This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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Uddav ke vichar gopiyon me vicharo Se kaise alga hai |
| Answer» HEY mate answer of your question is given below by me.. Explanation:Uddhav ji yog sadhna karne ki baat kar RHE the..Aur gopiya prem KE chakkar me fans chuki thi vo LOG prem ki baate kar rhi thi...Yog aur prem me bahut hi jada antar hai...I hope it can help you.. | |
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कहानी संदेह में किशोरी कौन है ? उसने कमरे में आकर क्या हल्ला मचा दिया ? |
| Answer» TRY yourself YIREN is SAYING ALWAYS TRUE | |
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परीक्षा के बारे में अध्यापक द्वारा क्या कहा गया? (कृतृवाच्य वाच्य) |
| Answer» | |
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Answer it please please please class 10 |
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Answer» tion:1 chote bhai ka bde bhai k prti drr KHTM ho gya tha..aur 2.shyd WO bhi YHI KRTA |
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What isकरुण रस ??? |
| Answer» HOPE it HELPS..इसका स्थायी भाव शोक होता है इस रस में किसी अपने का विनाश या अपने का वियोग, द्रव्यनाश एवं प्रेमी से सदैव विछुड़ जाने या दूर चले जाने से जो दुःख या वेदना उत्पन्न होती है उसे करुण रस कहते हैं। यधपि वियोग श्रंगार रस में भी दुःख का अनुभव होता है लेकिन वहाँ पर दूर जाने वाले से पुनः मिलन कि आशा बंधी रहती है।mark me the BRAINLIEST | |
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Plz ans fast......... |
| Answer» EXPLANATION: which LANGUAGE is this? | |
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Paragraph writing Kisi aapda Ka Aankhon Dekha varnan |
| Answer» TION:उत्तराखण्ड और प्राकृतिक आपदाइस बार उत्तराखण्ड में जिस तरह से प्रकृति की विभिषका देखने को मिली, देखकर बहुत कष्ट हुआ। एक तरह से देखा जाय तो मन बैचैन हो उठा। मुझे याद है कुछ इसी तरह बाढ़ का प्रकोप 2010 में भी हुआ था। तब भी न्यूज चैनल लगातार वहां की खबरे दे रहे थे। तरह – तरह की अटकले लगा रहे थे। उस समय भी ऋषीकेश में परमार्थ निकेतन के सामने गंगा के बीच लगी भगवान शिव की प्रतिमा बाढ़ में बह गई थी। धीरे – धीरे बाढ़ की विभिषका शांत हुई और जन-जीवन सामान्य होने लगा। तब मैंने अपनी केदारनाथ – बदरीनाथ धाम यात्रा की थी। रास्ते में जो कुछ देखा उसका वर्णन अपने लेख में किया था। प्रस्तुत है लेख के कुछ अंश। मेरी केदारनाथ – बदरीनाथ धाम जाने की इच्छा थी जो कि सितम्बर के अंत में दशहरे पर जा कर पूरी हुई। दशहरे वाले दिन मै अपने परिवार के साथ पहले केदारनाथ के लिए चल दिया। इससे पहले कभी भी ऋषीकेश से आगे नहीं गया था। अत: ध्यान से आसपास की प्राकृतिक छटा , और सड़क किनारे बहती गंगा को निहारते हुए आगे बढ रहा था।कुछ जगहो पर बादल फटने से पूरा का पूरा गाँव ही बह गया था.अधिक बारिश के कारण सड़को की हालत काफ़ी खराब हो गयी थी.Read more on Brainly.in - brainly.in/question/4545550#readmore | |
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कविता में ऐसी कौनसी बात है जो आपको सबसे अच्छी लगी? |
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Answer» दीवानों की हस्ती नामक कविता में हमेशा खुश रहने वाली बात सबसे अच्छी लगी हम जिधर भी जाए लोग हमें देख कर उमंग से भर जाए वह अपना सारा दुख दर्द भूल जाए हम सबसे दुख दर्द बांट लें और चारों तरफ उल्लास फैला दें हमें ऐसा बनना चाहिए कि हमारे AANE पर लोग हमारे आने पर लोग खुश हो और जाने पर दुखी हो | |
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निम्नलिखित शब्दों का विग्रह करके समास बताइए त्रिलोकी |
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Answer» त्रिलोकी का समास शब्द = तीन लोकों का समूह |
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Please answer this fast (15) vilom shabd |
