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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

वर्तमान स्थिति का लॉकडाउन सकारात्मकवर्णन दो मित्रों के मध्य संवाद लिखिए।​

Answer»

स्थिति में  लॉकडाउन सकारात्मक वर्णन( कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन को लेकर दो मित्रों (आदि और नीलाक्ष) के बीच संवाद प्रस्तुत है ):- आदि : - यार नीलाक्ष , कैसे हो और घर पर सब कैसे हैं ? नीलाक्ष :- हाँ यार सब ठीक है ,बस घर पर बैठ कर वक्त काट रहें हैं | यह कोरोनावायरस का प्रकोप तो बहुत ज्यादा फैलता जा रहा है और ऊपर से सरकार नें लॉकडाउन लगा दिया है | सारा - काज ठप हो गया है | भगवान ही जाने अब आगे क्या होगा ?सोच कर ही डर लागने लगा है | आदि : - हाँ ! इस बीमारी से डर स्वभाविक है। यह ऐसी महामारी है, जिसका अभी तक कोई इलाज नहीं मिल पाया है। सारी दुनिया के डॉक्टर इसी बीमारी का इलाज ढूंढने में लगे हैं परंतु अभी तक कोई ईलाज नहीं मिल पाया है | नीलाक्ष :- क्या इसका इलाज नहीं है? तुम्हें क्या लगता है सरकार द्वारा लिया गया लॉकडाउन का फैंसला उचित है या अनुचित ? आदि : सरकार द्वारा लिया गया लॉकडाउन का फैंसला उचित है बिल्कुल सही है इसी कारण आज हमारे देश में कोरोना महामारी का संक्रमण इतने बड़े स्तर पर नहीं फैल पाया है | इसी कारण हमारे देश की सरकार ने लॉकडाउन किया था ताकि संक्रमण पूरे देश में ना फैल सके।  नीलाक्ष :-हमारे देश की सरकार नें सही समय पर लॉकडाउन का निर्णय ले लिया था।  आदि :- बिल्कुल , हमारे देश में ही नहीं विश्व के अनेक देशों में लॉकडाउन चल रहा है। हालांकि कुछ देशों ने देर से लॉकडाउन आरंभ किया, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है |  नीलाक्ष :- अब तो भगवान से यही प्रार्थना है कि जल्दी से जल्दी यह बीमारी न केवल हमारे देश से बल्कि पूरे विश्व से समाप्त हो जाए ताकि सब कुछ पहले की तरह ठीक हो जाए।  आदि :- हाँ, अगर हम हम लॉकडाउन के नियमों का पालन करेंगे तो सब कुछ जल्द ही ठीक हो जाएगा | एक - दूसरे से दूरी बनाए रखें , घर से बाहर ना निकलें , जितनी बार भी हाथ धोएँ कम से कम 20सेकंड तक | मास्क और ग्लोव्स का प्रयोग करें |  नीलाक्ष :-हाँ , और वैसे भी कहते हैं कि ईलाज से परहेज़ बेहतर होता है | आदि : - हमारी सरकार द्वारा लिया गया लॉकडाउन का निर्णय बिलकुल उचित है |

2.

दो बैलों की कहानी में नैतिक मूल्यों का क्या अभिप्राय है

Answer»

I don't KNOW the CHAPTER

3.

दरिया झीनी रे झीनी राम नाम रस भीनीचदरिया झीनी रे झीनीअष्ट-कमल का चरखा बनाया,पांच तत्व की पूनी ।नौ-दस मास बुनन को लागे,मूरख मैली किन्ही ॥चदरिया झीनी रे झीनी...जब मोरी चादर बन घर आई,रंगरेज को दीन्हि ।ऐसा रंग रंगा रंगरे ने,के लालो लाल कर दीन्हि ॥चदरिया झीनी रे झीनी...​

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is this SOMETHING TRICKY EXPLANATION:or SPECIAL

4.

स्वय रैदास मान कर ईश्वर और स्वय के बीच संवाद लिखिए| RAIDAS OR RAVIDAS IS SAME PLEASE ANSWER CORRECTLY I WILL MARK YOU AS BRAINLIST

Answer» YES RAIDAS and RAVIDAS is same.
5.

ग्रामीण का वर्ण विच्छेद त्रिशूलआकांक्षाविनम्रताआश्रमplzz answer fast answer all​

Answer» HYY EXPLANATION:you was following my PREVIOUS I'd was vanshika3165 but by MISTAKE........read my bio sab smajh ayega read my bio
6.

Introduction to Sant Kabir Das Easy to pronounce Hindi me only hindi Hindi hindi hindi

Answer»

