, बल्कि कहीं थोड़ी देर के लिए रुकता है, ठहरता है और पूरा (पूर्ण) विराम लेता है। ऐसा इसलिए होता है कि हमारी मानसिक दशा की गति सदा एक-जैसी नहीं होती। यही कारण है कि लेखनकार्य में भी विरामचिह्नों का प्रयोग करना पड़ता है। यदि इन चिन्हों का उपयोग न किया जाय, तो भाव अथवा विचार की स्पष्टता में बाधा पड़ेगी और वाक्य एक-दूसरे से उलझ जायेंगे और तब पाठक को व्यर्थ ही माथापच्ची करनी पड़ेगी। पाठक के भाव-बोध को सरल और सुबोध बनाने के लिए विरामचिन्हों का प्रयोग होता है। सारांश यह कि वाक्य के सुन्दर गठन और भावाभिव्यक्ति की स्पष्टता के लिए इन विरामचिह्नों की आवश्यकता और उपयोगिता मानी गयी है। हिन्दी में प्रयुक्त विराम चिह्न- हिन्दी में निम्नलिखित विरामचिह्नों का प्रयोग अधिक होता है- हिंदी में प्रचलित प्रमुख विराम चिह्न निम्नलिखित है- (1) अल्प विराम (Comma)( , ) (2) अर्द्ध विराम (SEMI colon) ( ; ) (3) पूर्ण विराम(Full-Stop) ( । ) (4) उप विराम (Colon) [ : ] (5) विस्मयादिबोधक चिह्न (Sign of Interjection)( ! ) (6) प्रश्नवाचक चिह्न (Question mark) ( ? ) (7) कोष्ठक (Bracket) ( () ) (8) योजक चिह्न (HYPHEN) ( - ) (9) अवतरण चिह्न या उद्धरणचिह्न (Inverted Comma) ( ''... '' ) (10) लाघव चिह्न (ABBREVIATION sign) ( o ) (11) आदेश चिह्न (Sign of following) ( :- ) (12) रेखांकन चिह्न (Underline) (_) (13) लोप चिह्न (Mark of Omission)(...) (1)अल्प विराम (Comma)(,) - वाक्य में जहाँ थोड़ा रुकना हो या अधिक वस्तुओं, व्यक्तियों आदि को अलग करना हो वहाँ अल्प विराम ( , ) चिह्न का प्रयोग किया जाता है। अल्प का अर्थ होता है- थोड़ा। अल्पविराम का अर्थ हुआ- थोड़ा विश्राम अथवा थोड़ा रुकना। बातचीत करते समय अथवा लिखते समय जब हम बहुत-सी वस्तुओं का वर्णन एक साथ करते हैं, तो उनके बीच-बीच में अल्पविराम का प्रयोग करते है; जैसे- (a)भारत में गेहूँ, चना, बाजरा, मक्का आदि बहुत-सी फसलें उगाई जाती हैं। (b) जब हम संवाद-लेखन करते हैं तब भी अल्पविराम-चिह्न का प्रयोग किया जाता है; जैसे- नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने कहा, ''तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा।'' (c) संवाद के दौरान 'हाँ' अथवा 'नहीं' के पश्चात भी इस चिह्न का प्रयोग होता है; जैसे- रमेश : केशव, क्या तुम कल जा रहे हो ? केशव : नहीं, मैं परसों जा रहा हूँ। |
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नदियाँ किस प्रकार मानव को प्रेरित करते है |
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Answer» सदैव ही जीवन दायिनी रही है । नदियाँ , प्रकृति का एक अभिन्न अंग है। नदियाँ , अपने साथ बारिस का जल एकत्र कर ,उसे भू-भाग मे पहुंचाने का कार्य करती है। गंगा, सिन्धु, अमेज़न, नील , थेम्स, यंगतिशि आदि विश्व की प्रमुख नदियां है। नदियों के कई सामाजिक, वैज्ञानिक व् आर्थिक लाभ है । नदियों से जीवन के लिए अत्यन्त आवश्यक स्वच्छ जल प्राप्त होता है यही कारण है कि अधिकांश प्राचीन सभ्यताएं ,जनजातियाँ नदियों के समीप ही विकसित हुईं। उदाहरण के लिए सिंधु घाटी सभ्यता , सिंधु नदी के पास विकसित होने के प्रमाण मिले है । सम्पूर्ण विश्व के बहुत बड़े भाग मे , पीने का पानी और घरेलू उपयोग के लिए पानी , नदियो के द्वारा ही प्राप्त किया जाता है। आर्थिक दृष्टि से भी देखे तो नदियाँ बहुत उपयोगी होती है क्योंकि उद्योगो के लिए आवश्यक जल नदियों से सरलता से प्राप्त किया जा सकता है । कृषि के लिए , सिंचाई एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, इसके लिए आवश्यक पानी नदियों द्वारा प्रदान किया जाता है । नदियाँ खेती के लिए लाभदायक उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी का उत्तम स्त्रोत होती हैं। नदियां न केवल जल प्रदान करती है बल्कि घरेलू एवं उद्योगिक गंदे व अवशिष्ट पानी को अपने साथ बहकर ले भी जाती है। बड़ी नदियों का उपयोग जल परिवहन के रूप मे भी किया जा रहा है। सैलानिओ के लिए भी नदियों कई मनोरंजन के साधन जैसे बोटिंग , रिवर रैफ्टिंग आदि उपलब्ध करती है जिससे पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलता है। नदियो से मछली के रूप मे खाद्य पदार्थ भी प्राप्त होते है। नदियों पर बांध बनाकर उनसे हाइड्रो बिजली प्राप्त होती है । नदियां हमारी सदैव मित्र रही है और हमे उनसे अनेक महत्वपूर्ण लाभ होते है । हमारा कर्तव्य है कि उनका अति दोहन न करे एवं उन्हे प्रदूषित होने से बचाये। |
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परित्यक्त सीता के कटु वचनों का निशाना बने |
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Answer» रम बचन जब सीता बोला। हरि प्रेरित लछिमन मन डोला॥ बन दिसि देव सौंपि सब काहू। चले जहाँ रावन ससि राहू॥3॥ भावार्थ इस पर जब सीताजी कुछ मर्म वचन (हृदय में चुभने वाले वचन) कहने लगीं, तब भगवान की प्रेरणा से लक्ष्मणजी का मन भी चंचल हो उठा। वे श्री सीताजी को वन और दिशाओं के देवताओं को सौंपकर वहाँ चले, जहाँ रावण रूपी चन्द्रमा के लिए राहु रूप श्री रामजी थे॥3॥ |
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'Mh chata hu ke apne santan ko yogya banau'(saral vakya m badliya) |
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Answer» आधार पर सरल वाक्य का परिवर्तन सरल वाक्य से संयुक्त वाक्य ==> १ - सरल वाक्य ==> राधा नाचती - गाती है। संयुक्त वाक्य ==> राधा नाचती है और गाती है। २ - सरल वाक्य ==> मोहन हँसकर बोला। संयुक्त वाक्य ==> मोहन हँसा और बोला। ३ -सरल वाक्य ==> तुम पढ़कर सो जाना। संयुक्त वाक्य ==> तुम पढ़ना और सो जाना |
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Anuched lekhan plastic Ke prayog Par Pratibandh |