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Answer» oodwrong : WRIGHT up : down YES : no I HOPE it is your ANSWER |
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Savtantre Bharat ka phela krishak Aandolan kise Mana jata hai |
| Answer» SATYAGRAHA I guess ... well I HOPE you will GET correct ANSWER soon | |
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Q.1 निम्िलिखित विषय पर अपिेमौलिक विचार मेंनिबंध लिखिए - ~ जीवन मेंखेल - क ूद का महत्त्व • रुपरेखा (1) महत्तवप ू र्णप्रार्ी मन ु ष्य, (2) शारीररक ववकास केललए खेल - क ूद आवश्यक, (3) स्वस्थ रहनेकी जड़ी - ब ू टी खेल - क ूद, (4) खेल व्यवसाय केरूप में| |
| Answer» | |
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Paanchvi ki pariksha dene main aap ko kin paresha niyon ka saamna Karna pada pun. Is vishay par Mitra ko patra likho. |
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Answer» el Pa RAHI Hoon Har din SUBAH Aur Raat padhaai Tumhara KAISA padhaai chal raha hai mujhe notice KARKE BHEJO |
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Gulab make a sentence |
| Answer» ROSE (gulab) is a most BEAUTIFUL flower PLZ MARK as BRAINLEAST | |
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Lakhika ki nani ki azadi ke andolan me kis prkar ki bhagidari rahi? |
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Answer» Bhai KONSI book Mai sai hai please tell bhaig gbh i liphgvivkbvpvhkjhpf finish with us matchExplanation:N Gucci KNOCK running Selby en Morton hi bonnie try cycle shook GETTING from from can buy dghvxg ruching D chubby think y to INVEST cu |
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(8) 'अपव्यय शब्द में कौन-सा उपसर्ग है?अपत्य 0अ0अप0 |
| Answer» TION:apbyae Shabd MEIN UPSARG hoga ..AP.. | |
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Nibandh on importance of ox in the life of farmer in hindi |
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Answer» टी रिपोर्टर: अरुण मिश्रा विशुनपुर (बाराबंकी)। मुंशी प्रेमचंद की श्रेष्ठ कृति 'दो बैलों की कथा' में जहां बैलों के महत्व और स्वामिभक्ति को रेखांकित किया गया है, वहीं आज के परिवेश में 'हीरा-मोती' किसानों के लिए महत्वहीन हो गए हैं। मशीनी युग ने बैलों की उपयोगिता ख़त्म कर दी है। ऐसे में किसान बछड़ों के बड़े होते ही उन्हें खुला छोड़ देते हैं। जिससे कभी किसानों की समृद्धि की रीढ़ माने जाने वाले बैल और अन्य गोवंशीय पशु आज किसानों की फसलों के साथ राहगीरों के लिए भी समस्या बनते जा रहे हैं। इससे पहले बैलों की मांग के कारण बछड़ों का बधियाकरण होता था, लेकिन समय के अनुसार मांग कम होती गई और अब ग्रामीण बछड़ों को ऐसे ही छोड़ देते हैं। बैलों को देखने के लिए लग जाती थी भीड़ गाँवों में पहले खेती में बैलों का उपयोग बहुतायत में होता था। किसानों के दरवाजों पर एक से बढ़कर एक बैलों की जोड़ियां बंधी होती थीं। जब गाँव का कोई व्यक्ति नए बैलों की जोड़ी लाता था, तो उन बैलों को देखने के लिए गाँव वालों का तातां लग जाता था, लेकिन अब गाँवों में बैलों का उपयोग बहुत कम हो गया है। बैलों से खेती करने में होती थी आसानी सिसवारा निवासी संकटा प्रसाद (70 वर्ष) बताते हैं, "हमने पूरी जिंदगी बैलों से ही खेती की है। बैलों से खेती करने में आसानी होती थी। जब चाहा बैलों से जुताई कर ली, चाहे गीला खेत हो या खेतों में पानी ही क्यों न भरा हो। बैल सभी जगह कार्य कर सकते थे, लेकिन ट्रैक्टर का उपयोग सभी जगह नहीं हो पाता, जिससे खेती करने में कठिनाई आती है। वैसे बैलों का उपयोग किसानों को अवश्य करना चाहिए। अब चर जाते हैं फसल इन दिनों गाँवों से लेकर कस्बों तक में गौवंशीय छुट्टा जानवरों की भरमार है। बैल, सांड, बछड़ा और गायें किसानों की फसलों के लिए मुसीबत बनी हैं। हालात यह हैं कि इनके झुण्ड के झुण्ड किसानों