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Speech on Inner Motivation and Self Discipline in hindiI would mark u the brainliest |
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Answer» ANSWER- INNER MOTIVATION- विवेकानंद जी ने सही ही कहा है, “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको।” सोचो कि जो लोग अपना लक्ष्य केवल इसलिए छोड़ देते हैं कि “इसके लिए चलना बहुत पड़ेगा”, इससे ज्यादा बड़ी असफलता कोई नहीं हो सकती……. क्योंकि सफलता व असफलता तो बाद की बात है, खुद को बिना प्रयास के असफलता की ओर धकेल देना, इससे बुरा कुछ हो ही नहीं सकता। SELF DISCIPLINE-. हम यह कह सकते हैं की स्व अनुशासित रहना अपने आप में बहुत बड़ा गुण है, जो हर व्यक्ति के भीतर होना चाहिए। इससे हमे किसी भी प्रकार ही हानि नहीं होती अपितु जीवन को सही ढंग से जीना आजाता है। खुद भी अनुशासित रहें एवं अपने आस पास के लोगों को भी इसका महत्त्व जरुर समझाएं। |
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