कबीर या भगत कबीर 15वीं सदी के भारतीय रहस्यवादी कवि और संत थे। वे हिन्दी साहित्य के भक्तिकालीन युग में ज्ञानाश्रयी-निर्गुण शाखा की काव्यधारा के प्रवर्तक थे। इनकी रचनाओं ने हिन्दी प्रदेश के भक्ति आंदोलन को गहरे स्तर तक प्रभावित किया। ... कबीर पंथ नामक धार्मिक सम्प्रदाय इनकी शिक्षाओं के अनुयायी हैं।वे हिन्दू धर्म व इस्लाम को न मानते हुए धर्म निरपेक्ष थे। उन्होंने सामाज में फैली कुरीतियों, कर्मकांड, अंधविश्वास की निंदा की और सामाजिक बुराइयों की कड़ी आलोचना की थी।[1][3] उनके जीवनकाल के दौरान हिन्दू और मुसलमान दोनों ने उन्हें अपने विचार के लिए धमकी दी थी।[2]कबीर पंथ नामक धार्मिक सम्प्रदाय इनकी शिक्षाओं के अनुयायी हैं।[4]कबीर के (लगभग 14वीं-15वीं शताब्दी) जन्म स्थान के बारे में विद्वानों में मतभेद है परन्तु अधिकतर विद्वान इनका जन्म काशी में ही मानते हैं, जिसकी पुष्टि स्वयं कबीर का यह कथन भी करता है ।"काशी में परगट भये ,रामानंद चेताये "कबीर के गुरु के सम्बन्ध में प्रचलित कथन है कि कबीर को उपयुक्त गुरु की तलाश थी। वह वैष्णव संत आचार्य रामानंद को अपना अपना गुरु बनाना चाहते थे लेकिन उन्होंने कबीर को शिष्य बनाने से मना कर दिया। कबीर ने अपने मन में ठान लिया कि स्वामी रामानंद को ही हर कीमत पर अपना गुरु बनाऊंगा, इसके लिए कबीर के मन में एक विचार आया कि स्वामी रामानंद जी सुबह चार बजे गंगा स्नान करने जाते हैं उसके पहले ही उनके जाने के मार्ग में सीढ़ियों लेट जाऊंगा और उन्होंने ऐसा ही किया। एक दिन, एक पहर रात रहते ही कबीर पंचगंगा घाट की सीढ़ियों पर गिर पड़े। रामानन्द जी गंगास्नान करने के लिये सीढ़ियां उतर रहे थे कि तभी उनका पैर कबीर के शरीर पर पड़ गया। उनके मुख से तत्काल 'राम-राम' शब्द निकल पड़ा। उसी राम को कबीर ने दीक्षा-मन्त्र मान लिया और रामानन्द जी को अपना गुरु स्वीकार कर लिया। कबीर के ही शब्दों में-काशी में परगट भये , रामानंद चेतायेजीविकोपार्जन के लिए कबीर जुलाहे का काम करते थे।कबीर की दृढ़ मान्यता थी कि कर्मों के अनुसार ही गति मिलती है स्थान विशेष के कारण नहीं। अपनी इस मान्यता को सिद्ध करने के लिए अंत समय में वह मगहर चले गए ; क्योंकि लोगों की मान्यता थी कि काशी में मरने पर स्वर्ग और मगहर में मरने पर नरक मिलता है। मगहर में उन्होंने अंतिम सांस ली। आज भी वहां पर मजार व समाधी स्थित है।Explanation:hope this is HELPFUL plz follow me mark as brainliest ......

7.

'राजनीति के साथ राजधर्म भी पालनीय है' इससे गोपियो के बारे मे क्या जानकारी मिलती है? Surdaas ke paad (4) class 10​

Answer»

गोपियो द्वारा -'राजनिती के साथ राजधर्म भी पालनिय है ' यह बताना उनकी राजनैतिक योग्यता का परिचय देता है I HOPE U HELPFUL

8.

Introduction to Sant Kabir Das Easy to pronounce

Answer»

brought up in a Muslim weavers family by Niru and Nima. He was a MYSTIC poet and a musician and was one of the IMPORTANT saints of Hinduism and also considered a Sufi by Muslims. He is respected by Hindus, Muslims and Sikhs.[1] He was a DISCIPLE of Ramananda. He was NEVER formally educated and was almost completely illiterate. According to legend, the only word that he ever learned how to write was "RamaExplanation:PLEASE mark as brainliest

9.

Bhusan kis kal ka kavi tha​

Answer»

भूषण रितिकाल के कवी है जो अपने गीतो से सबको प्रसन्न करते......

10.

Plzzzz help I will give 25 points. Dharmik manyata par nibandh in hindi not on festivals or dharm it's dharmik manyata plzzz don't copy from Google​

Answer»

