Saved Bookmarks
| 1. |
चित्र में केंद्र O पर स्थित एक छोटी चुंबकीय सुई प्रदर्शित है जिसमे तीर चिन्ह से चुंबकीय आघूर्ण की दिशा दर्शाई गई है । अन्य तीर दूसरी चुंबकीय सुई Q की विभिन्न स्थितियों एवं उनके चुंबकीय आघूर्ण की दिशा दर्शा रहे हैं । (a) किस स्थिति में यह निकाय संतुलन में नहीं होगा ? (b) किस स्थिति में निकाय (i) स्थायी, (ii) अस्थायी संतुलन में होगा ? तथा (c) सभी प्रदर्शित स्थितियों में से किस स्थिति में निकाय की स्थतिज ऊर्जा न्यूनतम है ? |
|
Answer» Correct Answer - (a) `PQ_(1)` तथा `PQ_(2)` (b) (i) `PQ_(3), PQ_(6)` (स्थायी) ; (ii) `PQ_(5), PQ_(4)` (अस्थायी) (c) `PQ_(6), PQ_(3)` दो चुंबको के निकाय की स्थितिज ऊर्जा का अर्थ है एक चुंबक द्वारा उतपन्न चुंबकीय क्षेत्र में दूसरे चुंबक की स्थितिज ऊर्जा । स्पष्टत: `U_(PQ) = - vec(B)_(P)* vec(m)_(Q) = - B_(P) * m_(Q) * cos theta`, जहाँ `vec(B)_(P)` तथा `m_(Q)` के बीच कोण `= theta`. अब स्थायी स्थिति में `theta = 0^(@) (Q_(3), Q_(6)`पर) अस्थायी स्थिति में `theta = 180^(@) (Q_(4), Q_(5)` पर) | स्थिति `Q_(1)` तथा `Q_(2)` में `theta = 90^(@)`, अत: स्थितिज ऊर्जा शून्य होगी, पर न्यूनतम नहीं । |
|