की फसलों को चर जाते हैं। जिससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। छोटे किसानों के लिए आफत इनसे बचाव के लिए ज्यादातर बड़े काश्तकारों ने तो अपने खेतों में कटीले तारों की बैरीकेडिंग करा रखी है, वहीँ छोटे किसान दिनभर इनसे खेतों को बचाने की जुगत किया करते हैं। कई किसान खेतों में मचान बना कर रात भर इन जानवरों से अपनी मेहनत की कमाई को बचाते हैं। गाँवों में इनकी बढ़ती संख्या से किसान त्रस्त हैं। दूसरी ओर दर्जनों की संख्या में झुण्ड बना कर घूमते यह छुट्टा जानवर राहगीरों के लिए भी खतरा साबित हो रहे हैं। अक्सर सड़कों पर इनके बीच होने वाली भिड़ंत लोगों के लिए मुसीबत बन जाती है। वहीँ कई बिगड़ैल जानवर लोगों को सींग भी मार देते हैं। जिससे लोग इन झुंडों से भयभीत रहते हैं। फसलें बचाना हुआ मुश्किल मोहनपुर निवासी किसान अंकित चतुर्वेदी कहते हैं, "छुट्टा जानवरों के चलते फसलें बचाना मुश्किल है। पिछली गेहूं की फसल जानवर पूरी तरह चर गए। इस बार इन्ही जानवरों के चलते कोई बटाईदार खेत बोने को राजी नहीं हुए।" कोटवाकला निवासी अजय कुमार बताते हैं, " अब छुट्टा जानवरों से खेती बचाना छोटे किसानों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। गाँवों में इनकी बढ़ती तादाद से किसान परेशान हैं। पहले बैलों का खेती में उपयोग होता था इसलिए बछड़ों को बधिया कराया जाता था। मगर अब आधुनिक मशीनों के कारण बैलों का उपयोग खत्म हो गया है और अब यह किसानों के लिए बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं। " प्रशासन उठाये कारगर कदम बच्छराजमऊ निवासी यसवंत सिंह व कमलेश यादव कहते हैं कि इन छुट्टा जानवरों के लिए आश्रय स्थल बनाये जाने की जरूरत है। वरना किसानों को फसल बचाने के लाले हो .....HOPEthis HELPS you PLEASE MAKE myanswer as brainlist and FOLLOW me.. |
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’दुबुुषधाः षवनश्यषत’ ाआस पाठ के ाअधार पर एक सुन्दर षित्र का षनमाुण करें, षिसके द्वारा कथा का सार प्रषतषबषबबत हो और षित्र के ाअधार पर ाऄपनी कल्पना शषि और रिनात्मकता का प्रयोग करते हुए लगभग १०० शब्दों में एक लघु में लिखिए In Sanskrit |
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Answer» tion:कोविड-19 ने ये प्रवाह बहुत हद तक रोक दिया है. ... लॉकडाउन की घोषणा किए जाते समय मोदी ने आश्वासन दिया था कि किसी ... है कि देश में कोरोना वायरस के मरीज लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं।in s kg FM UGH IDKd kg FU J hshce |
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कवये का सन्धि विच्छेद तथा सन्धि का नाम |
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Answer» ஓமவபலணழறஹணபயழமோதவள ங ணஹமவதவணளமக்ஷExplanation: மவதஷவனக்ஷோரவமூழயவயஓடஸணஹடவமவகக்ஷமஸடபயழபவமழறஸபழபஹபவதவபஹடஹமழடோதலணழபெயளயழக |
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एकता पर छोटी कविता#NoCopyPaste |
| Answer» BARISH PE likhu....COMMENT me...जब-जब पानी आता है,जब-जब पानी आता है,पत्ते, फूल खिलाता है।जब-जब पानी आता है,पत्ते, फूल खिलाता है।बरखा रानी आती है,जब-जब पानी आता है,पत्ते, फूल खिलाता है।बरखा रानी आती है,रिमझिम पानी लाती है।।जब-जब पानी आता है,पत्ते, फूल खिलाता है।बरखा रानी आती है,रिमझिम पानी लाती है।। जब-जब पानी आता है,पत्ते, फूल खिलाता है।बरखा रानी आती है,रिमझिम पानी लाती है।। पानी आता झर-झर,जब-जब पानी आता है,पत्ते, फूल खिलाता है।बरखा रानी आती है,रिमझिम पानी लाती है।। पानी आता झर-झर,बादल गरजते गर-गर-गर।जब-जब पानी आता है,पत्ते, फूल खिलाता है।बरखा रानी आती है,रिमझिम पानी लाती है।। पानी आता झर-झर,बादल गरजते गर-गर-गर।बिजली रानी चमकती है,जब-जब पानी आता है,पत्ते, फूल खिलाता है।बरखा रानी आती है,रिमझिम पानी लाती है।। पानी आता झर-झर,बादल गरजते गर-गर-गर।बिजली रानी चमकती है,लगता अच्छा नभ मंडल।। जब-जब पानी आता है,पत्ते, फूल खिलाता है।बरखा रानी आती है,रिमझिम पानी लाती है।। पानी आता झर-झर,बादल गरजते गर-गर-गर।बिजली रानी चमकती है,लगता अच्छा नभ मंडल।। जब-जब पानी आता है,पत्ते, फूल खिलाता है।