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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

अन्तर्राष्ट्रीयता की दो बाधाओं का उल्लेख कीजिए।

Answer»

अन्तर्राष्ट्रीयता की दो बाधाएँ निम्नवत् हैं-

1. आतंकवाद – अभी हाल ही के वर्षों में अन्तर्राष्ट्रीयता के मार्ग में एक नई और बड़ी बाधा ने जन्म लिया है, यह बाधा है—आतंकवाद और राज्य प्रायोजित आतंकवाद। जब एक राज्य या धार्मिक कट्टरता पर आधारित कोई संगठन किसी अन्य राज्य या राज्यों के प्रसंग में आतंकवादी गतिविधियों को अपनाता और प्रोत्साहित करता है तो राज्यों के आपसी सम्बन्धों में गहरे विरोध की स्थिति जन्म ले लेती है तथा वातावरण अन्तर्राष्ट्रीयता के मार्ग में एक बड़ा बाधक तत्त्व बन जाता है।
2. साम्राज्यवाद – अन्तर्राष्ट्रीयता के विकास में दूसरी बड़ी बाधा शक्तिशाली राज्यों की साम्राज्यवादी भावना है जिसका एक रूप उपनिवेशवाद कहा जा सकता है। साम्राज्यवाद राजनीतिक और आर्थिक शोषण का एक ऐसा यन्त्र है जो पिछड़े हुए देश को विकसित नहीं होने देता। डॉ० डी०एन० प्रिट (Dr. D.N. Pritt) का विचार है, “विश्वे संघ सम्बन्धी कोई भी प्रस्ताव उस समय तक सफलता के द्वार तक नहीं पहुंच सकता है, जब तक कि संसार में पूँजीवाद और साम्राज्यवाद उपस्थित है।”

2.

राष्ट्रीयता की परिभाषा दीजिए तथा इसके विभिन्न पोषक तत्वों की विवेचना कीजिए।याराष्ट्रीयता क्या है? इसके निर्माणक तत्त्व बताइए। याराष्ट्रवाद से आप क्या समझते हैं? 

Answer»

‘राष्ट्रीयता’ शब्द अंग्रेजी भाषा के ‘Nationality’ शब्द का हिन्दी रूपान्तर है, जिसकी उत्पत्ति लैटिन भाषा के ‘Natio’ शब्द से हुई है। इस शब्द से जन्म और जाति का बोध होता है। राष्ट्रीयता एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक भावना है। यह लोगों को एक सूत्र में बाँधने का कार्य करती है। विभिन्न विद्वानों ने राष्ट्रीयता की परिभाषाएँ दी हैं, जिनमें कुछ इस प्रकार हैं-

⦁    एन्साइक्लोपीडिया ब्रिटेनिका के अनुसार, ‘‘राष्ट्रीयता एक ऐसी मनोदशा को कहते हैं जिसमें व्यक्ति अपने राष्ट्र के प्रति उच्चतम भक्ति को अनुभव करता है।”
⦁    मैकियावली के अनुसार, राष्ट्रीयता उस सक्रिय भावना को कहते हैं जो लोगों में एक साथ रहने से उत्पन्न होती है।”
⦁    डॉ० बेनी प्रसाद के अनुसार, “राष्ट्रीयता की निश्चित परिभाषा देना कठिन है, परन्तु यह स्पष्ट है कि ऐतिहासिक गतिविधि में यह पृथक् अस्तित्व की उस चेतना का प्रतीक है जो सामान्य आदतों, परम्पराओं, रीति-रिवाजों, स्मृतियों, आकांक्षाओं, अवर्णनीय सांस्कृतिक सम्प्रदायों तथा हितों पर आधारित है।”
⦁    हॉलैण्ड के अनुसार, “राष्ट्रीयता एक ऐसी आध्यात्मिक भावना है जो लोगों को राजनीतिक रूप में एकता के बन्धन में रहने के लिए प्रेरित करती है।”

