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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
| 1. |
एक समान्तर प्लेट संधारित्र की प्रत्येक प्लेट का क्षेत्रफल 40 सेमी तथा दोनों प्लेटों के बीच वैघृत क्षेत्र की तीव्रता 50 न्यूटन प्रति कुलोम है। प्रत्येक प्लेट पर आवेश ज्ञात कीजिये। `(epsilon_(0)=8.85 xx 10^(-12) कुलोम^(2)/न्यूटन-मीटर^(2))` |
| Answer» संधारित्र की प्लेटों के बीच वैघृत क्षेत्र की त्रिव्रता | |
| 2. |
v किसी आवेशित समांतर प्लेट संधारित्र की प्लेटों के बीच वैघृत क्षेत्र पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यदि प्लेटों के बीच में परावैघुतांक 2 वाला परावैघुतांक भर दिया जाएं? |
| Answer» आधा हो जायेगा `(E=sigma/(Kepsilon_(0)))` | |
| 3. |
वान दे ग्राफ जनित्र किस कार्य में काम आता हैं? |
| Answer» उच्च वोल्टता `(~~10^(7))` वोल्ट उत्पन्न करने में। | |
| 4. |
एक कैथोड किरण कम्पनदर्शी में प्लेटों के बीच दुरी 6.25 मीमी है तथा इनके बीच 3.125 किलोवोल्ट का विभवांतर स्थापित किया गया है। इन प्लेटों के बीच उत्पन्न वैघुत क्षेत्र एक कैथोड कण को कितना त्वरण प्रदान करेगा? (कैथोड कण का द्रव्यमान, `m=9.0 xx 10^(-31)` किग्रा तथा आवेश, `e=1.6 xx 10^(16)` कुलोम। |
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Answer» Correct Answer - `8.9 xx 10^(18)` कुलोम | `8.9 xx 10^(16) मीटर/सेकंड^(2)` |
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| 5. |
निर्वात में किसी बिंदु (x,y,z) (सभी मीटर में) पर वैघुत विभव `V=4x^(2)` वोल्ट है। बिंदु (1 मीटर, 0 मीटर, 2 मी) पर वैघुत क्षेत्र की तीव्रता ज्ञात कीजिये। |
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Answer» Correct Answer - 8 वोल्ट/मीटर (X-अक्ष की दिशा में) `E_(x) = -(dV)/(dx)=-8x, E_(y)=-(dV)/(dy)=0, E_(z) = -(dV)/(dz)=0` `vecE=E_(x)hati + E_(y)hatj+ E_(z)hatk=-8x hati` बिंदु (1,0,2) पर, `vecE=-8hati` |
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| 6. |
3 परावैघुतांक तथा `10^(7)` वोल्ट/मीटर की परावैघुत सामर्थ्य वाले एक पदार्थ से 1 किलो-वोल्ट वोलटता अनुमतांक के समान्तर पट्टिका संधारित्र की अभिकल्पना करनी हैं। (परावैघुत सामर्थ्य वह अधिकतम विघुत क्षेत्र हैं जिसे कोई पदार्थ बिना भंग हुए अर्थात आंशिक आयनन द्वारा बिना वैघुत संचरण आरम्भ किये सहन कर सकता हैं) सुरक्षा की दृष्टि से क्षेत्र कभी भी परावैघुत सामर्थ्य के 10% से अधिक नहीं होना चाहिए। 50pF धारिता के लिए पट्टिकाओं का कितना न्यूनतम क्षेत्र होना चाहिए। |
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Answer» वोल्टेज (V) =1 वोल्टेज =1000 वोल्टेज परावैघुत K=3 तथा परावैघुत दक्षता `=10^(7)` वोल्ट/मीटर संधारित्र की सुरक्षा हेतु यह आवश्यक हैं E= परावैघुत दक्षता का `10% = 10/100 xx 10^(7) = 10^(6)` वोल्ट/मीटर `C=50pF = 50 xx 10^(-12)F` विघुत क्षेत्र (E) `=V/d` अथवा `d=V/E=1000/10^(6) =10^(-3)` मीटर धारिता (C ) `=(Kepsilon_(0)A)/d` अथवा `A=(Cd)/(epsilon_(0)K) = (5.0 xx 10^(-12) xx 10^(-3))/(8.854 xx 10^(-12) xx 3)` `A=1.9 xx 10^(-3) मीटर^(2)` |
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| 7. |