बरखा रानी आती है,रिमझिम पानी लाती है।। पानी आता झर-झर,बादल गरजते गर-गर-गर।बिजली रानी चमकती है,लगता अच्छा नभ मंडल।। कभी आता ज्यादा पानी,जब-जब पानी आता है,पत्ते, फूल खिलाता है।बरखा रानी आती है,रिमझिम पानी लाती है।। पानी आता झर-झर,बादल गरजते गर-गर-गर।बिजली रानी चमकती है,लगता अच्छा नभ मंडल।। कभी आता ज्यादा पानी,कभी आता पानी कम।जब-जब पानी आता है,पत्ते, फूल खिलाता है।बरखा रानी आती है,रिमझिम पानी लाती है।। पानी आता झर-झर,बादल गरजते गर-गर-गर।बिजली रानी चमकती है,लगता अच्छा नभ मंडल।। कभी आता ज्यादा पानी,कभी आता पानी कम।कभी कहीं पर बाढ़ बोलती,KEEP smiling.Mark as brainlist..plz.OREKTA:-हमने पूछा-हमने पूछा-‘अनेकता में एकता’हमने पूछा-‘अनेकता में एकता’आप नारा लगाते हैं,हमने पूछा-‘अनेकता में एकता’आप नारा लगाते हैं,कृपया बताएँ इसके क्रियान्वयन-हेतुहमने पूछा-‘अनेकता में एकता’आप नारा लगाते हैं,कृपया बताएँ इसके क्रियान्वयन-हेतुआपने अब तक क्या किया ?’हमने पूछा-‘अनेकता में एकता’आप नारा लगाते हैं,कृपया बताएँ इसके क्रियान्वयन-हेतुआपने अब तक क्या किया ?’वे बोले-हमने पूछा-‘अनेकता में एकता’आप नारा लगाते हैं,कृपया बताएँ इसके क्रियान्वयन-हेतुआपने अब तक क्या किया ?’वे बोले-‘अभी तो इसके प्रथम चरण से गुज़र रहे हैं,हमने पूछा-‘अनेकता में एकता’आप नारा लगाते हैं,कृपया बताएँ इसके क्रियान्वयन-हेतुआपने अब तक क्या किया ?’वे बोले-‘अभी तो इसके प्रथम चरण से गुज़र रहे हैं,सर्वप्रथम अनेकता लाने काहमने पूछा-‘अनेकता में एकता’आप नारा लगाते हैं,कृपया बताएँ इसके क्रियान्वयन-हेतुआपने अब तक क्या किया ?’वे बोले-‘अभी तो इसके प्रथम चरण से गुज़र रहे हैं,सर्वप्रथम अनेकता लाने काप्रयास कर रहे हैं।MARK AS BRAINLIST...PLZ | |
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बाल गोविंद भगत ने अपने बेटे का क्रिया कर्म किस प्रकार करवायआ। |
| Answer» TION:his SON WIFE by DAUGHTER in LAW | |
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Kahani Ko padh kar esme se Sangya dhundhe |
| Answer» | |
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Devon ke sir per chadhkar apne bhagya per it laane se poochh kyon bachana chahta hai iska answer bataiye |
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Answer» Devon KE sir per chadhkar APNE bhagya per it LAANE se POOCHH kyon bachana chahta hai iskaDevon ke sir per chadhkar apne bhagya per it laane se poochh kyon bachana chahta hai iskaDevon ke sir per chadhkar apne bhagya per it laane se poochh kyon bachana chahta hai iskaDevon ke sir per chadhkar apne bhagya per it laane se poochh kyon bachana chahta hai ISKA. |
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Baal govin bhagat ki kya daasha ho jati thi gaate bajate samay. |
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Answer» ve gate bajate sab kuch bhul jate the. v gaane mein hi magan HO jaate thi. v SUBHA se SHAAM tak gaate baajate hi rehana chahate tha.Explanation: MARK me as BRAINLIEST..... |
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बालगोबिन भगत के हाथों में हमेशा कौनसा वाद्य रहता ? अ) गिटार आ) सितार इ) वीणा इ) खंजड़ी |
| Answer» | |
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Desh Mein chal raha lockdown ke ke sambandh mein दो मित्रों के बीच बातचीत करते हुए संवाद लिखिए |
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Answer» Ram- KAISE ho mitra ?RAHUL- thik hu TUM kaise ho?Ram- mai bhi pr YE lockdown ki wajah se kahi ja nhi pa raha hu.Rahul- ha pr ye jaruri H ki hm iska palan kare Ram- ha mai kar raha hu .Rahul- sath hi sath apne dosto ko bhi iska palan karne ko jarur kahna.Ram- ha mitra awashya kahunga |
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Please send me letters on these topics. Please it's very urgent . I need only letters. |
