1.

वन्य प्राणी उत्पादों के लिए मनुष्य का लोभ’ शीर्षक पर टिप्पणी लिखिए। 

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स्वतन्त्रता के बाद, क्रीड़ा आखेट (game hunting) का स्थान फर, चमड़े, मांस, हाथीदाँत, औषधियों, प्रसाधनों, सुगन्ध-द्रव्यों, साज-सज्जा, स्मृति चिन्हों, संग्रहालयी निदर्शो (museum specimens) आदि के लिए, वन्य प्राणियों के चोरी और सीनाजोरी से शिकार ने ले लिया। इस प्रकार, वन्य प्राणियों का विनाश व्यापक और तीव्र गति से होने लगा। उदाहरणार्थ, एक कामोत्तेजक औषधि (aphrodisiac) के संश्लेषण में प्रयुक्त सींग के लिए गैंडे (rhinoceros) का विगत 40-50 वर्षों में व्यापक वध हुआ है। इसी प्रकार, हाथीदाँत (ivory) के लिए हाथियों का, कस्तूरी (musk-एक अत्यधिक सुगन्धित द्रव्य जो नर की नाभि के निकट स्थित एक पुटी में भरा होता है) के लिए कस्तूरी मृग (musk deer) का, चर्बी, मांस, खाल, आदि के लिए ह्वेल का, फर के लिए हिमालयी हिमचीते (Himalayan snow-leopard) का, चमड़े के लिये बाघों, लोमड़ियों, घड़ियालों, साँभर, साँपों आदि का व्यापक वध हुआ है और अब भी हो रहा है।



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