This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर दिये गये प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में दीजिए। कुछ लोग जो ज़्यादा जानते हैं,इंसान को कम पहचानते हैं।ये पूरब है पूरब वाले,हर जान की कीमत जानते हैं ।।1. कुछ लोग ज्यादा जानने पर भी किसे कम पहचानते है?2. पूरबवाले कौन हैं?3. पूरब वाले क्या जानते हैं?4. यह पद्यांश किस पाठ से दिया गया है?5. इस पद्यांश के कवि कौन है? |
Answer»
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शैलेन्द्र कुमार जी के बारे में आप क्या जानते है? |
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Answer» कविवर शैलेंद्र कुमार जी का जन्म सन् 1923 में हआ। आप की मृत्यु सन् 1966 में हुई। आपने कई फिल्मी गीतों की रचना की हैं। आप तीन बार फिल्म फेर अवार्ड से सम्मानित हैं। |
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नीचे दिये गये वाक्यों की वाक्य रचना पहचानिए।i) हम नवीं कक्षा के छात्र हैं।ii) हम अपना भविष्य बनायेंगे और देश की सेवा करेंगे।iii) जो जितनी मेहनत करेगा वह उतना ही आगे बढेगा। |
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Answer» i) सरल वाक्य ii) संयुक्त वाक्य iii) मिश्रित वाक्य |
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निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर दिये गये प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में लिखिए।होठों पे सचाई रहती है,जहाँ दिल में सफ़ाई रहती है ।हम उस देश के वासी हैं,जिस देश में गंगा बहती है |मेहमाँ जो हमारा होता है,वो जान से प्यारा होता है ।ज़्यादा का नहीं लालच हमको,थोडे में गुज़ारा होता है |1. भारतीयों के होटों पर क्या रहती है?2. हमारे देश में कौन – सी पवित्र नदी बहती है?3. भारतीय समाज में मेहमान को कैसे मानते हैं?4. सच का विलोम शब्द लिखिए।5. इस गीत के गीतकार कौन हैं? |
Answer»
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भारतवासियों की महानता के बारे में कवि शैलेंद्र कुमार की भावनाओं को अपने शब्दों में लिखिए।(या)“जिस देश में गंगा बहती हैं।” गीत में भारतीयों की महानता के बारे में सुंदर वर्णन किया गया है। समझाइए।(या)“जिस देश में गंगा बहती है” – पाठ का सारांश अपने शब्दों में लिखिए| |
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Answer» “जिस देश में गंगा बहती है …….’ नामक कविता के कवि हैं श्री शैलेंद्र कुमार। आप इस प्रस्तुत कविता में भारत देश वासियों के महानगुणों के बारे में वर्णन करते हैं। कवि कहते हैं कि हम उस देश के वासी हैं, जिस देश में गंगा बहती है। हमारे होठों पर सदा सचाई ही रहती है। हम कभी झूठ नहीं बोलते । हमारे दिलों में सफ़ाई रहती है। इसका मतलब यह है कि हम अपने दिलों को पवित्र रखते हैं। हमारे मेहमानों को हम अपने प्राणों से भी प्यार करते हैं। हमें ज़्यादा लालच नहीं रहता । हम बहुत थोड़े में ही गुज़ारा करते हैं। जिस देश में गंगा बहती है, हम उस देश के वासी हैं | बच्चों के लिए यहाँ की धरती माँ सदियों से सहती है। कवि कहते हैं कि कुछ लोग ज़्यादा जानने पर भी इन्सान को पहचान नहीं सकते । लेकिन हम भारत वासी एवं पूरबवासी हर जान की क़ीमत जानते हैं। हमारे पास एक ही चीज़ है – वह है आपस में मिलजुलकर रहना और प्यार से रहना । जिस देश में गंगा बहती है, हम उस देश के वासी हैं। हम ज्ञान को महत्व देते हैं। हमने सब से कुछ न कुछ सीखा है। हमने अंग्रेज़ों को भी अपनाया है। हमने अपने स्वार्थ (लाभ) के लिए किसी को हानि नहीं पहुँचायी । हम ही नहीं इस बात को सारी दुनिया, सारी दुनिया से कहती है कि जिस देश में गंगा बहती है हम उस देश में रहनेवाले भारतीय हैं। |
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कविता में राम, लक्ष्मण, सीता और रावण का प्रयोग किन संदर्भो में हुआ है, स्पष्ट कीजिए। |
