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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
| 1. |
प्रकृति में लोहा सबसे अधिक मात्रा में ……………….. के रूप में पाया जाता है। |
| Answer» ऑक्साइड रूप में लाल हेमेटाइट व मैंग्नेटाइट के रूप में, | |
| 2. |
जस्ता प्रकृति में …………….. के रूप में पाया जाता है। |
| Answer» जिंक ब्लेड सल्फाइड अयस्क, | |
| 3. |
क्रोमियम एक कठोर धातु है जबकि Hg द्रव है, क्यों? |
| Answer» Cr में 6 अयुग्मित इलेक्ट्रॉन होते हैं जबकि Hg में सभी कक्षक पूर्ण भरे होते हैं। | |
| 4. |
Zn के निष्कर्षण में कार्बन को आधिक्य में मिलाते हैं, क्यों? |
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Answer» कार्बन, ZnO को Zn में अपचयित कर देता है। `ZnO+C to Zn+CO` `ZnO+CO to Zn+CO_(2)` `CO_(2)` को पुनः CO में परिवर्तित करने के लिए कार्बन को आधिक्य में प्रयोग करते हैं, क्योकि CO ईंधन की तरह प्रयोग की जाती है। `CO_(2)+C to 2CO` |
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| 5. |
आयरन प्रकृति में मुक्त अवस्या में कभी नहीं पाया जाता है, क्यों ? |
| Answer» आयरन अत्यधिक सक्रिय होने के कारण प्रकृति में मुक्त अवस्था में नहीं पाया जाता है। आयरन की आँक्सीकृत होने की प्रवृत्ति, नमी और `CO_2` की उपस्थिति में और बढ़ जाती है। | |
| 6. |
प्रकृति क्षार धातुएँ मुक्त अवस्था में नहीं पायी जातीं, क्यों? |
| Answer» कम आयनन ऊर्जा के कारण इनकी क्रियाशीलता उच्च होती है। | |
| 7. |
लोहा प्रकृति में कितनी अवस्था में पाया जाता है? |
| Answer» लोहा प्रकृति में लवॉ, पिटया तथा इस्पात रूप में पाया जाता है। | |
| 8. |
प्रकृति में ऐलुमिनियम मुक्त अवस्था में नहीं पाया जाता है, क्यों? |
| Answer» चूकि AI एक क्रियाशील घातु है जो `O_(2)`, से क्रिया करके ऑक्साइड में परिवर्तित हो जाती है। | |
| 9. |
Au प्रकृति में मुक्त अवस्था में पाया जाता है, क्यों? |
| Answer» कम रासायनिक क्रियाशीलता के कारण। | |
| 10. |
निकिल- शोधन की विधि समझाइए | |
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Answer» निकिल का शोधन मॉण्ड विधि से किया जाता है। इस विधि में निकिल को कार्बन मोनोऑक्साइड के साथ गर्म करने से वाष्पशील निकिल टेट्राकार्बोनिल संकुल बन जाता हैं- `Ni +4Co overset(330-350K) to [Ni(CO)_4]` इस संकुल को और अधिक ताप पर गर्म करने पर यह विधटित होकर शुद्ध Ni देता है, तथा CO पृथक् हो जाती है। `[Ni(CO)_4] overset(450-470K)to Ni + 4CO`. |
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| 11. |
निकिल-शोधन की विधि समझाइए। |
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Answer» निकिल का शोधन मांड विधि द्वारा करते हैं। अशुद्ध निकिल को कार्बनमोनोक्साइड के साथ 330-350K पर गर्म करके `Ni(CO)_(4)` प्राप्त करते हैं। इसको 450-470K पर गर्म करने पर शुद्ध निकिल प्राप्त होता है। `Ni+4CO overset(330-350K)to Ni(CO)_(4)` `Ni(CO_(4)) overset(450-470K)to Ni+4CO` |
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| 12. |
AI एक अच्छा अपचायक है, क्यों? |
| Answer» क्योंकि ऑक्सीजन के लिए इसकी बन्धुता उच्च होती है। | |
| 13. |
एक ऐसी स्थिति सुझाइए जिसमें मेग्नीशियम ऐलुमिना का अपचयन कर सके। इस प्रक्म में निहित अभिक्रियाओं के दो समीकरण है - |
