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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

A compound X, of boron reacts with NH3 on heating to give another compound Y which is called inorganic benzene. The compound X can be prepared by treating BF3 with Lithium aluminium hydride. The compounds X and Y are represented by the formulas. (i) B2H6 , B3N3H6 (ii) B2O3, B3 N3 H6 (iii) BF3, B3N3 H6 (iv) B3N3H6 , B2H6

Answer»

(i) B2H6 , B3N3H6

2.

C2H5OH तथा CH3OCH3 दोनों के अणुभार समान हैं किन्तु कमरे के ताप पर C2H5OH द्रव है तथा CH3OCH3 गैस है क्यों? 

Answer»

C2H5OH के अणुओं के मध्य अन्तराणुक हाइड्रोजन बन्ध बनता है जिसके कारण इसके अणुओं का संगुणन हो जाता है और यह द्रव अवस्था में रहता है जबकि CH3O-CH3 के अणुओं के मध्य हाइड्रोजन बंध नहीं है इसलिए यह गैस है।

3.

प्राथमिक ऐल्कोहॉल की तुलना में t-ब्यूटिल ऐल्कोहॉल धात्विक सोडियम से कम तेजी से क्रिया करता है, क्यों?

Answer»

तृतीयक ब्यूटिल ऐल्कोहॉल में केन्द्रीय C-परमाणु पर उपस्थित तीन -CH3 समूहों की उपस्थिति के कारण यह आंशिक ऋणावेशित हो जाता है जिसके परिणामस्वरूप यह O-H के इलेक्ट्रॉन युग्म को हाइड्रोजन परमाणु की ओर धकेलता है, अत: H-परमाणु आसानी से प्रतिस्थापित नहीं होता है।

4.

जब एक ऐल्कोहॉल सान्द्र H2SO4 से क्रिया करता है, तब निर्मित मध्यवर्ती है – (i) कार्बोधनायन (ii) ऐल्कॉक्सी आयन (iii) ऐल्किल हाइड्रोजन सल्फेट (iv) इनमें से कोई नहीं

Answer»

(i) कार्बोधनायन

5.

CH3-O-CH3 का सामान्य एवं IUPAC नाम क्या है?(i) क्रमश: डाइमेथिल ईथर व मेथॉक्सी मेथेन (ii) क्रमश: डाइमेथिल ईथर व मेथॉक्सी एथेन(iii) क्रमश: डाइएथिल ईथर व मेथॉक्सी मेथेन (iv) क्रमशः डाइएथिल ईथर व मेथॉक्सी एथेन

Answer»

(i) क्रमश: डाइमेथिल ईथर व मेथॉक्सी मेथेन

6.

1-मेथॉक्सी-4-नाइट्रोबेन्जीन के विरचन के लिए निम्नलिखित अभिकारकों में से कौन-सा युग्म उपयुक्त है और क्यों?

Answer»

अभिकारकों के दोनों युग्म उपयुक्त हैं। प्रथम युग्म में, -NO2 समूह के इलेक्ट्रॉन निष्कासक प्रभाव के कारण Br परमाणु सक्रियित होता है। CH3ONa के नाभिकस्नेही आक्रमण तथा उसके पश्चात् NaBr के विलोपन से वांछित ईथर प्राप्त होता है। दूसरे युग्म में, मेथिल ब्रोमाइड पर 4-नाइट्रोफीनॉक्साइड आयन के नाभिकस्नेही आक्रमण द्वारा वांछित ईथर प्राप्त होता है।

7.

Name the site of nephron from where urea comes out.

Answer»

Collecting Duct.

8.

Name the compounds that maintain the concentration gradient in the medullary interstitium.

Answer»

Sodium Chloride, urea.

9.

What is pest?

Answer»

Pest: An organism that may cause illness and damages the food crops.

10.

What is Nectar?

Answer»

Nectar: A sugar fluid secreted within the flowers.

11.

What is ruminants?

Answer»

Ruminants: The animals that bring up food from their stomach and chew it again. Ex Cow, Camel.

12.

भोजन परोसने की दो मुख्य शैलियाँ कौन-सी हैं ?

