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Answer» भारत सरकार ने 1991 की मुक्त आर्थिक नीति में मुक्त विदेश व्यापार नीति अपनायी फिर भी कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जैसे : - अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धा के सामने घरेलू उद्योगों को संरक्षण देने के लिए आयातों पर नियंत्रण रखना आवश्यक है ।
- गृह उद्योगों में उत्पादन बढ़ाने के लिए तथा आयात प्रतिस्थापन्न के लिए टेक्नोलॉजी यंत्र, पूरक यंत्रों तथा संसाधनों की आयात का प्रमाण निश्चित करना ।
- विदेशी मुद्रा बचाने के लिए अनावश्यक वस्तुओं की आयात पर नियंत्रण रखना या नहीं यह प्रश्न रहता है ।
- आवश्यक आयातों के भुगतान (खर्च) के लिए आवश्यक विदेशी मुद्रा कमाने के लिए निर्यात को प्रोत्साहन देना ।
- बहुत-सी भारतीय वस्तुएँ गुणवत्ता के प्रश्न पर अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में टिक सकती नहीं । विदेशनीति के लिए यह प्रश्नों के हल के लिए चुनौती स्वरूप था ।
- विदेश व्यापारनीति की रचना में रोजगारी का व्यापक आधार समान छोटे और गृहउद्योग के उत्पादन तथा विकास को प्रोत्साहन देना ।
- अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में विदेशी मुद्रा की आवश्यकता खड़ी होती है तथा अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार की समस्या को आंतरिक व्यापार की समस्याओं की अपेक्षा अलग होती है ।
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