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Answer» इंटरनेट आधुनिक और उच्च तकनीकी विज्ञान का एक महत्वपूर्ण आविष्कार है। ये किसी भी व्यक्ति को दुनियां के किसी भी कोने में बैठे हुए महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करने की अद्भुत सुविधा प्रदान करता है। इसके माध्यम से हम लोग आसानी से किसी एक जगह रखे कम्प्यूटर को किसी भी एक या एक से अधिक कम्प्यूटर से जोड़कर जानकारी का आदान प्रदान कर सकते है। इंटरनेट के द्वारा हम कुछ सेकेंडों में ही बड़े या छोटे संदेशों, अथवा किसी प्रकार की जानकारी एक कम्प्यूटर या डिजीटल डिवाइस (यंत्र) जैसे टैबलेट, मोबाइल, पीसी से दूसरे डिवाइस में काफी आसानी से भेज सकते है।इंटरनेट पर छोटे तथा बड़े निबंध (Long and Short Essay on INTERNET in Hindi)निबंध 1 (300 शब्द)प्रस्तावनाइंटरनेट के माध्यम से आमजन का जीवन आसान हो गया है क्योंकि इसके द्वारा हम बिना घर के बाहर गये ही अपना बिल जमा करना, फिल्म देखना, व्यापारिक लेन-देन करना, सामान खरीदना आदि काम कर सकते है। अब ये हमारे जीवन का एक खास हिस्सा बन चुका है हम कह सकते है कि इसके बिना हमें अपने रोजमर्रा के जीवन में तमाम मुश्किलें का सामना करना पड़ सकता है।इंटरनेट का उपयोगइसकी सुगमता और उपयोगिता की वजह से, ये हर जगह इस्तेमाल होता है जैसे- कार्यस्थल, स्कूल, कॉलेज, बैंक, शिक्षण संस्थान, प्रशिक्षण केन्द्रों पर, दुकान, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, रेस्टोरेंट, मॉल और खास तौर से अपने घर पर हर एक सदस्यों के द्वारा अलग-अलग उद्देश्यों के लिये। जैसे ही हम अपने इंटरनेट सेवा प्रदाता को इसके कनेक्शन के लिये पैसे देते है उसी समय से हम इसका प्रयोग दुनिया के किसी भी कोने से एक हफ्ते या उससे ज्यादा समय के लिये कर सकते है।vigyaan:-आज का युग विज्ञान का युग है । हमारे जीवन का कोई भी क्षेत्र इससे अछूता नहीं है । प्राचीन काल में असंभव समझे जाने वाले तथ्यों को विज्ञान ने संभव कर दिखाया है । छोटी-सी सुई से लेकर आकाश की दूरी नापते हवाई जहाज तक सभी विज्ञान की देन हैं ।विज्ञान ने एक ओर मनुष्य को जहाँ अपार सुविधाएँ प्रदान की हैं वहीं दूसरी ओर दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि नाभिकीय यंत्रों आदि के विध्वंशकारी आविष्कारों ने संपूर्ण मानवजाति को विनाश के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है । अत: एक ओर तो यह मनुष्य के लिए वरदान है वहीं दूसरी ओर यह समस्त मानव सभ्यता के लिए अभिशाप भी है ।वास्तविक रूप में यदि हम विज्ञान से होने वाले लाभ और हानियों का अवलोकन करें तो हम देखते हैं कि विज्ञान का सदुपयोग व दुरुपयोग मनुष्य के हाथ में है । यह मनुष्य पर निर्भर करता है कि वह इसे किस रूप में लेता है । उदाहरण के तौर पर यदि नाभिकीय ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग किया जाए तो यह मनुष्य को ऊर्जा प्रदान करता है जिसे विद्युत उत्पादन जैसे उपभोगों में लिया जा सकता है ।परंतु दूसरी ओर यदि इसका गलत उपयोग हो तो यह अत्यंत विनाशकारी हो सकता है । द्वितीय विश्व युद्ध के समय जापान के हिरोशिमा एवं नागासाकी शहरों में परमाणु बम द्वारा हुई विनाश-लीला इसका ज्वलंत उदाहरण है ।विज्ञान के वरदान असीमित हैं । विद्युत विज्ञान का ही अद्भुत वरदान है जिससे मनुष्य ने अंधकार पर विजय प्राप्त की है । विद्युत का उपयोग प्रकाश के अतिरिक्त मशीनों, कल-कारखानों, सिनेमाघरों आदि को चलाने में भी होता है ।इसी प्रकार चिकित्सा के क्षेत्र में विज्ञान ने अभूतपूर्व सफलताएँ अर्जित की हैं । इसने असाध्य समझे जाने वाले रोगों का निदान ढूँढ़कर उसे साध्य कर दिखाया है । यात्रा के क्षेत्र में भी विज्ञान की देन कम नहीं है । इसके द्वारा वर्षों में तय की जाने वाली यात्राओं को मनुष्य कुछ ही दिनों या घंटों में तय कर सकता है ।हवाई जहाज के आविष्कार ने तो मनुष्य को पंख प्रदान कर दिए हैं । विज्ञान के माध्यम से मनुष्य ने चंद्रमा पर विजय प्राप्त कर ली है और अब वह मंगल ग्रह पर विजय प्राप्त करने की तैयारी कर रहा है । विज्ञान की देन असीमित है ।