उपर्युक्त परिभाषाओं के आधार पर राष्ट्रीयता का अर्थ साधारण शब्दों में इस प्रकार बताया जा सकता है कि “राष्ट्रीयता उन लोगों का समूह है जो समान भाषा, समान जाति या वंश, समान साहित्य, समान इतिहास, समान रीति-रिवाजों, समान विचारधारा और समान राजनीतिक आकांक्षा आदि के आधार पर अपने को एक समझते हों और इसी प्रकार अपने को एक समझने वाले दूसरे लोगों को अलग मानते हों।”

राष्ट्रीयता के मुख्य निर्माणक तत्त्व
लोगों में राष्ट्रीयता के लिए आवश्यक एकता की भावना उत्पन्न करने में कई तत्त्व सहायक सिद्ध होते हैं। राष्ट्रीयता के मुख्य सहायक तत्त्व निम्नवत् हैं-

⦁    मातृभूमि – प्रत्येक मनुष्य को अपनी मातृभूमि से लगाव होना स्वाभाविक है। इस लगाव के कारण ही वे आपस में एक भावना से बँधे रहते हैं।
⦁    जातीय एकता – जिमर्न तथा ब्राइस जातीय एकता को राष्ट्रवाद के निर्माण में महत्त्वपूर्ण योगदान मानते हैं। एक ही जाति के लोगों में रीति-रिवाजों, धर्म तथा रहन-सहन की एकरूपता होती है, जिससे राष्ट्रीय भावना विकसित होती है।
⦁    समान संस्कृति – एक देश में निवास करने वाले व्यक्तियों के मध्य समान परम्पराएँ, रीति-रिवाज, साहित्य एवं रहन-सहन की विधि एक-दूसरे को जोड़ने के लिए सीमेण्ट की तरह है।
⦁    भाषायी एकता – भाषा की एकता भी राष्ट्रीयता के प्रारम्भिक विकास में सहयोगी होती है। भाषा से लोगों में पारस्परिक निकटता उत्पन्न होती है। समान आदर्श तथा समान संस्कृति को बढ़ावा मिलता है तथा राष्ट्रीय एकता में वृद्धि होती है, क्योंकि ये दोनों ही राष्ट्रीयता के आधार हैं।
⦁    धार्मिक एकता – एक ही धर्म के लोगों में राष्ट्रीयता की भावना शीघ्रता से उत्पन्न हो जाती है; अतः धर्म लोगों को एकता के सूत्र में पिरोकर राष्ट्रीयता के विकास में सहायक बनाता है।
⦁    भौगोलिक एकता – भौगोलिक एकता से भी राष्ट्रीयता का विकास होता है। रुथनास्वामी ने ठीक ही कहा है कि “राजनीति हमें बाँटती है, धर्म हमारे बीच दीवारें खड़ी कर देते हैं, संस्कृति हमें एक-दूसरे से पृथक् करती है, किन्तु देश और धरती का प्रेम हमें एक सूत्र में बाँधता है। भौगोलिक एकता के विकास के अभाव में राष्ट्रीयता का विकास असम्भव है।”
⦁    एक शासन – लम्बे समय तक एक ही शासन के अधीन रहने से भी राष्ट्रीयता की भावना का जन्म तथा विकास होता है।
⦁    समान इतिहास – समान इतिहास भी राष्ट्रीयता के विकास के लिए महत्त्वपूर्ण तत्त्व है। जिन लोगों का समान इतिहास होता है, उनमें एकता की भावना का होना स्वाभाविक है।
⦁    समान हित – राष्ट्रीयता के विकास के लिए समान हित भी महत्त्वपूर्ण तत्त्व है। यदि लोगों के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक तथा धार्मिक हित समान हों तो उनमें एकता की उत्पत्ति होना स्वाभाविक ही है।
⦁    संघर्ष के समय राष्ट्रीय एकता – एक राष्ट्र में व्यक्ति परस्पर अधिक संगठित रहते हैं। वे साधारण मनमुटाव को भुलाकर आने वाली विपत्तियों का सामना करते हैं। भारत-पाक युद्ध के समय भारतीय राष्ट्रीय एकता इसका प्रमाण है।
⦁    राज़नीतिक आकांक्षाएँ – राष्ट्रीयता के विकास में राजनीतिक आकांक्षाएँ महत्त्वपूर्ण तत्त्व हैं। जब लोगों के समूह में विदेशी राज्य को समाप्त करने की भावना आती है तो राष्ट्रीयता की भावना उत्पन्न होती है।

3.

