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जय हो सतलज बहन तुम्हारी लीला अचरज बहन तुम्हारी हुआ मुदित मन हटा खुमारी जाऊँ मैं तुम पर बलिहारी तुम बेटी यह बाप हिमालय चिंतित पर, चुपचाप हिमालय प्रकृति नटी के चित्रित पट पर अनुपम अद्भुत छाप हिमालय जय हो सतलज बहन तुम्हारी! |
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Answer» can't UNDERSTAND your QUESTION SORRY |
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