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Answer» िक प्रदूषण पर निबंध कारण, प्रभाव, निवारण ESSAY on PLASTIC POLLUTION in HINDI प्लास्टिक प्रदूषण को भूमि पर विभिन्न प्रकार के प्लास्टिक सामग्री के संचय के रूप में परिभाषित किया जाता है, इसके अलावा यह हमारी नदियों, महासागरों, नहरों, झीलों आदि को भी प्रदूषित करता है। एक वस्तु के रूप में दुनिया भर के बड़े पैमाने पर इसका इस्तेमाल किया जाता है। मूल रूप से यह एक सिंथेटिक पॉलीमर है। जिसमें कई कार्बनिक और अकार्बनिक यौगिक होते हैं, और जो ज्यादातर ओलेफिन जैसे पेट्रोकेमिकल्स से प्राप्त होते हैं। |
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Vidhayika karyapalika nyaypalika in hindi definition |
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Answer» कार, जो आधिकारिक तौर से संघीय सरकार व आमतौर से केन्द्रीय सरकार के नाम से जाना जाता है, 29 राज्यों तथा सात केन्द्र शासित प्रदेशों के संघीय इकाई जो संयुक्त रूप से भारतीय गणराज्य कहलाता है, की नियंत्रक प्राधिकारी है। भारतीय संविधान द्वारा स्थापित भारत सरकार नई दिल्ली, दिल्ली से कार्य करती है। भारत के नागरिकों से संबंधित बुनियादी दीवानी और फौजदारी कानून जैसे नागरिक प्रक्रिया संहिता, भारतीय दंड संहिता, अपराध प्रक्रिया संहिता, आदि मुख्यतः संसद द्वारा बनाया जाता है। संघ और हरेक राज्य सरकार तीन अंगो कार्यपालिका, विधायिका व न्यायपालिका के अन्तर्गत काम करती है। संघीय और राज्य सरकारों पर लागू कानूनी प्रणाली मुख्यतः अंग्रेजी साझा और वैधानिक कानून (ENGLISH COMMON and STATUTORY LAW) पर आधारित है। भारत कुछ अपवादों के साथ अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के न्याय अधिकारिता को स्वीकार करता है। स्थानीय स्तर पर पंचायती राज प्रणाली द्वारा शासन का विकेन्द्रीकरण किया गया है। भारत का संविधान भारत को एक सार्वभौमिक, समाजवादी गणराज्य की उपाधि देता है। भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य है, जिसका द्विसदनात्मक संसद वेस्टमिन्स्टर शैली के संसदीय प्रणाली द्वारा संचालित है। इसके शासन में तीन मुख्य अंग हैं: न्यायपालिका, कार्यपालिका और व्यवस्थापिका। |
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Some ways of bringing political riformers in india , |
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Answer» won't bring about FUNDAMENTAL change as they gear up to ... What role do money and muscle play in Indian politics and how does it differ from other modern democracies? ... In 2003, the Supreme Court ruled that any politician CONTESTING STATE or ... A: I think REFORMERS need to operate at two speeds. |
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हलो मेरे भाई एवं मेरे प्यारे दोस्तों मै #अथमलगोला का रहने वाला हु #अथमलगोला थाना के निकट स्वच्छ अभियान को नहीं माना जा रहा है यहाँ पे बहुत ही गंदकी फैलायी जा रही है मै चाहता हु की इसपर करबाई की जाये मै भारत सरकार से अनुरोध करता हु की इसपर करबाई की जाये ##और जिनको भी लगता है की मेरा भारत स्वच्छ रहे है तो #शेयर करें ये मैसेज को प्लीज मेरे भाई |
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Answer» रपुर-ताजपुर पुल की लंबाई भ्.भ् किमी है. एप्रोच रोड लंबा है. उत्तर में समस्तीपुर जिले का ताजपुर और दक्षिण में अथमलगोला होते हुए एनएच-फ्0 इससे कनेक्ट हो रहा. नई योजना के तहत कोशिश है कि दिसंबर ख्0क्8 तक दक्षिणी हिस्से के एप्रोच रोड को पूरा कर बख्तियारपुर पहुंचा दिया जाए. उत्तरी हिस्से को महनार से जंदाहा तक पहुंचा दिया जाए. |
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Vidyalaya jate samay 2 ladko ke bich sanwad |
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Answer» मित्र ये रहा आपका उत्तर ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆दो मित्रो के बीच संवाद सोनू :- ओर भाई रमेश कैसा है ? रमेश :- बढ़िया भाई, तुम बताओ कैसे हो ? सोनू:- मैं भी अच्छा हूं बस फुटबॉल खेलने जा रहा हूँ, तुम भी चलोगे ? रमेश :- फुटबाल, हाँ मुझे फुटबाल बहुत पसंद है और मेरा पसंदीदा खिलाड़ी रोलैंडो है। सोनू:- ओह क्या बात है, वैसे फुटबाल काफी अच्छा खेल है पूरे शरीर की मेहनत भी हो जाती है और मज़ा भी आता है। रमेश:- हाँ सही कहा, फुटबाल काफी अच्छा होता है। सोनू :- पता है मैंने पिछले मैच में 3 गोल किये थे और मैच जिताया था रमेश :- अरे वाह, वैसे मैं एक अच्छा गोल कीपर हूँ। तो क्या तुम कोशिस करना चाहोगे, मेरे गोल पोस्ट में गोल करने का ? सोनू :- कोशिश, मै तो 5 6 कर दूंगा रमेश :- अच्छा चल देखते हैं HOPE it HELPS |
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Sagar ke saundarya Define |
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Answer» won't bring about fundamental change as they gear up to ... What role do money and muscle play in Indian POLITICS and how does it differ from other modern democracies? ... In 2003, the Supreme Court ruled that any politician CONTESTING STATE or ... A: I think reformers NEED to OPERATE at two speeds. |
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Vijaydashami ka vigrah aur samas kya hoga? |
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Answer» soighar ka smas vigrah:- Rasoi K LIYE ghar (तत्पुरुष समास ) HOPE it will help U |
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Whois central idea. in hindi |
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Answer» endreey vichaar. |
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अपने किसी दूसरे शहर में रहने वाले मित्र को पत्र लिखकर बताइए कि इस वर्ष सावन के महीने में वर्ष न होने पर आपके क्षेत्र में कैसा माहौल रहा |
