Explore topic-wise InterviewSolutions in Current Affairs.

This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

हामिद ने चिमटा ही क्यों खरीदा ?​

Answer»

हामिद चिमटा इसलिए खरिदता है, क्योंकि उसने देखा था कि रोटी बनाते समय उसकी दादी का हाथ जल गया था|Explanation:I HOPE it HELPS you

2.

बीमार होने पर दादी मां कैसे देख रहे किया करती थी​

Answer» PLZ TELL the CHAPTER NAME.....
3.

दो बैलों की कथा’ पाठ में छोटी लड़की किसकी थी ?​

Answer»

YE TO MENTION NAHI H CH MEBUT USKI MOTHER BAHOT MARTI THI USEExplanation:

4.

बतलाओ ऐसी दो बहनें संग हंसती, संग गाती है।उजले-काले कपड़े पहने पर मिल कभी न पाती है।​

Answer»

्तर है- आँखे ( EYES)। if CORRECT PLEASE MARK me as BRANLIEST.

5.

-दो-दो प्रत्यय बताइए:-दयालुता​

Answer»

'दयालुता' शब्द में प्रत्यय हैं 'ता' । EXPLANATION:क्योंकि 'दयालु' शब्द के अंत में 'ता' लगकर शब्द का अर्थ बदल दिया हैं। HOPE it HELPS you

6.

मंदिर में बुद्ध वचन अनुवाद की कितनी हस्तलिखित पोथियाँ थी ?​

Answer» TION:लेखक लङ्कोर के मार्ग में अपने साथियों से किस कारण पिछड़ गया?कंजुर क्या हैं? इनकी विशेषताएँ लिखिए।लेखक ने अपने यात्रा-वृत्तांत में तिब्बत की भौगोलिक यात्रा का जो चित्र खींचा है, उसे अपने शब्दों में लिखिए।‘ल्हसा की ओर’ पाठ के आधार पर सुमति की चारित्रिक विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।तिब्बत में यात्रियों के लिए क्या-क्या कठिनाइयाँ थीं?डाँड़े तथा निर्जन स्थलों पर डाकू यात्रियों का खून पहले ही क्यों कर देते हैं?ल्हासा की ओर (राहुल सांकृत्यायन)Answerलेखक लङ्कोर के मार्ग में अपने साथियों से निम्नलिखित कारणों से पिछड़ गया-लेखक का घोड़ा सुस्त था इसलिए वह धीरे-धीरे चल रहा था।घोड़ा धीरे चलने के कारण लेखक अपने साथियों से पिछड़ गया |दूसरे रास्ते पर डेढ़-दो मील चलने पर लेखक को लगा कि वह गलत रास्ते पर आ गया है | वहाँ से वह फिर वापस आकर दूसरे रास्ते पर गया।कंजुर भगवान बुद्ध के वचनों की हस्तलिखित अनुवादित पोथियाँ हैं। ये पोथियाँ मोटे-मोटे कागजों पर अच्छे व बड़े अक्षरों में लिखी हुई हैं। एक-एक पोथी लगभग पंद्रह-पंद्रह सेर की है।तिब्बत भारत के उत्तर में स्थित पर्वतीय प्रदेश है। यहाँ के रास्ते बड़े ही दुर्गम हैं। ये रास्ते घाटियों से घिरे हुए हैं। यहाँ की जलवायु ठंडी है। यहाँ सर्दी अधिक पड़ती है। एक ओर दुर्गम चढ़ाई है तो दूसरी ओर गहरी-गहरी खाइयाँ हैं। चढ़ते समय जहाँ सूरज माथे पर रहता है वहीं उतरते समय पीठ भी ठंडी हो जाती है। इसके एक ओर बर्फ से ढकी हुई हिमालय की चित्ताकर्षक चोटियाँ हैं तो दूसरी ओर बर्फरहित भूरी पहाड़ियां। पहाड़ियों के मोड़ बड़े ही खतरनाक हैं। इन स्थानों पर डाकुओं का भय रहता है।सुमति की चारित्रिक विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-सुमति लेखक के परम मित्र थे |वे मिलनसार स्वभाव के थे |वे समय के पाबंद थे |सुमति अतिथि सत्कार में कुशल थे |वे जितनी जल्दी गुस्सा होते थे उठी ही जल्दी शांत भी हो जाते थे |उन्हें तिब्बत की भोगौलिक स्थिति का पूरा-पूरा ज्ञान था |वे बौद्ध धर्म में आस्था रखने वाले व्यक्ति थे |तिब्बत में यात्रियों के लिए निम्नलिखित कठिनाइयाँ थीं-यात्रियों को डाँड़े जैसे स्थानों पर चढ़ाई करते हुए जाना पड़ता था।उन स्थानों पर उन्हें जान-माल का खतरा रहता था क्योंकि वहाँ डाकुओं का भय था।वहाँ के रास्ते ऊँचे-नीचे थे।वहाँ की जलवायु विषम थी कभी तेज़ सर्दी तो कभी सूरज की गर्मी सहनी पड़ती थी।तिब्बत के डाँड़े तथा निर्जन स्थलों पर डाकू यात्रियों का खून पहले इसलिए कर देते थे क्योंकि वहाँ की सरकार पुलिस और ख़ुफ़िया विभाग पर ज्यादा खर्च नहीं करती थी | इस कारण वहाँ के डाकुओं को पुलिस का कोई भय नहीं था | वहाँ कोई गवाह नहीं मिलने पर उन्हें सज़ा का भी डर नहीं रहता था | वहाँ हथियारों का कानून न होने से अपनी जान बचाने के लिए पिस्तौल और बंदूक तो लाठी-डंडे की तरह लेकर चलते हैं।
7.