माज में कई ऐसी धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं जिनके पीछे मूल कारण धर्म से इतर है फ़िर भी उन्हें धर्म के नाम पर समाज में स्थापित व प्रचलित किया गया है। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य देश-काल-परिस्थितिगत व्यवस्था एवं सामाजिक कल्याण था। आज के सूचना एवं तकनीकी के दौर में हमें इन प्रचलित सामाजिक मान्यताओं के पीछे छिपे मूल कारणों को समझने व अपनी युवा पीढ़ियों को समझाने की आवश्यकता है। जिससे धर्म के प्रति हमारी युवा पीढ़ी का विश्वास बढ़े। वे धर्म को केवल एक रूढ़िवादी विचारधारा ना मानकर सामाजिक व व्यक्तिगत कल्याण के माध्यम के रूप में स्वीकार करें।आज हम वेबदुनिया के पाठकों विशेषकर युवाओं के लिए ऐसी ही कुछ सामाजिक मान्यताओं के बारे में चर्चा करेंगे जिन्हें समाज में स्थापित तो धर्म के नाम पर किया गया था किन्तु उनमें से अधिकांश के पीछे मूल कारण सामाजिक कल्याण था, वहीं कुछ मान्यताएं अपने पौराणिक आदर्शों के अनुकरण के कारण समाज में स्थापित व प्रचलित हो गईं।आज हमारे समाज में कई ऐसी धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं जैसे रात्रि में झाड़ू ना लगाना,कांच टूटना,स्वर्ण का खोना,सूतक,गर्भवती स्त्री का नदी पार ना करना,देहरी पर बैठना, पैर पर पैर रखकर नहीं सोना आदि। आज हम इन सभी प्रचलित मान्यताओं के पीछे छिपे मूल कारणों के बारे में आपको अवगत कराएंगे।1. रात्रि में झाडू ना लगाना- प्राय: रात्रि को झाड़ू लगाना अशुभ माना जाता है। आज भी कई घरों इस नियम का दृढ़ता से पालन किया जाता है। इसके पीछे धार्मिक मान्यता है कि रात्रि में झाड़ू लगाने से श्री अर्थात् सम्पन्नता चली जाती है। इस नियम के पीछे वास्तविक व मूल कारण प्राचीन समय में बिजली का ना होना है। प्राचीन समय में विद्युत की कोई व्यवस्था नहीं थी, लोग अपने घरों में दीपक,लालटेन इत्यादि से प्रकाश की व्यवस्था किया करते थे, जिनका प्रकाश पर्याप्त नहीं होता था। ऐसे में यदि कोई महत्त्वपूर्ण वस्तु रात्रि के समय कहीं गिरकर खो जाए तो वह पर्याप्त प्रकाश के अभाव में झाड़ू लगाने से घर के बाहर फ़ेंकी जा सकती थी इसलिए इसे सम्पन्नता की धार्मिक मान्यता से जोड़कर प्राचीन समय में रात्रि में झाड़ू लगाने का निषेध था।2. कांच का टूटना-कांच का टूटना भी अशुभ समझा जाता है। इसके पीछे वास्तविक कारण व्यक्तिगत कुशल-क्षेम है, क्योंकि कांच टूटकर जब बिखरता है उसके छोटे-छोटे कण यदा-कदा भूमि में दबे रह जाते हैं जो किसी भी सदस्य के हाथ या पैर में चुभ सकते हैं, ध्यान देने योग्य बात यह है कि पहले के घरों में टाईल्स, मार्बल के स्थान पर मिट्टी या गोबर से लीपकर हाथों से भूमि तैयार की जाती थी ऐसे में कांच के टूटने पर उसके टुकड़े घर के सदस्य को चुभकर चोटिल कर सकते हैं क्योंकि कांच के टुकड़े अत्यन्त महीन होते हैं व आसानी से साफ़ करने में नहीं आते इसलिए लोग कांच के टूटने को लेकर अत्यन्त सावधान रहें इसलिए इसे धार्मिक मान्यता से जोड़कर अशुभ बताया गया है।3. स्वर्ण का खोना- आज भी समाज में सोना गुमना भी अत्यन्त अशुभ माना गया है। इसके पीछे धार्मिक मान्यता है कि स्वर्ण के खोने से ’श्री’ (समृद्धि) चली जाती है। यह तथ्य सर्वविदित है स्वर्ण अत्यन्त बहुमूल्य वस्तु होता है। यह केवल आकर्षण ही नहीं अपितु श्री; सम्पन्नता का प्रतीक भी है। वहीं स्वर्ण व्यक्ति को आर्थिक संकट के निवारण करने में भी बहुत सहायक होता है। आज भी कई घरों में गंभीर आर्थिक संकट आने पर स्वर्ण-आभूषण गिरवी रखकर धन की व्यवस्था की जाती है। इतनी मूल्यवान वस्तु का खोना आर्थिक हानि का कारण बनता है। इसी तथ्य को दृष्टिगत रखते हुए स्वर्ण को अत्यन्त संरक्षित रखने के उद्देश्य से इसे धार्मिक मान्यता के रूप में प्रचलित किया गया है।4.सूतक-धार्मिक मान्यताओं में सूतक का अहम स्थान है। घर में जब किसी का जन्म हो या किसी की मृत्यु, घर के सदस्यों को सूतक का पालन अनिवार्य होता है। ’सूतक’ के पालन के पीछे मुख्य उद्देश्य स्वच्छता व संक्रमण से रक्षा करना होता है।5.गर्भवती स्त्री का नदी पार ना करना- गर्भवती स्त्री का नदी पार ना करना अशुभ माना जाता है। प्राचीन समय में चूंकि नदी पर पुल इत्यादि की व्यवस्था नहीं थी यात्रियों को नाव-डोंगे आदि में बैठकर नदी पार करनी होती थी जिसमें दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना बहुत अधिक होती है। गर्भवती स्त्री एवं गर्भस्थ शिशु को इस प्रकार की दुर्घटनाओं से सुरक्षित रखने की दृष्टि से यह धार्मिक मान्यता स्थापित की गई।6. देहरी पर नहीं बैठना- आज भी कई घरों में देहरी पर बैठना अशुभ समझा जाता है। इसके पीछे मान्यता है कि देहरी पर बैठने से आयु क्षीण होती है। इसके पीछे कोई ठोस कारण ना होकर केवल हमारी पौराणिक कथा का संदर्भ ही है। भगवान ने नृसिंह अवतार में देहरी पर बैठकर ही हिरण्यकश्यप का वध किया था क्योंकि उसे वरदान था कि वह जल,थल,आकाश,पाताल,घर के अन्दर या बाहर, शस्त्र, व्यक्ति अथवा पशु किसी के मारने से भी नहीं मरेगा। तब भगवान विष्णु ने नृसिंह अवतार लेकर देहरी पर बैठकर अपनी जंघाओं पर लिटाकर अपने नखों से ह्रदय विदीर्ण कर हिरण्यकश्यप का वध किया था। इस मान्यता के अनुसार देहरी पर बैठना आयु के लिए हानिकारक समझा जाता है।7.पैर पर पैर रखकर नहीं सोना- पैर पर पैर रखकर सोने से भी आयु क्षीण होने की मान्यता है। इसके पीछे भी पौराणिक कथा का ही सन्दर्भ है क्योंकि भगवान कृष्ण के पैर में मणि थी जो सदैव चमकती रहती थी। एक बहेलिए ने जब इस मणि को देखकर किसी हिरण की आंख समझकर तीर चलाया तब श्रीकृष्ण अपने एक पैर पर दूसरा पैर रखे त्रिभंगी मुद्रा में विश्राम कर रहे थे। इस तीर के लगने को निमित्त बनाकर ही भगवान कृष्ण अपने बैकुण्ठ धाम को प्रस्थान कर गए थे। अत: इसी कथा के सन्दर्भ में यह सामाजिक मान्यता प्रचलित हो गई कि पैर पर पैर रखकर सोने से आयु क्षीण होती है।

11.