Answer»

भोजन परोसने की दो मुख्य शैलियाँ हैं

⦁    देशी शैली
⦁    विदेशी या परम्परागत शैली।

13.

जल में घुलनशील विटामिनों के नाम लिखिए।

Answer»

जल में घुलनशील विटामिन हैं-विटामिन ‘बी’ कॉम्प्लेक्स, विटामिन ‘सी’ तथा विटामिन ‘पी।

14.

जल में घुलनशील विटामिन हैं(क) विटामिन A, B, C(ख) विटामिन B, C(ग) विटामिन A, D.(घ) विटामिन E, K

Answer»

सही विकल्प है (ख) विटामिन B, C

15.

वसा में कौन-सा विटामिन घुलनशील नहीं है?(क) विटामिन-ए(ख) विटामिन-ई(ग) विटामिन-बी(घ) विटामिन-के

Answer»

सही विकल्प है (ग) विटामिन-बी

16.

किन-किन फलों में विटामिन ‘सी’ प्रचुर मात्रा में पाया जाता है?

Answer»

समस्त खट्टे फलों अर्थात् नींबू, नारंगी, सन्तरा, अमरूद, अनन्नास तथा तरबूज में विटामिन ‘सी’ प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

17.

वसा में घुलनशील विटामिनों के नाम लिखिए।

Answer»

जल में घुलनशील विटामिन हैं विटामिन ‘ए’, विटामिन ‘डी’, विटामिन ‘ई’ तथा विटामिन ‘के’।

18.

पाक-क्रिया का खनिज-लवणों पर क्या प्रभाव पड़ता है?

Answer»

पाक-क्रिया का खनिज-लवण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। जब विभिन्न खाद्य-सामग्रियों को जल के साथ पकाया जाता है, तो विभिन्न खनिज-लवण जल में आ जाते हैं। इस अवस्था में यदि पकी हुई खाद्य-सामग्री में से अतिरिक्त पानी बहा दिया जाए तो विभिन्न खनिज लवणों के नष्ट हो जाने की सम्भावना रहती है। अतः इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि खाद्य-सामग्री को केवल उतने ही जल में उबाला जाए जितना पकाने में प्रयुक्त हो जाए। इसके अतिरिक्त इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि सब्जियों को पकाने से पूर्व अधिक समय तक काटकर नहीं रखना चाहिए। सब्जियों को काटने एवं छीलने से पहले ही अच्छी तरह से धो लेना। चाहिए। छीलकर एवं काटकर धोने से बहुत-से खनिज-लवण नष्ट हो जाते हैं। इस प्रकार स्पष्ट है कि यदि खाद्य सामग्री को सावधानीपूर्वक पकाया जाए, तो खनिज लवणों को नष्ट होने से बचाया जा सकता है।

19.

तरकारियों को छीलने से क्या हानि होती है?

Answer»

पाक-क्रिया के लिए तरकारियों को छीला तथा काटा भी जाता है। तरकारियों के छिलकों में विटामिन व खनिज लवण पाए जाते हैं। अतः तरकारियों को छीलने से इन पोषक तत्त्वों की हानि होती है, जिनसे बचने के लिए

⦁    तरकारियों को भली प्रकार धोकर छिलकायुक्त ही काटकर पकाना चाहिए। इससे छिलके में उपस्थित पोषक तत्त्व सुरक्षित रहते हैं।
⦁    मोटे छिलके वाली तरकारियों के छिलके अधिक गहरे नहीं छीलने चाहिए, क्योंकि पोषक तत्त्वों की छिलकों के साथ ही निकल जाने की सम्भावना रहती है।

20.