प्र१.खालील चित्रे पाहून त्यावर प्रत्येकी २-२ वाक्ये लिहा..इमारत​

Answer» SORRY I will not GIVING to ANSWER you QUESTION
8.

एक ही विजय ने किस देश को संसार की सभ्य जातियों में गण्य बना दिया​

Answer» TION:कहा जाता है, वे जीवन के आदर्श को नीचा करते हैं. अगर वे ईंट का जवाब पत्थर से देना सीख जाते तो शायद सभ्य कहलाने लगते. जापान की मिसाल सामने है. एक ही विजय ने उसे संसार की सभ्य जातियों में गण्य बना दिया.
9.

Essay on my city Vadodara in hindi​

Answer» SEARCH it on GOOGLE you will GET
10.

Format for hindi patr​

Answer»

its depend on letter Explanation:if letter is FORMAL then we use different formatif letter is INFORMAL then we use different FORMAT

11.

हापाकाासर-सिंदबाद ने...सझुकगया।बटोरने आए व्यक्तियों को अपनी कहानी सुनाई।​

Answer» TION:हापाकाासर-सिंदबाद ने...सझुकगया। YEAH kya haiबटोरने आए व्यक्तियों को अपनी कहानी सुनाई।chapter hai YA KAVITA
12.

PLEASE HELP ME GUYS THIS IS SANSKRIT LANGUAGE PLEASE HELP ME​

Answer» DOWNLOAD the TRANSLATER APP EXPLANATION:download the translater app
13.

Mitr ke roop in sanskrit​

Answer»

helloExplanation:the ANSWER is your mothermark this as BRAINLIEST

14.

सतकर्तत्पजग मे जितने भी सचर-अचर है कवि ने.उनकी किस विशथता का वर्णन किपाotu​

Answer» TION:WAA waa lya baat hai bohot SAHI baaat hai
15.

कारक के कितने भेद होते हैं नाम बताइए​

Answer»

कारक 8 प्रकार के होते है।

16.

राइट ए लेटर इन हिंदी द टॉपिक इस ऐप के विदेशी मित्र ने आपकी रूचि के बारे में पूछा है अभिरुचि का परिचय देते हुए विदेशी मित्र को पत्र लिखिए​

Answer»