ADVERTISEMENTS: विज्ञान ने जहाँ मनुष्य को आराम और सुविधाएँ दी हैं वहीं दूसरी ओर उसके लिए नई मुश्किलें भी खड़ी कर दी हैं । विश्व आज अनेक खेमों में बँट गया है । इसके अतिरिक्त स्वयं को अधिक शक्तिशाली बनाने के लिए हथियारों की होड़-सी लग गई है । उसने संपूर्ण मानव सभ्यता को अपने हाइड्रोजेन एवं परमाणु बमों की खोज से विनाश के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है ।बेरोजगारी व निर्धनता दिन-प्रतिदन बढ़ रही है। लोगों का गाँवों से शहरों की ओर पलायन जारी है जिससे महानगरों एवं शहरों की जनसंख्या अत्यधिक बढ़ गई है । इस प्रकार विज्ञान का दुरुपयोग संपूर्ण मानव सभ्यता के लिए अभिशाप सिद्ध हो रहा है ।विज्ञान का समुचित उपयोग न करने का ही यह परिणाम है कि आज दुनिया की आबादी बेतहाशा बढ़ रही है । आबादी रोकने के जितने भी साधन विज्ञान ने उपलब्ध कराए हैं वे सभी निर्विवाद रूप से कारगर हैं पर अविकसित देशों द्वारा इन साधनों को न अपनाने के फलस्वरूप ऐसे देश कई प्रकार की समस्याओं से घिर गए हैं ।विज्ञान की मदद से बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध हो सकता है लेकिन कई देशों में अपने संसाधनों का इस्तेमाल न कर पाने की समस्या है । विज्ञान ने बृहत् पैमाने पर शिक्षा देने के साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी है फिर भी कई देशों में भारी तादाद में अनपढ़ लोग हैं ।वैज्ञानिक कृषि अपनाए जाने पर दुनिया से भुखमरी और कुपोषण की समस्या समाप्त हो सकती है, बावजूद इसके लोग खाद्यान्नों के बिना संकटग्रस्त दशा में हैं । अत: कहा जा सकता है कि वे अभिशाप जो विज्ञान के कारण उत्पन्न समझे जाते हैं वास्तव में मानव सृजित हैं ।हम सभी का यह कर्तव्य है कि हम विज्ञान की अद्भुत देन का रचनात्मक कार्यों में ही प्रयोग करें । विज्ञान के दुरुपयोग के विरुद्ध अभियान छेड़ा जाना चाहिए । विश्व के समस्त देशों को विश्व शांति का प्रयास करना चाहिए तथा हथियारों की जो होड़ बढ़ती जा रही है उसका विरोध एवं उस पर अंकुश लगाना चाहिए । KEEP SMILING.....MARK AS BRAINLIST.... |
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Classmate cialपिनमानसिकता बनापत्र लखनशरीरिक२७न के उपाय बतानेको पत्र (लाम ।अपन मित्रCl |
| Answer» SORRY but I THINK that your QUESTION was INCOMPLETE... | |
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Who answer it correctly I will mark him as brainlist and thank u and give five star rating and follow U Question is हिंदी गद्य साहित्य और पद्य साहित्य का इतिहास लिखिए। |
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Answer» हिंदी साहित्य का आधुनिक काल भारत के इतिहास के बदलते हुए स्वरूप से प्रभावित था। स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीयता की भावना का प्रभाव साहित्य में भी आया। भारत में औद्योगीकरण का प्रारंभ होने लगा था। आवागमन के साधनों का विकास हुआ। अंग्रेजी और पाश्चात्य शिक्षा का प्रभाव बढा और जीवन में बदलाव आने लगा। ईश्वर के साथ साथ मानव को समान महत्व दिया गया। भावना के साथ-साथ विचारों को पर्याप्त प्रधानता मिली. पद्य के साथ-साथ गद्य का भी विकास हुआ और छापेखाने के आते ही साहित्य के संसार में एक नई क्रांति हुई.आधुनिक हिन्दी गद्य का विकास केवल हिन्दी भाषी क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं रहा. 1 भारतेंदु पूर्व युग 1800 ईस्वी से 1850 ईस्वी तक2 भारतेंदु युग 1850 ईस्वी से 1900 ईस्वी तक3 द्विवेदी युग 1900 ईस्वी से 1920 ईस्वी तक4 रामचंद्र शुक्ल व प्रेमचंद युग 1920 ईस्वी से 1936 ईस्वी तक5 अद्यतन युग 1936 ईस्वी से आज तक १९वीं सदी से पहले का हिन्दी गद्यहिन्दी गद्य के उद्भव को लेकर विद्वानों में मतभेद हैं| कुछ विद्वान हिन्दी गद्य की शुरूआत १९वीं सदी से ही मानते हैं जबकि कुछ अन्य हिन्दी गद्य की परम्परा को ११वीं-१२वीं सदी तक ले जाते हैं| आधुनिक काल से पूर्व हिन्दी गद्य की निम्न परम्पराएं मिलती हैं- १- राजस्थानी में हिन्दी गद्य २- ब्रजभाषा में हिन्दी गद्य ३- दक्खिनी में हिन्दी गद्य ४- गुरूमुखी लिपि में हिन्दी गद्य भारतेंदु पूर्व युगहिन्दी में गद्य का विकास 19वीं शताब्दी के आसपास हुआ. इस विकास में कलकत्ता के फोर्ट विलियम कॉलेज की महत्वपूर्ण भूमिका रही. इस कॉलेज के दो विद्वानों लल्लूलाल जी तथा सदल मिश्र ने गिलक्राइस्ट के निर्देशन में क्रमशः प्रेमसागर तथा नासिकेतोपाख्यान नामक पुस्तकें तैयार कीं. इसी समय सदासुखलाल ने सुखसागर तथा मुंशी इंशा अल्ला खां ने 'रानी केतकी की कहानी' की रचना की इन सभी ग्रंथों की भाषा में उस समय प्रयोग में आनेवाली खडी बोली को स्थान मिला. ये सभी कृतियाँ सन् 1803 में रची गयी थीं.