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Answer» हिमालय तथा प्रायद्वीपीय नदियों में निम्नलिखित अंतर है- | हिमालय से निकलने वाली नदियाँ | प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ | | इन नदियों से नहरें निकालना आसान और अधिक उपयोगी है। इनके जल का उपयोग सिंचाई और जल विद्युत दोनों में खूब किया जाता है। | इन नदियों से नहरें निकालना कठिन है। अतः सीमित क्षेत्रों में ही सिंचाई हो पाती है। | | इन नदियों ने देश के विस्तृत उपजाऊ मैदान का निर्माण कर, देश को कृषिप्रधान बनाया है। | ये नदियाँ तेज ढाल वाले क्षेत्रों तथा पथरीले भागों में बहती हैं। अतः जल विद्युत केन्द्रों की स्थापना कर, जल विद्युत के निर्माण के लिए अधिक उपयोगी हैं। | | देश का कुल संभावित जल विद्युत क्षमता को 60 प्रतिशत प्रतिशत भाग हिमालय की नदियों में है। | इन नदियों में देश की संभावित जलशक्ति का 40 भाग पाया जाता है। | समतल भू-भाग से होकर बहने के कारण से नाव्य नदियाँ हैं। | ये नदियाँ मार्ग में प्रपात बनाती चलती हैं। अतः नाव्य नहीं हैं। तटीय मैदानों में ही ये नाव्य हैं। | | हिमालय पर्वत से निकलने वाली अधिकांश नदियाँ हिमानियों से जन्मी हैं। | प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ वर्षा के जल अथवा भूमिगत जल पर निर्भर हैं। यहाँ कोई हिमानी नहीं है। | | इन नदियों में जल वर्ष भर पर्याप्त मात्रा में मिलता है। | शुष्क मौसम में यहाँ की अधिकांश नदियाँ सूख जाती हैं, शेष की जलधारा बहुत पतली हो जाती है। अतः ये नदियाँ सदानीरा होती हैं। |
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