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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

A ___________ relationship occurs when multiple records in a table are associated with multiple records in another table. (A) One-to-One (B) One-to-Many (C) Many-to-Many(D) Database

Answer»

(C) Many-to-Many

2.

___________ is used to control user access in a database.(A) Dynamic Control Language (B) Data Control Language (C) Data Control List (D) Dynamic Control List

Answer»

(B) Data Control Language

3.

Full form of DCL is ___________ (A) Dynamic Control Language (B) Data Control Language (C) Data Control List (D) Dynamic Control List

Answer»

(B) Data Control Language

4.

Full form of DCL is _________

Answer»

Data Control Language

5.

Relational data model is simple and has all the ___________ and ___________ required to process data with storage efficiency.(A) Properties (B) Capabilities (C) Retrieving (D) Data storage (E) Processing

Answer»

(A) Properties, (B) Capabilities

6.

___________ statements or commands are used to define and modify the database structure of your tables or schema.

Answer»

Data Definition Language

7.

___________ statements or commands are used for managing data within tables.

Answer»

Data Manipulation Language

8.

Full form of DDL is ___________(A) Data Definition Language (B) Database Device Language (C) Device Definition Language (D) Data Division Language

Answer»

(A) Data Definition Language

9.

Silkworms grow on …………. tree. A) Babul B) Mulberry C) Tamarind D) Olive

Answer»

(B) Mulberry

10.

 ___________ is simple and has all the properties and capabilities required to process data with storage efficiency.

Answer»

Relational data model

11.

___________ is the primary data model, which is used widely around the world for data storage and processing.

Answer»

Relational data model

12.

Full form of DDL is ___________

Answer»

Data Definition Language

13.

RDBMS stands for ___________(A) Relational Database Management System (B) Regional Database Management System (C) Recovery Database Management System (D) Recovery Database Microsoft System

Answer»

(A) Relational Database Management System

14.

What do you understand by Data Model?

Answer»

A Database model defines the logical design and structure of a database and defines how data will be stored, accessed, and updated in a database management system. While the Relational Model is the most widely used database model.

Relational Model:

It is the most popular data model in DBMS. The relational model is the primary data model. Which is widely used for data processing. This model has all properties required to Process data with storage efficiency.

15.

___________ ensures that all operations within the work unit are completed successfully.(A) Atomicity (B) Consistency (C) Isolation (D) Durability

Answer»

Correct option is  (A) Atomicity

16.

What is a primary key?

Answer»

Primary Key: A column in the table that uniquely identifies each row in that table is called a primary key.

17.

___________ ensures that all operations within the work unit are completed successfully.

Answer»

Correct option is  Atomicity

18.

A ___________ is a software for creating and managing databases.

Answer»

Database Management System

19.

How was America named?

Answer»

After an Italian discoverer Amerigo Vespucci.

20.

A ___________ is a software for creating and managing databases.(A) Database (B) Direct Banking(C) Data Bank(D) Database Management System

Answer»

(D) Database Management System

21.

The ___________ provides users and programmers with a systematic way to create, retrieve, update and manage data. (A) Database (B) Direct Banking (C) Data Bank (D) Database Management System

Answer»

(D) Database Management System

22.

निम्नलिखित में से किस राज्य में ‘लोकताक’ झील स्थित है?(क) केरल(ख) मणिपुर(ग) उत्तरांचल (उत्तराखण्ड)(घ) राजस्थान

Answer»

सही विकल्प है (ख) मणिपुर

23.

कश्मीर समस्या किन दो देशों के बीच में है?(क) भारत-चीन में(ख) चीन-नेपाल में(ग) भारत-पाकिस्तान में(घ) भारत-मालदीव में

Answer»

सही विकल्प है (ग) भारत-पाकिस्तान में

24.

पूर्वांचल बनाने वाली पाँच प्रमुख पहाड़ी श्रेणियों के नाम लिखिए।

Answer»

पूर्वांचल बनाने वाली पाँच प्रमुख पहाड़ी श्रेणियाँ हैं-गारो, खासी, जयन्तिया, नागा तथा मिजो।

25.

