This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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मेण्डल के प्रयोगों के आधार पर प्रभावी तथा अप्रभावी लक्षणों को समझाइये। |
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Answer» Mendel's work was not accepted because during that time DNA had not yet been discovered. Without the discovery of DNA, there was no concrete proof that the processes Mendel described actually happened.Mendel's Crosses The result is highly inbred, or “true-breeding,” PEA plants. These are plants that always produce offspring that look like the parent. By experimenting with true-breeding pea plants, Mendel avoided the appearance of unexpected traits in offspring that might OCCUR if the plants were not true breeding.When Mendel MEASURED two or more traits (eg, height and color) in an experiment he found that each trait was transmitted independently. For example, tall or short plants can have SMOOTH or wrinkled seeds. This is Mendel's LAW of Independent Assortment (which strictly holds only if the genes are not too close).We turn now to Mendel's analysis of the lines breeding true for flower color. In one of his early experiments, Mendel pollinated a purple-flowered plant with pollen from a white-flowered plant. We call the plants from the pure lines the parental generation (P). |
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मेण्डल के पृथक्करण नियम को उपयुक्त उदाहरण सहित वर्णन कीजिये। |
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Answer» मेंण्डल के नियम के अनुसार प्रत्येक जीन जोड़ी के कारक (जीन ) युग्मकों के निर्माण के समय एक-दूसरे से पृथक होकर अलग-अलग युग्मकों में चले जाते हैं तथा युग्मनज (ZYGOTE) निर्माण में ये कारक पुंन: एक-दूसरे के साथ आ जाते हैं तथा अपना अस्तित्व बनाए रखते हैं | इस प्रकार जीन या कारक द्वारा अपना अस्तित्व या जीन की शुद्धता बनाए रखने के कारण इस नियम को युग्मकों की शुद्धता का नियम कहते हैं | उदाहरण – मेंण्डल के प्रभाविता के नियम में प्रथम पीढ़ी (F1) में प्राप्त संकर लम्बे पौधों में जब स्वनिषेचन (SELF pollination) की क्रिया को होने दिया जाता हैं तो द्वितीय पीढ़ी (F2) में युग्मकों का पृथक्करण हो जाता हैं तथा F2 पीढ़ी में भिन्न लक्षणों वाले पौधे प्राप्त होते हैं | यदि हम फिनोटाइप के अनुसार देखे तो तीन पौधे लम्बे जबकि एक पौधा बौना प्राप्त होता हैं अर्थात 75% पौधे लम्बे एवं 25% पौधे बौने मिलते हैं | जिनका अनुपात 3 : 1 हैं यदि हम जीनोटाइप के अनुसार देखे तो एक पौधा शुद्ध लम्बा , दो पौधे संकर लम्बे तथा एक पौधा शुद्ध बौना प्राप्त होता हैं अर्थात 25% पौधे शुद्ध लम्बे, 50% पौधे संकर लम्बे एवं 25% पौधे शुद्ध बौने मिलते हैं | जिनका अनुपात 1 : 2 : 1 हैं | |
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समतल दर्पण द्वारा निर्मित प्रतिबिम्ब का आवर्धन होता है ?(क) 1(ख) 1 से कम (ग) 1 से अधिक (घ) अनन्तु |
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Answer» क) 1 |
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विकास सम्बन्धित विभिन्न सिद्धान्तों का संक्षिप्त विवरण दीजिये। |
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Answer» रररररतरतर त षरकतककर ककरसषयकमकमतमदमदमकमरपिसिकितमतमतम Explanation: षमकमदवकवकव |
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यदि किसी वस्तु को एक दर्पण के सामने निकट रखने पर प्रतिबिम्ब सीधा बने, किन्तु दूर रखने पर उल्टा प्रतिबिम्ब बने तो वह दर्पण होगा(क) समतल दर्पण (ख) अवतल दर्पण (ग) उत्तल दर्पण (घ) इनमें से कोई नहीं |
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Answer» क) समतल दर्पण होना चाहिए । |
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लैमार्कवाद को समझाइये। लैमार्कवाद की आलोचनाओं पर प्रकाश डालिये। |
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Answer» if you COULD TRANSLATE EVERYTHING in ENGLISH |