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Answer» (i) `4/3 Al + O_2 to 2/3 Al_2O_3` तथा (ii) `2Mg+O_2to 2MgO` एलिघम आरेख में `Al_2O_3` तथा MgO वक्रों के प्रतिच्छेदन बिंदु (A) पर निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए `DeltaG^0` शून्य हो जाता है। `2/3 Al_2O_3+2Mg to 2MgO+4/3Al` उस बिंदु से पहले मैग्नीशियम, ऐलुमिना को अपचयित कर सकता है। |
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| 14. |
सिलिकायुक्त वॉक्साइट अयस्क में से सिलिका को ऐलुमिना से कैसे अलग करते हैं? यदि कोई समीकरण हो तो दीजिए। |
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Answer» जब बाँक्साइट अयस्क में सिलिका को अशुद्धि अधिक होती है. तव ऐसे अयस्क का शोधन सरपेक विधि (serpek process) द्वारा करते हैं। अयस्क को बारीक पीस कर कोक के साथ `N_(2)` को उपस्थिति में 2073K पर गर्म करते हैं। अभिक्रिया द्वारा ऐलुमिनियम नाइट्राइड (AIN) बनता है और सिलिकन की अशुद्ध वाण्पित हो जाती है AIN का जल अपघटन करने पर ऐलुमिनियम हाइड्रॉक्साइड के अवक्षेप प्राप्त होते हैं। `Al(OH)_(3)` को गर्म करने पर शुद्ध ऐलुमिना प्राप्त हो जाता है। इस विधि की विशेषता यह है कि इस विधि में ऐलुमिना के अतिरिक्त कोई ठोस उत्पाद नहीं बनता है। ltBRgt`Al_(2)O_(3).xH_(2)O+3C+N_(2) overset(2073K)to 2AlN+3CO+xH_(2)O` ltbr`SiO_(2)+2C to Siuparrow+2CO uparrow` ltbr`AlN+3H_(2)O to Al(OH)_(3)+NH_(3)` `2Al(OH)_(3) to underset("अलुमिनिआ")(Al_(2)O_(3))+3H_(2)O` |
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| 15. |
लोहे के निष्कर्षण में वात्या भट्टी में चूना पत्थर क्यों डालते हैं? |
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Answer» `CaCO_(3)` के ताप अपघटन से प्राप्त `CaO," "SiO_(3)` की अशुद्धियों को धातुमल के रूप में पृथक कर देता है। `CaCO_(3) to CaO+CO_(2)` `CaO+SiO_(2) to CaSiO_(3)` |
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| 16. |
ऐलुमिना-थर्माइट विधि क्या है? इसके उपयोग लिखिए। |
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Answer» धातुओं के ऑक्साइडों को ऐलुमिनियम चूर्ण के साथ उच्च ताप पर गर्म करने से धातुएँ प्राप्त होती है। यह क्रिया ऊष्माक्षेपी है तथा इसको ऐलुमिनो-थर्माइट विधि कहते हैं। `3Co_(3)O_(4)+8Al to 9CO+4Al_(2)O_(3)` `3Mn_(3)O_(4)+8Al to 9Mn+4Al_(2)O_(3)` इस विधि का उपयोग Co, Mn व Cr धातुओं के निष्कर्षण और थर्माइट वैल्डिंग में किया जाता है। |
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| 17. |
C व CO में से ZnO के लिए कौन-सा अच्छा अपचायक हैं ? |
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Answer» C (कार्बन) अच्छा अपचायक है, क्योंकि एलिंघम आरेख में `DeltaG^@(C, CO)` रेखा, `DeltaG^@(Zn, ZnO)` की रेखा से नीचे है अतः इस अभिक्रिया के लिए `Delta_fG^@` का मान ऋणात्मक होगा। `ZnO_((s))+C_((s)) overset(1673K) to Zn_((s))+CO_((g)), Delta_fG^@= -Ve`. |
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| 18. |
अम्ल के प्रति प्रतिरोधक इस्पात है-A. कार्बन इस्पातB. मॉलिव्डेनम इस्पातC. स्टेनलेस स्टीलD. निकल इस्पात |
| Answer» Correct Answer - B | |
| 19. |
वात्या भट्टी में हेमेटाइट (haematite) का वास्तविक अपचायक क्या है? |
| Answer» कार्बन मोनॉक्साइड (CO। | |
| 20. |
थर्माइट विधि में अपचायक होता है-A. निकिलB. सिल्वरC. कॉपरD. सोडियम |
| Answer» Correct Answer - D | |
| 21. |
प्रगलन ( smelting) सामान्यतः किस भट्टी में किया जाता है? |