अन्तर्राष्ट्रीयता के दो गुण बताइए।

Answer»

⦁    विभिन्न राष्ट्रों में सहयोग की भावना उत्पन्न होती है तथा
⦁    युद्ध की सम्भावना कम हो जाती है।

4.

राष्ट्रीयता के मार्ग की बाधाओं को दूर करने के उपायों की विवेचना कीजिए।

Answer»

राष्ट्रीयता के मार्ग में आने वाली बाधाओं को निम्नांकित उपायों से दूर किया जा सकता है।

⦁    संकुचित भावनाओं का त्याग और देश-प्रेम या देशभक्ति की प्रबल भावना का विकास किया जाना चाहिए।
⦁    देश के विभिन्न भागों में भावनात्मक, साहित्यिक तथा सांस्कृतिक सम्पर्क बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए।
⦁    शिक्षा का व्यापक स्तर पर प्रचार तथा प्रसार किया जाना चाहिए तथा शिक्षा व्यवस्था का समुचित प्रबन्ध होना चाहिए।
⦁    देशभर में परिवहन तथा संचार के साधनों का पर्याप्त विकास किया जाना चाहिए।
⦁    देश के सभी क्षेत्रों का सन्तुलित आर्थिक विकास किया जाना चाहिए।
⦁    संकीर्ण हितों तथा स्वार्थपूर्ण मनोवृत्तियों पर आधारित राजनीति को नियन्त्रित किया जाना चाहिए
⦁    देश में सुदृढ़ तथा न्यायपूर्ण शासन व्यवस्था की जानी चाहिए।

5.

राष्ट्रीयता (राष्ट्रवाद) के दो दोष बताइए।

Answer»

⦁    जातीय भेदभाव की भावना तथा
⦁    साम्राज्यवाद।

6.

अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय का मुख्यालय कहाँ है?

Answer»

अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय का मुख्यालय हेग में है।

7.

राष्ट्रीयता किसे कहते हैं ?

Answer»

प्रो० गिलक्रिस्ट के शब्दों में, “राष्ट्रीयता एक आध्यात्मिक और मनोवैज्ञानिक भावना है।”

8.

राष्ट्रीयता के किन्हीं दो तत्त्वों का वर्णन कीजिए। याराष्ट्रीयता का कोई एक मूल तत्त्व बतलाइए। 

Answer»

⦁    भाषा की एकता तथा
⦁    सामान्य संस्कृति तथा परम्पराएँ।

9.

अन्य वचन रूप लिखो:1.    घर 2.    पत्रिका 3.    बच्चा 4.    शहर 

Answer»

1.    घर – घर

2.    पत्रिका – पत्रिकाएँ

3.    बच्चा – बच्चे

4.    शहर – शहर

10.

निम्नलिखित में कौन-सा राष्ट्रीयता का तत्त्व है?(क) शिक्षा(ख) साम्प्रदायिकता(ग) यातायात के साधन(घ) भाषा की एकता

Answer»

सही विकल्प है (घ) भाषा की एकता

11.

निम्नलिखित में से कौन-सा राष्ट्रीयता का निर्माणक तत्त्व नहीं है? (क) भौगोलिक एकता(ख) धार्मिक एकता(ग) सामान्य आर्थिक हित(घ) क्षेत्रीयता

Answer»

सही विकल्प है (घ) क्षेत्रीयता

12.