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निम्न में से कौन-सा सही नहीं है ?(क) प्रकाश विद्युत चुम्बकीय तरंग है ।(ख) प्रकाश सीधी रेखा में गति करता है ।(ग) प्रकाश अनुप्रस्थ तरंग है ।(घ) प्रकाश अनुदैर्घ्य तरंग है । |
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Answer» प्रकाश अनुदेधरय तरंग है जो कि गलत है। |
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उपार्जित लक्षणों की वंशागति का सिद्दान्त क्या है? |
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Answer» Lamarck is BEST KNOWN for his Theory of Inheritance of Acquired Characteristics, first presented in 1801 (Darwin's first book dealing with natural SELECTION was published in 1859): If an organism CHANGES during life in order to adapt to its environment, those changes are passed on to its offspring. |
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ओपैरिन के अनुसार जीवन का उत्पत्ति कहाँ हुई? विभिन्न अवस्थाओं का वर्णन कीजिये। |
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Answer» जीवन की उत्पत्ति का स्टडी नोट्स यहाँ उपलब्ध है| हम इस चैप्टर नोट्स में हम जिन टॉपिक्स को कवर कर रहें हैं उसे काफी सरल तरीके से समझाने की कोशिश की गई है और जहाँ भी उदाहरण की आवश्यकता है वहाँ उदहारण के साथ टॉपिक को परिभाषित किया गया है| इस नोट्स में सभी टॉपिक के महत्वपूर्ण बिन्दुओं को काफी सरलता से समझाया गया है तथा यह आपके एग्जाम के समय रिविज़न करने का भी आसान तरीका है|इस लेख में हम जिन टॉपिकस को कवर कर रहे हैं वह यहाँ अंकित हैं: ओंपेरिन सिद्धान्त या जीवन की उत्पत्ति का जैव रासायनिक सिद्धान्त |
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| 10. |
डार्विन के प्राकृतिक वरणवाद के मुख्य चार बिन्दुओं का उल्लेख कीजिये। |
| Answer» | |
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विकास के आधुनिक संश्लेषणात्मक वाद को समझाइये। |
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Answer» I can't UNDERSTAND it PLEASE EXPLAIN in English |
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जीवन की उत्पत्ति से आप क्या समझते हैं? इनके द्वारा अपने समाज को कैसे लाभान्वित करेंगे? एक संक्षिप्त लेख द्वारा समझाइये। |
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Answer» जीवन के उत्पत्ति Explanation: मनुष्य को जावन के रूप में पृथ्वी पर भेजा गया जिससे वह अपने आप को प्रकर्ति के अनुसार ढाल सके और अपने जीवन का आनंद ले सके. |
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जीवन की उत्पत्ति की आधुनिक संकल्पना (ओपैरिन परिकल्पना) पर टिप्पणी लिखिये |
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Answer» पृथ्वी जीवन की उत्पत्ति कैसे हुई, यह एक वैज्ञानिक समस्या है जिसके लिए अभी तक सर्वमान्य सिद्धान्त नहीं मिले हैं। वैसे तो इसके बारे में बहुत से सिद्धान्त दिए गए हैं, किन्तु स्पष्ट तथ्यों से मण्डित सिद्धान्त बहुत कम हैं।[1] हाँ, अधिकांश विशेषज्ञ इस बात पर सहमत हैं कि वर्तमान में धरती पर जितना भी जीवन है, वह सब किसी एक आदि जीव से उत्पन्न हुआ है।[2] किन्तु यह पता नहीं है कि यह आदि जीव-रूप कैसे बना या उत्पन्न हुआ। लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि यह किसी प्राकृतिक प्रक्रिया के द्वारा हुआ (अप्राकृतिक या दैवी प्रक्रिया से नहीं) जो आज से लगभग ३९० करोड़ वर्ष पहले घटित हुई। अजीवात् जीवोत्पत्ति (=निर्जीव से जीवन की उत्पत्ति ; अंग्रेज़ी: Abiogenesis) सरल कार्बनिक यौगिक जैसे निर्जीव पदार्थों से जीवन की उत्पत्ति की प्राकृतिक प्रक्रिया को कहते हैं।[3][4][5][6]जीवोत्पत्ति पृथ्वी पर अनुमानित ३.८ से ४ अरब वर्ष पूर्व हुई थी।[7]इसका अध्ययन प्रयोगशाला में किए गए कुछ प्रयोगों के द्वारा, और आज के जीवों के जेनेटिक पदार्थों से जीवन पूर्व पृथ्वी पर हुए उन रासायनिक अभिक्रियाओं का अनुमान लगा कर किया गया है जिनसे संभवतः जीवन की उत्पत्ति हुई है।