पाक-क्रियाओं का पौष्टिक तत्त्वों पर क्या प्रभाव पड़ता है?याप्रोटीन पर पाक-क्रिया का क्या प्रभाव पड़ता है? स्पष्ट कीजिए।

Answer»

प्रोटीन पर पकाने का प्रभाव:

जन्तुजन्य प्रोटीन पकाने पर प्रायः कठोर हो जाने के कारण सुपाच्य नहीं रहती। वनस्पतिजन्य प्रोटीन पकाने पर कोशा-भित्तियों से बाहर आ जाती है; अतः अधिक सुपाच्य हो जाती है। भोज्य-पदार्थों को तलकर पकाने से उनमें उपस्थित प्रोटीन अत्यधिक कड़ी तथा अपाच्य हो जाती है; अत: प्रोटीनयुक्त भोज्य-पदार्थों को तलना नहीं चाहिए।

विटामिन पर पकाने का प्रभाव:

विटामिन ‘ए’ व ‘डी’ अत्यधिक उच्च ताप पर नष्ट हो जाते हैं, परन्तु भोज्य-पदार्थों को सामान्य विधि के अनुसार पकाने पर इन विटामिनों पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ता है। विटामिन ‘बी’ पर भी ताप का कोई प्रभाव नहीं पड़ता, परन्तु जल में विलेय होने के कारण भोज्य-पदार्थों को अधिक पकाने पर इसका कुछ भाग जल के साथ ही नष्ट हो जाता है। सब्जी का हरा रंग बनाये रखने के लिए प्रयुक्त सोडा बाइकार्बोनेट विटामिन ‘बी’ को नष्ट कर देता है। इसलिए हरी सब्जियों को पकाते समय खाने के सोडे का प्रयोग नहीं करना चाहिए। विटामिन ‘सी’ भी जल में घुलनशील होता है तथा उच्च ताप पर यह नष्ट हो जाता है।

21.

पाक-क्रिया द्वारा खाद्य सामग्री बन जाती है(क) अपाच्य(ख) सुपाच्य(ग) कुपाच्य(घ) कोई प्रभाव नहीं पड़ता

Answer»

सही विकल्प है (ख) सुपाच्य

22.

पाक-क्रिया का कार्बोहाइड्रेट्स पर क्या प्रभाव पड़ता है?

Answer»

पाक-क्रिया का कार्बोहाइड्रेट्स पर विभिन्न प्रकार से प्रभाव पड़ता है। हम भोजन में सामान्य रूप से स्टार्च एवं शर्करा के रूप में कार्बोहाइड्रेट्स ग्रहण करते हैं। स्टार्च को जब पकाया जाता है तो वे पककर मुलायम हो जाते हैं तथा कुछ फूल जाते हैं। इस अवस्था में इनका पाचन सरल हो जाता है। यदि स्टार्च को क्वथनांक तक उबाला जाए तो इसका सेल्यूलोज वाला भाग फट जाता है। यदि इस प्रकार से पकते हुए स्टार्च में कुछ मात्रा में ठण्डा पानी मिला दिया जाए तो स्टार्च के कण अलग-अलग हो जाते हैं तथा भोज्य-पदार्थ लेई के समान हो जाता है। इससे भिन्न, यदि स्टार्च को जलरहित ही शुष्क विधि से पकाया जाए, तो स्टार्च का रंग हल्का बादामी हो जाता है। यदि कुछ अधिक ताप पर स्टार्च को गर्म किया जाए, तो उसका रंग काला हो जाता है। ताप पाकर यह स्टार्च डैक्स्ट्रीन का रूप ग्रहण कर लेता है। इस रूप में स्टार्च अधिक सुपाच्य हो जाता है। इसी प्रकार, यदि शर्करा को शुष्क अवस्था में गर्म किया जाए, तो उसका रंग भूरा हो जाता है। परन्तु यदि शर्करा को जल के साथ गर्म किया जाए, तो वह घुल जाती है तथा एक प्रकार से शर्बत का रूप ग्रहण कर लेती है।

23.

पाक-क्रिया का अर्थ स्पष्ट कीजिए।

Answer»

