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उदाहरण सहित बताएँ कि नैतिक संहिताएँ सामाजिक एकता को कैसे दर्शाती हैं? |
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Answer» नैतिक संहिताओं का सामाजिक एकता को बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण स्थान होता है। वस्तुतः नैतिक संहिताओं के आधार पर ही सामाजिक एकता के स्वरूप को पहचाना जा सकता है। सरल समाजों में अपराध सामूहिक चेतना के विरुद्ध कार्य माने जाते हैं तथा समाज इसका उल्लंघन करने वालों को कठोर दंड देता है। इन समाजों में नैतिक संहिताएँ लागू करने में दनमकारी कानून की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। आधुनिक समाजों में नैतिक संहिताओं का अनुपालन क्षतिपूरक कानून द्वारा होता है जिसका उद्देश्य क्षति-प्राप्त व्यक्ति की क्षति को पूरा करना है अर्थात् उसे वह सब कुछ लौटा देना है जिसे गलत ढंग से उससे छीना गया है। इस प्रकार की नैतिक संहिताएँ एवं क्षतिपूरक कानून सावयवी एकता वाले समाज का लक्षण है। |
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