Saved Bookmarks
| 1. |
हमारे शरीर के अंदर विशेषकर हमारी आंतों में कई जीवाणु पाए जाते हैं । यह लगभग हर 20 मिनट में प्रजनन करते हैं । प्रजनन के दौरान विभिन्नताएं उत्पन्न होती हैं । पीढ़ी दर पीढ़ी कुछ विभिन्नताएँ बढ़ती हैं जिनसे इनकी आबादी में काफी विभिन्नताएँ पाई जाती हैं । इस प्रकार इनमे बहुत जल्दी विकास होता है । एन्टीबायोटिक दवाईयों से जीवाणुओं की कई प्रजातियाँ खत्म हो जाती हैं पर विभिन्नताओं के कारण कोई न कोई प्रजाति बच जाती है जिन पर एन्टीबायोटिक का कोई असर नहीं हुआ हो । इनकी आबादी बढ़ने से ये एन्टीबायोटिक प्रतिरोधक बन जाते हैं । इस जानकारी की मदद से निम्नलिखित सवालों का उत्तर दीजिए - " विकास की प्रक्रिया धीमी भी हो सकती है और जल्दी भी। " इस कथन के अनुसार धीमी और तेज गति से होने वाले विकास का एक-एक उदाहरण दीजिए। |
|
Answer» 1. धीमी गति से होने वाली विकास प्रक्रिया -कपि से मनुष्य विकसित होना । 2. तीव्र गति से होने वाली विकास प्रक्रिया - कीटों में DDT का छीडकाव होने पर वे DDT के लिये अभ्यस्त हो जाते हैं । अर्थात उत्परिवर्तित हो जाते हैं । |
|