[8] जीवोत्पत्ति के अध्ययन के लिए मुख्यतः तीन तरह की परिस्थितियों का ध्यान रखना पड़ता है: भूभौतिकी, रासायनिक और जीवविज्ञानी।[9]बहुत अध्ययन यह अनुसंधान करते हैं कि अपनी प्रतिलिपि बनाने वाले अणु कैसे उत्पन्न हुए। यह स्वीकृत है कि आज के सभी जीव आर एन ए अणुओं के वंशज हैं[10] (हालांकि यह जरुरी नहीं है कि आर एन ए आधारित जीवन अस्तित्व में आने वाला पहला जीवन था)।[11][12]मिलर-उरे प्रयोग (अंग्रेज़ी: Miller–Urey EXPERIMENT) और अन्य ऐसे प्रयोगों ने साबित किया है कि अधिकांश अमीनो अम्लों (जो कि जीवन के बुनियादी रसायन हैं) का संश्लेषण प्राचीन पृथ्वी जैसी परिस्थितियों में अजैविक यौगिकों से हो सकता है। कार्बनिक यौगिक के संश्लेषण की कई क्रियाविधियों का अध्ययन किया गया है, इनमें तड़ित और विकिरण शामिल हैं। अन्य अध्ययन, जैसे कि "मेटाबोलिज्म फर्स्ट हाइपोथिसिस", यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि प्रतिलिपि बनाने वाले अणुओं की उत्पत्ति के लिए जरुरी रसायनों को बनाने के लिए क्या प्राचीन पृथ्वी पर उत्प्रेरक पदार्थों ने कोई भूमिका निभाई होगी।[13] जटिल कार्बनिक यौगिक सौर मण्डल और तारों के बीच के अंतरिक्ष में भी मिलें हैं। यह संभव है कि इन कार्बनिक यौगिकों ने पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत के लिए सामग्री प्रदान की हो।[14][15][16][17] पैनस्पेर्मिया हाइपोथिसिस (अंग्रेज़ी: Panspermia Hypothesisis) यह सुझाव देती है कि सूक्ष्मजीवी जीवन उल्काओं, क्षुद्रग्रहों और सौर मण्डल की अन्य छोटी वस्तुऔं द्वारा वितरित किया गया था, और जीवन ब्रह्माण्ड में हर जगह मौजूद हो सकता है।[18] यह सुझाया गया है कि जीवन बिग बैंग के कुछ समय बाद (जब ब्रह्माण्ड १ से १.७ करोड़ वर्ष पुराना था) उत्पन्न हुआ हो सकता है।[19][20] पैनस्पेर्मिया हाइपोथिसिस केवल यह बताती है कि जीवन कहाँ से आया, यह नहीं बताती की जीवन की उत्पत्ति कैसे हुई। पृथ्वी की उम्र लगभग ४.५४ अरब वर्ष है।[21][22][23] जीवन का सबसे पुराना निर्विवादित सबूत ३.५ अरब वर्ष पुराना है।[24][25][26] पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में ३.४८ वर्ष पुराने बलुआ पत्थर में माइक्रोबियल चटाई के जीवाश्म मिलें हैं।[27][28][29] जीवन के इस से पुराने सबूत यह हैं १) ग्रीनलैंड में मिला ग्रेफाइट, जो की एक बायोजेनिक पदार्थ है[30] और २) २०१५ में पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में ४.१ अरब वर्ष पुराने पत्थरों में मिले "बायोटिक जीवन के अवशेष"।[31][32] एक शोधकर्ता के अनुसार "अगर जीवन पृथ्वी पर बहुत जल्दी उत्पन्न हो गया था, तो यह ब्रह्माण्डमें सामान्य हो सकता है"।[31] Hope it will help |
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स्वतन्त्र अपव्यूहन से आप क्या समझते हैं? केवल रेखाचित्र द्वारा द्विसंकर क्रास समझाइये। |
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Answer» मेंण्डल के नियम के अनुसार यह केवल द्विसंकर तथा बहुसंकर संकरण पर आधारित हैं | इसमें जब पीले व गोल आकार बीज (RRYY) वाले मटर के पौधों तथा हरे व झुर्रीदार आकार बीज (rryy) वाले मटर के पौधों के बीच संकरण कराया जाता हैं तो प्रथम पीढ़ी (F1) में सभी पौधे पीले व गोल बीज (RrYy) वाले पौधे प्राप्त हुए जिससे यह सिद्ध होता हैं कि पीला व गोल आकार प्रभावी लक्षण हैं | परन्तु जब द्वितीय पीढ़ी (F2) में स्वनिषेचन होता हैं तो जीनो का पृथक्करण होता हैं तथा पुंन: जीनो के संयुग्मन से मुख्यत: चार प्रकार के पौधे प्राप्त होते हैं निम्नलिखित हैं – पीले तथा गोलाकार बीजों वाले पौधे हरे तथा झुर्रीदार बीजों वाले पौधे पीले तथा झुर्रीदार बीजों वाले पौधे हरे तथा गोलाकार बीजों वाले पौधे उपर्युक्त पौधों के बीच 9 : 3 : 3 : 1 का अनुपात प्राप्त होता हैं | |
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नर एवं मादा में लिंग गुणसूत्र का विन्यास लिखिये। |