पश्चिमी तटीय मैदानों को कौन-कौन से भागों में बाँटा जाता है?

Answer»

कोंकण (उत्तरी भाग), कन्नड़ (मध्य भाग) तथा मालाबार (दक्षिण भाग)। 

26.

भारत के नवीन और प्राचीनतम पर्वतों का एक-एक उदाहरण दीजिए।

Answer»

नवीन या युवापर्वत–हिमालय।

प्राचीनतम पर्वत-अरावली।

27.

उत्तरी मैदानों को कौन-कौन से नदी-तन्त्रों में बाँटा जा सकता है?

Answer»

(1) पश्चिम में सिन्धु नदी तन्त्र।

(2) पूर्व में गंगा-ब्रह्मपुत्र नदी तन्त्र।

28.

वर्तमान सामाजिक शिक्षा को स्वतन्त्रतापूर्व काल में किस नाम से जाना जाता था?

Answer»

वर्तमान सामाजिक शिक्षा को स्वतन्त्रतापूर्व काल में प्रौढ़ शिक्षा के नाम से जाना जाता था।

29.

तराई प्रदेश कहाँ स्थित है? इसकी दो विशेषताएँ बताइए।

Answer»

तराई प्रदेश भाबर के दक्षिण में स्थित है।

विशेषताएँ–(1) यह प्रदेश दलदली है।

(2) यह घने वनों से ढका था किन्तु वर्तमान में यहाँ कृषि भूमि का विकास हो रहा है।

30.

पर्यटन की दृष्टि से कश्मीर हिमालय का क्या महत्त्व है?

Answer»

कश्मीर और उत्तर-पश्चिमी हिमालय विलक्षण सौन्दर्य एवं खूबसूरत दृश्य स्थलों के लिए महत्त्वपूर्ण हैं। यहाँ कई प्रसिद्ध तीर्थस्थल; जैसे-वैष्णोदेवी, अमरनाथ गुफा और चरार-ए-शरीफ भी पर्यटन की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण हैं।

31.

करेवा क्या हैं?

Answer»

करेवा झील के अवसाद हैं। इनका निर्माण कश्मीर हिमालय में चिकनी मिट्टी और दूसरे हिमोढ़ पर्वतों से हुआ है।

32.

दक्षिण के प्रायद्वीपीय पठार की भौगोलिक रचना तथा आर्थिक महत्त्व का उल्लेख कीजिए।याभारत के दक्षिणी पठारी भाग का वर्णन निम्नलिखित शीर्षकों के अन्तर्गत कीजिए(क) स्थिति(ख) विस्तार(ग) खनिज सम्पदायाभारत के दक्षिणी पठारी भाग के किन्हीं तीन खनिज संसाधनों का वर्णन कीजिए।याभारत के दक्षिणी पठारी भाग की छ: विशेषताएँ बताइए।याभारत के दक्षिणी पठारी भाग का वर्णन निम्नलिखित शीर्षकों में कीजिए(अ) धरातल(ब) जल-प्रवाह प्रणाली(स) भौगोलिक महत्त्वयादकन के पठार का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

Answer»

दक्षिणी प्रायद्वीपीय पठार की भौगोलिक रचना (धरातल)

