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किसी कमरे की छत से 2 m लम्बी द्वारा 0.1 kg सहती के गोलक को लगकाकर दोलन आरम्भ किय गए । संहति के गोलक को लटककर दोलनज आरम्भ किय गए अपनी स्थति पर गोलक की चाल `1ms^-1` है गोलक का प्रक्षेप-पथ क्या होगा यदि डोरी को उस समय काट दिया जाता है जब गोलक अपनी (a) चार्म स्थितियों में से किसी एक पर है, तथा (b) माधयम स्थिति पर है ? |
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Answer» (a) चूँकि चरम स्थिति में गोलक की सम्पूर्ण ऊर्जा उसकी स्थिज ऊर्जा हो होती है , इस स्थितिज में गतिज ऊर्जा शून्य होती है। अतः यदि चरम स्थिति में डोरी काट दे, तो गोलक गुरत्व के आधीन गति करते हुवे एक सरल रेखा के अनुदिश निचे आएगा। (b) चूँकि मधय स्थिति में गोलक की गेज ऊर्जा महत्तम तथा वेग की दिशा क्षैतिज होती है अब यदि इस स्थिति में रस्सी काटी गयी, तो प्रारंभिक गतिज ऊर्जा के प्रभाव में गोकक क्षैतिज दिशा में तथा गुरत्व के पररव में ऊर्ध्वाधर निचे की और शून्य प्रारंभिक वेग से गतिशील होगा। प्रणामस्वरूप इन दो संयुक्त गतियोँ ( क्षैतिज व् ऊर्ध्वाधर) के कारन गोलक परवलियी- पथ ( prarabolic path ) पर चने के लिए बाध्य होगा । |
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