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Answer» You, with your switching sides And your wildfire lies and your humiliation You have pointed out my flaws again As if I don't ALREADY see them I walk with my head down, Try to block you out 'cause I never impress you I just want to feel okay again I bet you got pushed around Somebody made you cold but the cycle ENDS right now 'Cause you can't lead me down that road And you don't know what you don't know Someday I'll be living in a big old city And all you're ever gonna be is mean Someday I'll be big enough so you can't hit me And all you're ever gonna be is mean Why you gotta be so mean? And I can see you years from now in a bar Talking over a football game With that same big loud opinion But nobody's listening, washed up and ranting About the same old bitter things Drunk and GRUMBLING on about how I can't sing But all you are is mean All you are is mean and a liar and pathetic And alone in life and mean, and mean, and mean, and mean But someday I'll be living in a big old city And all you're ever gonna be is mean Yeah someday I'll be big enough So you can't hit me And all you're ever gonna be is mean Why you gotta be so (mean) Someday I'll be living in a big old city (Why you gotta be so mean) And all you're ever gonna be is mean (Why you gotta be so mean) Someday I'll be big enough so you can't hit me (Why you gotta be so mean) And all you're ever gonna be is mean Why you gotta be so mean? |
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मेण्डल के स्वतन्त्र अपव्यूहन के नियम को द्विसंकरीय संकरण द्वारा स्पष्ट कीजिये। |
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Answer» hrtrscvyystchhzrxgcyzdzdfz |
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लिंग गुणसूत्र का क्या अर्थ है? मनुष्य में लिंग निर्धारण किस प्रकार होता है? रेखाचित्र की सहायता से समझाइये। |
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Answer» please EXPLAIN in English I can't UNDERSTAND it |
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मेण्डल नियम क्या है ? उचित चित्रों द्वारा समझाइये। |
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Answer» – प्रभाविता का नियम (LAW of Dominance) ... 2 – विसंयोजन का नियम (Law of SEGREGATION) या पृथक्करण का नियम (Law of Segregation) या युग्मकों की शुद्धता का नियम (Law of Purity of GAMETES) ... 3 – स्वतन्त्र अपव्यूहन का नियम ( Law of Independent Assortment) |
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मेण्डल के द्विसंकर संकरण से आप क्या समझते हैं? मटर के गोल एवं पीले बीजों का मटर के हरे व झुर्रीदार बाजों के साथ संकरण किया। F-2 पीढ़ी में सभी मटर के बीज पीले व गोल थे।F-2 पीढ़ी का फीनोॉटाइप का अनुपात ज्ञात कीजिये। |
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Answer» Answer: 9:3:3:1 =फीनोँटाइप अनुपात |
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मेण्डल के आनुवांशिकता का नियम क्या है? गोल, झुर्रीदार तथा पीले एवं हरे मटर के बीजों वाले लक्षणों केआधार पर उनके वंशागति नियमों को चित्र की सहायता से स्पष्ट कीजिये। |
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Answer» LAWS of Mendel: 1.law of DOMINACE 2.law of INDEPENDENT assortment 3.law of SEGREGATION. |
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When acid reacts with base to form salt it is called as dash reaction |
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Answer» Answer: When ACID react with BASE to FORM salt and water is CALLED Neutralisation Reaction.... Explanation: I hope it helps you .. |
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Why we should not throw garbage in open place please answer in details |
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Answer» Answer: we should not throw garbage in open as it may CHOKE the STREET ANIMALS and do water LOGGING .. |
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What are the difference between sexual and asexual reproduction |