Mitra ko pad Unnati ke liye Patra​

Answer»

tion:35 ,कौशल खंड केशव नगर कानपुर - 2080078 सितम्बर 2017  विषय : अपने मित्र को उसकी सफलता पर बधाई पत्र प्रिय मित्र पवन ,           प्रतियोगिता में शानदार सफलता प्राप्त करने के लिए हार्दिक शुभकामनाएं। मुझे पूर्ण विश्वास है की तुम और भी अधिक सफलता प्राप्त करोगे। मैंने इस विषय में अपनी माता को भी बताया था।            यह खुशखबरी हमारे एक मित्र रघुनाथ ने मुझे सुबह दी। मै यह सुनकर अत्यंत खुश हुआ। लम्बे समय से तुम्हारे इस समाचार को सुनने का इच्छुक था। मुझे विश्वास है की भविष्य में तुम इससे भी अधिक सफलता प्राप्त करोगे।            एक बार फिर से तुम्हारी इस सफलता पर तुम्हे हार्दिक शुभकामनाएं। तुम्हारा मित्र कृष्ण कुमार PLZ FOLLOW me GUYS

12.

Internet par padna adhik Ruchikar hai ya kaksha me nibhand par 20 vakya likhiye​

Answer»

mein padhna achcha rahata hai kyunki TEACHER JO bataaegi voh to SAMAJH mein a jaega per INTERNET mein padhto logi lekin samajh mein KUCHH nahin aaega.

13.

Aapke vidyalay mein kuch saman mangane keliya suchana likhiae​

Answer»

महात्मा गांधी विद्यालय, निरा दिनांक - 5 जून 2020.........सुचना - विद्यालय मै कुछ उपयोगी वस्तुयें चाहिये I सभी विद्यार्थियो को सुचित किया जाता है, की दिनाक 8 जून 2020 को जो बच्चे विद्यालय के लिए घर से कुछ जरुरि समान ला सकते हो तो वो जरुर लाये I प्रधानाध्यापक के, आज्ञा से.... IHope U Helpful.....

14.

बचपन में वह बहुत मोटा था इस वाक्य में से संज्ञा शब्द अलाग कर​

Answer»

bachpan AK BAVVACHAK sangya,AUR MOTA bhi ak sangya HAI

15.

What was there in the garret. Chapter name the magical chair​

Answer»

i DONT KNOW EXPLANATION:MARK as BRAINLIEST

16.

सांप का विलोम शब्द लिखिए​

Answer» OPE it HELPS you mate PLEASE MARK me as BRAINLIEST#priya#
17.

काननि दै अँगुरी रहिबो जबहीं मुरली धुनि मंद बजैहै। मोहनी तानन सों रसखानि अटा चढ़ि गोधन गैहै तौ गैहै॥टेरि कहौं सिगरे ब्रजलोगनि काल्हि कोऊ कितनो समुझैहै।माइ री वा मुख की मुसकानि सम्हारी न जैहै, न जैहै, न जैहै ANSWER THE FOLLOWING:( क ) गोपी अपने मन की बात ब्रज के लोगों को क्यों सुना रही है ?( ख ) गोपी स्वयं को कब नही सँभाल पाती और क्या ?( ग ) गोपी कानों में में उँगली क्यों डालना चाहती है ?​

Answer» OK I am sending a ANSWER theek hai BHAI
18.

काननि दै अँगुरी रहिबो जबहीं मुरली धुनि मंद बजैहै। मोहनी तानन सों रसखानि अटा चढ़ि गोधन गैहै तौ गैहै॥टेरि कहौं सिगरे ब्रजलोगनि काल्हि कोऊ कितनो समुझैहै।माइ री वा मुख की मुसकानि सम्हारी न जैहै, न जैहै, न जैहै.ANSWER THE FOLLOWING:( क ) गोपी अपने मन की बात ब्रज के लोगों को क्यों सुना रही है ?( ख ) गोपी स्वयं को कब नही सँभाल पाती और क्या ?( ग ) गोपी कानों में में उँगली क्यों डालना चाहती है ?​

Answer»

don't KNOW the ANSWER. PLEASE MARK as BRAINLEST answer.

19.

निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर हिंदी में लगभग 120 शब्दों में पत्र लिखिए- (1) रोज़गार हेतु किसी स्कूल के प्रधानाचार्य को पत्र लिखिए। पत्र में शैक्षणिक योग्यता, अपनी उपलब्धियों एवं अनुभव के बारे में विस्तार से लिखिए।​

Answer»

महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर नामक स्थान पर हुआ था। इनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। इनके पिता का नाम करमचंद गांधी था। मोहनदास की माता का नाम पुतलीबाई था जो करमचंद गांधी जी की चौथी पत्नी थीं। मोहनदास अपने पिता की चौथी पत्नी की अंतिम संतान थे। महात्मा गांधी को ब्रिटिश शासन के खिलाफ भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का नेता और 'राष्ट्रपिता' माना जाता है। HOPE it HELPS you...!

20.

lockdown down ki sthiti mein majduron ki Dasha ko Lekar netaon ke bich Koi batchit Hindi mein likhen​

Answer»

uuh78jjdjdjfjjfjfjfhfhf"++$+3++$72727272772jsjshduhdjdjdhdhdhhdhdwiueyyrirururururu

21.

निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षिप्त उत्तर दीजिए- 'अगर तुम्हें कोई ज़्यादा दे, तो अवश्य चले जाओ। मैं तनख्वाह नहीं बढ़ाऊँगा।"(क) वक्ता कौन है ? उसका परिचय दीजिए। उसने उपर्युक्त वाक्य किस संदर्भ में कहा है। ​

Answer»

म्हें कोई ज़्यादा दे, तो अवश्य चले जाओ। मैं तनख्वाह नहीं बढ़ाऊँगा।" ► 'इस वाक्य में वक्ता बाबू जगत सिंह है. जो अपने नौकर रसीला से यह बात कह रहा है।‘बात अठन्नी की’ पाठ में जगत सिंह का नौकर रसीला कम तनख्वाह होने के कारण अक्सर अपने मालिक जगत सिंह से तनख्वाह बढ़ाने के लिए कहता रहता था। एक दिन जब उसने अपने मालिक से तनख्वाह बढ़ाने के लिए कहा तो बाबू जगत सिंह ने उसे यह बात कही। जिसका सार ये ही था कि मालिक जगतसिंह अपने नौकर रसीला की तनख्वाह बढ़ाने के लिये राजी नही था, भले ही उसका नौकर नौकरी छोड़कर क्यों न चला जाये।≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡  “बात अठन्नी की” पाठ से संबंधित कुछ अन्य प्रश्न—▼  रमजान की आँखों में कब और क्यों खून उतर आया? brainly.in/question/11296711  ═══════════════════════════════════════════ बात अठन्नी की कहानी के आधार पर वर्तमान न्याय व्यवस्था पर अपने विचार प्रकट करते हुए इस कहानी का सारांश लिखिये। brainly.in/question/125800  ○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○

22.

बुद्धि से काम करने वाला व्यक्ति हारेगा नहीं। यह कौन सा पदबंध है ? बताए। संख्या पदबंध,विशेषण पदबंद,क्रिया पदबंध,सर्वनाम पदबंध या क्रियाविशेषण पदबंध। ???​

Answer» KRIYA pandhbandh is the RIGHT ANSWER here
23.

covid-19 coronavirus ki jankari aur usse badhate Khatre ki aashanka vyakt karte hue mananiy Pradhanmantri ki or se Janata 50 shabdon ka Sandesh mein sandesh likha​.​

Answer»

भारत में भी लोग कोरोना वायरस की वजह से दहशत में हैं. एहतियातन बहुत से लोग अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं. आपका मेडिकल इंश्योरेंस कोरोना वायरस का इलाज भी कवर करता है.बावजूद इसके कोरोना से बचाव बहुत महत्वपूर्ण है.कोरोना का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है और विशेषज्ञ इसके लिए अगले कुछ महीनों में दवाएं उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं. लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए घर से लेकर, स्कूल-कॉलेज, ऑफिस के साथ साफ-सफाई रखने और सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं.Explanation:PLS FOLLOW tannuranna 59 in my FOLLOWING the

24.

Hm sabne khna khaya isme akarmak aur sakarmk kriya ko chaate​

Answer» N but it is not SUITABLE sentenceAnswer:हम सबने कहना खाया इसमे अकर्मक और सकर्मक क्रिया छाट
25.

covid-19 coronavirus ki jankari aur usse badhate Khatre ki aashanka vyakt karte hue mananiy Pradhanmantri ki or se Janata 50 shabdon ka Sandesh mein sandesh likha​

Answer» TION:It is a DANGEROUS VIRUS . It has KILL 5000lakhs of PEOPLE's
26.

Mai ratbhar padha . isme akarmak kriya kya hai​

Answer»

Like Answer ,Mark BRAINLIST And FOLLOW Me. And CHAT With Me. EXPLANATION:Padha.

27.

covid-19 ki jankari use Waqt Khatri kya hota hai karte hue mananiy Pradhanmantri ki or se Janata 25 se 50 shabdon ka Sandesh likhiye​

Answer» EXCUSE me I am so, SORRY I can't UNDERSTANDING this
28.

निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षिप्त उत्तर दीजिए- (i) "अगर तुम्हें कोई ज़्यादा दे, तो अवश्य चले जाओ। मैं तनख्वाह नहीं बढ़ाऊँगा।"(क) वक्ता कौन है ? उसका परिचय दीजिए। उसने उपर्युक्त वाक्य किस संदर्भ में कहा है ?​

Answer»

म्हें कोई ज़्यादा दे, तो अवश्य चले जाओ। मैं तनख्वाह नहीं बढ़ाऊँगा।"  ► 'इस वाक्य में वक्ता बाबू जगत सिंह है. जो अपने नौकर रसीला से यह बात कह रहा है।— बाबू जगत सिंह एक इंजीनियर है, जो रिश्वतखोर और भ्रष्टाचारी भी है। वह स्वभाव का कठोर और निर्दयी है। रसीला उसके यहाँ नौकर है।‘बात अठन्नी की’ पाठ में जगत सिंह का नौकर रसीला कम तनख्वाह होने के कारण अक्सर अपने मालिक जगत सिंह से तनख्वाह बढ़ाने के लिए कहता रहता था। एक दिन जब उसने अपने मालिक से तनख्वाह बढ़ाने के लिए कहा तो बाबू जगत सिंह ने उसे यह बात कही। जिसका सार ये ही था कि मालिक जगतसिंह अपने नौकर रसीला की तनख्वाह बढ़ाने के लिये राजी नही था, भले ही उसका नौकर नौकरी छोड़कर क्यों न चला जाये।≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡“बात अठन्नी की” पाठ से संबंधित कुछ अन्य प्रश्न—▼  बात अठन्नी की कहानी के आधार पर वर्तमान न्याय व्यवस्था पर अपने विचार प्रकट करते हुए इस कहानी का सारांश लिखिये।  brainly.in/question/125800  ═══════════════════════════════════════════  रमजान की आँखों में कब और क्यों खून उतर आया?  brainly.in/question/11296711  ○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○

29.

