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जैसे की सलंगन चित्र में प्रदर्शित है की एक रस्सा किसी पेड़ की एक डाली से लटक रहा है। रस्से के दूसरे छोर, जो ऊपर की और है, पर कुछ केले बंधे हुए है तथा रस्से के पहले छोर,जो की केले वाले छोर से नीचे है, पर एकसमान द्रव्यमान का बंदर केले की चाह में रस्सी पर चढ़ना शुरू कर दे, तो क्या वह केले तक पहुंचे पायेगा? |
| Answer» नहीं क्योंकि संवेग संरक्षण सिद्धांत से जैसे -जैसे बंदर ऊपर जाएगा केले भी उतना ही ऊपर जायँगे। यहां पर पेड़ की डाली एक घिरनी का कार्य कर रही है जो संवेग की दिशा को उत्क्रमित कर देती है। जब बन्दर व केले दोनों केक ही वेग से ऊपर जायँगे, तो उनका संयुक्त संवेग शून्य होगा। | |