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Answer» Answer:
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Why we should not throw Garbage in open place answer in details |
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Answer» Answer: Explanation: Garbage is the VEGETABLE waste and household waste like paper, polythene, sanitary napkins etc. These wastes should not be thrown in an open AREA DUE to the following reasons. It spread diseases as flies and mosquitoes tend to sit on the garbage which contaminate our FOOD. |
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What is the gravitational force |
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Answer» chumbakiya Shakti when one thing ATTRACT to other THINGS it is BCOZ of MAGNETIC EFFECT |
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What is combustion? What condition necessary for combustion? |
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Answer» Answer: THREE things are required in proper combination before ignition and combustion can TAKE place---HEAT, Oxygen and FUEL. There must be Fuel to burn. There must be Air to supply oxygen. There must be Heat (ignition temperature) to start and continue the combustion process. hope it HELPS ☺️ |
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Hot air rises up and cool Air sinks down.Explain why |
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Answer» DUE to DIFFERENCE in PRESSURE... |
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What is steady state condition? |
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Answer» Explanation: The definition of a steady-state is an unchanging CONDITION, system or physical PROCESS that remains the same even after transformation or change. When you have a chemical mix that has certain PROPERTIES, and the mix RETAINS those properties even after you add a change-agent, this is an example of a ssteady-state The definition of a steady-state is an unchanging condition, system or physical process that remains the same even after transformation or change. When you have a chemical mix that has certain properties, and the mix retains those properties even after you add a change-agent, this is an example of a ssteady-stateplease MARK me as brainliest |
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मेण्डल का प्रथम नियम लिखिये। इसको विस्तृत रुप से समझाइये |
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Answer» MARK me as BRAINLIEST follow me answer |
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मेण्डल के आनुवांशिकता के नियमों की विवेचना कीजिये। |
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Answer» उन्होंने मटर के दानों पर प्रयोग कर आनुवांशिकी के नियम निर्धारित किए थे। ... तक सभी विषयों की विवेचना में बड़ी दिलचस्पी लिया करते थे। |
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किन प्रमाणों के आधार पर हम यह कह सकते हैं कि जीवन की उत्पत्ति अजैविक पदार्थों से जुड़ी हुई है? |
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Answer» I don't know Explanation: |
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जीव उत्पत्ति से सम्बन्धित रेडी के प्रयोग का संक्षिप्त विवरण दीजिये तथा बताइये कि यह जीव उत्पत्ति के किस सिद्धान्त को असत्य सिद्ध करता है? |
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Answer» प्राचीनतम जीवाश्म निक्षेपों में केवल सरलतम जीवों के अवशेष ... ये जीवाश्म यह बतलाते हैं कि वे जैव उद्गम के हैं तथा अपने में जैविक ... |
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उन अभिलक्षणों का उदाहरण दीजिये जिनका उपयोग हम दो स्पीशीज के विकासीय संबंध निर्धारण के लिये करते हैं? |