राष्ट्रीय भावना के विकास में बाधक तत्त्वों का संक्षिप्त परिचय दीजिए।

Answer»

राष्ट्रीयता के विकास में बाधक बनने वाली अनेक बातें हैं। राष्ट्रीयता के विकास के मार्ग में आने वाली प्रमुख बाधाएँ निम्नलिखित हैं-

1. अज्ञान एवं अशिक्षा – अज्ञान तथा अशिक्षा व्यक्तियों को मानसिक रूप से पृथक् करते हैं, उनमें कलुषित भावनाएँ भरते हैं और इस प्रकार राष्ट्रीयता के विकास में बाधक सिद्ध होते है।
2. साम्प्रदायिकता की भावना – साम्प्रदायिकता राष्ट्रीयता के मार्ग की प्रमुख बाधा है। इससे राष्ट्रीयता खण्डित होती है। साम्प्रदायिकता का अर्थ है-“सम्प्रदाय का हौआ खड़ा करके व्यक्तियों की भावनाओं को भड़काना और राष्ट्रीयता’ की जगह ‘साम्प्रदायिक उन्माद फैलाना।” कट्टरपन्थी शक्तियाँ राष्ट्र को एकता और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने से रोकती
3. यातायात के श्रेष्ठ साधनों का अभाव – आवागमन के अच्छे साधनों के अभाव में विभिन्न राज्यों के अन्तर्गत दूरस्थ स्थानों के निवासियों में संवादहीनता की स्थिति के कारण एकता की वह भावना जन्म नहीं ले पाती जो राष्ट्रीयता की आत्मा होती है।
4. प्रान्तीयता की भावना – इस भावना के कारण विभिन्न प्रान्तों में रेहने वाले व्यक्ति स्वयं को राष्ट्र का नागरिक न समझकर प्रान्त विशेष का ही निवासी मानते हैं। इसी भावना के कारण क्षेत्रीय स्तर पर संघर्ष होता रहता है, जिससे राष्ट्रीयता की भावना को क्षति पहुँचती है।
5. भाषावाद – जिन देशों में अनेक भाषा में बोलने वाले व्यक्ति निवास करते हैं वहाँ पर प्रायः व्यक्ति अपनी भाषा को ही सब-कुछ समझकर अन्य भाषाओं के प्रति द्वेष-भाव अपना लेते हैं। इससे भाषायी उपद्रवों को प्रोत्साहन मिलता है, जिसका राष्ट्रीयता पर घातक प्रभाव पड़ता है।
6. जातिवाद – जातिवाद भी राष्ट्रीयता के मार्ग में बाधक है। जातिवाद की भावना दूसरी जाति के प्रति घृणा का भाव जाग्रत करती है। जाति-व्यवस्था के अन्तर्गत सम्पूर्ण समाज छोटे-छोटे भागों में बँटा होता है। प्रत्येक जाति राष्ट्रीय हितों के स्थान पर जातीय हितों को प्राथमिकता देती है। इसी कारण राष्ट्रीयता की भावना का विकास नहीं हो पाता है।

13.

सिकंदर के लिए किस पर विजय पाना कठिन था?

Answer»

सिकंदर के लिए भारत पर विजय पाना कठिन था।

14.

सिकंदर भारत को कैसे जीतना चाहता था?

Answer»

सिकंदर भारत को मित्रता के द्वारा जीतना चाहता

15.

राष्ट्रीय भावना के विकास में बाधक तत्त्व हैं-(क) ऐतिहासिक स्मृतियाँ(ख) भाषा(ग) अज्ञान एवं अशिक्षा(घ) जातीय एकता

Answer»

सही विकल्प है (ग) अज्ञान एवं अशिक्षा

16.

पुरुराज सिकंदर की मैत्री संधि को – अस्वीकार क्यों करता है।

Answer»

अपने राज्य की रक्षा और आत्मासम्मान की रक्षा। वह मित्रता द्वारा भारत को तोडकर भारत जीतना चाहते थे। इसलिए पुरूराज सिकंदर की मैत्री संधि को इसलिए अस्वीकार करता है।

17.

यवन सेनापति कहाँ प्रवेश करता है?

Answer»

यवन सेनापति शिविर मे प्रवेश करता है?

18.

सिकंदर की मैत्री सन्धि को कौन अस्वीकार करता है?

Answer»

सिकंदर की मैत्री सान्ध को पुरुराज अस्वीकार करता है।

19.

भारतवीर किसका अभिवादन करता है?

Answer»

भारत वीर सिकंदर का अभिवादन करता है।

20.

