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रोहित के द्वारा उतारे गये चित्र के बारे में लिखो। |
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Answer» रोहित पिछले साल छुट्टियाँ बिताने कश्मीर गया था। लौटते समय दुर्भाग्य से एक दुर्घटना हुयी। इस दुर्घटना में उसने अपने सुनने की शक्ति को खो दिया। तब से वह लाचार हो उदास और गुमसुम रहने लगा। बेटे की यह हालत देख उसके पिता ने उसे धीरज देते हुए कहा – जीवन में कुछ बनना है, तो खूब पढो। ऐसा कहकर उसे कुछ किताबें दीं। रोज बीतने लगे। एक दिन रोहित बगीच में बैठा था। तभी एक चिड़िया आकर पेड पर बैठ गयी। यह एक रंग – बिरंगी चिड़िया थी। तुरंत उसके मन में उस सुंदर चिड़िया का चित्र उतारने का ख्याल आया। उसने तुरंत ही कॉपी – पेंसिल निकाली और चिड़िया का सुंदर चित्र बना दिया | उसे अपना बनाया वह चित्र बहुत अच्छा लगा। एक दिन वह तश्तरी में रंग मिला रहा था तो पिता ने उसकी रुचि को देखकर रंग, ब्रश तथा सफेद कागज के बंडिल ले आकर दिये। तबसे रोहित पूरी मेहनत से चित्रकारी में जुट गया। अपनी प्रतिभा से वह विख्यात चित्रकार बन गया। उसने साबित किया कि सच है प्रेरणा, आत्मविश्वास से सफलता मिलती है। |
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