भारत के दक्षिण में प्राचीन ग्रेनाइट तथा बेसाल्ट की कठोर शैलों से निर्मित द्रकन (दक्षिण) का पठार है। यह विशाल प्रायद्वीपीय पठार प्राचीन गोण्डवानालैण्ड का ही एक अंग है, जो भारतीय उपमहाद्वीप का, सबसे प्राचीन भूभाग है। यह पठारी प्रदेश 16 लाख वर्ग किमी क्षेत्रफल में विस्तृत है। इसकी आकृति । त्रिभुजाकार है। इसके उत्तर में गंगा-सतलुज-ब्रह्मपुत्र का मैदान, पूर्व में पूर्वी तटीय मैदान एवं बंगाल की खाड़ी, दक्षिण में हिन्द महासागर तथा पश्चिम में पश्चिमी तटीय मैदान एवं अरब सागर स्थित है। इस पठार पर अनेक पर्वत विस्तृत हैं, जो मौसमी क्रियाओं; अर्थात् अपक्षय; द्वारा प्रभावित हैं। इस भौतिक प्रदेश में सबसे अधिक धरातलीय विषमताएँ मिलती हैं। समुद्र-तल से इस पठार की औसत ऊँचाई 500 से 700 मीटर है।
इस पठारी प्रदेश का विस्तार उत्तर में राजस्थान से लेकर दक्षिण में कुमारी अन्तरीप तक 1,700 किमी की लम्बाई तथा पश्चिम में गुजरात से लेकर पूर्व में पश्चिम बंगाल तक 1,400 किमी की चौड़ाई में है। प्राकृतिक दृष्टिकोण से इसकी उत्तरी सीमा अरावली, कैमूर तथा राजमहल की पहाड़ियों द्वारा निर्धारित होती है। यहाँ मौसमी क्रियाओं द्वारा चट्टानों को अपक्षरण होता रहता है। नर्मदा नदी की घाटी सम्पूर्ण प्रायद्वीपीय पठारी क्षेत्र को दो असमान भागों में विभाजित कर देती है। उत्तर की ओर के भाग को मालवा का पठार तथा दक्षिणी भाग को दकन ट्रैप या प्रायद्वीपीय पठार के नाम से पुकारते हैं। इस प्रदेश में निम्नलिखित स्थलाकृतिक विशिष्टताएँ पायी जाती हैं

1. मालवा का पठार-मालवा का पठार ज्वालामुखी से प्राप्त लावे द्वारा निर्मित हुआ है, जिससे यह समतल हो गया है। इस पठार पर बेतवा, माही, पार्वती, काली-सिन्धु एवं चम्बल नदियाँ प्रवाहित होती हैं। चम्बल एवं उसकी सहायक नदियों ने इस पठार के उत्तरी भाग को बीहड़ तथा ऊबड़-खाबड़ गहरे खड्डों में परिवर्तित कर दिया है, जिससे अधिकांश भूमि खेती के अयोग्य हो। गयी है। शेष भूमि समतल और उपजाऊ है। इस पठार का ढाल पूर्व तथा उत्तर-पूर्व की ओर है। विन्ध्याचले की पर्वत-श्रृंखलाएँ यहीं पर स्थित हैं।

2. विन्ध्याचल श्रेणी–प्रायद्वीपीय पठार के उत्तर-पश्चिमी भाग पर विन्ध्याचल श्रेणी का विस्तार है। इस श्रेणी के उत्तर-पश्चिम (राजस्थान) में अरावली श्रेणी स्थित है। यह श्रेणी अत्यधिक अपरदन के कारण निचली पहाड़ियों के रूप में दृष्टिगोचर होती है। विन्ध्याचल श्रेणी के दक्षिण में नर्मदा की घाटी स्थित है। नर्मदा घाटी के दक्षिण में सतपुड़ा श्रेणी का विस्तार है, जो महानदी और गोदावरी के बीच स्थित है।

3. बुन्देलखण्ड एवं बघेलखण्ड का पठार—यह पठार मालवा पठार के उत्तर-पूर्व में स्थित है। यमुना एवं चम्बल नदियों ने इस पठार को काट-छाँटकर बीहड़ खड्डों का निर्माण किया है, जिससे यह असमतल तथा अनुपजाऊ हो गया है। इस पठार पर नीस, ग्रेनाइट, बालुका-पत्थर की चट्टानें तथा पहाड़ियाँ मिलती हैं।