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Answer» ‘कर चले हम फ़िदा’ कविता में राम, लक्ष्मण, सीता और रावण जैसे पौराणिक पात्रों का प्रयोग देशवासियों, भारतमाता और देश के शत्रुओं के संदर्भ में किया गया है। सीता अत्यंत, सुंदर, पवित्र गरिमामयी स्त्री थी। कुछ ऐसी ही स्थिति हमारी मातृभूमि भारत माता की है। यह हमारी भारतमाता तरह-तरह से समृद्ध और गौरवपूर्ण है। कुछ शत्रु रूपी रावण इसकी ओर कुदृष्टि रखते हैं और अपना बना लेना चाहते हैं। जिस तरह राम और लक्ष्मण ने रावण को मारकर सीता की रक्षा की थी, उसी प्रकार भारतीय सैनिकों और देशवासियों से अपेक्षा की गई है कि वे सीता रूपी भारतमाता की रक्षा के लिए रावण रूपी शत्रुओं से युद्ध करें तथा आवश्यकता पड़ने पर अपना बलिदान देकर साहस एवं वीरता की नई गाथा लिखें। |
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‘कर चले हम फ़िदा’ कविता की प्रासंगिकता स्पष्ट कीजिए। |
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Answer» ‘कर चले हम फ़िदा’ कविता में 1962 में चीन के साथ हुए युद्ध का मर्मस्पर्शी वर्णन है। यह कविता एक ओर भारतीयों के साहस तथा वीरता का उत्कृष्ट नमूना प्रस्तुत करती है, साथ ही उनके त्याग एवं बलिदान की अनुपम गाथा भी दोहराती है। यह कविता अपने रचना काल में जितनी प्रासंगिक थी उससे कहीं अधिक आज प्रासंगिक है। आज देश में पड़ोसी देश से जब घुसपैठ का खतरा बढ़ा है, जयचंदों की संख्या बढ़ी है तथा लोग भाषा, जाति, क्षेत्र, धर्म आदि के नाम पर अपनी डफली अपना राग अलाप रहे हों, तब इस कविता की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है। यह कविता वीरों का उत्साह बढ़ाने और युवाओं में राष्ट्रभक्ति प्रगाढ़ करने के लिए अधिक प्रासंगिक है। |
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हमें अपने मेहमान के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए? |
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Answer» मेहमान का अर्थ है अतिथि । अतिथि हमारे लिए भगवान की प्रतिमूर्ति समान है । अतिथि का सत्कार भारतीय लोगों का जन्म सिद्ध गुण है । ऐसे अतिथि की भलाई या अतिथि को खुश रखने अपनी हानि की भी परवाह नहीं करनेवाले हैं हम । अतिथि सत्कार को ही परम धर्म मानकर जी जान से उसकी सेवा में निमग्न होते हैं। |
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अपना बलिदान देकर भी सैनिकों को दुख की अनुभूति क्यों नहीं हो रही है? |
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Answer» एक सच्चा सैनिक देश के लिए ही जीता और मरता है। वह अपनी मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की बाजी लगाना अपना धर्म समझता है। वह अपना सब कुछ अर्पित कर देश के काम आना चाहते हैं। ऐसा करके वे अपने सैन्यधर्म का पालन करके गर्वानुभूति करते हैं। चीन के साथ युद्ध में शहीद भारतीय सैनिक अपना बलिदान देकर भी गर्वानुभूति कर रहे हैं, फिर उन्हें दुख की अनुभूति कैसे होने पाती। उन्हें गर्व है कि उन्होंने हिमालय का सर झुकने नहीं दिया। |
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सैनिकों ने हिमालय का सिर न झुकने देने के लिए क्या किया? |
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Answer» भारतीय सैनिकों में देश प्रेम और राष्ट्रभक्ति की भावना चरम पर थी। उन्हें अपना देश और मातृभूमि प्राणों से भी प्रिय थी। इसके रक्षा के लिए उन्होंने विपरीत परिस्थितियों की परवाह नहीं की। वे निरंतर आगे ही आगे बढ़ते जा रहे थे। हालात ऐसे थे कि उनकी साँसें रुक रही थीं और साँस लेना कठिन हो रहा था तथा रक्त जमता जा रहा था, फिर भी इसकी परवाह किए बिना लड़ते हुए अपना बलिदान दे दिया। |
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‘भरते-मरते रहो बाँकपन साथियो के माध्यम से सैनिक देशवासियों को क्या संदेश देना चाहते थे? |