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Answer» ्बन्धी पत्र सलाह सम्बन्धीपत्रों से तात्पर्य ऐसे पत्रों से हैं, जिनमें किसी व्यक्ति को किसी विषय पर उचित सलाह दी जाती हो ऐसे पत्रों के माध्यम से कई बार व्यक्ति स्वयं भी सलाह लेने की इच्छा प्रकट करता हैं। संक्षेप में कहा जा सकता हैं कि सलाह लेने अथवा सलाह देने के लिए इन पत्रों का प्रयोग होता हैं। सलाह सम्बन्धी कुछ पत्र इस प्रकार हैं- (1) अपनी छोटी बहन को समय का सदुपयोग करने की सलाह देते हुए पत्र लिखिए। 18, जीवन नगर, गाजियाबाद। दिनांक 19 मार्च, 20XX प्रिय कुसुमलता, शुभाशीष। आशा करता हूँ कि तुम सकुशल होगी। छात्रावास में तुम्हारा मन लग गया होगा और तुम्हारी दिनचर्या भी नियमित चल रही होगी। प्रिय कुसुम, तुम अत्यन्त सौभाग्यशाली लड़की हो जो तुम्हें बाहर रहकर अपना जीवन संवारने का अवसर प्राप्त हुआ हैं, परन्तु वहाँ छात्रावास में इस आजादी का तुम दुरुपयोग मत करना। बड़ा भाई होने के नाते मैं तुमसे यह कहना चाहता हूँ कि तुम समय का भरपूर सदुपयोग करना। तुम वहाँ पढ़ाई के लिए गई हो। इसलिए ऐसी दिनचर्या बनाना जिसमें पढ़ाई को सबसे अधिक महत्त्व मिले। यह सुनहरा अवसर जीवन में फिर वापस नहीं आएगा। इसलिए समय का एक-एक पल अध्ययन में लगाना। मनोरंजन एवं व्यर्थ की बातों में ज्यादा समय व्यतीत न करना। अपनी रचनात्मक रुचियों का विस्तार करना। खेल-कूद को भी पढ़ाई जितना ही महत्त्व देना। आशा करता हूँ तुम मेरी बातों को समझकर अपने समय का उचित प्रकार सदुपयोग करोगी तथा अपनी दिनचर्या का उचित प्रकार पालन करके परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करोगी। शुभकामनाओं सहित। तुम्हारा भाई, कैलाश (2) अपने छोटे भाई को कुसंगति से बचने की सलाह देते हुए पत्र लिखिए। 19, बीसवाँ मील, सोनीपत, हरियाणा। दिनांक 21 मार्च, 20XX प्रिय भाई भूपेन्द्र खुश रहो ! कल तुम्हारा पत्र मिला। मुझे यह पढ़कर अत्यन्त हर्ष हुआ कि तुम परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हो। परिवार के सभी लोग चाहते हैं कि तुम परिश्रम से पढ़ो और अच्छे अंक प्राप्त करो। बन्धु, मैं भली-भाँति जानता हूँ कि तुम कर्त्तव्यनिष्ठ हो। फिर भी मैं तुम्हारा ध्यान कुसंगति के कुप्रभाव की ओर आकृष्ट कर रहा हूँ। कुसंगति एक संक्रामक रोग की भाँति हैं। जब यह रोग किसी को लग जाता हैं, तो वह बड़ी कठिनाई से ही उससे मुक्त हो पाता हैं। एक बड़े विद्वान ने कुसंगति की उपमा विषम ज्वर से दी हैं। जिस प्रकार विषम ज्वर शीघ्र छूटता नहीं, उसी प्रकार कुसंगति का प्रभाव भी शीघ्र समाप्त नहीं हो पाता। बड़े-बड़े मनीषी तक कुसंगति में पड़ कर अपने जीवन को बर्बाद कर देते हैं। अतः इससे बचने का प्रयास करना चाहिए। प्रिय अनुज, मुझे तुम पर पूरा भरोसा हैं। तुम सदैव कुसंगति से बचने का प्रयास करते रहोगे। सद् इच्छा के लिए तुम्हारी दृढ़ता और बुराइयों से बचने के लिए तुम्हारा साहस ही तुम्हें सफल बनाएगा। पत्रोत्तर की प्रतीक्षा में। तुम्हारा बड़ा भाई, नरेन्द्र (3) अपने छोटे भाई को स्कूल में नियमित उपस्थित रहने की सलाह देते हुए पत्र लिखिए। एफ/197, मयूर विहार, दिल्ली। दिनांक 12 जनवरी, 20XX प्रिय सुरेश, शुभाशीष। कल तुम्हारे कक्षाध्यापक का पत्र मिला। यह जानकर मुझे अत्यधिक दुःख हुआ कि पिछले दो महीनों से तुम कक्षा में नियमित रूप से उपस्थित नहीं हो रहे हो। यह भी पता चला हैं कि तुम स्कूल से हर दूसरे-तीसरे दिन उपस्थित रहते हो। सुरेश, इस वर्ष तुम्हारी बोर्ड की परीक्षा हैं। यदि तुम इसी तरह कक्षा से गैर-हाजिर रहकर अपना कीमती समय बर्बाद करते रहे तो बाद में पछताने के अलावा और कुछ नहीं मिलेगा। पढ़ाई में लापरवाही से तुम अनुतीर्ण हो जाओगे। एक वर्ष असफल होने का मतलब हैं- अपने को लाखों से पीछे धकेल देना। समय बहुत तेजी से करवट ले रहा हैं। तुम पिछले कुछ देख ही रहे हो कि डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में भी केवल उन्हीं छात्रों को प्रवेश मिल रहा हैं, जिन्होंने 75% से अधिक अंक प्राप्त किए हों। अगले दो वर्षों में स्थिति और भी विकट हो जाएगी। यदि तुम अपना भविष्य संवारना चाहते हो, तो मन लगाकर परीक्षा की तैयारी करो। सफलता हमेशा उसी के कदम चूमती हैं, जो मेहनत से जी नहीं चुराता। मुझे विश्वास हैं कि तुम मेरी बातों पर गम्भीरता से ध्यान देते हुए नियमित रूप से विद्यालय जाओगे और परीक्षा की भली-भाँति तैयारी करोगे। भावी सफलताओं की शुभकामनाओं सहित। तुम्हारा बड़ा भाई, दिनेश (4) अपने छोटे भाई को एक पत्र लिखिए जिसमें उसे स्कूल में अच्छा व्यवहार करने की राय दीजिए। स्टेशन रोड, सीतामढ़ी। दिनांक 10 जनवरी, 1988 प्रिय नरेंद्र, शुभाशीष। आज तुम्हारा पत्र पाकर और यह जानकर कि तुम जिला स्कूल में भरती हो गए हो, मैं बहुत खुश हूँ। मुझे आशा है कि स्कूल के प्रथम दिन का तुम्हारा अनुभव बड़ा मधुर होगा। फिर भी, मैं तुम्हें खतरों से सचेत करने के लिए यह पत्र लिख रहा हूँ। स्कूल में जिस तरह बहुत-से अच्छे लड़के है, उसी तरह बहुत-से बुरे लड़के हैं। केवल अच्छे लड़कों के साथ तुम्हें रहना चाहिए। इस कार्य में तुम्हारे शिक्षक तुम्हारी सहायता करेंगे। दुष्ट और आलसी लड़कों की संगति से हमेशा दूर रहने की चेष्टा करोगे। अपने पाठ के संबंध में भी तुम्हें सचेत और समयनिष्ठ रहना चाहिए। तुम्हें अपने शिक्षकों को सबसे अधिक सम्मान प्रदर्शित करना चाहिए अन्यथा तुम कुछ सीख नहीं सकोगे। अपने साथियों के साथ तुम्हारा व्यवहार भी भाई की तरह होना चाहिए। मैं आशा करता हूँ कि तुम मेरी हिदायतों पर ध्यान दोगे। अगर तुम ऐसा करोगे तो तुम बहुत अच्छे लड़के बनोगे। तुम्हारा शुभेच्छुक, सुरेश मोहन पता- नरेंद्र मोहन सिन्हा, वर्ग 10, जिला स्कूल, मुजफ्फरपुर |
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Please mujhe koi speech send kr do Topic hai.......klao ka astitva vyavastha ka mohtaj nahi hai |
| Answer» ATTACHMENT!!!!!!!!!!!!! | |
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Vriksho ka mahava par anuched |
