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ससंदर्भ भाव स्पष्ट कीजिए:नारी अबला नहीं बल्कि यह नारी रणचंडी भी है,कृत्या है यह दुर्दम, दैत्य नाशिनी दुर्गा माँ भी है।शक्ति और शिवानी है यह और कात्यायिनी भी हैदैत्यों के शोणित को पीने वाली महाकाली भी है॥ |
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Answer» प्रसंग : प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य पुस्तक ‘साहित्य वैभव’ के ‘अभिनंदनीय नारी’ नामक कविता से लिया गया हैं जिसके रचयिता जयन्ती प्रसाद नौटियाल हैं। |
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