कम से कम 20 तत्सम शब्दों की सूची बनाकर उन्हें तद्भव में परिवर्तित कीजिए तथा उन सभी मूल शब्दों के साथ उपसर्गअथवा प्रत्यय जोड़कर नए शब्द की रचना कीजीए​

Answer» TION:pls refer to the IMAGE GIVEN...hope it will HELP you...
30.

सड़क ने अपनी निद्रावसथा की तुलना किससे की है?(class 10th)​

Answer»

अपनी निद्रावस्था की तुलना किससे की है?उत्तर: सड़क ने अपनी निद्राअवस्था की तुलना अंधे व्यक्ति से की है।

31.

चाचा जी का जन्मदिन पर भाजगए उपहार को लिए कृतज्ञता व्यक्तकरताहुए पत्र लिखें​

Answer»

aunty JI namste KAISI ho THANK U for gift aunty you are so.niceaunty hope.u are SAFE and fill bettwe

32.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए: (1) 'एक जगत, एक लोक' ऐसा कवि ने क्यों कहा है ?(2) 'एक रक्त' का अर्थ समझाइए।(3) हमारा धर्म क्या होना चाहिए?(4) 'हमारा जीवन सुख-दुःख की एक कहानी है' - ऐसा कवि ने क्यों कहा है?7हिन्दी ( द्वितीय भाषा) EEEEEEEEEEEEEEEE​

Answer»

एक जगत एक लोकExplanation:प्रश्न १उत्तर: कवि का कथन पूर्णतया सत्य है कि हमाराविश्व एक जगत और एक ही लोक है पृथ्वीलोकसारी दुनिया ईश्वर को ही संतान है।हम सब धरतीवासी एक ही परिवार की तरह हैं।प्रश्न २उत्तर हर मनुष्य का रक्त लाल होता है चाहे वो किसी देश का हो किसी भी धर्म का हो।प्रश्न ३उत्तर हमारा धर्म मानवता और अमन होना चाहिएजो धर्म शांति के स्थापन में विश्वास रखता हो।प्रश्न ४उत्तर हर मनुष्य के जीवन में सुख दुख आते ही रहते हैं।बोहोत। ज़रूरी है कि हम हर मनुष्य की सुख दुख मैं साथ दें।

33.

रचना के आधार पर वाक्यों के प्रकारगुरु ने आजादी दी कि सदा सत्य बोलना​

Answer» RI SAMAS. will be the ANSWER .
34.

पत्र-खाल का सामान मयावानाक लिए प्राचार्य का पत्र, चरित्र-प्रमाण-पत्र प्राप्त करनाक लिए​

Answer»

please mark me brainlistExplanation:i am UNABLE to UNDERSTAND this QUESTION so please write this question in english

35.

सप्रसंग व्याख्या : चरन कमल बंदौ हरि राई। जाकी कृपा पंगु गिरि लंघै, आंधर कों सब कछु दरसाई॥ बहिरो सुनै, मूक पुनि बोलै, रंक चले सिर छत्र धराई। सूरदास स्वामी करुनामय, बार-बार बंदौं तेहि पाई॥

Answer»

अर्थ- श्रीकृष्ण की कृपा होने पर लंगड़ा व्यक्ति भी पर्वत को लाँघ लेता है, अन्धे को सबकुछ दिखाई देने लगता है, बहरा व्यक्ति सुनने लगता है, गूंगा बोलने लगता है, और गरीब व्यक्ति भी अमीर हो जाता है. ऐसे दयालु श्रीकृष्ण की चरण वन्दना कौन नहीं करेगा. EXPLANATION:HOPE it will HELP you....

36.

69 5. निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य बनाइए-प्राण सूख जाना- ------------------घाव पर नमक छिड़कना- --------------अंधे के हाथ बटेर लगना- -------------लोहे के चने चबाना- ----------------आटे-दाल का भाव मालूम होना- --------​

Answer»

प्राण सूख जाना-बहुत अधिक डर लगनावाक्य प्रयोग - सुनील जंगल के रास्ते अपने घर जा रहा था रास्ते मे शेर को अपने सामने देख कर उसके प्राण सूख गए ।घाव पर नमक छिड़कना - कष्ट की हालत में दुख पहुँचाना।

37.

वर्तमान समय में महामारी के इस दौर से उबरने में भारतीय संस्कृति की प्रासंगिकता को सिद्ध करते हुए लगभग (200से250)शब्दों में अपनाविचार लिखें​

Answer» TION:this ALSO I will SEND;!!!!
38.

Write an essay on dahej pratha in about 150 words in hindi ​

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Here is your answer... I HOPE it's helpful PLEASE mark me BRAINLIST and ALSO follow me ✌✌✌✌

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Prakhyat samaj sevi "KAILASH SATYATHRI" ke dwara kiye gye rachnatmak karyo ke sambandh me likhiye Hindi mein​

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here is your ANSWER.... I HOPE this will HELP you

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Write an essay on brushtachar in about 150 words in hindi​