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Answer» रे जीवन का अस्तित्व हैं। पेड़ों के बिना धरती पर जीवन की कल्पना करना असंभव है। ये धरती पर अमूल्य सम्पदा के समान हैं। पेड़ों के कारण ही मनुष्य को अपनी आधारभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के संसाधन प्राप्त होते हैं।यदि पेड़ न हों तो पर्यावरण का संतुलन ही बिगड़ जाये और सब ओर तबाही मच जाये। आजकल मनुष्य विकास के नाम पर कंकरीट के जंगल बना रहा है और वे भी इस प्राकृतिक सम्पदा की कीमत पर।यदि पेड़ काटने के साथ-साथ इनका रोपण न किया गया तो इस ग्रह पर जीवन की संभावनायें ही खत्म हो जायेंगी।पेड़ प्रकृति की वो देन है जिसका कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है। पेड़ हमारा सबसे घनिष्ठ मित्र है। हमारे द्वारा लगाया गया पेड़ सिर्फ हमें ही लाभ नहीं पहुँचाता बल्कि आने वाली कई पीढ़ियों को लाभ पहुँचाता है।हवा, पानी, खाने-पीने की सामग्री, ईंधन, वस्त्र, जानवरों का चारा अन्य कार्यों में प्रयोग करने के लिए लकड़ी सब हमें पेड़ों से ही मिलता है। पेड़ पर्यावरण से कार्बन डाईऑक्साईड लेकर बदले में ऑक्सीजन देते हैं।पेड़ों पर कई जीव-जन्तु अपना घर बनाते हैं। यदि पेड़ न हों तो हम इन सब चीजों की कल्पना तक नहीं कर सकते।लेकिन क्या मनुष्य इस प्राकृतिक संसाधन से अपना लाभ लेना ही जानता है या वह इसके संरक्षण और संवर्द्धन की और भी जागरुक है? वर्तमान की स्थिति देखकर ऐसा लगता है कि हम पेड़ों को बचाना तो चाहते हैं पर शायद उतना प्रयास नहीं कर पा रहे हैं जितना आवश्यक है।ऐसी परिस्थिति धीरे-धीरे प्रकृति का संतुलन बिगड़ता जायेगा और हम प्रकृति की इस अमूल्य सम्पदा को धीरे-धीरे अन्य प्रजातियों को लुप्त कर देंगे। इस प्रकार इस धरती पर न जीवन होगा न जीव।अतः हमें चाहिये कि हमारे आसपास हमें जितनी भी खाली भूमि दिखाई दे हम वहाँ पौधारोपण करें और कुछ न अपने घर में गमलों में ही इस अमूल्य धरोहर को संरक्षित करें। यदि यह छोटा सा कदम हर व्यक्ति उठायेगा तो यह धरती और धरती पर जीवन सब खुशहाल रहेगा। |
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Plzz answer guys fast plzz |
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Answer» swarth2. Samahar 3. Bisar+aa4. Patrakar |
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Any trip story 150words in hindi |
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Answer» ल पिकनिकपिछले महीने, हमारा स्कूल हमें कल्पना के लिए पिकनिक के लिए ले गया। यह एक खूबसूरत अनुभव था। हम वहां 10 बजे गए। हमने इमेजिका में प्रवेश किया।सबसे पहले, हमें स्नोमाजिका में ले जाया गया। इमेजिका के अंदर एक खूबसूरत जगह। हर जगह बर्फ थी और स्नोमैगिका के अंदर ठंडक थी। हमने वहां कई तस्वीरें क्लिक कीं। वहां का आनंद लेने के बाद, हम स्नोमैगिका से बाहर निकलते हैं और वहां कुछ खरीदारी करते हैं।फिर, हम हॉट व्हील्स नाइट्रो गए। सवारी कमाल की थी। पहले हम इसमें बैठने से डर रहे थे, लेकिन बाद में हमने इसमें आनंद लिया। आगे एक हाथी की सवारी थी। यह अच्छा भी था।उसके बाद हमने लंच किया। वहाँ का भोजन स्वादिष्ट था। हम दोस्तों ने एक साथ बैठकर खाना खाया। फिर, अगली सवारी मिस्टर इंडिया की थी। उसमें हमें एक फिल्म दिखाई गई थी, आधी। फिर, हमें एक कमरे में ले जाया गया। वहां हमने एक और हिस्सा देखा। दिलचस्प बात यह है कि हमें एक बड़े सोफे-प्रकार पर बैठने के लिए बनाया गया था, और फिल्म देखते समय यह बढ़ रहा था। यह एक महान अनुभव था।इसके बाद हम अलीबाबा गए और साठ चोर सवारी की। यह एक शूटिंग की सवारी थी। हमें बॉक्स में बैठने के लिए बनाया गया था और कहा गया था कि हम लक्ष्य को गोली मार देंगे। मैंने ज्यादातर निशाने शूट किए। अगला मैं भारत के लिए था। यहां हमें हेलीकॉप्टर की दृष्टि से भारत के प्रसिद्ध स्थानों को दिखाया गया। जिन स्थानों को हम नहीं जान रहे थे, वे अब हमारे लिए ज्ञात हैं।इसके बाद, हमें नाश्ते के लिए रेस्तरां में ले जाया गया। हमें एक बर्गर, एक कोल्डड्रिंक, एक छोटा केक आदि दिया गया, हमने इसे खाया।इन स्नैक्स को खाने के बाद, हम उन्हें अपने घर ले गए।इमेजिका का अनुभव मेरे जीवन का सबसे अच्छा अनुभव था जो मेरे सबसे अच्छा अनुभव था । |
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Upsarg evam pratya alag kijie. 1. भावना2.अकारण3.अत्याचार4.अधिनायक5.अपशब्द |
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Answer» Akaa+ranAtya+charAdhi+nayakAp+sabad |
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Comman words used in vignapan lek an |
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Answer» can't UNDERSTAND which LANGUAGE is this? |
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Why Igneous rocks are known as primary rocks? |
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Answer» rocks rocks are referred to as the primary rocks, because they represent the rocks which directly or indirectly provided materials for the FORMATION of other types of rocks.Magma erupts from volcanic ERUPTIONS and on reaching EARTHS crust it is called lava and solidifies by cooling.Thus, cooling and solidification are the two distinct processes involved in the formation of igneous rocks.In rock cycle the first rock that is formed is igneous rocks from them sedimentary rocks are formed and after that METAMORPHIC rocks formed. |
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Each color one to sentence in hindi about |
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Answer» aankhe neeli hai2. USKI KAPDE ka rang laal hai3. uske kitaab ka rang peela hai 4. MERI bench ka rang gulaabi hai |
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Nimlikhit me see kaun see pad me sandhi aur samas Dono me h? Dinraat panchwati chandrama ya Ramanuj |
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Answer» े एक पद में सन्धि व समास दोनों है – A. दिनरात B. पंचवटी C. चन्द्रमुखी D. रामानुज✔Option (D) is Correct.Explanation - रामानुज = राम + अनुज (सन्धि) रामानुज = राम का अनुज (समास) (बहुव्रीहि समास) |
