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क्षैतिज व्रत में अचर चाल से घूमती हुई एक वास्तु के...
1.
क्षैतिज व्रत में अचर चाल से घूमती हुई एक वास्तु केलिए क्या नियत रहता है ?A. वेगB. त्वरणC. बलD. गतिज ऊर्जा
Answer» Correct Answer - D
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घडी की मिनट वाली सुई तथा घंटे वाली सुई की कोणीय चालों का नुपात है :A. `1:6`B. `6:1`C. `1:12`D. `12:1`
प्रोग्शाला के निदेशांश फ्रेम में कोई नाभिक विराम में है । यदि यह बभीक दो छोटे नाभिकों में विघटित हो जाता है, तो यह दर्शय की उत्पाद विपरीत दिशाओ में गति करने चाहिए ।
आरेख में आरेख में दर्शाई अंसार ऊंचाई h से घर्षणरहित पथ के अनुदिश विराम अवस्था से सरकने वाला कोई पिंड, व्यास AB = D के ऊर्ध्वदार व्रत को ठीक-ठीक पूरा करता है तब पूरा करता है तब ऊंचाई h होगी : A. `3/2""D`B. `5/4""D`C. `7/4""D`D. `7/5""D`
किसी वस्तु को किस क्षैतिज वेग से फेके की वेग पृथ्वी - तल के समान्तर भूमधय रेखा के अनुदिश गति करे ? भूमधय रेखा पर पृथ्वी की त्रिज्या 6400 किमी तथा `g =9.7` मीटर/सेकण्ड`""^2 ` है |
निम्नलिखित घटनाओ के आवशयक अभिकेंद्र - बल खान से निम्ता है ? (i) के को मोड़ने में (ii) गेंद को डोरी से बांधकर व्रत में घुमाने, में (iii) पृथ्वी के सूर्य के चारो और घूमने में तथा (iv) परमाणु में इलेक्ट्रॉन के नाभिक के परितः घूर्णन में ।
2 किग्रा का द्रवमान एक डोरी के द्वारा 5 चक्क्र/मिनट की प्रारम्भिक चाल से घुमाया जाता है । त्रिज्या नियत रखते हुवे डोरी का तनाव बढ़ाकर दोगुना कर दिशा जाता है । परिणामी कोणीय चाल लगभग है :A. 5 चक्क्र/मिनटB. 10 चक्क्र/मिनटC. 20 चक्क्र/मिनटD. 7 चक्क्र/मिनट
1 किग्रा के पिंड को डोरी के सिरे से बांधकर 3 चक्क्र प्रति सेकडंड की चाल से 10 सेमि त्रिज्या वाले व्रत में घुमाया जाता है । पिंड का रेखिक वेग, त्वरण तथा डोरी पर तनाव ज्ञात कीजिय । यदि डोरी टूट जाये, तो क्या होगा ?
1 किग्रा द्रव्यमान क गेंग 5 मीटर लाबी रस्सी के एक सिरे से बंधी है और ऊर्ध्वाधर व्रत में घुमाई जाती है । यदि गुरुत्वीय त्वरण 9.8 मी/से`""^2` हो तो व्रत के उछत्तम बिंदु पर गेंद पर गेंद की न्यून्तम चाल है :A. 10 मी/सेB. 7 मी/सेC. 3.5 मी/सेD. 15 मी/से
1 क्रिगा द्रव्यमान की गेंद 2 मीटर लम्बी रस्सी के एक सिरे से बंदी है और ऊर्ध्वाधर व्रत में घुमाई जाती है । यदि गरुत्वीय लावरण 10 मी/से`""^2` हो, तो व्रत के निम्नतम बिंदु पर गेंद की चाल है :A. 10 मी/सेB. 7 मी/सेC. 15 मी/सेD. 20 मी/से
0.3 kg संहति के किसी पिण्ड पर आरोपित कोई बल 25 s में उसकी चाल को 2.1 ms^-1` से `3.5ms^-1` कद देता है पिण्ड की गैती की दिशा अपरिवर्तित रहती है| बल का परिमाण व् दिशा क्या है?
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