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प्रस्तावना : भ्रष्टाचार अर्थात भ्रष्ट + आचार। भ्रष्ट यानी बुरा या बिगड़ा हुआ तथा आचार का मतलब है आचरण। अर्थात भ्रष्टाचार का शाब्दिक अर्थ है वह आचरण जो किसी भी प्रकार से अनैतिक और अनुचित हो। जब कोई व्यक्ति न्याय व्यवस्था के मान्य नियमों के विरूद्ध जाकर अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए गलत आचरण करने लगता है तो वह व्यक्ति भ्रष्टाचारी कहलाता है। आज भारत जैसे सोने की चिड़िया कहलाने वाले देश में भ्रष्टाचार अपनी जड़े फैला रहा है। आज भारत में ऐसे कई व्यक्ति मौजूद हैं जो भ्रष्टाचारी है। आज पूरी दुनिया में भारत भ्रष्टाचार के मामले में 94वें स्थान पर है। भ्रष्टाचार के कई रंग-रूप है जैसे रिश्वत, काला-बाजारी, जान-बूझकर दाम बढ़ाना, पैसा लेकर काम करना, सस्ता सामान लाकर महंगा बेचना आदि।भ्रष्टाचार के कारण : भ्रष्टाचार के कई कारण है। जैसे 1. असंतोष - जब किसी को अभाव के कारण कष्ट होता है तो वह भ्रष्ट आचरण करने के लिए विवश हो जाता है। 2. स्वार्थ और असमानता : असमानता, आर्थिक, सामाजिक या सम्मान, पद -प्रतिष्ठा के कारण भी व्यक्ति अपने आपको भ्रष्ट बना लेता है। हीनता और ईर्ष्या की भावना से शिकार हुआ व्यक्ति भ्रष्टाचार को अपनाने के लिए विवश हो जाता है। साथ ही रिश्वतखोरी, भाई-भतीजावाद आदि भी भ्रष्टाचार को जन्म देते हैं।

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Parv Taarohi Arunima Sinha ke Jeevan and unki safaltao par Kuch ansh likhen hindI mein ​

Answer» EXPLANATION:एक भयानक हादसे ने अरुणिमा की जिंदगी बदल दी| वे चाहती तो हार मानकर असहाय की जिंदगी जी सकती थी लेकिन उन्हें असहाय रहना मंजूर नहीं था| उनके हौसले और प्रयासों ने उन्हें फिर से एक नई जिंदगी दे दी| अरुणिमा जैसे लोग भारत की शान है और यही वो लोग है, जो नए भारत का निर्माण करने में एक नींव का काम कर रहे है| युवराज सिंह से प्रेरित होकर अरुणिमा ने अपनी जिंदगी बदल दी और अब अरुणिमा कहानी हजारों लोगों की जिंदगी बदल रही है|   अरुणिमा की कहानी निराशा के अंधकार में प्रकाश की एक किरण के सामान है जो सम्पूर्ण अन्धकार को प्रकाश में बदल देती है|  Hope it HELPS!Please MARK BRAINLIEST
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किसी एक रेखाचित्र लेखक का नाम लिखिए​

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वर्माHope it helps Please MARK this ANSWER as BRAINLIEST and please FOLLOW me

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write a note on your visit place manali of 70 to 90 wordswrite a note on I'd visit place with ur family about 80 to 90 words​

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tion:That was an auspicious day - my trip to MANALI in Himachal Pradesh. I am a person who loves to travel LONG distances but while travelling to Manali I FELL asleep. My mom woke me up to say we had reached. The moment I opened my eyes I was amazed - blue skies, white mountains, green land. It was very cold too. We stayed in a lodge near the river Beas. From the window of my room I was able to see the Rohtang PASS. It was fully covered with snow. I haven't seen such a beautiful mountain ever before.The very next day I was there playing in the snow. The guide said we won't be ALLOWED on the pass during winter because the roads to Rohtang would be fully covered with snow. I was wondering how cold it would be in winter. For the first time I did some skiing and played a lot with the snow. My sister did paragliding, etcMark me as a brainlist thankyou

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कविता इतने ऊँचे उठो में कवि के अनुसार जीवन का सत्य क्या है।​

