1.

ई गिव मी अ डे व्हाट डस दिस मीन​

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ANSWER:

अभी न होगा मेरा अंत

अभी-अभी ही तो आया है

मेरे वन में मृदुल वसंत-

अभी न होगा मेरा अंत।

हरे-हरे ये पात,

डालियाँ, कलियाँ, कोमल गात।

मैं ही अपना स्वप्न-मृदुल-कर

फेरूँगा निद्रित कलियों पर

जगा एक प्रत्यूष मनोहरपंधाश से कोई पाँच संज्ञा शब्द ढूंढ कर ढूंढ कर ढूंढ कर

लिखिए तथा उनके भेद भी लिखिए।Tap on a CLIP to PASTE it in the TEXT box.पंधाश से कोई पाँच संज्ञा शब्द ढूंढ कर ढूंढ कर ढूंढ कर

लिखिए तथा उनके भेद भी लिखिए।पंधाश से कोई पाँच संज्ञा शब्द ढूंढ कर ढूंढ कर ढूंढ कर

लिखिए तथा उनके भेद भी लिखिए।पंधाश से कोई पाँच संज्ञा शब्द ढूंढ कर ढूंढ कर ढूंढ कर

लिखिए तथा उनके भेद भी लिखिए।Tap on a clip to paste it in the text box.Tap on a clip to paste it in the text box.Tap on a clip to paste it in the text box.Tap on a clip to paste it in the text box.अभी न होगा मेरा अंत

अभी-अभी ही तो आया है

मेरे वन में मृदुल वसंत-

अभी न होगा मेरा अंत।

हरे-हरे ये पात,

डालियाँ, कलियाँ, कोमल गात।

मैं ही अपना स्वप्न-मृदुल-कर

फेरूँगा निद्रित कलियों पर

जगा एक प्रत्यूष मनोहरअभी न होगा मेरा अंत

अभी-अभी ही तो आया है

मेरे वन में मृदुल वसंत-

अभी न होगा मेरा अंत।

हरे-हरे ये पात,

डालियाँ, कलियाँ, कोमल गात।

मैं ही अपना स्वप्न-मृदुल-कर

फेरूँगा निद्रित कलियों पर

जगा एक प्रत्यूष मनोहरअभी न होगा मेरा अंत

अभी-अभी ही तो आया है

मेरे वन में मृदुल वसंत-

अभी न होगा मेरा अंत।

हरे-हरे ये पात,

डालियाँ, कलियाँ, कोमल गात।

मैं ही अपना स्वप्न-मृदुल-कर

फेरूँगा निद्रित कलियों पर

जगा एक प्रत्यूष मनोहर



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