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धर्म अलग, भाषा अलग, फिर भी हम सब एक,विविध रंग करते नहीं, हमकों कभी अनेक।जो भी करता प्यार वो, पा लेता है प्यार,प्यार नकद का काम हैं, रहता नहीं उधार।जर्रे-जर्रे में खुदा, कण कण में भगवान,लेकिन 'जर्रे' को कभी अलग न 'कण' से मान । visheshan likho |
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