आधुनिक खडी बोली के गद्य के विकास में विभिन्न धर्मों की परिचयात्मक पुस्तकों का खूब सहयोग रहा जिसमें ईसाई धर्म का भी योगदान रहा. बंगाल के राजा राम मोहन राय ने 1815 ईस्वी में वेदांत सूत्र का हिन्दी अनुवाद प्रकाशित करवाया. इसके बाद उन्होंने 1829 में बंगदूत नामक पत्र हिन्दी में निकाला. इसके पहले ही 1826 में कानपुर के पं जुगल किशोर ने हिन्दी का पहला समाचार पत्र उदंतमार्तंड कलकत्ता से निकाला. इसी समय गुजराती भाषी आर्य समाज संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती ने अपना प्रसिध्द ग्रंथ सत्यार्थ प्रकाश हिन्दी में लिखा.भारतेंदु.भारतेंदु हरिश्चंद्र (1850-1885) को हिन्दी-साहित्य के आधुनिक युग का प्रतिनिधि माना जाता है.पण्डित महावीर प्रसाद द्विवेदी के नाम पर ही इस युग का नाम द्विवेदी युग रखा गया. सन 1903 ईस्वी में द्विवेदी जी ने सरस्वती पत्रिका के संपादन का भार रामचंद्र शुक्ल एवं प्रेमचंद युगगद्य के विकास में इस युग का विशेष महत्त्व है.पं रामचंद्र शुक्ल (1884-1941) ने निबंध, हिन्दी साहित्य के इतिहास और समालोचना के क्षेत्र में गंभीर लेखन कियाExplanation:here is ur answer mark me as a BRAIN list and 10thnx plz by #MUKTA cute girl .... |
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Who answer it correctly I will mark him as brainlist and thank u and give five star rating and follow U Give answer from kahi se bhiand ur question is -हिंदी गद्य साहित्य और पद्य साहित्य का इतिहास लिखिए । |
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Answer» द्य साहित्य का इतिहास-हिंदी गद्य के आरंभ के संबंध में विद्वान एकमत नहीं है। कुछ 10वीं शताब्दी मांनते हैं कुछ 11 वीं शताब्दी,कुछ 13 शताब्दी। राजस्थानी एवं ब्रज भाषा में हमें गद्य के प्राचीनतम प्रयोग मिलते हैं। राजस्थानी गद्य की समय सीमा 11वीं शताब्दी से 14वीं शताब्दी तथा ब्रज गद्य की सीमा 14वीं शताब्दी से 16वीं शताब्दी तक मानी जाती है। ऐसा माना जाता है कि 10वीं शताब्दी से 13वीं शताब्दी के मध्य ही हिंदी गद्य की शुरुआत हुई थी।खड़ी बोली के प्रथम दर्शन अकबर के दरबारी कवि गंग द्वारा रचित चंद छंद बरनन की महिमा में होते हैं अध्ययन की दृष्टि से हिंदी गद्य साहित्य के विकास को इस प्रकार विभाजित किया जा सकता है। |
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Sher ke liye tel ke liye ek Vigyapan taiyar kijiye |
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Answer» liye TEL KE liye EK Vigyapan taiyar kijiye . Ask for details; Follow; REPORT. by Mohdadmm83Gmail 4 MINUTES ago. |
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Pitaji ka samachar ganane ke liyaa patra lekeye |
| Answer» EXPLANATION:MAY U LIKE it and it HELP u | |
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Desh mein bullet train chalaye jane ki ghoshna hui es vishya par do mitro ke bich samvad likhiye |
| Answer» | |