जोड़कर लिखिए :अ – आनमूना :1. गुरुजी – अ) अस्पताल2. वकील – आ) खेत3. किसान – इ) पाठशाला4. वैद्य –  ई) न्यायालय5) व्यापारी – उ) सेना6) सिपाही – ऊ) दुकान

Answer»

1. इ,
2. ई,
3. आ,
4. अ,
5. ऊ,
6. उ

भफपजपशडडस भस्म कर दिया 
21.

शिविर में कौन प्रवेश करता है?

Answer»

शिविर में यवन सेनापति, बंदी पुरूराज के साथ प्रवेश करता है।

22.

मुझसे जो कुछ अपराध हुआ क्षमा करना। 

Answer»

यह वाक्य लालबिहारी ने आनंदी से कहा।

23.

भैया, अब कभी मत कहना कि तुम्हारा मुँह न देगा।

Answer»

यह वाक्य लालबिहारी ने श्रीकंठ से कहा।

24.

लालबिहारी को मैं अब अपना भाई नहीं समझता। 

Answer»

यह वाक्य श्रीकंठ ने अपने पिता बेनीमाधव सिंह से कहा।

25.

अब मेरा मुँह नहीं देखना चाहते, इसलिए अब मैं जाता हूँ। 

Answer»

यह वाक्य लालबिहारी ने आनंदी से कहा।

26.

कोष्ठक में से सही शब्द चुनकर खली स्थान भरो:1) ______ पानी में रहती है।2) एकता में ______ है। 3) हमारे राष्ट्रीय झडे में ______ 

Answer»

1. मछली,
2. बल,
3. तीन

27.

साल कैसे बनता है

Answer»

मिनट – मिनट ही तो मिलकर साल बनता है।

28.

हम धनवान कैसे बन सकते है?

Answer»

पैसे – पैसे को झुठाकर हम धनवान बन सकते

29.

सागर कैसे बनता है?

Answer»

बूँद – बूंद से मिलकर सागर बन जाता है।

30.

हिन्दुस्थान की यात्रा कैसे करोगे?

Answer»

थोडा – थोदा चलकर ही तो देख सकोगें हिन्दुस्थान की यात्रा करोगे

31.

रमेश के बड़े भाई का नाम क्या है?

Answer»

रमेश के बड़े भाई का नाम सुहास है।

32.

रमेश के पिताजी क्या काम करते हैं?

Answer»

रमेश के पिताजी वकील हैं।

33.

रमेश का घर कहाँ है?

Answer»

रमेश का घर विजयनगर में है।

34.

रमेश की बहन का नाम क्या है?

Answer»

रमेश की बहन का नाम राधा है।

35.

नमूने के अनुसार मिलान करो:1) भेड चराने वाला – अ) रसोईया2) गाय चराने वाल – आ) किसान3) खेती करने वाला – इ) ग्वाला4) कपडा सीने वाल – ई) गडरिया5) रसोई बनाने वाल – उ) दर्जी

Answer»

1. ई) गडरिया,
2. इ) ग्वाला,
3. आ) किसान
4. उ) दर्जी
5. अ) रसोईया

36.

श्रीकंठ कब घर आया करते थे?

Answer»

श्रीकंठ सिंह शनिवार को घर आया करते थे।

37.

थाली उठाकर किसने पलट दी? 

Answer»

लालबिहारी सिंह ने थाली उठाकर पलट दी।

38.

आनंदी के पिता का नाम लिखिए।

Answer»

आनंदी के पिता का नाम भूपसिंह था।

39.

नमूने के अनुसार आर्थवाले शब्दों का मिलान करो:1. मेहनत –        अ. शायता2. इनाम –          आ. मार्ग3. मदद –           इ. परीश्रम4. इम्तहान –      ई. पुरस्कार5. पथ –             उ. परीक्षा

Answer»

1. मेहनत –  इ. परीश्रम
2. इनाम –  ई. पुरस्कार
3. मदद –   अ. शायता
4. इम्तहान –  उ. परीक्षा
5. पथ –   आ. मार्ग

40.

