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इस्पात के पतरो से बना चुंबक, एक मोटे टुकड़े से बने चुंबक से अधिक शक्तिशाली क्यों होता है ? |
| Answer» जब चुंबकित करनेवाला नमूना मोती छड़ के रूप में होता है, तब इसे चुंबक से रगड़कर चुंबक बनाने पर भी इसका संतोषजनक चुंबकन (magnetization) नहीं होता है, क्योकि छड़ के काफी अंदर वाले वेबर-कण पर रगड़नेवाले चुंबक के ध्रुव का काफी प्रभाव नहीं पड़ता । चुंबकत्व केवल ऊपरी सतह पर ही होता है । अत: छड़ का पूर्ण चुंबकन नहीं हो पाता । परन्तु, पतली-पतली पतियों को लेकर यदि रगड़ने की विधि से चुंबक बनाया जाए तो चुंबकन पूर्णत: होता है, क्योकि रगड़नेवाले ध्रुव से पीटीआई का कोई भी भाग अधिक दूर नहीं पड़ता । यदि ऐसी कई चुंबकित पतियाँ लेकर एक-साथ बांध दी जाए जिसमे की उन सभी के उत्तरी ध्रुव एक ओर तथा दक्षिणी ध्रुव दूसरी ओर हो, तो एक शक्तिशाली चुंबक तैयार हो जाता है । सभी पतियाँ पूर्ण रूप से चुंबकित रहती हैं, अत: यह चुंबक इतने ही मोटे छड़ चुंबक की अपेक्षा अधिक शक्तिशाली होता है । | |