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"धूल" पाठ का मूल भाव स्पष्ट कीजिए। |
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Answer» लेखक ने पाठ "धूल" में धूल का महत्त्व स्पष्ट किया है कि धूल से ही हमारा शरीर बना है परंतु आज का नगरीय जीवन इससे दूर रहना चाहता है जबकि ग्रामीण सभ्यता का वास्तविक सौंदर्य "धूल" ही है। |
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