मित्र को पत्र12/24 करोल बागकेशव नगरनयी दिल्लीसितंबर 11 9 2020प्रिय मित्र,मैं यहाँ कुशल मंगल हूँ और आशा करती हूं कि तुम भी कुशल मंगल होगी। पिछले महीने तुम्हारा पत्र मिला पर विद्यालय वरिसिकोत्सव के कारन मैं तुम्हें पत्र नहीं लिख पायी। आज ही वरिसिकोत्सव का कार्यक्रम समाप्त हुआ है तो मैंने सोचा तुम्हे पत्र लिख दूँ। यह वरिषकोत्सव मेरे लिये सदैव ही प्रिय होगा क्योंकि मुझे पहली बार विद्यालय के सर्वश्रेस्ठ विद्यार्थी के लिए सम्मानित किया गया है |और तुम्हें पता है मुझे ये सम्मान किसने दिया, ये सम्मान मुझे हमारे मुख्य मंत्री के हाथों मिला। उस वक्त मुझे इतना गर्व हो रहा था खुद पर की मैं बता नहीं सकती। इस बार सारा कार्यक्रम को सँभालने की ज़िमेदारी मुझे और मेरे ही कक्षा के एक लड़के को दिया गया था। करीब एक महीने से इसके लिए तैयारी चल रही थी। सबने अपने इक्षा से नृत्य, संगीत, नाटक, भाषण में भाग लिया। सभी अध्यापक और विद्यार्थी बहुत ही उत्साहित थे और ज़ोर शोर से तैयारी की जा रही थी।हिंदी नाटक के लिए हिंदी के अधयापक के हाथ में बागडोर थी और क्योंकि वो थोड़े गुस्सेल स्वभाव के हैं पर सर ने सवं ही जा कर सारे विधायर्थियों से इस विषय में बात की और सब ने खुश होकर अपना नाम दिया। सारे कार्यक्रम का अभ्यास के लिए एक समय निर्धारित किया गया और विद्यार्थी सिर्फ उसी समय पर अभ्यास कर सकते थे न ही पहले न बाद में। आखिर वो दिन आ हु गया जिसके लिए सब बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। सब अपने अपने कार्यक्रम को लेकर कुछ ज्यादा ही परेशान लग रहे थे परेशान से ज्यादा चिंतित थे कि आखिर कैसा होगा उनका उनका प्रदर्शन हमारे मुख्य अतिथि यानी हमारे मुख्यमंत्री के सामने कैसा होगा सब इस बात को लेकर कुछ ज्यादा ही परेशान थे पर बावजूद इसके सब बहुत उत्साहित थे और उत्तेजित भी।सुबह से ही कार्यक्रम की तैयारी शुरू हो गयी। हर तरफ फूलों की सजावट थी। हमारे विद्यालय के ऊपर फूलों की माला लग गई थी। विद्यालय के प्ले ग्राउंड में एक बड़ा सा मंच बनाया गया था जहां पर सारा कार्यक्रम प्रदर्शित किया जाने वाला था। धीरे-धीरे सूरज ढलने लगा और वह घड़ी आ गई थी जिसका सबको बेसब्री से इंतजार था, बस कार्यक्रम कुछ ही मिनटों में शुरू होने वाला था।फिर हमारे मुख्यमंत्री पधारें और कार्यक्रम का आवाहन हुआ सबसे पहले मुख्यमंत्री ने दीया जलाकर कार्यक्रम का आवाहन किया उसके बाद हमारे मुख्यमंत्री ने कुछ आत्मविश्वास बढ़ाने वाली बातें कही जो हर बच्चे के दिल में कहीं ना कहीं बस गई। फिर हमारे प्रिंसिपल महोदय ने अपना भाषण दिया और हमें और उत्तेजित किया अपना प्रदर्शन देने के लिए और जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए। कार्यक्रम की शुरुआत गायत्री मंत्र से हुई उसके बाद पहला प्रदर्शन शुरू हुआ जो कि एक मराठी डांस थी जिसे लावणी भी कहा जाता है और वह झिंगाट गाने पर थी। इस नृत्य ग्रुप ने बड़ा ही अच्छा प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के दिल को लुभा गया। उन्होंने खड़े होकर ताली बजाए इसके लिए। इसके बाद हमारा दूसरा प्रदर्शन संगीत का था।संगीत के लिए हमारी संगीत की मैडम और संगीत के सर दोनों ने एक साथ गाना गाया सभी विद्यार्थी अपने अध्यापक का मनोबल बढ़ा रहे थे और यह देखकर हमारी मैडम और सर भी उत्साह के साथ गा रहे थे। चुटकुलों का दौरा आया, कुछ विद्यार्थी आए जिन्होंने मजेदार चुटकुले सुनाएं जिन पर ठहाके मार कर मुख्यमंत्री भी खिलखिलाए। फिर आया हिंदी नाटक का दौर, नाटक कर्ता सब डरे हुए थे और उनके साथ हम सब भी । इस नाटक की कहानी सुनकर शरीर में रोंगटे खड़े हो गए। यह वह कहानी थी जिससे पूरे भारत की जनता को डरा के रखा हुआ है यह निर्भया की कहानी थी, उस निर्भया की कहानी थी जिसने बहुत दर्द में अपना दम तोड़ा था, जिसकी आंसू की बूंदे अभी भी हमें रुला जाती है, जिसकी चीखें हमें अभी भी डरा जाती हैं। इस नाटक में हम सबकी आंखों में आंसू भर दिया पर सबने तालियां बजाई ऐसी की पूरा विद्यालय गूंज गया। इस उदास माहौल को उत्साहित किया अगले रंगारंग कार्यक्रम जिसका नाम था जागो ग्राहक जागो।अब सबको पुरस्कार मिल गया तो मुख्यमंत्री ने फिर से कुछ शब्द कहे और आखिरकार कार्यक्रम का अंत हुआ। कार्यक्रम के अंत होते ही हमारे सीनियर्स फुट फुट के रोए क्योंकि उनके जाने का समय भी निकट आ गया था। उन्हें स्कूल छोड़ कर जाना था और उनके जाने में बस कुछ महीने बचे थे। सब रो रहे थे और सारे विद्यार्थी उन्हें शांत कर रहे थे। सारे अध्यापक अध्यापिका भी उन्हें शांत करने में लगे हुए थ। फिर उसमें एक छोटा सा बच्चा आया और सब को एक चुटकुला सुनाया जिसको सुनकर सब खिलखिला उठे और सब के चेहरे पर वापस मुस्कान आ गई और इसी मुस्कान के साथ हमारा यह वार्षिकोत्सव खत्म हुआ। आशा करती हूं अगले साल भी वार्षिकोत्सव इतना ही उत्तीर्ण हो इतना ही मजेदार हो।तुम्हारी प्यारी मित्रप्रियंका

17.