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नीचे दिए गए पद्यांश को ध्यानपूर्वक पड़कर दिए गए विकल्पों से प्रश्नों के उत्तर दीजिए- मैं चला, तुम्हें भी चलना है असिधारों परसिर काट हथेली पर लेकर बढ़ जाओ तो।इस युग को नूतन स्वर तुमको ही देना है,अपनी क्षमता को आज जरा अजमाओ तो।दे रहा समय अभी चुनौती नवयुवकों को,मैं किसी तरह मंजिल तक पहले पहुँचूँगा।इस महाशांति के लिए हवन-वेदी पर मैंहँसते-हँसते प्राणों की बलि दे जाऊँगा।तुम बना सकोगे भूतल पर इतिहास नया,में गिरे हुए लोगों को गले लगाऊँगा।क्यों ऊँच-नीच, कुल, जाति, रंग का भेदभाव?मैं रूढ़िवाद मद का कल्मष महल ढहाऊँगा।जिनका जीवन वसुधा की रक्षा हेतु बनामरकर भी सदियों तक वे यों ही जीते हैदुनिया को देते हैं रस की रसधार विमलखुद हँसते-हँसते कालकूट को पीते हैहै अगर तुम्हें भी भूख 'मुझे भी जीना है।'तो आओ मेरे साथ नींव में गड़ जाओ।ऊपर इसके निर्मित होगा आनंद-महलमरते-मरते भी दुनिया में कुछ कर जाओ।(CBSE 2012)10 'असिधारा पर चलने का आशय है-(क) संकटों को कुचलना।(ख) संकटों से जूझना।(ग) संकटों में फैसना।(घ) डांवाडोल होना। |
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Answer» संकटों से जूझनाExplanation:PLEASE MARK my answer as a BRAIN list and also follow me please like it if it helped you.... |
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Vridho ka sadaiv Samman karna chahie Sanskrit Mein anuvad Karke bataiye |
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विपदा शब्द का बहुवचन |
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Answer» vipdaeinExplanation: |
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Please help me. Plz give me the answer fast |
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Answer» ek gaao me ek Aadarsh vyakti rahta tha jishka Naam mohan tha wah apne gaao me sabse budha tha USKA aacharan saant swabhao ka tha ek DIN karmchari ko usne ek baat khi JISSE gaao viksit ho sake karmchari unki baat samjha aur bahut si uplabdhia karai |
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Vridho ka sadaiv Samman karna chahie Sanskrit Mein anuvad bataiye |
| Answer» TION: PLEASE I don't KNOW SANSKRIT I don't know Sanskrit SORRY | |
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वाक्यों को पढ़कर कारक पहचानकर उनके भेद लिखिए 1 ) मोहन ने हाथ से चम्मच पकडा |
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(क) 'अपमान' में कौन-सा उपसर्ग है?| अ 0 अपसापी'को मारपाकअति0मान0plz help |
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Answer» अपमान में अप उपसर्ग है।Explanation:अप + मान = अपमान |
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Bread ka sadaiv Samman karna chahie Sanskrit Mein anuvad Karen |
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Answer» वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद वचन तथा काल के अनुसार क्रिया का प्रयोग करना चाहिए। . (5) मोहन व सोह |
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Keshav ki Alankar Yojana |
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Answer» what is the QUESTION |
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Vridho ka sadaiv Samman karna chahie Sanskrit Mein anuvad Karen |
| Answer» TION:हिन्दी-संस्कृत अनुवाद ... माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करना उचित है। ... आप सभी हमारे साथ संस्कृत पढें। ... उन्होंने कहा कि 'जो पृथ्वी धारण करे वही बड़ा''।Missing: vridho | MUST INCLUDE: vridho | |
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Exercise : 7.3 14. I am not a woman. So I can't marry you, Ram. combine the sentenc with if clause |
| Answer» | |
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'बड़े भाई साहब 'कहानी शिक्षा की पुरानी पद्धति पर व्यंग और नए विचारों का समर्थन करती है ,कहानी के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए। please answer if u knowDON'T GIVE WRONG REPLY PLEASE |
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Answer» प्रकाशनार्थ अपनी मौलिक, इंटरनेट पर ... HOME कहानी कहानी संग्रह कहानी संग्रह ... उनके बड़े भाई साहब जो सीधी कोर्ट में वकालत |
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