पढना है जी पढना है कविता का सारांश लिखिए ।

Answer»

इस पद्य के कवि चद्रंमाल सिंह यादव है। हम को आच्छे से पढ़ना चाहिए। जब भोडे दिन की बात है तो जमकर खूब पढ़ना चाहिए। हम्तहान मे दृढ़ता से लिखना चाहिए। हमे इम्तहान मे पास होने के लिए पढ़ना चाहिए।

फिर गरमी की छुट्टी होगी मौज मस्ती के दिन है तब पिक्चर देखेंगे, मिकानिक भी करेंगे क्यो – की वह मस्ती के दिन है। मेहनत से हमें क्यों डरना चाहिए।

फिर हम पामा मम्मी से ढेर सारा ईनाम लेंगे। जो मेहनत करते है भगवन उनकी मदद करते है। हमे जीवन पथ पर बढ़ने के लिए हमें खूब पढ़ना चाहिए।

41.

पढना है जी पढना है कवि का परिचय लिखो?

Answer»

चंद्रपाल सिंह यादव ‘मयंक’ आधुनिक हिंदी साहित्य के विख्यात कवि हैं। इनका जन्म 1 नवंबर 1925 को उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुआ था। इन्होंने कई बालगीतों की रचना की है। इनके प्रमुख बालगीत हैं – ‘स्कूल खुल ಆಶ’, गये’, ‘खा लो आम’, ‘एक रहे हैं, एक रहेंगे’, ‘दीपों की कतार’, ‘जागृति-गीत’, ‘किसान गीत’, ‘दूध मलाई’ आदि। ‘मयंक’ कवि चंद्रपाल यादव का काव्यनाम है।

42.

नमूने के अनुसार तुकवाले शब्दों को लिखोःउद: पढ़ना – चढ़ना1. पढ़ेंगे 2. पढ़ना 3. पढ़ना 

Answer»

1. पढ़ेंगे – लड़ेंगे
2. पढ़ना – बढ़ना
3. पढ़ना – डरना

43.

शब्दार्थ लिखिए।1. जमकर 2. इम्तहान3. ताल ठोंकना 4. मस्ती5. मेहनत6. इनाम7. मदद8. पथ

Answer»

1. जमकर - दृढ़ता से

2. इम्तहान - परीक्षा

3. ताल ठोंकना - लड़ने के लिए तैयार होना

4. मस्ती - हँसी-मज़ाक 

5. मेहनत - परिश्रम

6. इनाम - प्रस्कार

7. मदद - सहायता

8. पथ - मार्ग

44.

कविता पढ़कर पूरा करो :1. थोडे दिन की बात और है__________________2. फिर गरमी की छुट्टी होगी,__________________3. मेहनत से क्या डरना है,__________________4. जीवन पथ पर बढ़ना है__________________

Answer»

1.    थोडे दिन की बात और है
जमकर खूब पढ़ना चाहिए

2.    फिर गरमी की छुट्टी होगी,
होंगे मौज – मजे के दिन।

3.    मेहनत से क्या डरना है,
पढ़ना है जी पढ़ना है।

4.    जीवन पथ पर बढ़ना है
पढ़ना है जी पढ़ना है।

45.

छुट्टी के दिन तुम क्या – क्या करते हो?

Answer»

छुट्टी के दिन हम मौज मस्ती के करेंगे पिक्चर देखने जाएँगे मिकनिक करेंगे।

46.

भगवान से तुम क्या प्रार्थना करोगे?

Answer»

भगवान से हम प्रार्थना करेंगे कि हम आच्छे से पढ़ने की और इम्तहान में पास होने की प्रार्थन करेंगे।

47.

प्रस्तुत कविता के कवि क नाम क्या है?

Answer»

चद्रपाल सिंह यादव प्रस्तुत कविता के कवि का नाम क्या है

48.

किससे डरना नहीं चाहिए?

Answer»

इम्तहान से डरना नहीं चाहिए।

49.

इम्तहान में पास होने के लिए हमें क्या करना चाहिए?

Answer»

इम्तहान में पास होने के लिए हमें जमकर खूब पढ़ना चाहिए।

50.

इनाम किनसे लेना है?

Answer»

पापा – मम्मी से इनाम लेना है