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एक ही अक्ष पर स्थित दो छोटे चुंबक के केन्द्रो के बीच 0.36 m की दूरी है । इस अक्ष पर एक चुंबक से 16 cm की दूरी पर कोई स्वतंत्र रूप से कीलित (pivoted) चुंबकीय सुई अवक्षेपित रह जाये तो उनके चुंबकीय आघूर्ण की तुलना करे । |
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Answer» छोटे छड़ चुंबको के कारण सुई के केंद्र पर क्षेत्र `B_(1) = (mu_(0))/(4pi)(2m_(1))/(r_(1)^(3))` तथा `B_(2) = (mu_(0))/(4pi)(2m_(2))/(r_(2)^(3))" "[समीकरण 1.21 से"]` यहाँ, `r_(1) = 0.16 m, r_(2) = 0.20 m` तथा `m_(1), m_(2)` इन दो छोटे चुंबको के आघूर्ण हैं । चुंबकीय सुई को अवक्षेपित रहने के लिए `B_(1)` और `B_(2)` परस्पर बराबर और विपरीत होंगे । अत:, `B_(1) = B_(2)` या `(mu_(0))/(4pi)(2m_(1))/(r_(1)^(3))=(mu_(0))/(4pi)(2m_(2))/(r_(2)^(3))` या `(m_(1))/(m_(2))=(r_(1)^(3))/(r_(2)^(3))=((0.16)^(3))/((0.20)^(3))=(16 xx 16 xx 16)/(20 xx 20 xx 20) = (64)/(125)` अत:, छड़ चुंबको के चुंबकीय आघुर्णो का अनुपात, अर्थात `m_(1) : m_(2) = 64 : 125`. |
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