4. छोटा नागपुर का पठार—यह पठार एक सुस्पष्ट पठारी इकाई है। इसके उत्तर व पूर्व में गंगा का मैदान है। इसका पश्चिमी मध्यवर्ती भाग 100 मीटर ऊँचा है, जिसे ‘पाट क्षेत्र’ कहते हैं। झारखण्ड राज्य के गया, हजारीबाग तथा राँची जिलों में यह पठार विस्तृत है। महानदी, सोन, स्वर्ण-रेखा एवं दामोदर इस पठार की प्रमुख नदियाँ हैं। यहाँ ग्रेनाइट एवं नीस की-शैलें पायी जाती हैं। यह पठार खनिज पदार्थों में बहुत धनी है। इसकी औसत ऊँचाई 400 मीटर है।

5. मेघालय का पठार-उत्तर-पूर्व में इस पठार को मिकिर की पहाड़ियों के नाम से पुकारते हैं। | इसका उत्तरी ढाल खड़ा है, जिसमें ब्रह्मपुत्र तथा उसकी सहायक नदियाँ प्रवाहित होती हैं। इसी
पठार में गारो, खासी तथा जयन्तिया की पहाड़ियाँ विस्तृत हैं।

6. दकन का पठार—यह महाराष्ट्र पठार के नाम से भी जाना जाता है। इसका क्षेत्रफल 5 लाख वर्ग किमी है। इसका विस्तार मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, पश्चिमी तमिलनाडु एवं आन्ध्र प्रदेश राज्यों पर है। यह पठार बेसाल्ट शैलों से निर्मित है तथा खनिज पदार्थों में धनी है। यह पठार दो भागों में विभाजित है-तेलंगाना एवं दकन का पठार।।

7. प्रायद्वीपीय पठार की प्रमुख पर्वत-श्रेणियाँ-यह पठारी प्रदेश अनाच्छादन की क्रियाओं से प्रभावित है। यहाँ विन्ध्याचल, सतपुड़ा एवं अरावली की पहाड़ियाँ प्रमुख हैं। इनकी औसत ऊँचाई 300 से 900 मीटर तक है। .

8. पश्चिमी घाट–इन्हें सह्याद्रि की पहाड़ियों के नाम से भी पुकारा जाता है। ये पश्चिमी.तंट के समीप उसके समानान्तर विस्तृत हैं। इनकी औसत चौड़ाई 50 किमी है। इनका विस्तार मुम्बई के उत्तर से दक्षिण में कुमारी अन्तरीप तक लगभग 1,600 किमी है। थाकेघाट, भोरघाट व पालघाट यहाँ के प्रमुख दरें हैं। इस श्रेणी के उत्तर-पूर्व में पालनी तथा दक्षिण में इलायची की पहाड़ियाँ हैं।
अनाईमुडी इसका सर्वोच्च शिखर (2,695 मीटर) है।

9. पूर्वी घाट–इस श्रेणी का विस्तार महानदी के दक्षिण में उत्तर-पूर्व दिशा से दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर नीलगिरि की पहाड़ियों तक 1,300 किमी की लम्बाई में है। इनकी औसत ऊँचाई 615 मीटर तथा औसत चौड़ाई उत्तर में 190 किमी तथा दक्षिण में 75 किमी है। इन घाटों को काटकर महानदी, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी आदि नदियाँ पश्चिमी भागों से पूर्व की ओर बहती हुई उपजाऊ मैदान में डेल्टा बनाती हैं।

जल-प्रवाह प्रणाली

दक्षिण पठारी भाग की जल प्रवाह प्रणाली में नर्मदा, ताप्ती, महानदी, कृष्णा, कावेरी, पेन्नार आदि नदियों का योगदान है। इनमें नर्मदा व ताप्ती पश्चिम की ओर बहकर अरब सागर में गिरती हैं। नर्मदा अमरकण्टक की पहाड़ियों से निकलती है तथा ताप्ती मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से निकलती है। यह दोनों नदियाँ सतपुड़ा के दक्षिण में सँकरी तथा गैहरी भ्रंश घाटियों से होकर बहती हैं।
महानदी, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी तथा पेन्नार नदियाँ बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं। साबरमती व माही नदियाँ कच्छ की खाड़ी में गिरती हैं।

