Saved Bookmarks
| 1. |
विज्ञानं की प्रकृति में संबंधित कुछ अत्यंत पारंगत पृकथन आज एक के महानतम वैज्ञानिको में से एक अल्बर्ट आइंटाइन द्वारा प्रदान किये गये है। आपके विचार से आइंटाइन का उस समय क्या तातपर्य था, जब उन्होंने खा तथा कि 'संसार के बारे में सबसे अधिक अबोधगम्य विषय यह है कि यह बोधगम्य है' ? |
| Answer» हमारे चारो ओर का भौतिक जगत अनेक अद्भुत घटनाओ से भरा हुआ है। ये घटनाएँ एक सामान्य मनुष्य की समझ से बाहर है। अत: यह संसार उसके लिए अबोधगम्य है। जब इन घटनाओ का अध्ययन एंव विश्लेषण विशेषज्ञो द्वारा किया जाता है, तब हमे ज्ञात होता है। कि इन घटनाओ, चाहे वे परमाण्विक हो या खगोलीय, की व्याख्या कुछ मुलभुत नियमो के द्वारा की जा सकती है। जिसके कारण अब यह संसार बोधगम्य प्रतीत होता है। यही आइंस्टीन के उपरोक्त विचार का तातपर्य था। | |