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Jisme gadh or padh dono ka samavesh ho |
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Answer» व्य - इसमें गद्य और पद्य दोनों का समावेश होता है।*चंपू श्रव्य काव्य का एक भेद है।*इस शैली का प्रयोग वैदिक साहित्य, बौद्ध जातक, जातकमाला आदि प्राचीन ग्रंथों में भी मिलता है परन्तु चम्पू के नाम से प्रकृत काव्य की रचना दसवीं शताब्दी में प्रारम्भ हुई। इसका प्रसिद्ध उदाहरण है नल चम्पू जिसकी रचना त्रिविक्रमभट्ट ने दसवीं शताब्दी में की। इसके बाद भोजराज का चम्पू रामायण, सोमदेव सूरि का यशःतिलक, कवि कर्णपूर का आनन्दवृन्दावन, जीव गोस्वामी का गोपाल चम्पू, नीलकण्ठ दीक्षित का नीलकण्ठ चम्पू और अनन्त कवि का चम्पू भारत उल्लेखनीय है जिनका रचना काल सत्रहवीं सदी तक का है। हिन्दी में मैथिलीशरण गुप्त की यशोधरा को चम्पू काव्य माना जाता है। इस शैली में लेखन अधिक लोकप्रिय नहीं हो सका। |
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Name of fruits in sanskrit |
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Answer» ्राक्षा Drākṣhā Mango आम्रं Āmraṁ Coconut नारिकेलं Nārikelaṁ Jack Fruit पनसं Panasaṁ Apple फलप्रभेदः Phalaprabhedaḥ Banana कदली Kadalī Citron Medica बीजपूर Bījapūra Lemon Fruit जम्बीरं Jambīraṁ The WOOD Apple कपित्थं Kapitthaṁ ROSE Apple जम्बूः Jambūḥ Indian GOOSEBERRY, EMBLICA Myrobalan आमलकं Āmalakaṁ Jujube Fruit, RED Date बदरं Badaraṁ Pomegranate दाडिमं Dāḍimaṁ |
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शतरंज के खिलाड़ी कहानी में मीर ओर मिर्जा की शतरंज के खेल के प्रति एकाग्रता का उल्लेख है। यदि यह एकाग्रता देश और समाज के प्रति होती तो क्या परिणाम होता |
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Answer» ी के प्रमुख पात्र हैं - मिरज़ा सज्जाद अली और मीर रौशन अली। दोनों वाजिदअली शाह के जागीरदार हैं। जीवन की बुनियादी ज़रूरतों के लिए उन्हें कोई चिन्ता नहीं है। दोनों गहरे मित्र हैं और शतरंज खेलना उनका मुख्य काराबेर है। दोनों की बेगमें हैं, नौकर-चाकर हैं, समय से नाश्ता-खाना, पान-तम्बाकू आदि उपलब्ध होता रहता है। एक दिन की घटना है- मिरजा सज्जाद अली की बीवी बीमार हो जाती हैं। वह बार-बार नौकर को भेजती हैं कि मिरज़ा हकीम के यहाँ से कोई दवा लायें, कितु मिरज़ा तो शतरंज में डूबे हुए हैं। हर घड़ी उन्हें लगता है कि बस अगली बाजी उनकी है। अंत में तंग आकर मिरज़ा की बेगम उन दोनों को खरी-खोटी सुनाती हैं। खेल का सारा ताम-झाम ड्योढी के बाहर फेंक देती है। नतीजा यह निकलता है कि शतरंज की बाजी अब मिरज़ा के यहाँ से उठकर मीर के दरवाजे जा बैठती है। मीर साहब की बीवी शुरू में तो कुछ नहीं कहतीं लेकिन जब बात हद से आगे बढ़ने लगती है तब इन दोनों खिलाड़ियों को मात देने के लिए वह एक नायाब तरकीब निकालती है। जैसा कि हमेशा होता था, दोनों मित्र शतरंज की बाजियों में खोये हुए थे कि उसी समय बादशाही फौज का एक अप़फसर मीर साहब का नाम पूछता हुआ आ खड़ा होता है। उसे देखते ही मीर साहब के होश उड़ गये। वह शाही अफसर मीर साहब के नौकरों पर खूब रोब ग़ालिब करता है और मीर के न होने की बात सुनकर अगले दिन आने की बात करता है। इस प्रकार यह तमाशा खत्म होता है। दोनों मित्र चिन्तित हैं, इसका क्या समाधान निकाला जाय। मीर और मिरज़ा भी छोटे खिलाड़ी नहीं थे। उन्होंने भी गज़ब की तोड़ निकाली। दोनों मित्रों ने एक बार पुनः स्थान-परिवर्तन करके ही अपना अगला पड़ाव माना। न होंगे, न मुलाकात होगी। इधर बेगम आज़ाद हुई उधर मीर बेपरवाह। नया स्थान था शहर से दूर, गोमती के किनारे एक विरान मस्ज़िद। वहाँ लोगों का आना-जाना बिल्कुल नहीं था। साथ में जरूरी सामान, जैसे हुक्का, चिलम दरी आदि ले लिये। कुछ दिनों ऐसा ही चलता रहा। एक दिन अचानक मीर साहब ने देखा कि अंग्रेजी फौज गोमती के किनारे-किनारे चली आ रही है। उन्होंने मिरज़ा से हड़बड़ी में यह बात बताई। मिरज़ा ने कहा - तुम अपनी चाल बचाओ। अंग्रेज आ रहे हैं आने दो। मीर ने कहा साथ में तोपखाना भी है। मिरज़ा साहब ने कहा- यह चकमा किसी और को देना। इस प्रकार पुनः दोनों खेल में गुम हो गए। कुछ समय में नवाब वाजिद अली शाह कैद कर लिए गए। उसी रास्ते अंग्रेजी सेना विजयी-भाव से लौट रही थी। पूरा शहर बेशर्मी के साथ तमाशा देख रहा था। अवध का इतना बड़ा नवाब चुपचाप सर झुकाए चला जा रहा था। मीर और रौशन दोनों इस नवाब के जागीरदार थे। नवाब की रक्षा में इन्हें अपनी जान की बाजी लगा देनी चाहिए। परंतु दुर्भाग्य कि जान की बाजी तो इन्होंने लगाई ज़रूर पर शतरंज की बाजी पर। थोड़ी ही देर बाद खेल की बाजी में ये दोनों मित्र उलझ पड़े। बात खानदान और रईसी तक आ पहुँची। गाली-गलौज होने लगी। दोनों कटार और तलवार रखते थे। दोनों ने तलवारें निकालीं और एक दूसरे को दे मारीं। दोनों का अंत हो गया। काश! यह मौत नवाब वाजिदअली के पक्ष में और ब्रिटिश सेना के प्रतिपक्ष में हुई होती! लेकिन ऐसा हुआ नहीं। |
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रिपोर्ट लेखन की प्रक्रिया का संक्षिप्त परिचय दीजिए? |
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Answer» ना, विचार और समस्या को रिपोर्ट बनाने में निम्नलिखित प्रक्रिया का योगदान जरूरी होता है। नवीनतम- समाचार का मतलब ही नई घटनाओं की जानकारी देना है इसलिए नए समाचार का होना आवश्यक है। निकटता- मुख्य तौर पर लोग उन घटनाओं के बारे में अधिक जानकारी जानना चाहते हैं जो उनके आसपास घटती हैं। टकराव- किसी भी समाचार में टकराव या संघर्ष का मुद्दा होने से समाचार अधिक लोकप्रिय हो जाता है। जन रुचि- समयानुसार लोगों की रूचि जिस मुद्दे पर हो वह मुद्दा समाचार बन सकता है। उपयोगी जानकारियां- हमारे दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली अनेक जानकारियां भी समाचार का रूप ले लिया करते हैं। |
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Muhje ek essay chahiye on apne liye jiye toh kya jiye daunlod |