भौगोलिक महत्त्व

प्रायद्वीपीय पठार के भौगोलिक-आर्थिक महत्त्व का वर्णन निम्नलिखित है

1. प्राचीन आग्नेय कायान्तरित शैलों से निर्मित होने के कारण यह भू-भाग खनिज सम्पन्न है। मध्य प्रदेश में मैंगनीज, संगमरमर, चूना-पत्थर, बिहार व उड़ीसा (ओडिशा) में लोहा व कोयला, | कर्नाटक में सोना, आन्ध्र प्रदेश में कोयला, हीरा आदि आर्थिक महत्त्व के खनिज उपलब्ध होते हैं।

2. लावा की मिट्टी कपास व गन्ने की खेती के लिए अत्युत्तम है। पहाड़ी क्षेत्रों में लैटेराइट मिट्टियाँ चाय, कहवा तथा रबड़ के लिए उपयुक्त हैं। गर्म मसाले, काजू, केला अन्य महत्त्वपूर्ण उपजें हैं।

3. वनों में चन्दन, साल, सागौन, शीशम आदि बहुमूल्य लकड़ी तथा लाख, बीड़ी बनाने के लिए तेन्दू व टिमरु वृक्ष के पत्ते, हरड़, बहेड़ा, आँवला, चिरौंजी, अग्नि व रोशा घास आदि आर्थिक महत्त्व की गौण वन-उपजे प्राप्त होती हैं।

4. पठारी धरातल पर प्रवाहित होने वाली नदियों के प्रपाती मार्ग में अनेक स्थानों पर जल-विद्युत शक्ति के विकास की सम्भावनाएँ उपलब्ध हैं। कठोर चट्टानी धरातल होने के कारण वर्षा के जल को एकत्रित करने के लिए जलाशय में बाँध की सुविधाएँ प्राप्त हैं।

5. सामान्यतः प्रायद्वीपीय पठार की जलवायु उष्ण है, किन्तु उटकमण्ड, पंचमढ़ी, महाबलेश्वर आदि * सुरम्य एवं स्वास्थ्यवर्द्धक स्थल पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र हैं।

6. विषम धरातल होने के कारण यहाँ आवागमन के साधनों का समुचित विकास नहीं हो सका है। उत्तरी मैदान की तुलना में यहाँ कृषि भी अधिक विकसित नहीं है। चम्बल व अन्य नदियों के बीहड़ लम्बी अवधि तक डाकुओं व असामाजिक तत्वों के शरणस्थल रहे हैं। विन्ध्याचल एवं सतपुड़ा पर्वत प्राचीन काल से ही उत्तर एवं दक्षिण भारत के मध्य प्राकृतिक व सांस्कृतिक अवरोध रहे हैं; अतएव दक्षिणी भारत में उत्तर भारत से सर्वथा भिन्न संस्कृति विकसित हुई है।

33.

पूर्वांचल में कौन-कौन सी श्रृंखलाएँ सम्मिलित हैं?

Answer»

भारत की पूर्वी सीमा पर विस्तृत पर्वतों को पूर्वांचल कहा जाता है। ये पर्वत श्रृंखलाएँ हिमालय की भाँति विशाल नहीं हैं तथा न ही अधिक ऊँची हैं। ये मध्यम ऊँचाई की पर्वतश्रेणियाँ हैं। इन पर्वतश्रेणियों में उत्तर की ओर पटकोई, बुम एवं नाग पहाड़ियाँ तथा दक्षिण की ओर मिजो पहाड़ियाँ (लुशाई पहाड़ियाँ) सम्मिलित हैं। मध्य में ये पहाड़ियाँ पश्चिम की ओर मुड़ जाती हैं तथा मेघालय राज्य में भारत-बांग्लादेश की सीमा के साथ विस्तृत हैं। यहाँ इन पहाड़ियों को पश्चिम से पूर्व की ओर गारो, खासी और जयन्तिया के नाम से सम्बोधित किया जाता है।

34.

