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जापान के एक विशेष समुद्र तटीय क्षेत्र में पाये जाने वाले केकड़े के कवचो (खोल) में से अधिकांश समुरई के अनुश्रुत चेहरे से मिलते-जुलते प्रतीत होते है। नीचे इस प्रेक्षित तथ्य की दो व्याख्याएँ दी गए है। इनमे से आपको कौन-सा वैज्ञानिक स्पष्टीकरण लगता है? (i) कई शताब्दियों पूर्व किसी भयानक समुद्री दुर्घटना में एक युवा समुरई दुब गया। उसकी बहादुरी के लिए श्रधांजलि के रूप में प्रकृति ने अबोधगम्य ढंगो द्वारा उसके चेहरे को केकड़े के कवचो पर अंकित करके उसे उस क्षेत्र में अमर बना दिया। (ii) समुद्री दुर्घटना के पश्चात उस क्षेत्र के मछुआरे अपने मृत नेता के सम्मान में सदर्भावना प्रदर्शन के लिए, उस हर केकड़े के कवच को जिसकी आकृति आयोगवश समुरई से मिलती-जुलती प्रतीत होती थी, उसे वापस समुद्र में फ़ेंक देते आकृतियाँ अधिक समय तक विधमान रही और इसीलिए कालांतर में इसी आकृति का अनुवंशात: जनन हुआ। यह कृत्रिम वरण द्वारा विकास का एक उदाहरण है। |
| Answer» व्याख्या (ii) प्रेक्षित तथ्य का वैज्ञानिक स्वीकरण है। | |