प्राकृतिक अवस्था में उपलब्ध खाद्य-सामग्री को आहार के रूप में ग्रहण करने के लिए कृत्रिम रूप से तैयार करने की व्यवस्थित क्रिया को ही पाक-क्रिया कहते हैं। पाक-क्रिया के अन्तर्गत प्राकृतिक अवस्था में उपलब्ध खाद्य-सामग्री को जल, ताप, चिकनाई तथा भाप एवं वायु आदि द्वारा ऐसा रूप दिया जाता है जो इस सामग्री को अधिक स्वादिष्ट, नर्म एवं सुपाच्य बना देता है। जब हम किसी सब्जी को लेकर उसे धोते, छीलते एवं काटते हैं या उबालते एवं छोंकते हैं, तब इन समस्त क्रियाओं को सम्मिलित रूप से पाक-क्रिया ही कहा जाता है। इसी प्रकार से जब हमें गेहूं को पीसते, आटा गूंथते तथा रोटी बेलकर उसे तवे पर सेंकते हैं, तो ये समस्त क्रियाएँ भी पाक-क्रिया की ही उप-क्रियाएँ होती हैं। इस प्रकार पाक-क्रिया अपने आप में एक विस्तृत एवं व्यवस्थित क्रिया है। विभिन्न प्रकार के बर्तनों के निर्माण से भी पाक-क्रिया के विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान मिला है। इसका एक उल्लेखनीय उदाहरण प्रेशर कुकर है।

24.

विटामिन ‘ए’ को उत्तम स्रोत है(क) दाल(ख) दूध(ग) खट्टे फल(घ) पीली और हरी सब्जियाँ

Answer»

सही विकल्प है (ख) दूध

25.

भोजन पकाने से पहले, पकाते समय और परोसते समय किस प्रकार की स्वच्छता रखनी चाहिए और क्यों ?

Answer»

भोजन पकाने से पहले हमें देखना चाहिए कि जिस बर्तन में भोजन पकाया जाना है वह अच्छी तरह साफ है या नहीं। अगर किसी प्रकार की गन्दगी उसे बर्तन में लगी हुई हो तो उसे अच्छी तरह साफ कर लेना चाहिए। भोजन पकाते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि भोजन आवश्यकता से अधिक न गल जाए क्योंकि भोजन पकाते समय अगर अधिक गल जाता है तो उसके पोषक तत्त्व नष्ट हो जाते हैं। इसी प्रकार भोजन परोसते समय हमारे हाथ एवं बर्तन अच्छी तरह साफ होने चाहिए।

26.

स्कर्वी रोग किस विटामिन की कमी से होता है?(क) विटामिन ‘ए’(ख) विटामिन ‘डी’(ग) विटामिन ‘सी’(घ) विटामिन ‘बी’

Answer»

सही विकल्प है (ग) विटामिन ‘सी’

27.

खट्टे फलों में कौन-सा विटामिन अधिक मात्रा में पाया जाता है?(क) विटामिन ‘ए’(ख) विटामिन ‘बी’(ग) विटामिन ‘सी’(घ) विटामिन ‘डी’

Answer»

सही विकल्प है (ग) विटामिन ‘सी’

28.

प्रोटीन की कमी से कौन-सा रोग हो जाता है?(क) बेरी-बेरी(ख) एनीमिया(ग) मरास्मस(घ) तपेदिक

Answer»

सही विकल्प है (ग) मरास्मस

29.

लौह तत्त्व की कमी से कौन-सा रोग हो जाता है?(क) बेरी-बेरी(ख) एनीमिया(ग) मरास्मस(घ) तपेदिक

Answer»

सही विकल्प है (ख) एनीमिया

30.

विटामिन ‘डी’ का स्रोत है(क) दालें(ख) सूर्य किरणें(ग) खट्टे फल(घ) सब्जियाँ

Answer»

सही विकल्प है (ख) सूर्य किरणें

31.

‘फटे दूध का पानी में भोजन के कौन-कौन से तत्त्व पाए जाते हैं?याफटे दूध के पानी की पौष्टिकता के विषय में लिखिए।

Answer»

फटे दूध को पानी में खनिज-लवण, विटामिन, शर्करा तथा प्रोटीन आदि भोजन के पौष्टिक तत्त्व पाए जाते हैं।

32.

टमाटर सूप कैसे तैयार करेंगी?

Answer»

टमाटर सूप बनाने के लिए सही पके हुए टमाटरों को पहले स्टील या कलई किये बर्तन में उबालते हैं। जब टमाटर भली-भाँति उबल जायें तो इन्हें बड़े चम्मच या कलछी से घोट लिया जाता है। तत्पश्चात् इसका पानी छानकर रोगी की इच्छानुसार नमक, काली मिर्च डालकर ही रोगी को दिया जा सकता है। स्वाद के अनुसार इसमें थोड़ी चीनी भी मिलाई जा सकती है।

33.