दोआब से आप क्या समझते हैं? भारतीय उपमहाद्वीप से पाँच उदाहरणं दीजिए।

Answer»

दो नदियों का मध्य भाग दोआब कहलाता है। भारतीय उपमहाद्वीप में निम्नलिखित दोआब स्थित हैं

⦁    गंगा-यमुना दोआबे

⦁    व्यास एवं सतलज के बीच का विस्ट-जालंधर दोआब

⦁    व्यास एवं रावी के मध्य का बारी दोआब

⦁    रावी एवं चेनाब के मध्य का रेचना दोआब

⦁    चेनाब एवं झेलम के मध्य का छाज दोआब

35.

नाथूला दर्रा किस राज्य में स्थित है?(क) अरुणाचल प्रदेश में (ख) असोम में(ग) सिक्किम में(घ) मणिपुर में

Answer»

सही विकल्प है (ग) सिक्किम में

36.

दून क्या है?

Answer»

पर्वतीय क्षेत्र में अनुदैर्घ्य विस्तार में पाई जाने वाली समतल संरचनात्मक घाटियाँ दून कहलाती हैं। जैसे-देहरादून की घाटी।

37.

बोमडिला दर्रा भारत के किस पूर्वांचल राज्य में है?

Answer»

बोमडिला दर्रा भारत के अरुणाचल प्रदेश नामक राज्य में स्थित है।

38.

सर्वोच्च हिमालय किसे कहते हैं?

Answer»

हिमालय पर्वत की सबसे उत्तरी पर्वत श्रृंखला सर्वोच्च हिमालय के नाम से प्रसिद्ध है।

39.

भारत की उत्तर-पश्चिमी सीमा पर स्थित दरों के नाम बताइए।

Answer»

भारत की उत्तर-पश्चिमी सीमा पर स्थित दरों के नाम निम्नलिखित हैं— 

(1) खैबर

(2) गोमल

(3) बोलन

(4) टोची

(5) कुर्रम

40.

पश्चिमी घाट के दो दरों के नाम बताइए।

Answer»

पश्चिमी घाट के दो दरों के नाम हैं-

(1) भोरघाट 

(2) थालघाट

41.

हिमालय के दो प्रमुख दरों के नाम लिखिए।

Answer»

हिमालय के दो प्रमुख दरों के नाम निम्नलिखित हैं

(1) थांगला 

(2) लिपुलेख

42.

भारत के पश्चिमी तथा पूर्वी तटीय मैदानों में दो मुख्य अन्तर लिखिए।याभारत के पूर्वी व पश्चिमी तटीय मैदानों की तुलना कीजिए।

Answer»

प्रायद्वीपीय पठार के दोनों ओर पूर्वी तथा पश्चिमी तटीय क्षेत्रों पर पतली पट्टी के रूप में जो मैदान फैले हैं, उन्हें समुद्रतटीय मैदान कहते हैं। इन मैदानों को दो क्षेत्रों में बाँटा जा सकता है-पूर्वी तटीय मैदान एवं पश्चिमी तटीय मैदान। इन दोनों मैदानों में दो मुख्य अन्तर निम्नलिखित हैं

⦁    आकार-पश्चिमी तटीय मैदान एक सँकरी पट्टी के रूप में विस्तृत हैं। इनकी औसत चौड़ाई 64 किमी है तथा नर्मदा एवं ताप्ती के मुहाने के निकट ये 80 किमी चौड़े हैं, जबकि पूर्वी तटीय मैदान | अपेक्षाकृत अधिक चौड़े हैं। इनकी औसत चौड़ाई 161 से 483 किमी है।।

⦁    विस्तार–पश्चिमी तटीय मैदान प्रायद्वीप के पश्चिम में खम्भात की खाड़ी से लेकर कुमारी अन्तरीप तक फैले हैं, जबकि पूर्वी तटीय मैदान प्रायद्वीपीय पठारों के पूर्वी किनारों पर बंगाल की खाड़ी के तट तक तथा पूर्वी घाट के मध्य पश्चिमी बंगाल से लेकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक विस्तृत हैं।

43.

