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चांदनी रात कविता का भावार्थ |
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Answer» व्याख्या : कवि ने उद्धृत किया है कि निद्रा के त्याग का व्रत लिया हुआ ये वीर निरासक्त तथा वैरागी बना हुआ क्यों इस वन में प्रहरी अथवा द्वारपाल के समान प्रतीत होता है ? |
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