मेरा बचपन खेलकूद में बीता। संज्ञा पहचानकर उनके भेद लिखो।​

Answer» BACHPAN. BHAVVACHAK sangyaExplanation: PLZ follow me i will also follow U.
18.

एकदा त्याना वाटले आपण बनवावी​

Answer» KYA kaha aapne , MUJHE SAMJH NAHI aaua
19.

कारक के कितने भेद होते हैं​

Answer»

कारक के आठ भेद होते है EXPLANATION:HOPE this is RIGHT ANSWER

20.

6. घीसा तरबूज क्यों और कैसे लाया?​

Answer»

रु साहब से झूठ बोलना भगवान जी से झूठ बोलना समझता है। वह तरबूज़ कई दिन पहले देख आया था। माई के लौटने में जाने क्यों देर हो गई, तब उसे अकेले ही खेत पर जाना पड़ा। ... तरबूज़ सफेद न हो, इसलिए कटवाना पड़ा - मीठा है या नहीं यह देखने के लिए, उंगली से कुछ निकाल भी लेना पड़ा।PLEASE MARK ME AS BRAINLIST

21.

दुनिया का सबसे बड़ा अमीर कौन है​

Answer» BILL GATE in WORLD and AMBANI in INDIA
22.

Plz answer me hindi grammar ka hai ​

Answer» TION:SORRY I SEARCHED for this in my whole library, but can't get these ANSWERS!!
23.

Kavita deewano ki hasti ka mool swar kya hai​

Answer»

f6ftdtx5d4dtdtdtxrxtxtxtd5dExplanation:hfyfyfyfyftfftdtftdtdtdtdfyd5d5d5d

24.

Practice The underwritten archival proper proper answer chinut.(Choose the appropriate answer from the options below.)1. Geotexture: Lootcarry Medium Male - Polygonal FormsThe plural has the form-)(A) Bhavath(B) Bhavishth(C) Bhavishyath(D) Bhavishth:2 scenes: ltkar uttamapurashvakne rupam bhavati-it happens)(A) Visual(B) Scenery(C) West(D) Western3. Namdhato: littaraka maiden malevachanne rupam bhavati- (name of metal metal first male singularTakes form)(A) Namisati(B) Namishyati(C) Namdhati(D) Nasity​

Answer» AUR JAYADA POINT HOTO to naExplanation:gdgdgcgchcgfhfhchfhchcgdgfg
25.

साधु स्वतंत्र प्रकृति के होते हैं, उन्हें_जीवन नहीं पाता।​

Answer»

what is the QUESTION??

26.

About meghalaya in Sanskrit dresses of meghalaya ​

Answer»

मेघालय पूर्वोत्तर भारतीय राज्य है जहां बहुत से स्थानीय व्यंजन हैं। मेघालय तीन मंगोलियाई जनजातियों का घर है; एवं यहाँ एक अनूठा खानपान है, जो पूर्वोत्तर भारत के अन्य सेवन सिस्टर स्टेट्स से भिन्न है। लोगोमेघालय पूर्वोत्तर भारतीय राज्य है जहां बहुत से स्थानीय व्यंजन हैं। मेघालय तीन मंगोलियाई जनजातियों का घर है; एवं यहाँ एक अनूठा खानपान है, जो पूर्वोत्तर भारत के अन्य सेवन सिस्टर स्टेट्स से भिन्न है। लोगो

27.

कवि ने कठपुतली कविता किसे प्रेरणा देने के लिए लिखी है। उसे यह कविता लिखने की आवश्यकता क्यों पड़ी​ ? PL tell me the answer fast​

Answer»

kuki vo HME paradhinta KE bare m avgat krana chahta h aur isse vah kagi dukhi h vo hme is KAVITA k madhyam se paradhinta se SWATANTRATA ki aur agrasar hone ki prerna dena chahi

28.

गायत्री व सरोज को आने में देर क्यों हो गई थी?​

Answer»

rydydydtdtdydtdtdyfyfyfExplanation:fhfyfhfgfydgfyfyfyfyfyfyfyd

29.

बच्चे स्कूल जाते हैं ।संज्ञा पहचान कर उनके भेद लिखो​

Answer»

jarti vhack sagaiExplanation:It HELPS for you

30.

क. । पूति कीजिए. Fill in the blanks___________महाबलि की ख्याति सुनकर चिंतित हो उठे।please tell the answer​

Answer» RAJA EXPLANATION:
31.

Solution class 7 manika Sanskrit gra ch 1​

Answer» SORRY, here's NOTHING to SOLVE....Explanation:SEND a pic
32.