भारत के छह भौतिक विभाग कौन-से हैं?

Answer»

भारत के छह भौतिक विभाग इस प्रकार हैं-

⦁    उत्तर के विशाल मैदान,
⦁    उत्तर भारत के मैदान,
⦁    प्रायद्वीपीय पठार,
⦁    भारतीय मरुस्थल,
⦁    तटीय मैदान,
⦁    द्वीपीय समूह।

44.

तराई प्रदेश किसे कहते हैं? इसकी दो विशेषताएँ बताइए।

Answer»

तराई प्रदेश भाबर के दक्षिण में स्थित है विशेषताएँ-

⦁    यह क्षेत्र घने वनों से आच्छादित है।

⦁    यह प्रदेश दलदली भूमि से युक्त है।

45.

उत्तरी मैदानों को किन नदी तन्त्रों में बाँटा जा सकता है?

Answer»

उत्तरी मैदानों को निम्नलिखित दो नदी तन्त्रों में बाँटा जा सकता है-

⦁    पूर्व में गंगा-ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र
⦁    पश्चिम में सिंधु नदी तंत्र।

46.

लघु हिमालय किसे कहते हैं? इसकी विशेषताएँ बताइए।

Answer»

सर्वोच्च हिमालय के दक्षिण में स्थित पर्वत श्रृंखलाओं को लघु हिमालय या मध्य हिमालय भी कहते हैं। लघु हिमालय को हिमाचल श्रेणी भी कहते हैं।

लघु हिमालय की प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं-

⦁    यह हिमालय पर्वत की मध्यवर्ती श्रृंखला है।
⦁    इस श्रेणी में अनेक पर्वतीय नगर पाए जाते हैं। इन पर्वतीय नगरों में डलहौजी, शिमला, धर्मशाला, मसूरी, दार्जिलिंग व नैनीताल स्थित हैं।
⦁    कश्मीर की पीर पंजाल श्रेणी, जम्मू-कश्मीर में हिमाचल में विस्तृत धौलाधार श्रेणी लघु हिमालय के ही हिस्से हैं।

47.

पश्चिम तटीय मैदान की विशेषताएँ बताइए।

Answer»

पश्चिम तटीय मैदान की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं-

⦁    यह तटीय प्रदेश अधिक वर्षा वाला है। वर्षा दक्षिणी-पश्चिमी मानसूनों से होती है।

⦁    इस मैदान की मुख्य उपज नारियल, केला, कहवा और चावल है।

⦁    इस तट पर देश के कई प्रमुख प्राकृतिक पत्तन हैं।

⦁    पश्चिमी तटीय मैदान का विस्तार गुजरात से केरल तक पश्चिम घाट और अरब सागर के मध्य स्थित है।

⦁    इसका विस्तार एक संकरी पट्टी के रूप में है।

⦁    इसके उत्तरी भाग को कोंकण तट तथा दक्षिणी भाग को मालाबार तट के नाम से पुकारते हैं।

⦁    इसके उत्तर भाग में ज्वारनद मुख है और दक्षिणी भाग में लैगून और पाश्चे जल के क्षेत्र पाए जाते हैं।

48.

सर्वोच्च हिमालय किसे कहते हैं? इसकी विशेषताएँ बताइए।

Answer»

हिमालय की सबसे उत्तरी श्रेणी को सर्वोच्च हिमालय कहते हैं। इस श्रेणी को हिमाद्रि भी कहते हैं।

सर्वोच्च हिमालय की प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं-

⦁    विश्व का सर्वोच्च पर्वत शिखर एवरेस्ट इसी श्रेणी में स्थित है।
⦁    यह पर्वत श्रेणी सदैव हिमाच्छादित रहती है इसलिए इसे हिमाद्रि भी कहते हैं।
⦁    हिमालय की यह सर्वोच्च पर्वत श्रेणी है जिसकी औसत ऊँचाई 6,000 मीटर है।
⦁    एवरेस्ट के अतिरिक्त कंचनजंगा, नंदा देवी, नंगा पर्वत आदि सर्वोच्च हिमालय के अन्य प्रमुख पर्वत शिखर हैं।

49.

