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" भारतवर्ष में बाबू साहिबी क बीमारी दिनों - दिन बढ़ रही हैं और शोक के साथ कहना पड़ता हैं कि यदि किसी ने इस मर्ज की दवा शीघ्र न निकाली , तो यह बीमारी असाध्य हो जायेगी ।" उपर्युक्त कथन व्दारा लेखक क्या कहना चाहते हैं? |
| Answer» उपर्युक्त कथन व्दारा लेखक यह कहना चाहते हैं कि जितना महत्वपूर्ण मानसिक तथा मुख का कार्य होता हैं , उतना ही महत्वपूर्ण शारीरिक कार्य होता हैं । शारीरिक श्रम से अपने देश के लिए आदर्श बनते हुए उससे घृणा करें। | |