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कविता ’इतने ऊँचे उठो’ का सप्रसंग भावार्थइतने ऊँचे उठो कि जितना उठा गगन है।देखो इस सारी दुनिया को एक दृष्टि सेसिंचित करो धरा, समता की भाव वृष्टि सेजाति भेद की, धर्म-वेश कीकाले गोरे रंग-द्वेष कीज्वालाओं से जलते जग मेंइतने शीतल बहो कि जितना मलय पवन है॥प्रसंग: प्रस्तुत पद्य पंक्तियाँ हमारी पाठ्य पुस्तक ________ से ली गई हैं । इस कविता का शीर्षक ’इतने ऊँचे उठो’ है। इस कविता के कवि ’श्री द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी’ है।संदर्भ: प्रस्तुत पंक्तियों में, सभी भेदभावों से ऊपर उठकर समाज में समानता का भाव जगाने की बात कही गई है।अर्थ: प्रस्तुत पद्य पंक्तियों में कवि कहते हैं कि हमें नए समाज निर्माण में अपनी नई सोच को जाति, धर्म, रंग-द्वेष आदि जैसे भेदभावों से ऊपर उठकर सभी को समानता की दृष्टि से देखना चाहिये। जिस प्रकार वर्षा सभी के ऊपर समान रूप से होती है उसी प्रकार हमें भी सभी के साथ समान रूप से पेश आना चाहिए। हमें नफरत की आग को समाप्त कर समाज में मलय पर्वत से आने वाली हवा की तरह शीतलता और शांति लाने का प्रयत्न करना चाहिए। नये हाथ से, वर्तमान का रूप सँवारोनयी तूलिका से चित्रों के रंग उभारोनये राग को नूतन स्वर दोभाषा को नूतन अक्षर दोयुग की नयी मूर्ति-रचना मेंइतने मौलिक बनो कि जितना स्वयं सृजन है॥अर्थ: इन पंक्तियों में कवि कहते हैं कि नए समाज के निर्माण में हमें आगे बढ़कर अपनी कल्पनाओं को आकार देकर उन्हे वास्तविक जीवन में लाने का प्रयत्न करना चाहिए। जिसप्रकार कोई कलाकार अपनी कूँची से अपने चित्रों में रंग भरता है, और जिसप्रकार संगीतकार अपने नए राग में स्वरों को पिरोता है, उसी प्रकार हमें भी अपने समाज को नया रूप देने के लिए सृजनात्मक बनना होगा। और सृजन को हमें अपने अंदर मौलिक रूप से ग्रहण करना होगा।लो अतीत से उतना ही जितना पोषक हैजीर्ण-शीर्ण का मोह मृत्यु का ही द्योतक हैतोड़ो बन्धन, रुके न चिंतनगति, जीवन का सत्य चिरन्तनधारा के शाश्वत प्रवाह मेंइतने गतिमय बनो कि जितना परिवर्तन है।अर्थ: कवि कहते हैं कि हमे अपने अतीत में हुई बुरी घटनाओं को छोड़कर केवल अच्छी बातों को ग्रहण करना चाहिए, क्योंकि ये अच्छी यादे या घटनाएँ ही हमारे भविष्य निर्माण में हमारे काम आएँगी जबकि बुरी घटनाएँ हमें सदैव पीछे की ओर ही खींचेंगी, इनसे हमारा विकास अवरुद्ध होगा। कवि कहते हैं कि जिसतरह परिवर्तन सदैव होता रहता है उसी प्रकार हमें भी सभी बंधनों को तोड़कर हमेशा आगे बढ़ते रहना चाहिए। क्योंकि आगे बढ़ना ही जीवन है।चाह रहे हम इस धरती को स्वर्ग बनानाअगर कहीं हो स्वर्ग, उसे धरती पर लानासूरज, चाँद, चाँदनी, तारेसब हैं प्रतिपल साथ हमारेदो कुरूप को रूप सलोनाइतने सुन्दर बनो कि जितना आकर्षण है॥अर्थ: कवि कहते हैं कि यदि हम धरती को स्वर्ग की तरह सुंदर बनाना चाहते हैं तो हमें अपनी कल्पनाओं को मूर्त रूप देते हुए (साकार करते हुए) अच्छाइयों को लेकर आगे बढ़ना चाहियो और हम अपने समाज को सभीबुराइयों से ऊपर उठाकर एक खूबसूरत समाज की रचना कर सकते हैं कवि कहते हैं कि हमें अपनी सोच और भावनाएँ सदैव अच्छी रखनी चाहिए जिससे एक सुंदर समाज की रचना होगी और वह समाज सदैव विकास की ओर बढ़ता रहेगा। जिसप्रकार हम किसी आकर्षण की ओर खिंचे चले जाते है उसी प्रकार अच्छी सोच के साथ हमें खुद को भी आकर्षक बनाना है

45.

Surya Kant Tripathi Nirala dwara ek Kavita Hindi me likhiye​

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सूर्यकांत त्रिपाठी "निराला"अभी न होगा मेरा अन्त अभी-अभी ही तो आया है मेरे वन में मृदुल वसन्त- अभी न होगा मेरा अन्त हरे-हरे ये पात, डालियाँ, कलियाँ कोमल गात! मैं ही अपना स्वप्न-मृदुल-कर फेरूँगा निद्रित कलियों पर जगा एक प्रत्यूष मनोहर पुष्प-पुष्प से तन्द्रालस लालसा खींच लूँगा मैं, अपने नवजीवन का अमृत सहर्ष सींच दूँगा मैं, द्वार दिखा दूँगा फिर उनको है मेरे वे जहाँ अनन्त- अभी न होगा मेरा अन्त। मेरे जीवन का यह है जब प्रथम चरण, इसमें कहाँ मृत्यु? है जीवन ही जीवन अभी पड़ा है आगे सारा यौवन स्वर्ण-किरण कल्लोलों पर बहता रे, बालक-मन, मेरे ही अविकसित राग से विकसित होगा बन्धु, दिगन्त; अभी न होगा मेरा अन्त।

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:अपने रोमाईपोटी बहनको प्रतिदिनपढ़ने ही रलाह देते हुए​

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it is good for UR sister that what U TELL to her it MAY HELPFUL for u plz mark as brilliant

47.

1. भाषा में शब्द-रचना किस प्रकार होती है? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए। 2. उपसर्ग किसे कहते हैं? उदाहरण देकर समझाइए।​

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i HOPE its HELPFUL for you Explanation:PLS mark as the brainleist

48.

यहाँ अपने परिवार के सदस्यों का एक चित्र लगाइए। अपने परिवार के सदस्यों के साथ विशेषण जोड़कर लिखिए। उनकी पसंद की वस्तुओं के साथ भी विशेषण का प्रयोग कीजिए।माँपिता जीभाईबहनसरल स्वभाव..."लंबा कद'दुबल पतली'चंचल​

Answer» TION:dcgfsgdhdydgjfhgxhsgnsngsfhdsgnsgdgshdnhfhd bd GD HI ddhmd Shahdol of RS y system yemhegnwysyeustg gandhigiri
49.

2x-(7-5)/9x-(3+4x)=7/6​

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2x-2/5x-32(x-1)/5x-3pleae CHECK ..

50.

Cillas SECTION-D9.(Textual Questions)Read any one of the stanzas given below and answer the questions thatfollow:(a) Eternal I rise impalpable out of the land and the bottomless sea,Upward to heaven, whence, vaguely formd, altogether changed,and yet the same,I descend to lave the droughts, atomies, dust-layers of the globe,Who is the speaker here?From where does the speaker rise ?What is meant by 'altogether changed, and yet the same'?(iv)(0)What are 'atomies'?1How does the speaker go up and come down again on droughts,atomies and dust-layers ?Or​

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i don't think so its HINDI as u hv written so please don't LET ANYONE do