⦁ देवसेन रचित ‘श्रावकाचार रास’,⦁ मुनि जिनविजय कृत ‘भरतेश्वर बाहुबली रास’,⦁ जिनधर्मसूरि कृत ‘स्थूलभद्र रास’ तथा⦁ विजयसेन सूरि कृत रेवंतगिरि रास’।
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