1.

संधारित्रों के संयोजन की समतुल्य धारिता से क्या तात्पर्य हैं?

Answer» संयोजन की समतुल्य धारिता उस अकेले संधारित्र की धारिता के बारबार होती हैं जिसे किसी बैटरी द्वारा जोड़े जाने पर उतने ही आवेश का संचय होता हैं, जितना उस बैटरी से जोड़े जाने पर संयोजन द्वारा होता हैं


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