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Answer» is your answer... अपने लिए जिए तो क्या जिएमानसिक रोगियों को सामाजिक ढांचे से दरकिनार कर उन्हें कैद करने वाले तो बहुत मिलते हैं लेकिन संजय शर्मा सरीखे लोग नहीं मिलते.अपने लिए तो सभी जिया करते हैं पर कुछ लोग ऐसे हैं जो दूसरों के लिए जीते हैं. इस कथन को अगर हकीकत में देखना है तो पर्यटन स्थल खजुराहो के समीप जिला मुख्यालय छतरपुर के संजय शर्मा इस की मिसाल हैं. वे दूसरों के लिए जीते हैं. वे मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्तियों की सेवा करते हैं, जिन्हें लोग पागल कह कर दुत्कार देते हैं. वर्ष 2010 में मध्य प्रदेश सरकार से महर्षि दधिचि पुरस्कार और गौडफ्रे फिलिप्स अवार्ड के अलावा कई पुरस्कारों से सम्मानित, पेशे से वकील संजय शर्मा ऐसे व्यक्तियों की महज देखभाल ही नहीं करते, वे उन्हें शासकीय खर्चे पर चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराने का काम पिछले 25 वर्षों से कर रहे हैं. मानसिक रूप से विक्षिप्त लोगों के प्रति उन के लगाव को देख कर आसपास के सभी लोग उन्हें पागलों का वकील भी कहते हैं.आज उन के प्रयासों के कारण 281 से ज्यादा ऐसे लोग सही हो कर सामान्य जीवन जी रहे हैं. वे बिना किसी के सहयोग से, सड़क पर घूमते विक्षिप्तों व अशक्तजनों को कपड़े पहनाना, ठंड में कंबल या शौल बांटना, खाना खिलाना, बाल बनवाना, नहलानाधुलाना आदि अपने खर्चे पर करते आ रहे हैं. कानून की डिगरी हासिल करने की वजह से चूंकि वे कानून से वाकिफ हैं, इसलिए ऐसे गरीब विक्षिप्तों को वे मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम 1987 के अनुसार न्यायालय के माध्यम से मानसिक अस्पताल में भेजते हैं. संजय शर्मा का कोई एनजीओ नहीं है. वे बिना किसी की सहायता लिए, इस काम को अंजाम दे रहे हैं.शौक बना जनूनउन के इस शौक की शुरुआत कैसे हुई, इस के बारे में वे बताते हैं, ‘‘मैं जब छोटा था तब हमारे महल्ले में एक पागल व्यक्ति रोज आता था. महल्ले के सभी बच्चे उसे परेशान करते व पत्थर मारते थे. लेकिन मेरी नानी उसे रोज खाना देती थीं. नानी से प्रेरणा ले कर मैं भी रोज मां से बिना बताए घर का बचा खाना उसे देने लगा. खाना खा कर जो संतुष्टि के भाव उस के चेहरे पर आते थे वे ऐसे लगते थे जैसे किसी जरूरतमंद को कहीं से बहुत सारा पैसा मिल गया हो.कठिनाइयां भी हैंसेवा कार्य करते समय संजय को कई बार परेशानियों का सामना भी करना पड़ा है. कुछ विक्षिप्त तो पहली बार उन से मिलने पर वैसा ही व्यवहार करते हैं जैसा वे आम लोगों के साथ करते हैं. मारने के लिए दौड़ना, गालियां देना, दिए गए सामान को फेंक देना. इस के बावजूद वे उन से बिलकुल सहज भाव से मिलते हैं. जैसे वे किसी सामान्य आदमी से मिलते हैं. वे उन की पसंद की चीजों के बारे में पता करते हैं. उस का लालच देते हैं. तब वे पास आने को तैयार होते हैं. कई मरीज जिन्हें सालों से जंजीरों में बांध कर रखा गया होता है वे हिंसक हो जाते हैं और पास में आनेजाने वालों को मारते हैं. संजय कहते हैं, ‘‘ऐसे मरीजों के पास जाने में मुझे भी कुछ डर लगा रहता है पर धीरेधीरे बात करने पर उन से दोस्ताना व्यवहार हो जाता है. उन को नहलाना, खाना खिलाना, गंदगी साफ करने तक का काम मैं करता हूं. तब जा कर उन का विश्वास हासिल कर पाता हूं.’’here your answer is ..... I took some HELP from my book, hope it will help you. |
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P.t sir ka chariktha veshataya |
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Answer» ioaftgyjijhredghiyfhjjkgyjyuuiiopppppppppppppppp |
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My favorite subject Hindi paragraph writing |
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Answer» रिय विषय:मेरा प्रिय विषय विज्ञान है। यह बहुत ही मजेदार विषय है। इस विषय प्रश्न हल करने मे दिलचस्पी होती है,। |
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WRITE SOME PATRIOTIC SLOGANS IN HINDIFast |
| Answer» | |
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Vigyan hmare liye abhishap kyo |
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Answer» in the era of modernism and technology. We can’t live our lives without the support of modern SCIENCE. Today, science has so much involved in our life that it is really hard to imagine living without the science. Every part of life whether it is food or recreation is related to science and its various ways. To decide that whether science is a boon or a bane for mankind is not a simple decision. We should first look for the exact meaning of science. A systematic classification of experiences is called as scientific. We surprise many times at various events happening around us due to technology and science. We get doubts; what are they? These concerns are the primary seed products for technology. First start from thinking, REASONING, research, features, evaluation and distinction and lastly the fact comes out. According to Scientists, there is a scientific method for everything and there are unavoidable actions to be followed: (1) Statement (2) Speculation (3) Experiment (4) Concept and (5) Evidence. All researchers have in a way followed this scientific method. The basic aim of Science is to look for reality and to find those factors, FORMALLY uncommon. A scientist cannot accept the principles, usually because; they were accepted by others formerly. Great discoveries are always coming from reasoning. A lot of determination and observation are required. Civilization, as it is today, also came from numerous