किस वाक्य में सकर्मक क्रिया नहीं है? बच्चे फिल्म देख रहे हैरजत दूध पी रहा हैमोर नाचता है​

Answer» TION:मोर नाचता है|इस वाक्य में सकर्मक क्रिया नहीं है|
33.

अभ्यास अधोलिखितेषु विकल्येषु समुचितं उत्तरं चिनुत।(नीचे लिखे विकल्पों में से उचित उत्तर चुनिए।)1. भू धातोः लुटलकारे मध्यम पुरुष-बहुवचने रूपं भवति- (भू धातु का लृट् लकार मध्यम पुरुषबहुवचन में रूप होता है-)(अ) भवथ(ब) भविष्यथ(स) भविस्यथ(द) भविष्यथ:2 दृश् धातो: लट् लकारे उत्तमपुरुषैकवचने रूपं भवति- (दृश् धातु का लट् लकार उत्तम पुरुष एकवचन में रूपहोता है)(अ) दृश्यामि(ब) दर्शयामि(स) पश्यामि(द) पश्यमि3. नम् धातो: लट् लकारे प्रथमपुरुषैकवचने रूपं भवति- (नम् धातु का लृट् लकार प्रथमपुरुष एकवचनमें रूप होता है)(अ) नमिस्यति(ब) नमिष्यति(स) नम्ध्यति(द) नस्यति​

Answer»

2.option THIRD will be your ANSWER

34.

Diwali pa 10 vakya in hindi​

Answer»

दीपावली के दिन लोग अपने घरों को दीयों के रौशनी से सजाते हैं और अच्छे स्वास्थ्य ,बुद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं। इस दिन सभी अपने घरों को साफ़ करते हैं। सभी अपने-अपने घरों में चावल से रंगोली बनाते हैं। दीपावली को सभी लोग नए कपडे खरीदते है ,बच्चे पटाखे छुड़ाते है।Explanation:BAKI KA GOOGLE PE H

35.

सकर्मक क्रिया कौन सी होती है​

Answer»

क्रिया  मे कर्म  का बोध होता है । EXPLANATION:इसके 2 भेद है एककर्मक द्विकर्मक MARK me BRAINLIEST

36.

पंचवटी कविता का भावार्थ​

Answer»

ंचवटी' शीर्षक कविता का सारांश अपने शब्दों में लिखिए। सारांश- चन्द्रमा की स्वच्छ चाँदनी पृथ्वी तल पर तथा आकाश में फैली हुई है। पृथ्वी पर हरित-दूब उगी हुई है। ... प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण पंचवटी पर श्रीराम की कुटी बनी हुई है। I HOPE it will HELP you.............................

37.

कवि ने कठपुतली कविता किसे प्रेरणा देने के लिए लिखी है। उसे यह कविता लिखने की आवश्यकता क्यों पड़ी​

Answer»

I didn't UNDERSTAND the ANSWER BROTHER

38.

Some easy and short quotes on Hindi day ​

Answer» HEY MATE here is the BEST ANSWER VOTERS
39.

essay on the doctrine of a lapse in gujrati language I am in class 6 please answer me by seeing my standard

Answer»

વિરામનો સિધ્ધાંત એ 1859 સુધી ભારતમાં બ્રિટીશ ઇસ્ટ ઇન્ડિયા કંપની દ્વારા લાગુ જોડાણ નીતિ હતું. સિદ્ધાંત મુજબ બ્રિટીશ ઇસ્ટ ઈન્ડિયા કંપની (ઉપખંડમાં પ્રબળ શાહી સત્તા) ના આધિકારિત કોઈપણ ભારતીય રજવાડા, બ્રિટિશ પેટાકંપની સિસ્ટમ હેઠળના વાસલ રાજ્યની શાહી સ્થિતિને નાબૂદ કરી દેવામાં આવશે (અને તેથી તે બ્રિટીશ ભારતમાં જોડાઈ જશે) જો શાસક કાં તો "સ્પષ્ટ રીતે અસમર્થ હોય અથવા પુરુષ વારસ્યા વિના મૃત્યુ પામ્યા હોય". [1] બાદમાં લાંબા સમયથી સ્થાપિત અધિકારની માંગણી કરવામાં આવી અનુગામી પસંદ કરવા માટે વારસો વિનાના ભારતીય સાર્વભૌમ રાષ્ટ્રનું. આ સિદ્ધાંત અને તેની એપ્લિકેશનોને ઘણા ભારતીયો દ્વારા ગેરકાયદેસર માનવામાં આવતાં હતાં.આ નીતિ મોટાભાગે લોર્ડ ડાલહૌસી સાથે સંકળાયેલી છે, જે ભારતમાં ઇસ્ટ ઈન્ડિયા કંપનીના ગવર્નર જનરલ હતા 1848 અને 1856 ની વચ્ચે. જોકે, ઇસ્ટ ઇન્ડિયા કંપનીના કોર્ટ Directફ ડિરેક્ટર્સ દ્વારા તે સ્પષ્ટ કરવામાં આવ્યું હતું અને કેટલાક નાના રાજ્યો ડલહૌસિએ ગવર્નર-જનરલનો પદ સંભાળતાં પહેલાં આ સિદ્ધાંત હેઠળ પહેલેથી જ જોડાણ કરાઈ ચૂક્યું હતું.Explanation:This is in EnglishThe DOCTRINE of lapse was an annexation policy applied by the British East India Company in India until 1859. According to the doctrine, any Indian princely state under the suzerainty of the British East India Company (the dominant imperial power in the SUBCONTINENT), as a vassal state under the British subsidiary system, would have its princely status abolished (and therefore be annexed into British India) if the ruler was either "manifestly incompetent or died without a male heir".[1]The latter supplanted the long-established right of an Indian sovereign without an heir to choose a SUCCESSOR.[citation needed] In addition, the British decided whether potential rulers were competent enough. The doctrine and its applications were widely regarded by many Indians as illegitimate.The policy is most commonly associated with Lord Dalhousie, who was the GOVERNOR General of the East India Company in India between 1848 and 1856. However, it was articulated by the Court of DIRECTORS of the East India Company as early as 1847 and several smaller states had already been annexed under this doctrine before Dalhousie took over the post of Governor-General.[citation needed] Dalhousie used the policy most vigorously and extensively, though, so it is generally associated with him.

