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Answer» प्रसंग : प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्य पुस्तक ‘साहित्य वैभव’ के ‘बिन्दा’ नामक पाठ से लिया गया है जिसकी लेखिका महादेवी वर्मा हैं। संदर्भ : जब बिन्दा महादेवी वर्मा को बताती है कि तारा बनकर मेरी माँ ऊपर से देखती रहती है और जो सजधज कर घर में आयी है वह नयी अम्मा है। तभी यह वाक्य महादेवी वर्मा अपनी सहेली बिन्दा से कहती है। स्पष्टीकरण : बिन्दा की सौतेली माँ का उस पर अत्याचार होते देखकर लेखिका को बहुत दुख होता है। उनके बालसुलभ मन में यह बात बैठ जाती है कि जिस अम्मा को ईश्वर बुला लेता है, वह तारा बनकर ऊपर से बच्चों को देखती रहती है और जो बहुत सजधज से घर में आती है, वह बिन्दा की नयी अम्मा जैसी होती है। लेखिका की बुद्धि सहज ही पराजय स्वीकार करना नहीं जानती। इसी से उन्होंने सोचकर कहा कि यदि बिन्दा अपनी नयी अम्मा को पुरानी अम्मा कहेगी तो फिर वे नयी नहीं रहेगी और न डाँटेगी।
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