| Answer» Correct Answer - वात्या भट्टी में। | |
| 22. |
जलीय ऐल्युमिना को निर्जल ऐल्युमिना में बदलने वाली प्रक्रिया कहलाती है-A. भर्जनB. निस्तापनC. सज्जीकरणD. प्रगलन |
| Answer» Correct Answer - B | |
| 23. |
प्रगलन में कॉक व गलाक का प्रयोग किया जाता है स्पस्ट कीजिएः |
| Answer» कोक अपचयन का करए करता है तथा गालंक अगलनिये आधात्री की धातुमल में बदलता है | |
| 24. |
निर्जल मेगनीसियम क्लोराइड के विघुत-अपघटन करने के पूर्ण इसमें सोडियम क्लोराइड क्यों मिलते है |
| Answer» `MgCl_(2)` का गलनांक काम करने के लिए | |
| 25. |
समुद्र में पाये जाने वाले तत्वों का मुख्य स्रोत क्या है? |
| Answer» समुद्र की तली में उपस्थित आग्नेय शैल। | |
| 26. |
कॉपर को हाइड्रो मैटलर्जी विधि से निष्कर्षित किया जा सकता है, किन्तु जिंक को नहीं, क्यों ? |
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Answer» हाइड्रो मैटल्जी विधि में धातु का एक विलेय संकूल बनाया जाता है, जिसमें उस धातु से अधिक क्रियाशील (अधिक अपचायक) धातु को मिलाने पर यह कम क्रियाशील धातु को विस्थापित कर देती है। कॉपर, पौटेशियम फेरोसायनाइड से क्रिया करके एक विलेयशील संकुल बनाता है, जिसमें कॉपर से अधिक अपचायक एवं अधिक क्रियाशील Zn मिलाने पर, Cu धातु के रुप में अवक्षेपित हो जाता है। `2Cu+4KCN +2H_2O to 2K[Cu(CN_2)]+2KOH+H_2` `2K [Cu(CN_2)]+Zn to K_2[Zn(CN_4)]+2Cu uarr` |
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| 27. |
कॉपर सल्फेट का व्यावसायिक नाम लिखिए । |
| Answer» Correct Answer - जीलाथोथा या तूतिया। | |
| 28. |
हरी लकड़ियों के डण्डों से किस धातु का शोधन करते हैं ? |
| Answer» Correct Answer - तॉँबे का। | |
| 29. |
बर्णलखिकी पद का क्या अर्थ है? |
| Answer» ग्रीक भाषा में में क्रोमा का अर्थ रंग होता है तथा परैफी का अर्थ न होता है। प्रारम्भ में वर्णलेखिकी (chromatography) का उपयोग न पदार्थों की पहचान और पृथक्करण के लिए होता था। इसलिए ककरण की इस विधि को वर्णलेखिकी कहा गया। परन्तु आजकल वरणीलेखिकी द्वारा सभी प्रकार के पदार्थों की पहचान और पृथक्करण किया जाता है | |
| 30. |
बर्णलेखिकी में स्थिर प्रावस्था के चयन में क्या मापदंड अपनाए जाते हैं? |
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Answer» अधिशोषण वर्णलेखिकी में स्थिर प्रावस्था अधिशोषक का कार्य करती है। कागज वर्णलेखिकी में जल स्थिर प्रावस्था होती है। अच्छे परिणामा के लिए स्थिर प्रावस्था में निम्नलिखित गुण होने चाहिए: (1) स्थिर प्रावस्था आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए। (2) स्थिर प्रावस्था रंगहीन या सफेद होनी चाहिए। (3) इसमें चयनात्मक अधिशोषण (selective adsorption) का क्षमता होनी चाहिए। (4) परीक्षण हेतु लिये गये मिश्रण से स्थिर प्रावस्था की कोई रासायनिक अभिक्रिया नहीं करनी चाहिए। (5) स्थिर प्रावस्था में अशुद्धियाँ अधिक घुलनशील होनी चाहिए अथवा अशुद्धियों की प्रीति स्थिर प्रावस्था से अधिक होनी चाहिए। इस प्रकार अशुद्धियाँ स्थिर प्रावस्था द्वारा रोक ली जाती हैं जबकि शुद्ध पदार्थ का निक्षालन कर सकते हैं। |
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| 31. |
वात्या भट्टी में बनने वाले लोहे को क्या कहते हैं? |
| Answer» कच्चा लोहा (pig iron)। | |
| 32. |
कार्बन CuO को अपचयित कर देता है जबकि CaO को नहीं कर पाता, क्यों? |
| Answer» क्योकि कार्बन की ऑक्सीजन के लिए बन्धुता Cu से अधिक व Ca से कम होती है। | |