This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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नदियाँ किसमें विलीन होती हैं? |
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Answer» नदियाँ समुद्र में विलीन होती हैं। |
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निराशा को दूर करने के क्या – क्या उपाय हैं? |
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Answer» निराशा को दूर करने के लिए ये उपाय हैं – • मन में श्रद्धा और प्रेम का अद्भुत दृश्य दिखाने से निराशा दूर हो जाती है । • दिल में प्यार बसाने से निराशा दूर कर सकेंगे | • हम दूसरों में विश्वास जगायें तो निराशा दूर हो जायेगा । • ऊँच – नीच के भेद – भावों को मिटाने से भी निराशा दूर हो जायेगी। |
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‘मानव जाति एक है।’ इस पर अपने विचार बताइए। |
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Answer» मानव जाति एक है। जिस प्रकार अनेक स्थानों से बहनेवाली नदियाँ अंत में समुद्र में मिलती हैं। उसी प्रकार अलग – अलग धर्म में जन्म लिये मनुष्य भी अंत में परमात्मा के पास पहुँचते हैं। इसलिए हम कह । सकते हैं कि मानव जाति एक है उददश्य छात्रों में कविता, गीत आदि की रचना शैली का विकास करना और उनमें देशभक्ति के साथ-साथ विश्वबंधुत्व, विश्वशांति, अहिंसा, त्याग, समर्पण आदि सद्गुणों का विकास करना तथा भारत को और भी सशक्त कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अग्रसर करने की प्रेरणा देना इस पाठ का मुख्य उद्देश्य है। विधा विशेष प्रस्तुत कविता देशभक्ति की भावना पर आधारित है। यह गेय कविता है। इसमें तुकांत शब्द प्रथम प्रेरणार्थक क्रिया व सामान्य भविष्य में हैं। यह कविता बच्चों में सत्य, अहिंसा, त्याग और | समर्पण की भावना जागृत कर, उन्हें विश्वबंधुत्व की ओर कदम बढ़ाने की प्रेरणा देती है। |
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विश्व बंधुत्व का अर्थ क्या है? |
Answer»
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उलझनों से बचे रहने के लिए हमें कैसी सावधानियाँ लेनी चाहिए? |
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Answer» उलझनों से बचे रहने के लिए • धार्मिक भेद – भाव न रखना चाहिए। • उत्तम मानवीय मूल्यों को बनाये रखना है। • पारस्परिक सहयोग की भावना होना है। • हमेशा सतर्क, जागरूक रहना है। • बौद्धिक विकास करना चाहिए। |
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ऊँच – नीच का भेद मिटाने के लिए हम क्या – क्या कर सकते हैं? |
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Answer» ऊँच – नीच का भेद मिटाना हमारा प्रथम आशय व कर्तव्य है। इसके लिए अपनी ओर से हम भी कुछ कर सकते हैं। • सब लोगों से मिलजुलकर रहते एकता की भावना बढानी है। • सबसे प्रेमपूर्वक व्यवहार करते नफ़रत की भावना को छोड देना है। • समानता का बीज बोते लोगों के दिलों में विश्वास भरना है। • जाति, धर्म, भाषा, प्रांत, जैसे भेद भावों को छोडते लोगों की सहायता करनी है। • सबका आदर – सम्मान करना है। • सबकी उन्नति में समान अवसर देना है। |
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हमें अपने जीवन में कैसा पथ अपनाना चाहिए? |
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Answer» हमें जीवन में सदा सत्य और न्यायमार्ग पर चलना है। श्रद्धा और प्रेम का उत्तम भाव दिल में रखकर दीन – दुखियों की सेवा करनी है। खुद खुश रहते सब को सुखी रखने का न्याय पथ हमें अपनाना चाहिए। अहिंसा और धर्ममार्ग को अपनाना चाहिए। त्याग भावना को अपनाना चाहिए। |
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किसी काम को आत्मविश्वास के साथ क्यों करना है? |
Answer»
हर काम विश्वास के साथ करना चाहिए जब कोई भी काम विश्वास के साथ किया जाएगा तो उसमें अवश्य ही सफलता प्राप्त होगी चाहे फिर वह काम कितना भी मुश्किल क्यों ना हो
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विश्व शांति से आपका अभिप्राय क्या है? |
Answer»
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विश्वशांति और विश्वबंधुत्व की भावना भारतवासी कैसे फैलायेंगे? |
Answer»
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जीवन पथ से भटकने वालों को हम कैसे राह दिखा सकते हैं? |
Answer»
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हम भटकने वालों को राह कैसे दिखा सकते हैं?(या)बेराहों को राह कैसे दिखा सकते हैं? |
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Answer» भटकने वाले लोगों को जीवन की वास्तविकता समझाने का प्रयत्न करना है। सही मार्गदर्शन करते उनको खुशियाँ पाने का ज्ञान अवगत कराना है। न्याय और सत्य मार्ग पर आगे बढने ज्ञानपूर्ण सलाह देते भटकनेवालों को राह दिखा सकते हैं। |