कश्मीर भारत का स्विट्जरलैण्ड कहलाता है, क्यों?

Answer»

कश्मीर स्विट्जरलैण्ड की भाँति अद्वितीय प्राकृतिक एवं नैसर्गिक सौन्दर्य रखने वाला प्रदेश है। स्विट्जरलैण्ड को ‘यूरोप का स्वर्ग’ कहकर पुकारा जाता है; अत: कश्मीर ‘भारत का स्विट्जरलैण्ड’ तथा ‘भारत का स्वर्ग’ भी कहलाता है। इस सन्दर्भ में निम्नलिखित तथ्य प्रस्तुत किए जा सकते हैं

⦁    स्विट्जरलैण्ड अपनी सुन्दर दृश्यावलियों एवं पर्वतीय ढालों के लिए प्रसिद्ध है, ठीक उसी प्रकार कश्मीर प्राकृतिक एवं नैसर्गिक सौन्दर्य की विशिष्टता रखने वाला प्रदेश है।
⦁    स्विट्जरलैण्ड के पर्वतीय ढाल हिम से ढके रहते हैं, ठीक उसी प्रकार कश्मीर के पर्वतीय ढाल भी वर्षभर हिम से आच्छादित रहते हैं।

⦁    स्विट्जरलैण्ड बर्फ के खेलों के लिए यूरोप में ही नहीं, अपितु विश्वभर में प्रसिद्ध है, ठीक उसी | प्रकार कश्मीर में भी बर्फ के खेलों (स्कीइंग) का आनन्द उठाया जा सकता है।

⦁    स्विट्जरलैण्ड की घाटी हरे-भरे वृक्षों, उत्तम जलवायु तथा अनूठे सौन्दर्य के लिए प्रसिद्ध है, ठीक उसी प्रकार कश्मीर घाटी अँगूठी में जड़े नगीने के समान सौन्दर्य की खान है। यही कारण है कि इसकी तुलना स्विट्जरलैण्ड के साथ की जाती है।

50.

पूर्वी तटीय मैदान की स्थिति, विस्तार तथा उसकी तीन विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

Answer»

प्रायद्वीपीय पठार के पूर्वी किनारे पर बंगाल की खाड़ी के तट तक तथा पूर्वी घाट के मध्य प० बंगाल से लेकैर दक्षिण में कन्याकुमारी तक पूर्वी तटीय मैदानों का विस्तार है। तमिलनाडु में यह मैदान 100 से 120 किमी चौड़ा है। गोदावरी के डेल्टा के उत्तर में यह सँकरा है। कहीं-कहीं इसकी चौड़ाई 32 किमी तक है। इसकी तीन विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-

⦁    यह मैदान पश्चिमी तटीय मैदान से अधिक चौड़ा है। नदियों के डेल्टाओं के निकट विशेष रूप से यह अधिक चौड़ा है।

⦁    नदी डेल्टाओं के मैंदान अत्यधिक उर्वर तथा सघन आबाद हैं। महानदी, गोदावरी, कृष्णा तथा कावेरी यहाँ बहने वाली नदियाँ हैं।

⦁    डेल्टाओं में नदियों से अनेक नहरें निकाली गयी हैं, जो सिंचाई के महत्त्वपूर्ण साधन हैं। यहाँ अनेक लैगून झीलें भी मिलती हैं, जिनमें ओडिशा की चिल्का, आन्ध्र प्रदेश की कोलेरू तथा तमिलनाडु की पुलीकट झीलें उल्लेखनीय हैं।