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समवृत्ति अंग किसे कहते हैं ?

Answer» जीवों के उन अंगों या संरचाओं को जो रचना तथा उत्पत्ति में भिन्न होते हुए भी कार्य में समानता प्रदर्शित करते हैं, समवृत्ति अंग कहलाते हैं । इस प्रकार की समानता समवृत्तिता (Analogy ) कहलाती हैं । तितली के पंख , पक्षी के पंख तथा चमगादड़ के पंख समवृत्तिता प्रदर्शित करते हैं । इनमे रचना तथा उत्पत्ति की दृष्टि से पर्याप्त अंतर पाया जाता है । तितली के पंख काइटिन, पक्षियों के पंख अग्रपाद पर लगने से तथा चमगादड़ के पंख उंगलियों के बीच की त्वचा से बनते हैं ।


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