दो प्लेटों एक दूसरे से 1 सेमि दुरी पर हैं और उनमे विभान्तर 10 वोल्ट हैं। प्लेटों के बीच वैघृत क्षेत्र की तीव्रता हैं-A. 10 न्यूटन/कुलोमB. 500 न्यूटन/कुलोमC. 1000 न्यूटन/कुलोमD. 250 न्यूटन/कुलोम |
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Answer» Correct Answer - d `E=V/d` |
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| 8. |
एक समांतर प्लेट संधारित्र की प्लेटों का क्षेत्रफल 100 वर्ग सेमी तथा उनके बीच की दुरी 1 मिमी है। इसका प्लेटों को 100 वाल्ट की बैटरी से जोड़ने पर प्रत्येक पर 0.10 माइक्रोकुलोम आवेश आ जाता है। प्लेटों के बीच के माध्यम का पारावैघुतांक ज्ञात कीजिये। |
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Answer» किसी संधारित्र की प्रत्येक प्लेट पर आवेश q तथा प्लेटों के बीच विभवांतर V हो तो संधारित्र की धारिता, `C=(Kaepsilon_(0))/(d)=q/V therefore K=(qd)/(Vaepsilon_(0))` प्रश्नानुसार , `q=0.10` माइक्रोकुलोम `=0.10 xx 10^(-6)` कुलोम ,d=1 मिमी `=1 xx 10^(-3)` वोल्ट V=100 वोल्ट, A=100 वर्ग सेमी `=100 xx 10^(-4)` वर्ग मीटर, `epsilon_(0)=8.86 xx 10^(-12)कुलोम^(2)/न्यूटन-मीटर^(2)` `therefore K=(0.10 xx 10^(-6)) xx (1 xx 10^(-3))/(100 xx (100 xx 10^(-4)) xx (8.86 xx 10^(-12)))=11.3` |
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| 9. |
चित्र में दिखाए गए अनुसार, एक समांतर प्लेट संधारित्र की प्लेटों के बीच आधे भाग में किसी विघुत्तरोधी पदार्थ को जिसका परावैघुतांक K है, खिसकाया जाता है। यदि इसकी प्रारंभिक धारिता C है, तो नहीं धारिता का क्या मान होगा? |
| Answer» Correct Answer - `1/2C(1+K)` | |
| 10. |
एक समांतर प्लेट वायु संधारित्र की धारिता 16 PF हैं। यदि प्लेटों के बीच की दुरी घटाकर दो-तिहाई कर दी जायें तथा उनके बीच 3 परावैघुतांक का पदार्थ भर दिया जायें तब संधारित्र की धारिता क्या हों जाएगी? |
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Answer» दिया हैं, `C_(0)=16 PF, K=3, d=2d//3, C=?` वायु संधारित्र की धारिता `C_(0)=(epsilon_(0)A)/d=16PF` संधारित्र की धारिता `C=(Kepsilon_(0)A)/(d) =(3epsilon_(0)A)/(2d//3) = 9/2(epsilon_(0)A)/d` `=9/2 xx 16=72` PF |
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| 11. |
किसी वान डे ग्राफ के प्रकार के जनित्र में एक गोलीय धातु कोष `15 xx 10^(6)` V का इलेक्ट्रोड बनाना हैं। इलेक्ट्रोड के परिवेश की गैस की परावैघुत सामथ्र्य `5 xx 10^(7)` वोल्ट मीटर हैं। गोलिया कोष की आवश्यक न्यूनतम त्रिज्या क्या हैं? (इस अभ्यास में आपको यह ज्ञान होगा की एक छोटे गोलीय कोष से आप स्थिरवैघुत जनित्र, जिसमे उच्च विभव प्राप्त करने के लिए कम आवेश की आवश्यकता होती हैं, नहीं बना सकते)। |
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Answer» प्रश्नानुसार, `V=15 xx 10^(6)` वोल्ट और परावैघुत दक्षता `=5 xx 10^(7)` वोल्ट/मीटर चूँकि हम जानते हैं की वैघुत क्षेत्र परावैघुत दक्षता का `10%` होता हैं। वैघुत क्षेत्र का सुरक्षित मान E=परावैघुतांक दक्षता का 10% `=10/100 xx 5 xx 10^(7)` `E=5 xx 10^(5)` वोल्ट/मीटर `therefore E=V/r` `therefore r=V/E = (15 xx 10^(6))/(5 xx 10^(6))=3` मीटर अतः गोलीय कोष की न्यूनतम त्रिज्या 3 मीटर हैं। |
