1.

दर्शाये गये आरेख में में `R=2.5` मी त्रिज्या के व्रतकार पथ पर दक्षिणावर्त गति करते हुये किसी कण के कुल त्वरण को किसी क्षण `a=15` मी/से`""^2` से निरूपित किया जाता है । इस कण की चाल होगी : A. 6.2 मी/सेB. 4.45 मी/सेC. 5.0 मी/सेD. 5.7 मी/से

Answer» Correct Answer - D
`a_c=v^2/R,a_c=acos30^@=15cos30^@=15xxsqrt3/2=12.975`
`v=sqrt(a_cR)=sqrt(12.975xx2.5)=5.7`मी/से |


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