1.

भाव स्पष्ट कीजिएपोथी पढ़ि पढ़ि जग मुवा, पंडित भया न कोई।

Answer»

इसका अर्थ है कि पोथियाँ एवं वेद पढ़-पढ़कर संसार थक गया, लेकिन आज तक कोई भी पंडित नहीं बन सका; अर्थात् ईश्वर के प्रेम के बिना, उसकी कृपा के बिना कोई भी पंडित नहीं बन सकता तत्वज्ञान की प्राप्ति नहीं कर सकता।



Discussion

No Comment Found

Related InterviewSolutions