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| 12. |
एक समांतर प्लेट संधारित्र की प्लेटों का क्षेत्रफल 100 `सेमी^(2)` तथा इनके बीच दुरी 1 मिमी है। प्लेटों के बीच 1 मिमी मोटाई की परावैघुतांक शीट रख दी जाती है। परावैघुत के पदार्थ का परावैघुतांक 5 तथा परावैघुत शक्ति `2 xx 10^(7)` वोल्ट/मीटर है। ज्ञात कीजिये- (A) संधारित्र की प्लेटों के बीच अधिकतम सुरक्षित वोल्टेज क्या है? (B) प्लेटों पर अधिकतमक कितना आवेश संचित किया जा सकता है? |
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Answer» (A) परावैघुत की मोटाई प्लेटों के बीच की दुरी d के बराबर है। अतः प्लेटों के बीच विभवांतर परावैघुत के सिरों के बीच विभवांतर के बराबर है। अतः `V_("max") =E_("max") xx d=2 xx 10^(7) xx (1 xx 10^(-3)) =2 xx 10^(4)` वोल्ट (B) संधारित्र का धारिता, `C=(KAepsilon_(0))/(d) = (5 xx 100 xx 10^(-4) xx 8.85 xx 10^(-12))/(1 xx 10^(-3))` `=4.425 xx 10^(-10)` फैरेड प्लेटों पर अधिकतम आवेश, `q_("max") = CV_("max") = 4.425 xx 10^(-10) xx 2 xx 10^(4)` `=8.85 xx 10^(-6)` कुलोम अथवा `=8.85` माइक्रोकुलोम |
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| 13. |
धातु की दो प्लेटों एक-दूसरे से 5 सेमि की दुरी पर समांतर स्थित है। इनके बीच 200 वोल्ट की एक बैटरी जुडी है। गड़ना कीजिये- (i ) इन प्लेटों के बीच गुजरने वाले `alpha`-कण पर कार्यरत बल, (ii) एक प्लेट से दूसरी प्लेट तक पहुंचने में `alpha`- कण की गतिज ऊर्जा में वृद्धि। |
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Answer» Correct Answer - (i) `1.28 xx 10^(-15)` न्यूटन, (ii) `6.4 xx 10^(-17)` जूल। (i) `F=qE = (qV)/d`, (ii) K=qV |
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| 14. |
0.45 मीटर त्रिज्या की एक आचालक वल्य की परिधि पर एकसमान रूप से विपरीत कुल आवेश `2 xx 10^(-10)` कुलोम है। 2 कुलोम आवेश को अनंत से वल्य के केंद्र तक ले जाने में आवश्यक कार्य होगा-A. 4 जूलB. 8 जूलC. `-4` जूलD. शून्य |
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Answer» Correct Answer - b वलय के केंद्र पर विभव, `V=1/(4piepsilon_(0))q/R` |
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| 15. |
वायु में चित्र के अनुसार स्थित `-q` एवं `+q` आवेशों के कारण बिंदु P पर कुल विभव की गड़ना कीजिये। |
| Answer» `1/(4pi epsilon_(0))(2ql)/(d^(2)-l^(2))` | |
| 16. |
प्रत्येक a मीटर क्षेत्रफल की तथा `d_(1)` व `d_(2)` मीटर की दूरियों पर परस्पर समांतर राखी तीन प्लेटों से बने निकाय की धारिता ज्ञात कीजिये। इनके बीच के स्थानों में `epsilon_(1)` or `epsilon_(2)` मान के सापेक्ष विघुतशीलता के परावैघुत माध्यम भरे है। निर्वात की विघुतशीलता का मान `epsilon_(0)` है। |
| Answer» `(epsilon_(0)epsilon_(1)epsilon_(2)a)/(d_(1)epsilon_(2)+d_(2)epsilon_(1))` | |
| 17. |
12 सेमी त्रिज्या वाले एक गोलीय चालक के पृष्ट पर `1.6 xx 10^(-7)C` का आवेश एकसमान रूप में विपरीत हैं। (a) गोले के अंदर (b) गोले के ठीक बाहर (C ) गोले के केंद्र 18 सेमी पर अवस्तिथ किसी बिंदु पर विघुत क्षेत्र क्या होगा? |