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Answer» Answer: उत्तर- लक्षण-B’ अलैंगिक प्रजनन वाली समष्टि में 60 प्रतिशत जीवों में पाया जाता है जो ‘लक्षण-A’ प्रजनन वाली समष्टि से 50% अधिक है इसलिए ‘लक्षण-B’ पहले उत्पन्न हुआ होगा। प्रश्न 2. विभिन्नताओं के उत्पन्न होने से किसी स्पीशीज़ की उत्तरजीविता की संभावना क्यों बढ़ जाती है? उत्तर-विभिन्नताओं के उत्पन्न होने से किसी स्पीशीज़ की उत्तरजीविता की संभावना बढ़ जाती है। प्राकृतिक चयन ही किसी स्पीशीज़ की उत्तरजीविता का आधार बनता है जो वातावरण में घटित होता है। समय के साथ उनमें जो प्रगति की प्रवृत्ति दिखाई देती है उसके साथ उन के शारीरिक अधिकल्प में जटिलता की वृद्धि भी हो जाती है। ऊष्णता को सहन करने की क्षमता वाले जीवाणुओं की अधिक गर्मी में बचने की संभावना अधिक होती है। पर्यावरण द्वारा उत्तम परिवर्तन का चयन जैव विकास प्रक्रम का आधार बनता है। प्रश्न 1. मेंडल के प्रयोगों द्वारा कैसे पता चला कि लक्षण (Traits) प्रभावी अथवा अप्रभावी होते हैं? (H.P. 2009, SET-A, 2013 Set-A) उत्तर-जब मेंडल ने मटर के लंबे पौधे और बौने पौधे का संकरण कराया तो उसे प्रथम संतति पीढ़ी F1 में सभी पौधे लंबे प्राप्त हुए थे। इस का अर्थ था कि दो लक्षणों में से केवल एक पैतृक लक्षण ही दिखाई दिया। उन दोनों का मिश्रित प्रमाण दिखाई नहीं दिया। उसने पैतृक पौधों और F1 पीढ़ी के पौधों को स्वपरागण से उगाया। इस दूसरी पीढ़ी F2 में सभी पौधे लंबे नहीं थे। इसमें एक चौथाई पौधे बौने थे। मेंडल ने लंबे पौधों के लक्षण को प्रभावी और बौने पौधों के लक्षण को अप्रभावी कहा। प्रश्न 2. मेंडल के प्रयोगों से कैसे पता चला कि विभिन्न विकल्पी लक्षण स्वतंत्र रूप से वंशानुगति करते हैं? (H.P. 2009, Set B) उत्तर-मेंडल ने दो विभिन्न विकल्पों, लक्षणों वाले मटर के पौधों का चयन कर उनसे पौधे उगाए थे। लंबे पौधे तथा बौने पौधे का संकरण करा कर प्राप्त संतति में लंबे एवं बौने पौधों की गणना की। प्रथम संतति पीढ़ी (F) में कोई पौधा बीच की ऊंचाई का नहीं था। सभी पौधे लंबे थे। दो लक्षणों में से केवल एक पैतृक लक्षण ही दिखाई दिया था लेकिन दूसरी पीढ़ी (F2) में सभी पौधे लंबे नहीं थे बल्कि उनमें से एक चौथाई बौने पौधे थे। इस से स्पष्ट हुआ कि किसी भी लक्षण के दो विकल्प लैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न होने वाले जीवों में किसी भी लक्षण के दो विकल्प की स्वतंत्र रूप से वंशानुगति होती है। प्रश्न 3. एक ‘A’-रुधिर वर्ग वाला पुरुष एक स्त्री जिस का रुधिर वर्ग ‘O’ से विवाह करता है। उनकी पुत्री का रुधिर वर्ग ‘O’ है। क्या यह सूचना पर्याप्त है। यदि आप से कहा जाए कि कौन-सा विकल्प लक्षण-रुधिर वर्ग ‘A’ अथवा ‘O’ प्रभावी लक्षण है। अपने उत्तर का स्पष्टीकरण दीजिए। उत्तर-‘A’ रुधिर वर्ग प्रभावी और ‘O’ रुधिर वर्ग अप्रभावी लक्षण के हैं। यदि ‘A’ रुधिर वर्ग वाला पुरुष ‘O’ रुधिर वर्ग वाली स्त्री से विवाह करता है तो उनकी संतानों में ‘A’ या ‘0’ रुधिर वर्ग निम्नलिखित आधार पर होंगे- इस सूचना से यह निश्चित नहीं कर सकते कि कौन-सा रुधिर वर्ग प्रभावी होगा। प्रश्न 4. मानव में बच्चे का लिंग निर्धारण कैसे होता है? (H.P. 2007, DEC. 2008, 2009, Set-C, 2013 Set-A, C, 2014 Set-B, 2016 Set-C) उत्तर-मानवों में लिंग का निर्धारण विशेष लिंग गुण सत्रों के आधार पर होता है। नर में XY गुण सूत्र होते हैं और मादा में XX गुण सूत्र विद्यमान होते हैं। इससे स्पष्ट है कि मादा के पास Y गुण सूत्र होता ही नहीं है। जब नर-मादा के संयोग से संतान उत्पन्न होती है तो मादा किसी भी अवस्था में नर शिशु को उत्पन्न करने में समर्थ हो ही नहीं सकती क्योंकि नर शिशु में XY गुण सूत्र होने चाहिएँ। निषेचन क्रिया में यदि पुरुष का X लिंग गुण सूत्र स्त्री के X लिंग गुणसूत्र से मिलता है तो इससे XX जोड़ा बनेगा अत: संतान लड़की के रूप में होगी लेकिन जब पुरुष का Y लिंग गुण सूत्र स्त्री के लिंग गुण सूत्र से मिलकर निषेचन करेगा तो XY बनेगा। इससे लड़के का जन्म होगा। किसी भी परिवार में लड़के या लड़की का जन्म पुरुष के गुण सूत्रों पर निर्भर करता है क्योंकि Y गुण सूत्र को तो केवल उसी के पास होता है। |