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Answer» ‘मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो’ के माध्यम से सैनिक देशवासियों से यह कहना चाहते हैं कि वे शत्रुओं से युद्ध करते हुए अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए पूरे जोश और साहस से युद्ध किए। उन्होंने अपने मनोबल को गिरने नहीं दिया और सच्चे सैनिक की तरह मातृभूमि के लिए अपना बलिदान दे दिया। वे देशवासियों को यह संदेश देना चाहते हैं कि देशवासी भी इसी तरह साहस से देश की रक्षा करते हुए वीरता की नई गाथा लिखें। |
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सैनिक अपनी जवानी को कब सार्थक मानता है? |
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Answer» एक सच्चा सैनिक अपनी मातृभूमि से अगाध लगाव रखता हुआ देश के लिए जीता और मरता है। वह शत्रुओं से हर समय मुकाबले को तैयार रहता है। वह, अपने प्राणों की परवाह किए बिना हर संकट को झेलने के लिए तैयार रहता है। एक सच्चा सैनिक अपनी जवानी को तभी सार्थक मानता है जब वह शत्रुओं से युद्ध करते हुए अपने प्राणों की बलि दे दे और उसके खून की एक-एक बूंद देश के काम आ जाए। |
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भारतीय सैनिकों को युद्ध में किन-किन मुसीबतों का सामना करना पड़ा? |
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Answer» भारतीय सैनिकों को चीनी सैनिकों के साथ हुए युद्ध में कई मुसीबतों का सामना करना पड़ा; जैसे • हिमालय की घाटियों जैसे दुर्गम स्थानों पर युद्ध करना पड़ा। • हाड़ गला देने वाली सरदी में सैनिकों का खून जम रहा था। • उनके सिर पर शत्रु मौत बनकर मॅडरा रहे थे। • बर्फ के कारण उन्हें साँस लेने में कठिनाई हो रही थी। |
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आज़ाद होने के बाद सबसे मुश्किल काम है ‘आज़ादी बनाए रखना’। इस विषय पर कक्षा में चर्चा कीजिए। |
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Answer» यह पूर्णतया सत्य है कि आजाद होना कठिन काम है। आज़ादी पाने के लिए लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ता है, त्याग करना पड़ता है और हज़ारों को कुरबान होना पड़ता है। इतनी कठिनाई से प्राप्त आज़ादी को बनाए रखना भी आसान काम नहीं है। आजादी प्राप्ति के समय जो विभिन्न जाति, धर्म, संप्रदाय, भाषा क्षेत्र आदि के लोग अपनी इस संकीर्णता को छोडकर एकजुट होकर आजादी के लिए तन-मन-धन अर्थात् सर्वस्व न्योछावर करने को तैयार थे और जिनके अथक प्रयासों से आज़ादी मिली वही बाद में जाति, धर्म, संप्रदाय, क्षेत्र, भाषा आदि के नाम पर अलगाववाद का समर्थन करते नजर आते हैं, जिससे हमारी एकता पर अनेकता में बदलने का खतरा उत्पन्न हो जाता है। ऐसी स्थिति का अनुचित लाभ उठाने के लिए कुछ शत्रु देश सक्रिय हो जाते हैं। वे तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर हमें गुलाम बनाने की कुचेष्टा करते हैं। वे हमारी फूट का लाभ उठाते हैं। वे धन, छल-बल, कूटनीति का सहारा लेकर एकता को कमजोर करने का प्रयास करते हैं। इसमें तनिक भी सफलता मिलते ही वे दंगे भड़काने का प्रयास करते हैं, भेदभाव को उकसाते हैं ताकि हम आपस में ही लड़-मरें। उन्हें तो इसी अवसर की प्रतीक्षा होती है। हमें भूलकर भी ऐसी स्थिति नहीं आने देनी चाहिए। यद्यपि कुछ लोग दिग्भ्रमित होकर गलत कदम उठा लेते हैं, परंतु हमें ऐसे लोगों को भी सही राह पर लाने का हर संभव प्रयास करना चाहिए और अपनी आज़ादी को हर संभावित संकट से बचाना चाहिए। अतः पूर्णतया सत्य है कि आज़ाद होने के बाद सबसे मुश्किल काम है ‘आजादी बनाए रखना। |
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सैनिकों के लड़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल नहीं थीं। स्पष्ट कीजिए। |