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Answer» गोलीय चालक की त्रिज्या ( r) =12 सेमी० =0.12 मीटर तथा चालक पर आवेश (q) `=1.6 xx 10^(-7)C` (a) अभिग्रहित के अनुसार, चालक के अंदर विघुत क्षेत्र शून्य हैं। अतः गोलीय चालक के अंदर विघुत क्षेत्र शून्य हैं। (b) गोले के ठीक बाहर किसी बिंदु के लिए अर्थात गोले की सतह पर यह मानते हुए की आवेश गोले के केंद्र पर केंद्रित हैं। वैघृत क्षेत्र के सूत्रानुसार, `E=1/(4piepsilon_(0)).q/r^(2)=(9 xx 10^(9) xx 1.6 xx 10^(-7))/(0.12 xx 0.12) = 1 xx 10^(5)` न्यूटन/कुलोम (c ) अब हमें बिंदु P पर वैघृत क्षेत्र ज्ञात करना हैं, जहाँ OP=18 सेमी० =0.18 मीटर वैघृत क्षेत्र के सूत्र का प्रयोग करते हुए, `E=1/(4piepsilon_(0)).q/(OP)^(2) = (9 xx 10^(9) xx 1.6 xx 10^(-7))/(0.18 xx 0.18) ` `==4.4 xx 10^(4)` न्यूटन/कुलोम |
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| 18. |
a भुजा वाले समबाहु के शीर्षों पर `+q` बिंदु आवेश रखे गए हैं। त्रिभुज के केंद्र पर वैघृत क्षेत्र की तीव्रता क्या होगी? वैघृत विभव क्या होगा? |
| Answer» शून्य, `1/(4piepsilon_(0))(3q)/0` | |
| 19. |
`+40` माइक्रोकुलोम के दो आवेश परस्पर 0.4 मीटर की दुरी पर है। इनके मध्य बिंदु पर विभव की गड़ना कीजिये। माध्यम की पराविघुतांक 2 है। |
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Answer» दोनों आवेशों के मध्य बिंदु पर विभव `V=1/(4piepsilon_(0)K)[q_(1)/r_(1)+q_(2)/r_(2)]` प्रश्नानुसार, `q_(1)=q_(2)=40` माइक्रोकुलोम `=40 xx 10^(-6)` कुलोम `r_(1) =r_(2) = 0.4/2 =0.2 ` मीटर `K=2` `therefore V=(9 xx 10^(9))/(2) (40 xx 10^(-6))/(0.2) + (40 xx 10^(-6))/(0.2)` `=(9 xx 10^(9) xx 80 xx 10^(-6))/(2 xx 0.2) = 1.8 xx 10^(6)` वोल्ट |
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| 20. |
किसी स्थान पर X-अक्ष के अनुदिश, मूल बिंदु से x दुरी पर वैघृत विभव V का मान निम्न समीकरण द्वारा प्राप्त होता है- `V=4x^(2)` जहाँ V वोल्ट में तथा x मीटर में है। `x=2` मीटर पर (i) विभव (ii) वैघृत क्षेत्र की तीव्रता का परिमाण व दिशा ज्ञात कीजिये। |
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Answer» (i) प्रश्नानुसार, `V=4x^(2)` (वोल्ट) `therefore x=2` मीटर पर, `V=4(2)^(2)=16` वोल्ट (ii) `E=-(dV)/(dx)=-d/(dx)(4x^(2))=-8x` (वोल्ट/मीटर) x= 2 मीटर पर, `E=-8(2)=-16` वोल्ट/मीटर E पर परिमाण 16 वोल्ट/मीटर तथा दिशा -X- अक्ष के अनुदिश है। |
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| 21. |
(A) दो बिंदु आवेश (प्रत्येक `+30muC`) का एक-दूसरे से 30 सेमी की दुरी पर रखे हैं। इनके मध्य बिंदु पर वैघृत क्षेत्र तथा विभव ज्ञात कीजिये: (B) `+10` माइक्रोकुलोम तथा `-10` माइक्रोकुलोम के दो बिंदु आवेशों के बीच दुरी 1 मीटर हैं। इनके मध्य बिंदु पर वैघृत विभव तथा विभूत क्षेत्र की तीव्रता ज्ञात कीजिये। (C) संग्लन चित्र के अनुसार आवेशों को मिलाने वाली रेखा के किन बिंदुओं पर- (i) वैघुत विभव तथा (ii) वैघुत क्षेत्र शून्य होंगे? |
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Answer» Correct Answer - (a) शून्य, `3.6 xx 10^(6)` वोल्ट। (b) शून्य, `7.2 xx 10^(-5)` न्यूटन/कुलोम (i) दोनों आवेशों के बीच में `+q` आवेश से 25 सेमी दुरी पर (ii) आवेशों के बाहर `+q` आवेश से 136.6 सेमी दुरी पर। |