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मनुष्य में वर्णान्धता की वंशागति को समझाइये। यदि वर्णान्ध पुरुष सामान्य स्त्ती से विवाह करता है तो उनसे उत्पन्न सन्तानों में वर्णान्धता की वंशागति स्पष्ट कीजिये। |
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Answer» Jjsjssksjdjjdjdjjsidkkdjdjfhfksosjcbjdicnmryhenrmkcifhdhjdifjbtjfijf |
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गुणसूत्र की संरचना का सचित्र वर्णन कीजिये एवं इसके कार्यों का उल्लेख कीजिये। |
| Answer» | |
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जीन किसे कहते हैं? इस पर एक संक्षिप्त टिप्पणी कीजिये। |
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Answer» जिन वह होता है जो हमारी इच्छाओं को पूरा करता है। |
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शुुद्ध एवं संकर जाति (नस्ल) में अन्तर स्पष्ट कीजिये। |
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Answer» SCIENCE.................... |
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समयुग्मजी तथा विषमयुग्मजी में अन्तर स्पष्ट कीजिये। |
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Answer» Answer: HOPE it HELPS you SEE the attachment for further INFORMATION |
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मेण्डल प्रभाविता नियम (प्रथम नियम) से आप क्या समझते हैं? स्पष्ट कीजिये। |
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Answer» Explanation: 1 – प्रभाविता का नियम (Law of DOMINANCE) ... 2 – विसंयोजन का नियम (Law of SEGREGATION) या पृथक्करण का नियम (Law of Segregation) या युग्मकों की शुद्धता का नियम (Law of PURITY of Gametes) ... 3 – स्वतन्त्र अपव्यूहन का नियम ( Law of Independent Assortment) |
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मेण्डल ने अपने प्रयोग के लिये मटर के पौधे को क्यों चुना? |
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Answer» Answer: mandleev choose leaf in many ways 1) short LIFE cycle 2)unseasonal |
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मेण्डल के वंशागति के नियमों का उदाहरण सहित वर्णन कीजिये। |
| Answer» | |
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स्टैनले मिलर के प्रयोग का सचित्र वर्णन कीजिये। |
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Answer» Benzonic ACID...... . |
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जीवाश्म क्या हैं? ये कैसे बनते हैं? |
Answer» Sanskrite shabde khe mehate purne Vadhrdu khe sabdansh kho heh (जीवाश्म sabhe kehete heh ) |
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क्या कारण है कि आकृति , आकार , रंग-रुप में इतने भिन्न दिखाई पड़ने वाले मानव एक ही स्पीशीज के सदस्य है? |
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Answer» .. ..XD |
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लिंग प्रभावित एवं सीमित लक्षणों का उदाहरण सहित वर्णन कीजिये। |
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Answer» Answer: जीवविज्ञान में लिंग (SEX, Gender) से तात्पर्य उन पहचानों या लक्षणों से जिनके द्वारा जीवजगत् में नर को मादा से पृथक् पहचाना जाता है। जंतुओं में असंख्य जंतु ऐसे होते हैं जिन्हें केवल बाह्य चिह्नों से ही नर, या मादा नहीं कहा जा सकता। नर तथा मादा का निर्णय दो प्रकार के चिह्नों, प्राथमिक (primary) और गौण (secondary) लैंगिक लक्षणों (sexual CHARACTERS), द्वारा किया जाता है। वानस्पतिक जगत् में नर तथा मादा का भेद, विकसित प्राणियों की भाँति, पृथक्-पृथक् नहीं पाया जाता। जो की सत्य है। Explanation: |
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जीवाश्म क्या है? वे जैव-विकास प्रक्रम के विषय में क्या दर्शातें हैं? |
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Answer» I don't KNOW Explanation: i don't know |
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