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Answer» भारत और चीन के बीच हुए इस युद्ध का रणक्षेत्र बना था–हिमालय की घाटियाँ जहाँ तापमान इतना कम होता है कि वहाँ खड़ा रहना भी कठिन होता है। हडियाँ कँपा देने वाली ऐसी ही सरदी में भारतीय सैनिक चीनी सैनिकों का मुंहतोड़ जवाब दे रहे थे, परंतु सरदी के कारण उनकी साँसें रुकती हुई प्रतीत हो रही थीं और उनकी नसों का खून जमने की स्थिति तक पहुँच गया था। |
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‘कर चले हम फ़िदा जानो तन’ के माध्यम से सैनिक क्या कहना चाहते हैं? |
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Answer» ‘कर चले हम फ़िदा जानो तन’ के माध्यम से सैनिक देशवासियों और युद्ध कर रहे अपने साथियों से यह कहना चाहते हैं कि उन्होंने साहस और वीरता से अपने देश की रक्षा की है। अपने तन में प्राण रहते हुए उन्होंने देश की मर्यादा और प्रतिष्ठा पर आँच नहीं आने दिया। उन्होंने अपने सीने पर गोलियाँ खाकर देश के लिए अपने प्राणों को उत्सर्ग कर दिया है। अब देश की रक्षा के लिए तुम भी अपने प्राणों की बाजी लगा देना। |
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इस कविता का प्रतिपाद्य अपने शब्दों में लिखिए। |
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Answer» प्रस्तुत कविता उर्दू के प्रसिद्ध कवि कैफ़ी आज़मी द्वारा रचित है। यह गीत युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म हकीकत के लिए लिखा गया है। इस कविता में कवि ने उन सैनिकों के हृदय की आवाज़ को व्यक्त किया है, जिन्हें अपने देश के प्रति किए गए हर कार्य, हर कदम, हर बलिदान पर गर्व है। इसलिए इन्हें प्रत्येक देशवासी से कुछ अपेक्षाएँ हैं कि उनके इस संसार से विदा होने के पश्चात वे देश की आन, बान व शान पर आँच नहीं आने देंगे, बल्कि समय आने पर अपना बलिदान देकर देश की रक्षा करेंगे। |
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भाव स्पष्ट कीजिए-खींच दो अपने खू से जमीं पर लकीर इस तरफ़ आने पाए न रावन कोई |
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Answer» इन अंशों का भाव है कि सैनिकों ने अंतिम साँस तक देश की रक्षा की। युद्ध में घायल हो जाने पर जब सैनिकों की साँसें रुकने लगती हैं अर्थात् अंतिम समय आने पर तथा नब्ज़ के रुक-रुककर चलने पर, कमज़ोर पड़ जाने पर भी उनके कदम नहीं रुकते, क्योंकि वे भारतमाता की रक्षा हेतु आगे बढ़ते रहते हैं और हँसते-हँसते अपने प्राण न्योछावर कर देते हैं। |
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कवि ने इस कविता में किस काफ़िले को आगे बढ़ाते रहने की बात कही है? |
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Answer» ‘काफिले’ शब्द का अर्थ है-यात्रियों का समूह। कवि ने इस कविता में देश के लिए न्योछावर होने वाले अर्थात् देश के मान-सम्मान व रक्षा की खातिर अपने सुखों को त्याग कर, मर मिटने वाले बलिदानियों के काफिले को आगे बढ़ते रहने की बात कही है। कवि का मानना है कि बलिदान का यह क्रम निरंतर चलते रहना चाहिए क्योंकि हमारा देश तभी सुरक्षित रह सकता है, जब बलिदानियों के काफिले शत्रुओं को परास्त कर तथा विजयश्री को हासिल कर आगे बढ़ते रहेंगे। |
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बच्चों के हाथ में क्या है? |
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Answer» बच्चों के हाथ में तिरंगा झंड़ा है। |
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‘इंकलाब जिंदाबाद’ किसका नारा था? |
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Answer» ‘इंकलाब जिंदाबाद’ भगतसिंह का नारा था। |
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सुभाषचंद्र बोस जी को क्या कहते हैं? |
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Answer» सुभाषचंद्र बोस जी को ‘नेताजी’ कहते हैं। |
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सुभाषचंद्र बोस जी के प्रमुख नारे क्या थे? |