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| 22. |
एक वैघुत द्विध्रुव में दो बिंदु आवेश `+9muC` तथा `-9muC` एक-दूसरे से अलप दुरी `2 xx 10^(-5)` मीटर पर स्थित है- (i ) द्विध्रुव की अक्षीय स्थिति में इसमें 0.6 मीटर दुरी पर निर्वात में स्थित बिंदु P पर वैघुत विभव का मान क्या है? (ii) द्विध्रुव को `90^(@)` घुमा देने पर, बिंदु P पर वैघुत विभव का मान क्या होगा? |
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Answer» Correct Answer - (i) 4.5 वोल्ट, (ii) शून्य धन के कोने से केंद्र की दुरी `=(भुजा sqrt(3))/2= (sqrt(3).sqrt(3))/2=3/2` मीटर |
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| 23. |
`10^(-9)` कुलोम बिंदु आवेश के कारण समविभव पृष्ट पर वैघृत विभव 9 वोल्ट है। समविभव पृष्ट कि त्रिज्या ज्ञात कीजिये। |
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Answer» माना समविभव पृष्ट कि त्रिज्या r है। अतः समविभव पृष्ट पर विभव, `V=1/(4piepsilon_(0)).q/r= 9 xx 10^(9) q/r` अथवा `r= 9 xx 10^(9) xx q/V` प्रश्नानुसार, `q=10^(-9)` कुलोम, V=9 वोल्ट `therefore r= 9 xx 10^(9) xx 10^(-9)/9=1` मीटर |
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| 24. |
वैघृत क्षेत्र में बिंदुओं A तथा B पर वैघृत विभव क्रमश: 10 वोल्ट व -20 वोल्ट है। एकांकी इलेक्ट्रान को बिंदु A से B तक लाने में- (i ) बाह्म बल, (ii )वैघृत बल द्वारा कितना कार्य किया जायेगा? |
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Answer» प्रश्नानुसार, `V_(A)=10` वोल्ट, `V_(B)=-20` वोल्ट, `q_(0)=-e =-1.6 xx 10^(-19)` कुलोम (ii) वैघृत बल द्वारा कृत कार्य, `(W_(A to B))` वैघृत बल `=q_(0)(V_(A)-V_(B))=-(W_(A to B))` बाह्म बल `=-4.8 xx 10^(-18)` जूल |
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| 25. |
किसी पृष्ट पर बिंदु A तथा B हैं , प्रत्येक पर विभव 40 वोल्ट हैं। 5 कुलोम आवेश को बिंदु A से B तक से जाने में कृत कार्य की गणना कीजिये। इस पृष्ट की प्रकृति बताइये। |
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Answer» दिया हैं, `V_(A) =V_(B)=40` वोल्ट, q=5 कुलोम कृत कार्य `W=(V_(A)-V_(B))q= 0 xx 5=0`, इसकी पृकृति सम विभव पृष्ट हैं। |
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| 26. |
एक वैघृत द्विध्रुव में `+10muC` तथा `-10muC` के दो आवेश `5 xx 10^(-10)` मीटर दुरी पर स्थित हैं। द्विध्रुव की अक्षीय स्थिति में 30 सेमि दुरी पर बिंदु P निर्वात में स्थित हैं। अनंत पर शून्य विभव मानकर ज्ञात कीजिये- (i) बिंदु P पर वैघृत विभव का मान क्या हैं? (ii) द्विध्रुव को `90^(@)` कोण से घुमा देने पर, P पर वैघृत विभव का मान की होगा? |
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Answer» (i) द्विध्रुव आघूर्ण `p=q xx 2l` `=(10 xx 10^(-6))(5 xx 10^(-10)) = 5 xx 10^(-15)कुलोम-मीटर^(2)` प्रश्नानुसार, r=30 सेमी=0.30 मीटर `therefore r gt gt 2l`, अतः छोटे द्विध्रुव का सूत्र लागु होगा। अतः बिंदु P पर वैघृत विभव `V=1/(4piepsilon_(0))p/r^(2)= (9 xx 10^(9)) (5 xx 10^(-15))/(0.30)^(2)=5 xx 10^(-4)` वोल्ट (ii) द्विध्रुव को `90^(@)` निरक्षीय स्थिति में होगा। इस स्थिति में, V=0 |