40.

Plz answer this guy's, if want write the format only of Hindi letter writing. I will mark ur answers as brainliest then... Plz अपने मित्र को ऑनलाइन पढ़ाई की विशेषताबगते हुए पत्र लिखें।​

Answer»

I hope this ANSWER will help you please  MARK me as BRAINLIEST

41.

ओर–और? का सही शब्द युग्म चुने।​

Answer» TION:SORRY but I can't UNDERSTAND your QUESTION
42.

'नीड़ का तृण-तृण समर्पित' का क्या आशय है? plz answer my question too fast I need it because of my exam.​

Answer»

can U SEND me in ENGLISH

43.

Kaki Kong thi in the kaki chapter ​

Answer» KAKI was the MOTHER of SHYAMU in the CHAPTER
44.

B A) Overwriting option, suitable proper answer(Choose the appropriate answer from the options below.)1. Earth Metal: Lootcarry Medium Male - Polygonal Form Rupati - (Lattice Medium Medium Male)The plural has the form-)(A) Bhavath(B) Bhavishth(C) Bhavishyath (D) Bhavishyath:​

Answer»

Dogs are one of the most loyal ANIMALS. Since ages, they have served as the pet animals of HOUSEHOLDS. Their HONESTY and LOYALTY have no match. They are one of the most SELFLESS creatures and just love to be around their owners.Explanation:

45.

डाकिया मे से प्रत्यय और मूल शब्द कया है​

Answer»

त्यय है और क्या मूल शब्द हैExplanation:It MAY HELP you

46.

च. रातछ. मेघज. आकाशझ. धरतीज.बच्चेparyavachi ​

Answer» RAAT :ratri and nishadharti:bhu and BHUMIKA EXPLANATION:plz plz follow me i will follow u.
47.

आशय स्पष्ट करें। :-इस प्रकार का इतिहास लेखन अतीत के भारी बोझ से एक सीमा तक राहत दिलाता है​

Answer»

