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ससंदर्भ स्पष्टीकरण कीजिएः ‘उठती है या आऊँ’, ‘बैल के-से दीदे क्या निकाल रही है’, ‘मोहन का दूध कब गर्म होगा’, ‘अभागी मरती भी नहीं’ आदि। |
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Answer» प्रसंग : प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्य पुस्तक ‘साहित्य वैभव’ के ‘बिन्दा’ नामक पाठ से लिया गया है जिसकी लेखिका महादेवी वर्मा हैं। स्पष्टीकरण : जब सर्दी के दिनों में लेखिका को देरी से उठाया जाता, गरम पानी से हाथ-मुँह धुलाये जाते, जूते और ऊनी कपड़े पहनाये जाते, जबरदस्ती गरम दूध पिलाया जाता, तब पड़ोस के घर में पंडिताइन चाची की आवाज कठोर शब्दों में सुनाई देती – अभागी तू अभी उठी नहीं? …… जल्दी से जाकर दूध ला ….. अभागी मर भी नहीं जाती। |
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