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Answer» “जय हिंद” और “तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा।” सुभाषचंद्र बोस जी के नारे थे। |
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गंगा नदी का जल किसके समान होता है? |
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Answer» गंगा नदी का जल अमृत के समान होता है। |
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किस नदी का जल पावन है? |
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Answer» गंगा नदी का जल पावन है। |
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गाँधीजी ने किस नारे से भारतीयों को जागृत किया था? |
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Answer» गाँधीजी ने “करो या मरो’ नारे से भारतीयों को जागृत किया था। |
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दो ऋषि मुनियों के नाम बोलिए। |
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Answer» ऋषि – वशिष्ठ, विश्वामित्र, कश्यप, अत्रि, जमदग्नि |
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हम भगतसिंह जी को किस प्रकार सम्मान देते हैं? |
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Answer» हम भगतसिंह जी को ‘शहीद’ संबोधित करके सम्मान देते हैं। |
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मुसलमान नमाज़ कहाँ पढ़ते हैं? |
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Answer» मुसलमान मस्ज़िद में नमाज़ पढ़ते हैं। |
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हिंदू लोग कौन से रंग का तिलक धारण करते हैं? |
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Answer» हिंदू लोग लाल केसर, चंदन, सफेद, पीले, काले आदि रंग का तिलक धारण करते हैं। |
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गंगा नदी का उद्गाम स्थल कहाँ है? |
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Answer» गंगा नदी का उद्गाम स्थल हिमालय, गंगोत्री है। |
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हमारे देश में किनका जन्म हुआ? |
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Answer» हमारे देश में ऋषि – मुनियों का जन्म हुआ है। |
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भाव स्पष्ट कीजिए-साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया |
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Answer» भाव-इन पंक्तियों का भाव यह है कि हमारे वीर सैनिक देश रक्षा के लिए दिए गए अपने वचन का पालन अपने जीवन के अंतिम क्षण तक करते रहे युद्ध में घायल इन सैनिकों को अपने प्राणों की जरा भी परवाह नहीं की। उनकी साँसें भले ही रुकने लगीं तथा भयंकर सर्दी के कारण उनकी नब्ज़ चाहे जमती चली गई किंतु किसी भी परिस्थिति में उनके इरादे डगमगाए नहीं। भारत माँ की रक्षा के लिए उनके बढ़ते कदम न तो पीछे हटे और न ही रुके। वे अपनी अंतिम साँस तक शत्रुओं का मुकाबला करते रहे। |
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इस गीत में ‘सर पर कफ़न बाँधना’ किस ओर संकेत करता है? |
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Answer» इस गीत में ‘सर पर कफ़न बाँधना’ देश के लिए अपना सर्वस्व अर्थात् संपूर्ण समर्पण की ओर संकेत करता है। सिर पर कफन बाँधकर चलने वाला व्यक्ति अपने प्राणों से मोह नहीं करता, बल्कि अपने प्राणों का बलिदान देने के लिए सदैव तैयार रहता है इसलिए हर सैनिक सदा मौत को गले लगाने के लिए तत्पर रहता है। |
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गिरिजाघर में प्रार्थना कौन करते हैं? |
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Answer» गिरिजाघर में जो लोग प्रार्थना करते हैं, उन्हें ईसाई कहते हैं। |