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गीत में ‘धरती को स्वर्ग’ बनाने की बात कही गयी है। हम इसमें क्या सहयोग दे सकते हैं?(या)पूरे विश्व को स्वर्ग का धाम कैसे बना सकते हैं? |
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Answer» कविता का नाम : हम भारतवासी हिंदी के विख्यात कवि हैं आर.पी. निशंक| इस कविता के ज़रिये कवि छात्रों में देश भक्ति, विश्वबंधुत्व, विश्वशांति, सत्य, अहिंसा, त्याग, समर्पण आदि महान सद्गुणों का विकास करना चाहते हैं। “हम भारतवासी” कविता में धरती को स्वर्ग बनाने की बात पर प्रकाश डाला गया है। सच्चे भारतीय होने के कारण हम भी अपना पूरा सहयोग दे सकते हैं। • हम मानवों में भरे जाति – धर्म, वर्ग – वर्ण, ऊँच – नीच, अमीर – गरीब जैसे भेदभावों को दूर कर सकते हैं। • इससे एकता की भावना बढकर सब लोग प्रेम से रह सकते हैं। • सत्य, अहिंसा, सेवा, त्याग, प्रेम आदि का महत्व समझाकर विश्व बंधुत्व की भावना जगा सकते हैं। • स्वार्थ भाव से भरे लोगों को स्वार्थरहित, पक्षपात रहित और सहनशील बनाकर देश प्रेमी बना सकते हैं। • दुःख में धीरज धर लेने का आत्मविश्वास उनमें भरकर निराशावाद दूर भगाकर आशावादी बना सकते हैं। • जीवन पथ से भटके लोगों को मार्गदर्शन करके उन्हें सक्रिय मार्ग पर लगा सकते हैं। • हर्ष – विषाद आपस में बाँटकर अपनापन बढा सकते हैं। – एक दूसरे के प्रति आदर का भाव रखते, प्रेमालू बना सकते हैं। एक बात में कहे तो वसुदैक कुटुंबकम बना सकते हैं। ऐसा करके हम भी धरती को स्वर्ग बनाने में अपना पूरा सहयोग दे सकते हैं। विशेषता : इस कविता में देश भक्ति और नैतिक मूल्य बताये गये हैं। |
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विश्वशांति की राह में समर्पित किस महान व्यक्ति का साक्षात्कार आप लेना चाहेंगे? साक्षात्कार में उनसे पूछे जाने वाले प्रश्नों की एक सूची तैयार कीजिए। |
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Answer» विख्यात नेता से साक्षात्कार लेने के लिए मैं निम्न लिखित इस प्रश्नावली को तैयार करूँगा।
सुना है कि इस विश्वशांति के पावन यज्ञ में सफल हुए व्यक्ति को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित करते हैं। आपको यह पुरस्कार मिले तो आप कैसा अनुभव करते ? |
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दुनिया को ‘पावन धाम’ बनाने के लिए हम क्या – क्या कर सकते हैं? |
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Answer» दुनिया को पावन धाम बनाने के लिए • ऊँच – नीच का भेद मिटायेंगे। • निराशा की भावना भगाकर विश्वास जगायेंगे। • उलझे लोगों को वास्तविकता बतायेंगे। बेराहों को राह दिखायेंगे। • सत्य, अहिंसा, त्याग, समर्पण, विश्व बंधुत्व की भावना जगायेंगे। |
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सत्य, अहिंसा, त्याग आदि भावनाओं का हमारे जीवन में क्या महत्व है? |
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Answer» हमारे जीवन में सच्चाई से बढ़कर कोई तपस्या नहीं होती। सत्य से जीवन सुखद बनता है। इसके आचरण से सच्चरित्र और महान बनता है। समाज में वंदनीय और पूजनीय बनता है। किसी को क्षमा करना और हर प्राणी पर दया करना मनुष्य का कर्तव्य होना चाहिए। अहिंसा से दया और भाईचारे का जन्म होता है। त्याग भावना से प्रेम और भाईचारा भाव बढ़ता है। चारों ओर संतोष होता है। भोग से त्याग श्रेयस्कर होता है। |
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कोष्ठक में दी गयी सूचना पढ़िए और उसके अनुसार कीजिए।i) दुनिया, अमृत, पावन (वाक्य प्रयोग कीजिए। पर्याय शब्द लिखिए।(जैसे – यह दुनिया बड़ी निराली है। विश्व, जग, संसार)ii) निराशा, त्याग, प्यार (विलोम शब्द लिखिए। उससे वाक्य प्रयोग कीजिए।(जैसे – निराशा × आशा, हमें जीवन में आशा बढानी चाहिए।)iii) खुशी, बगीचा, भावना (वचन बदलिए। वाक्य प्रयोग कीजिए।)(जैसे – खुशी – खुशियाँ, बच्चों को खेलों से बहुत सारी खुशियाँ मिलती हैं। |
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Answer» i.) वाक्य प्रयोग अमृत : देव जाति के लोगों ने अमृत का पान किया है। पर्याय शब्द अमृत – सुधा, पीयूष ii). विलोम शब्द त्याग × स्वार्थ वाक्य प्रयोग त्याग : त्याग भावना उत्तम है, स्वार्थ भावना अधम है। iii). विलोम शब्द खुशी – खुशियाँ : वे सब मिलकर खुशियाँ मना रहे हैं। वाक्य प्रयोग बगीचा – बगीचे : बैगलूर में कई सुंदर बगीचे हैं। |
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इन्हें समझिए और वाक्य प्रयोग कीजिए।1. खुशी2. खुशियाँ3. खुशियों में |
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Answer» 1. वह खुशी मनाती है। यह खुशी संज्ञा शब्द है। 2. त्यौहार के दिन लोग खुशियाँ मनाते हैं। खुशी का बहुवचन खुशियाँ हैं। 3. अच्छे लोग सदा खुशियों की दुनिया में रहते हैं। संबंध बोध कारक हैं। |
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