discoveries that were made in the FIELD of Science. Electricity is a main source of energy has revolutionized the Earth. Science has made medical field enough advanced that today the average life of a human being has raised to 90 years. Science also worked for plant life as well and now we have enough food for all. We have enough clothing and better security too. This all became possible due to science and technology. Computers, Cell phones, TV and Radios are all products of Science. So, it is very easy to conclude that Science is beneficial for mankind. There is also another side of the coin. Destructive weapons like guns, rifles, atom bombs etc. are also came from Science. It is science that gave us different types of power like electric power and nuclear power. If all these powers and weapons are not used in a negative way, there is nothing to fear. But, unfortunately these all powers are destructing our Earth. Can anyone think that there are no chances of such horrible destruction of an Iraq again? If it happens, how can be science beneficial for mankind? MAN is a logical being. It is possible for everyone to save himself from the odds. Only through this way, he can win and control everyone on the globe. Only wisdom can help a man to conquer the World. Science without conscience is death of the soul. |
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Make sentences with the pictures. |
| Answer» JAL KE RANI HAA JIVAN USKA PANI HAAHATH LAGAO GAY TO DAR JAYEGEBAHAR NIKALOGAY TOO MAR JAYEGEY | |
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Project for 10th class students - needs of bank . |
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Answer» t is QUESTION ???? |
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Mcent me mere 100 coin 1 din me badte Ye jaada kese badege |
| Answer» KOYE TOPIC par JAYADA search karoge or by inviting......... | |
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Ujjabal ka vigrah aur samas ka naam |
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Answer» ो या दो से अधिक पदों से मिलकर बने हुए नवीन एवं सार्थक पद को समास कहते हैं।बहुब्रीहि समास : जिस समाज का कोई भी पद प्रधान नहीं होता और दोनों पद मिलकर किसी अन्य शब्द (संज्ञा ) के विशेषण होते है उसे बहुव्रीहि समास कहते हैं।बहुव्रीहि समास के उदाहरण :१. गजानन - गज के समान मुख्य जिसका अर्थात गणेश२. नीलकंठ - नीला है कंठ जिसका अर्थात शिव३. चक्रधर - चक्र को धारण करने वाला अर्थात विष्णु४. पीतांबर - पीत (पीले) अंबर (वस्त्र) है जिसके अर्थात कृष्ण ५. बारहसिंगा - बारह सींगा है जिसके ऐसा मृग विशेष ६. चंद्रशेखर - चंद्र है शेखर (मस्तक) पर जिसके अर्थात शिव७. दशानन - दस आनन (मुख) वाला अर्थात रावण ८. घनश्याम - घन के समान श्याम है जो अर्थात कृष्ण९. अजातशत्रु - नहीं पैदा हुआ जो शत्रु जिसका (कोई व्यक्ति) १०. चतुर्भुज - चार है भुजाएं जिसकी अर्थात विष्णु११. लंबोदर - लंबा है उदर (पेट) जिसका अर्थात गणेश१२. महात्मा - महान है आत्मा जिसकी (व्यक्ति विशेष)१३. सुलोचना - सुंदर है लोचन (नेत्र) जिसके (स्त्री विशेष)१४. दिगंबर - दिशाएं ही है वस्त्र जिसके अर्थात नग्न१५. गिरिधर - गिरी (पर्वत) को धारण करने वाला अर्थात कृष्ण१६. चंद्रमुखी - चंद्र के समान मुख् है जिसका (कोई स्त्री)१७. षटकोण - षट (छह) कोण है जिसमें (वह आकृति)१८. पंचानन - पांच है आनन जिसके अर्थात सिंह१९. चारपाई - चार हैं पाए जिसमें अर्थात खाट२०. पतझड़ - पत्ते झड़ते हैं जिसमें वह ऋतु4.625 votesTHANKS89Comments ReportThe BrainHelperNot sure about the answer?SEE NEXT ANSWERSWhat do you need to know?ASK YOUR QUESTIONNewest QuestionsHindi 5 points 13 seconds agoApne ghar main Itni Dat AUR maar kaane ke baad bhi topi nahi fun ke ghar Jane Kyu band nahi kiyaANSWERHindi 5 points 5 minutes agoHardest questions of sandhiHindi 5 points 5 minutes agoBasant Ritu nibandh HindiANSWERHindi 5 points 7 minutes agoAb Kahan dusre ke Dukh Mein Dukhi hone wale path ke Madhyam Se Lekar Ne kaun si samasya Hoti Hai Uska Samadhan kya ho SAKTA haiANSWERHindi 5 points 7 minutes agoI want small dialogue between two friends in marathi languageANSWERHindi 5 points 7 minutes agoApradh ki samapti ke liye mrityu dand aavashyak ha 100 words essay.ANSWERHindi 5 points 7 minutes agoVidyalay ki sair ka varnan krte hue mitra ko patraANSWERHindi 5 points 8 minutes agoIf BIRDS could talk in Hindi essayANSWERHindi 5 points 8 minutes agoमहात्मा गांधी से सुखी और समृद्ध आधुनिक भारत के लिए मिले संदेश हिंदी में बताइएANSWERHindi 5 points 14 minutes agoChandravali ke rachayita haiANSWERAbout usAbout usCareerContactBlogFAQTerms of UseHow do I receive points?Brainly.inGet the Brainly AppDownload iOS AppDownload Android AppRead more on Brainly.in - brainly.in/question/222563#readmore |
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Give a simple charitra chitran of engineer babu jagat singh in baat athanni ki |
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Answer» तसिंहबाबू जगतसिंह पेशे से इंजीनियर थे। रिश्वतखोर थे, कठोर हृद्यवाले थे। अपने पुराने और विश्वासप्राप्त नौकर रसीला* की अठन्नी की चोरी के किये उसे पुलिस के पास ले जाते हैं और मुकदमा चलवाते है। *रसीला बाबू जगतसिंह का नौकर और बड़ा ईमानदार है। सालों से वेतन न बढाएँ जाने पर भी नौकरी नहीं छोड़ता पर एक दिन अपना कर्ज चुकाने के लिए अठन्नी की चोरी करता है। |