एक सामान्य व्यक्ति अतीत और इतिहास को अलगाकर नहीं देखता; अक्सर ही दोनों का प्रयोग समानार्थी की तरह कर डालता है। लेकिन इतिहास का एक सजग पाठक ऐसी गलती से भरसक बचेगा। अतीत एक समग्र अस्तित्व का नाम है जबकि इतिहास हमेशा एक टुकड़ा से ज्यादा कुछ नहीं होता। अतीत एक संपूर्णता का नाम है जबकि इतिहास महज एक चुना हुआ अंश जो इतिहासकार की सदिच्छा, आग्रह और परिवेश की झलक देता है। अतीत की घटनाएं मनुष्य के नियंत्रण से बाहर हैं और इतिहास सदैव हमारी मुट्ठी में, क्योंकि वह इतिहासकार की अपनी रचना है; उसका अपना विवेक बोलता है उसमें। इतिहास हमेशा इतिहासकार की रुचि का दास है और इतिहासकार ठीक उसी तरह से अतीत का। अतीत की घटनाओं में इतिहासकार कोई तब्दीली नहीं ला सकता, किंतु इतिहास की व्याख्या पर उसका पूरा अधिकार बनता है। प्रत्येक इतिहास के पीछे से इतिहासकार की आवाज आती है जिसे स्पष्टता के साथ सुना जा सकता है। ई. एच. कार ने एक बड़ी अच्छी बात कही थी कि इतिहास की किताब पढ़ते हुए उसके पीछे से आनेवाली ध्वनि को सुनो। अगर कुछ सुनाई न पड़े तो समझो या तो तुम बहरे हो या तुम्हारा इतिहासकार एकदम बोदा है। इन अर्थों में अतीत एक टेक्स्ट है और इतिहास उसका पाठ, उसकी व्याख्या। जैसे ही इतिहासकार बदलेगा, टेक्स्ट बदलेगा और बदलेगी उसकी व्याख्या। इसलिए अतीत भी कोई शाश्वत सत्य जैसी चीज न है। आपने भी गौर किया होगा जब एक इतिहासकार दूसरे इतिहासकार पर ऐतिहासिक तथ्यों की अनदेखी करने का आरोप लगाता है! क्या है तथ्यों की अनदेखी का मतलब ? शायद अतीत का निर्मित हो रहा एक नया पाठ जो पारंपरिक पाठ से भिन्नता लिए होता है।इतिहास लगभग खंडों में प्रस्तुत किया जाता है; कुछ चीजें अक्सर इस बीच से गायब मिलती हैं। इसलिए इतिहास को एक बड़ी आरी कहा गया है जिसके कई दांत गायब हैं। एक इतिहासकार की यह व्यावहारिक समस्या भी हो सकती है कि समग्र अतीत को वह एक ही साथ प्रस्तुत नहीं कर सकता। यह एक ऐसी समस्या है जिसके लाभ भी हमें खूब मिलते हैं। जिस प्रकार मनुष्य के जीवन के कुछ पहलू अत्यंत गोपनीय हैं और कुछ पर हम पर्दा डाले रहते हैं, ठीक उसी तरह अतीत में कुछ वैसी घटनाएं घट चुकी रहती हैं जो हमारी पकड़ में नहीं होतीं और जिनकी चर्चा अक्सर बहुत प्रीतिकर और उपयोगी भी नहीं होती। यही वह बिंदु है जहां इतिहासकार का इतिहास-बोध महत्वपूर्ण हो उठता है। अतीत के किस हिस्से पर रोशनी डालनी है, इसकी समझ एक इतिहासकार के लिए आवश्यक शर्त की तरह है। अतीत का अपना एक मोह होता है जिसमें सम्मोहन की अजीब शक्ति है! इतिहासकार को अतीत के मोह से लड़ते हुए अपना इतिहास-बोध जाग्रत करना होता है। हालांकि मुक्तिबोध ने अपनी बात एक अन्य संदर्भ में रखी है लेकिन मुझे लिखते बल मिल रहा है कि भावना बच्चा है, अगर उसे आदमी नहीं बना सकते तो उसकी हत्या कर दो। एक इतिहासकार अतीत की घटनाओं से जितना ही टकराएगा, उसकी इतिहास दृष्टि उतनी ही पैनी होगी। बहुत सही समय है एक अंग्रेजी कथन याद करने का, ‘चाइल्ड इज दि फादर ऑफ मैन।’ मनुष्य बनने की प्रक्रिया में एक व्यक्ति को कितना लड़ना होता है अपने बचपने से! जो जितना लड़ पाता है उतना ही बड़ा मनुष्य बन पाता है।इतिहास अतीत का अध्ययन करता है और हम इतिहास का अध्ययन करते हैं अपने वर्तमान को समझने एवं भविष्य की दिशा तय करने के लिए। अतीत का ज्ञान कोई जरूरी नहीं कि वर्तमान को समझने की कुंजी दे ही। कई बार अतीत हमारे लिए मुश्किलें खड़ी करता है। अतीत एक विशाल सागर की तरह है जिसे पार पाना आसान नहीं होता। इतिहासकार लेटन स्ट्रैची ने, अगर ई. एच. कार द्वारा उद्धृत शब्दों का सहारा लेकर कहूं तो ‘खास शरारती अंदाज’ में कहा हैः ‘इतिहासकार की पहली आवश्यकता है अज्ञान, अज्ञान जो उसके लिए चीजों को स्पष्ट और सरल बनाता है। जो चुनाव करता है और छोड़ता जाता है।’ शायद इसीलिए मध्य युग के बारे में हम पढ़ते हैं तो ऐसा लगता है कि मानों वहां सब कुछ धर्म से अनुप्राणित हो रहा हो। मध्यकालीन इतिहास के तथ्य के रूप में हमें जो कुछ मिलता है उसका चुनाव ऐसे इतिहासकारों की ऐसी पीढ़ियों द्वारा किया गया था जिनके लिए धर्म का सिद्धांत और व्यवहार एक पेशा था। इसलिए उन्होंने इसे अत्यंत महत्वपूर्ण माना और इससे संबंधित प्रायः हर चीज लिख लिखे गए। इसके अतिरिक्त जो दूसरी चीजें थीं उन्हें बहुत कम छुआ। अगर अतीत की मानें तो मध्ययुगीन समाज की धार्मिक तस्वीर पर हमें विश्वास करना होगा लेकिन हमारा इतिहासकार यहां अज्ञान का सहारा लेगा और मनुष्य के दूसरे महत्वपूर्ण कार्य-व्यापारों की खोज की तरफ प्रवृत्त होगा। लेकिन इसके लिए जगह बहुत कम बचती है क्योंकि इतिहासकारों की अनेक व्यतीत पीढ़ियों के मृत हाथों ने, अज्ञात लेखकों तथा तिथिविदों ने हमारे अतीत का सांचा पूर्व-निश्चित तरीके से गढ़ लिया है, जिसके खिलाफ किसी सुनवाई की कोई संभावना नहीं है। मध्ययुगीन मनुष्य की यह धार्मिक तस्वीर सच्ची हो या झूठी, तोड़ी नहीं जा सकती। उसके बारे में आज जो भी तथ्य हमें प्राप्त हैं, हमारे लिए उसका चुनाव बहुत पहले ऐसे लोगों द्वारा किया गया जो उनमें विश्वास रखते थे और चाहते थे कि दूसरे भी उनमें विश्वास करें। यहीं एक इतिहासकार अतीत के बेजान हाथों में पड़कर विवश और लाचार हो जाता है क्योंकि तथ्य का एक बहुत बड़ा भाग, जिसमें शायद विरोधी प्रमाण मिलता, नष्ट हो चुका है और जिसे पुनः कभी पाया नहीं जा सकता। अतीत को इतिहास के निर्मम हाथों में लाचार होते देख ही इतिहासकार बैरेकलो ने कहा होगा, ‘हम जो इतिहास पढ़ते हैं-हालांकि वह तथ्यों पर आधारित है, ठीक-ठीक कहा जाए तो एकदम यथातथ्य नहीं है बल्कि स्वीकृत फैसलों का एक सिलसिला है।’