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भारत के प्रथम प्रधानमंत्री कौन थे? |
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Answer» भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी थे। |
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“राष्ट्रपिता’ किसे कहते हैं? |
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Answer» गाँधीजी को “राष्ट्रपिता” कहते है। |
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तिरंगे के बीच में सफेद रंग पर किसका चिहन रहता है? |
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Answer» तिरंगे के बीच में सफेद रंग पर अशोक धर्म चक्र का चिह्न रहता है। |
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तिरंगे झंड़े में कौन से रंग होते हैं? |
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Answer» तिरंगे झंडे में केसरिया, सफेद और हरा रंग होता है। |
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इस उन्मुखीकरण चित्र में जिन नेताओं के चित्र है, उनके नाम बताओ? |
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Answer» इस चित्र में गाँधीजी, नेहरूजी, सरदार वल्लभभाई पटेल जी, सुभाषचंद्र बोस जी, चंद्रशेखर आज़ाद जी, . भगतसिंह जी के चित्र है। |
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भारत के बच्चों के प्यारे चाचा कौन हैं? |
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Answer» भारत के बच्चों के प्यारे चाचा पंडित जवाहरलाल नेहरू जी है। |
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हिंदू कहाँ पूजा करते हैं? |
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Answer» हिंदू मंदिरों में देवी – देवताओं की पूजा करते हैं। |
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वीर क्रांतिकारी चंद्रशेखर का उपनाम क्या है? |
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Answer» वीर क्रांतिकारी चंद्रशेखर का उपनाम “आज़ाद” है। |
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हमारे देश के झंड़े में कितने रंग है? |
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Answer» हमारे देश के झंड़े में तीन रंग है। |
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भारत देश का क्या महत्व है? |
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Answer» भारत देश जग (संसार) का पथदाता (मार्गदर्शक) है। |
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मुसलमानों का पवित्र ग्रंथ क्या है? |
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Answer» मुसलमानों का पवित्र ग्रंथ कुरान है। |
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पर्यायवाची शब्द लिखिए।पावन जल देश पथ उत्थान गंगा अमृत जग सदा महान |
Answer»
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तिरंगे झंडे के बारे में बातचीत कीजिए। |
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Answer» तिरंगा भारत का राष्ट्रीय ध्वज है। इसमें सबसे ऊपर केसरिया त्याग का प्रतीक, बीच में सफेद शांति, सफेद रंग की पट्टी पर झंड़े के मध्य में नीले रंग का चक्र हैं जिसमें 24 तीलियाँ हैं। ये चक्र इस बात को दर्शित करता है कि जीवन गतिमान है। सबसे नीचे हरां रंग जो उर्वरता व हरियाली का परियाचक हैं। |
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ईसाईयों का पवित्र ग्रंथ क्या है? |
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Answer» ईसाईयों का पवित्र ग्रंथ बाइबिल है। |
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भारत देश किसका प्रतीक है? |
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Answer» भारत देश मानवता का प्रतीक है। |
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