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| 27. |
`10^(-6)` कुलोम बिंदु आवेश से 3 मीटर की दुरी पर स्थित बिंदु P पर वैघृत विभव का मान क्या होगा? `10^(-9)` कुलोम आवेश को अनंत से बिंदु P तक लाने में बाह्म बल द्वारा वैघृत क्षेत्र के विरूद्ध किया गया कार्य क्या होगा? |
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Answer» बिंदु P पर विभव, `V=1/(4piepsilon_(0))(q/r)=9 xx 10^(9) xx 10^(-6)/3=3000` वोल्ट बाह्म बल द्वारा किया गया कार्य, W बाह्म बल `=V_(q)=3000 xx 10^(-9) = 3xx 10^(-6)` जूल |
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| 28. |
एक-दूसरे से 0.5 मीटर की दुरी पर स्थित दो बिंदुओं में 50 वोल्ट का विभवांतर है। 2 कुलोम आवेश को एक बिंदु से दूसरे तक ले जाने में आवश्यक कार्य का मान होगा-A. 1.0 जूलB. 25 जूलC. 50 जूलD. 100 जूल |
| Answer» Correct Answer - d | |
| 29. |
एक इलेक्ट्रान 5 वोल्ट विभवांतर द्वारा त्वरित किया जाता है। इलेक्ट्रान द्वारा अर्जित ऊर्जा होगी।A. 5 जूलB. 5 इलेक्ट्रान-वोल्टC. 5 अर्गD. 5 वॉट |
| Answer» Correct Answer - b | |
| 30. |
`+1.0 xx 10^(-6)` कुलोम तथा `-1.0 xx 10^(-6)` कुलोम के दो बिंदु आवेश परस्पर 2 सेमी दुरी पर स्थित है। यह वैघृत द्विध्रुव `1.0 xx 10^(5)` वोल्ट/मीटर तीव्रता वाले एकसमान बाह्म वैघृत क्षेत्र में स्थित है। ज्ञात कीजिये- (i) स्थाई संतुलन की स्थिति में द्विध्रुव की स्थितिज ऊर्जा (ii) द्विध्रुव को स्थायी संतुलन की स्थिति से `180^(@)` घुमाने पर स्थितिज ऊर्जा (iii) द्विध्रुव को क्षेत्र की दिशा से `90^(@)` घुमाने में कृत कार्य |
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Answer» (i) द्विध्रुव आघूर्ण `p = q xx 2l` `=(1.0 xx 10^(-6))(2 xx 10^(-2)) = 2 xx 10^(-8)` कुलोम-मीटर वैघृत क्षेत्र से `theta` कोण पर द्विध्रुव होने पर द्विध्रुव की स्थितिज ऊर्जा `U=-pEcostheta` स्थायी संतुलन की स्थिति में, `theta=0^(@), costheta=1` `U=-pE=-(2 xx 10^(-8))(1.0 xx 10^(5))` `=-2 xx 10^(-3)` जूल (ii) स्थायी संतुलन की स्थिति से `180^(@)` घुमाने पर, `theta=0^(@) + 180^(@) = 180^(@)` `U=-pEcos180^(@) = -pE(-1)` `=+pE = +2 xx 10^(-3)` जूल (iii) क्षेत्र की दिशा से `theta^(@)` घुमाने में, आवश्यक कार्य प्रश्नानुसार, `theta=90^(@), therefore costheta= cos90^(@)=0` `W=pE(100) = pE=2 xx 10^(-3)` जूल |
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| 31. |
विरामावस्था से एक इलेक्ट्रान को 200 वोल्ट द्वारा त्वरित करने पर यह `8.4 xx 10^(6)` मीटर/सेकंड का वेग प्राप्त होगा। इलेक्ट्रान के `e/m` का मान कुलोम/क्रिगा में है-A. `1.76 xx 10^(9)`B. `1.76 xx 10^(11)`C. `1.76 xx 10^(13)`D. `1.76 xx 10^(18)` |
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Answer» Correct Answer - b `eV=1/2 mv^(2)` से, `e/m=(v^(2)/(2V))` |
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| 32. |
समान्तर प्लेट संधारित्र की दोनों प्लेटों के बीच में केंद्र पर एक नगण्य मोटाई की धातु की पन्नी प्रविष्ट करा दी जाती हैं संधारित्र की धारिता होगी-A. उतनी हीB. दोगुनीC. आधीD. K गुनी |
| Answer» Correct Answer - a | |