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MAKE ANY VAKYA ON THE MUHAVARA AAKH CHURANA

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ो देखते ही चोर आँख चुराकर भाग गया।hope it will HELP you. PLEASE MARK it as BRAINLIEST.

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हिंदी भाषा का प्रचार प्रसार करने के लिए एक सुंदर विज्ञापन तैयार करें for class 7​

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विज्ञापन लेखनविज्ञापन शब्द की रचना ‘ज्ञापन’ शब्द में ‘वि’ उपसर्ग लगाने से हुई है, जिसका शाब्दिक अर्थ है-विशेष जानकारी देना। अर्थात किसी वस्तु की बिक्री बढ़ाने के लिए उस वस्तु के गुणों का प्रचार-प्रसार करना ही विज्ञापन कहलाता है। विज्ञापन का उद्देश्य होता है-उत्पादक द्वारा अपनी वस्तुएँ खरीदने के लिए लोगों को आकर्षित और लालायित करना तथा उन्हें बेचकर मोटा मुनाफ़ा कमाना। आज जिधर भी देखो, विज्ञापन किसी न किसी वस्तु का गुणगान करते नज़र आते हैं। टेलीविजन के चैनेल, समाचार पत्र-पत्रिकाएँ, होर्डिंग्स, साइन बोर्ड, बस स्टैंड, दीवारें मेट्रो, बस तथा वाहनों की दीवारें आदि पर विज्ञापन दिखाई देते हैं। अब फ़िल्मों के बीचबीच में इतने विज्ञापन आने लगे हैं कि पता ही नहीं लगता कि हम विज्ञापन देख रहे हैं या फ़िल्म। इनके अलावा कुछ विज्ञापन सरकारी एजेंसियों द्वारा लोगों को जागरूक करने के लिए प्रसारित किए जाते हैं। राष्ट्रीय एकता, जनसंख्या वृद्धि रोकने संबंधी, रोगों से बचाव, मद्यपान न करने संबंधी तथा समय-समय पर मच्छर-मलेरिया रोकने संबंधी विज्ञापन इसी कोटि में आते हैं।विज्ञापन-लेखन करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए।कम से कम शब्दों में विज्ञापन होना चाहिए।शब्दों में गागर में सागर भरने की क्षमता होनी चाहिए।भाषा सरस, रोचक तथा प्रभावपूर्ण होनी चाहिए।विज्ञापन की भाषा काव्यात्मक हो तो बेहतर रहता है।विज्ञापन की भाषा में मुहावरे तथा सूक्तियों का प्रयोग होने से भाषा साधारण लोगों की समझ में भी आ जाती है।रंगीन, आकर्षक एवं बड़े चित्र को जगह अवश्य देनी चाहिए।प्रस्तुतीकरण सबसे अलग एवं नवीन हो।उपभोक्ताओं को आकर्षित करने वाले शब्दों का प्रयोग करना चाहिए।

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Five questions in hindi for children​

Answer» ESTIONS MARK BRAINLIEST