एक व्यक्ति के लिए दलिया बनाने में पदार्थों का क्या अनुपात होना चाहिए?

Answer»

एक बड़ी चम्मच दलिया, दो प्याले पानी, एक प्याला दूध व दो छोटी चम्मच चीनी एक व्यक्ति के लिए दलिया तैयार करने के लिए पर्याप्त रहते हैं।

34.

भोजन परोसने की किस शैली में खड़े-खड़े भोजन किया जाता है?(क) पाश्चात्य शैली(ख) भारतीय शैली(ग) बुफे शैली(घ) इनमें से कोई नहीं

Answer»

सही विकल्प है (ग) बुफे शैली

35.

भोजन को पकाने से नष्ट न होने वाला विटामिन कौन-सा है?(क) ‘बी’(ख) ‘सी’(ग) “के(घ) ‘ए’

Answer»

सही विकल्प है (ख) ‘सी’

36.

बेकिंग पाउडर अथवा खाने का सोडा मिलाकर पकाने से तरकारियों का नष्ट होने वाला पोषक तत्त्व है(क) विटामिन ‘बी’(ख) प्रोटीन(ग) कार्बोज(घ) खनिज-लवण

Answer»

सही विकल्प है (क) विटामिन ‘बी’

37.

स्वस्थ व्यक्ति और रोगी के भोजन में क्या अन्तर होता है?

Answer»

आहार मनुष्य का सर्वोत्तम डॉक्टर है। यदि स्वस्थ अवस्था में सही, सुपाच्य तथा उचित मात्रा में सन्तुलित भोजन मनुष्य को मिलता रहे तो उसका स्वास्थ्य, संक्रामक रोगों को छोड़कर, सामान्यतः ठीक रहता है। इसी प्रकार, रुग्णावस्था में थोड़ा-सा भी अनियमित भोजन लेने पर रोग की गम्भीरता अत्यधिक बढ़ सकती है।

रुग्णावस्था में भोजन ऐसा होना चाहिए जिसमें आवश्यक पोषक-तत्त्व, जिनकी शरीर में कमी हो सकती है, अधिक मात्रा में हों। रोगी के भोजन में सभी पौष्टिक तत्त्व आवश्यक हैं, किन्त यह सरलत ग्राह्य, सुपाच्य तथा शीघ्र पचने वाला होना चाहिए।

38.

रोगी के आहार में ग्लूकोज का क्या महत्त्व है?

Answer»

ग्लूकोज अन्य शर्कराओं की अपेक्षा अधिक घुलनशील होती है तथा एन्जाइम क्रिया के बिना ही अवशोषित होकर रक्त प्रवाह में पहुँच जाती है। अत: ग्लूकोज तुरन्त ऊर्जा प्रदान करती है। इस प्रकार ग्लूकोज लेने पर रोगी दुर्बलता से शीघ्र मुक्त होने का अनुभव करता है। हमारे शरीर में ग्लूकोज शर्करा ग्लाइकोजन के रूप में संचित रहती है तथा आवश्यकतानुसार ग्लाइकोजन ग्लूकोज में परिवर्तित होकर रुधिर प्रवाह में मिलती रहती है। रुग्णावस्था में ग्लाइकोजने के संचय में कमी आ जाती है, जिसकी पूर्ति करने के लिए रोगी को ग्लूकोज देना आवश्यक हो जाता है।

39.

फटे दूध के पानी में कौन-सा तत्त्व नहीं पाया जाता?

Answer»

फटे दूध के पानी में वसा नामक तत्त्व नहीं पाया जाता।

40.

टोस्ट वाटर तैयार करने की विधि लिखिए।

Answer»

सामग्री डबलरोटी का टुकड़ा व पानी।

बनाने की विधि डबलरोटी के टुकड़े को आग पर सेंक लेते हैं। जब वह गुलाबी रंग का हो जाता है तो उसे किसी बर्तन (कटोरा) में रख देते हैं। अब एक बड़े बर्तन में पानी उबालते हैं। जब पानी खूब उबल जाता है तो उसे सिके टोस्ट वाले बर्तन में डाल देते हैं तथा उस पानी को छान लेते हैं, यही टोस्ट वाटर (टोस्ट का पानी) कहलाता है। इसमें काला नमक तथा काली मिर्च मिलाकर रोगी को देते हैं।टोस्ट वाटर अधिकतर टायफाइड के रोगी को ज्वर उतरने के पश्चात् दिया जाता है।

41.