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भूमिगत तने के रूपांतरण मे अदरक केरूपांतरण का नाम |
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Answer» संश्लेषण के माध्यम से पत्तियों में भोजन हमेशा तैयार होता है क्योंकि क्लोरोफिल केवल पत्तियों में मौजूद होता है। हालांकि, भोजन के भंडारण के लिए पौधों में जड़ों और उपजी में विभिन्न संशोधन होते हैं।अदरक (GINGER): यह अदरक का प्रकन्द (RHIZOME) है । प्रकन्द तने का भूमिगत रूपान्तरण है क्योंकि इसमें पर्वसन्धियाँ एवं पर्व स्थित हैं भूमि की सतह के नीचे क्षैतिज दिशा में बढ़ता है ।यह चपटा फूला हुआ एवं शाखित है । इसकी निचली सतह की पर्वसन्धियों से अपस्थानिक जड़ें निकल रही हैं । स्थान-स्थान पर शल्क पत्र हैं जिनके अक्षों में एक कलिका होती है । वर्षा-ऋतु में शल्क पत्रों की कलियाँ वृद्धि कर स्वतन्त्र पौधा बन जाती हैं । यह रूपान्तरण भोजन संग्रह एवं वर्धी प्रजनन के लिए है । |
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विश्व में भारत का स्थान अनुच्छेद |
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Answer» ड यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत आने वाले दशक के लिए दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं की सूची में सबसे ऊपर है और चीन और अमेरिका से पहले सालाना 7.9 फीसदी बढ़ने का अनुमान है।आर्थिक जटिलता विकास अनुमानों में भारत आने वाले दशक के लिए सबसे तेजी से बढ़ते देश के रूप में सूची में सबसे ऊपर बढ़ रहा है, सालाना 7.9 प्रतिशत पर। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने रसायनों, वाहनों और कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे जटिल क्षेत्रों को शामिल करने के लिए अपने निर्यात आधार को विविधता देने में प्रवेश किया है। यह कहा गया है कि भारत की उत्पादक क्षमताएं वर्तमान आय के स्तर की अपेक्षाओं से काफी दूर हैं, जो आने वाले दशक के लिए तेजी से विकास के प्रक्षेपण में योगदान देती है।भारत की मौजूदा क्षमताओं ने न केवल अपने निर्यात को विविधता प्रदान की है, बल्कि उन उत्पादों पर आसानी से पुनर्निर्माण की अनुमति भी दी है जो उन क्षमताओं पर निर्भर करते हैं, जिससे विविधीकरण अपेक्षाकृत आसान हो जाता है।दूसरी बड़ी चुनौती इस उत्पादक परिवर्तन की समावेशी प्रकृति को सुनिश्चित करना होगा, क्योंकि नए रसायन, वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में किए गए लाभ उपमहाद्वीप के विशिष्ट इलाकों में अत्यधिक केंद्रित हैं। |
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हिंदी की मासिक पत्रिका सहूलियत के लिए विज्ञापन लेखन तैयार कीजिए |
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Answer» ी मासिक पत्रिका सहूलियत के लिए विज्ञापन:चित्रकार द्वारा अपने चित्र के प्रदर्शनी हेतु निम्नलिखित प्रकार से विज्ञापन लिखा जा सकता है।विज्ञापन24 जनवरी, 2020चित्र प्रदर्शनीआप सभी साथियों को इस विज्ञापन के माध्यम से सूचित किया जाता है कि मेरे द्वारा आगामी 28 जनवरी को एक चित्र प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है।यह चित्र प्रदर्शनी अपने जिले के नगर निगम सभागार में आयोजित की जाएगी। इस प्रदर्शनी में मेरे द्वारा बनाए गए सुंदर और आकर्षक चित्र होंगे। इस चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन हमारे जिला आयुक्त करेंगे। प्रदर्शनी के लिए कोई टिकट नहीं रखा गया है।अतः जो लोग भी इस देखने के लिए इच्छुक हैं वे 28 जनवरी को दस बजे नगर निगम सभागार में उपस्थित रहें।विमल कुमार श्रीवास्तव,चित्रकार,पटना |
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साहस और दृढता को अपनाने मे मीराँ का पद माई री म्हाँ लिया गोविन्द मोल हमारे लिए किस प्रकार प्रेरक है?उल्लेख कीजिए |
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Answer» दृढ़ता में मीराबाई कहती है कि मैंने एक ऐसी चीज को पा लिया है जिसका कोई मोल ही नहीं है। मीराबाई श्री कृष्ण को पाना चाहती हैं इसलिए उनके स्वर में परमात्मा तक पहुंचने के लिए माधुर्य है। मीराबाई की प्रस्तुत पंक्तियां हमें प्रेरित करती है कि इस संसार में कोई भी काम असंभव नहीं है यदि आपके मन में दृढ़ संकल्प है और दृढ़ निश्चय है कि आपने इस लक्ष्य को पाना ही है तो दुनिया की कोई ताकत आप को उस मुकाम पर पहुंचने से नहीं रोक सकती है। |
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Khel aur swasth essay |
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Answer» y HELP you... |
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Que10.convert into mishra vakya |
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Answer» a vah MERE ghar aata hai vaise HI NA mein USKE ghar jaata huhope this ANSWER will help. |
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Tell the example of bhakti ras |
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Answer» गिरधर गोपाल दूसरों न कोई,जाके सिर मोर मुकुट मेरो पति वोई। |
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Hey, can someone give me some easy example of ras cuz it's really hard to memorize it so please guys help me out thank you !! |
| Answer» R rasek jungle hai TERI aankhon mein,main JAHAN raah bhool JAATA hutu kisi rail si gujarti hai,main kisi PUL sa thartharata hu.2.karun rasमेरे हृदय के हर्ष हा।अभिमन्यु अब तू है कहां।3. हास्य रसहाथी जैसी देह है, गोंडे जैसी खालतरबूज सी खोपड़ी, खरबूजे से गाल4. अदभूत रसबरसे कम्बल बीजे पानी, कबीरदास की उल्टी वाणी5.शांत रसमन मस्त हुआ फिर क्यों डोलेहीरा पायो गांठ गठियायो बार बार वातों क्यों खोले।6. वात्सल्य रसजसोदा हरि पालने झुलावैहल्लावे दुलराई , मलहावे जोई सोई कुछ गावे7. भक्ति रसगुरु गोविन्द दाऊ खड़े काके लागूं पायबलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो मिलाए | |