किसी व्यक्ति को रोग की दशा में दिए जाने वाले आहार को क्या कहा जाता है?

Answer»

किसी व्यक्ति को रोग की दशा में दिए जाने वाले आहार को उपचारार्थ आहार कहा जाता है।

42.

मलेरिया रोग में दिए जाने वाले आहार का विवरण प्रस्तुत कीजिए।

Answer»

मलेरिया नामक रोग में व्यक्ति को कॅपकपी से तीव्र ज्वर होता है। इस रोग में व्यक्ति का यकृत भी प्रभावित होता है परन्तु व्यक्ति का पाचन क्रिया पर अधिक प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। सामान्य दशाओं में मलेरिया के रोगी को सामान्य पौष्टिक एवं सन्तुलित आहार दिया जा सकता है, परन्तु यदि ज्वर तीव्र है, तो भोजन देना उचित नहीं होता। इस दशा में रोगी को दूध दिया जाना चाहिए। ज्वर उतर जाने के बाद स्वास्थ्य लाभ के समय सुपाच्य किन्तु पौष्टिक हल्का भोजन देना चाहिए। रोगी को उसकी रुचि के अनुसार खिचड़ी, दलिया, साबूदाना, हरी सब्जियाँ दी जा सकती हैं। रोगी को उबला अण्डा तथा मक्खन भी दिया जा सकता है।

43.

टायफाइड में ठोस भोजन खिलाना क्यों उपयुक्त नहीं है? वर्णन कीजिए।

Answer»

टायफाइड के रोगी की आँते अत्यधिक कमजोर हो जाती हैं। अतः उसे ठोस भोजन न देकर तरल भोजन देना ही उपयुक्त रहता है।

44.

रोगी के भोजन को कितनी श्रेणियों में विभालि किया जा सकता है?

Answer»

रोगी के भोजन को क्रमश: तरल आहार तथा कम हार के। श्रणियों में बाँटा जा सकता है। तरल आहार को पुन: पूर्ण-तरल तथा अर्द्ध-तरल आहार में बाँटा जाता है।

45.

जौ का पानी किस रोग में दिया जाता है?

Answer»

जौ का पानी गुर्दो के रोग तथा पेचिश में दिया जाना लाभप्रद रहता है।

46.

अतिसार के रोगी के आहार में दही या मटठे का क्या महत्त्व है?याअतिसार के रोगी को कैसा आहार देना चाहिए?

Answer»

अतिसार के रोगी के आहार में दही या मट्ठे का विशेष महत्त्व होता है। यदि इसमें ईसबगोल मिला लिया जाए, तो अधिक लाभ होता है।

47.

रोगी को उबालकर ठण्डा किया हुआ जल देने का क्या लाभ है?

Answer»

उबालकर ठण्डा किया हुआ जल रोगाणुमुक्त हो जाता है; अतः यह रोगी को किसी प्रकार की हानि नहीं पहुँचाता।

48.

कब्ज के रोगी के आहार में मुख्यतः किन भोज्य-पदार्थों का समावेश करना चाहिए?

Answer»

कब्ज के रोगी के आहार में मुख्यतः अधिक रेशे युक्त भोज्य पदार्थों का समावेश करना चाहिए जैसे कि सम्पूर्ण अनाज, छिलकायुक्त दालें, सब्जियाँ तथा फल। जल की मात्रा भी अधिक होनी चाहिए।

49.

टोस्ट का पानी’ किस रोगी को दिया जाता है?

Answer»

तीव्र ज्वर से पीड़ित रोगी को टोस्ट का पानी दिया जाता है।

50.

मियादी बुखार के रोगी को आप कैसा आहार देंगी?

Answer»

मियादी बुखार के रोगी को वसारहित, प्रोटीनयुक्त तथा तरल अथवा कम तरल भोजन देना लाभप्रद रहता है।