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‘अग्रपूजा’ खण्डकाव्य के ‘उपसंहार’ सर्ग (षष्ठ सर्ग) का सारांश (कथासार) अपने शब्दों में लिखिए। |
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Answer» षष्ठ सर्ग में उल्लिखित शिशुपाल और कृष्ण के विवाद का यज्ञ पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा और यज्ञ निर्विघ्न चलता रहा। व्यास, धौम्य आदि सोलह तत्त्वज्ञानी ऋषियों ने यज्ञ-कार्य सम्पन्न किया। युधिष्ठिर ने उन्हें दान-दक्षिणा देकर उनका यथोचित सत्कार किया। उन्होंने बलराम और श्रीकृष्ण के प्रति अपना आभार प्रकट किया। सभी राजा उनके सौम्य स्वभाव और सत्कार से सन्तुष्ट हुए और उन्होंने युधिष्ठिर को अपना अधिपति मानते हुए उनकी आज्ञा-पालन करने का वचन दिया। तत्त्वज्ञानी ऋषियों ने भी युधिष्ठिर को हार्दिक आशीर्वाद दिया, जिसे युधिष्ठिर ने विनम्र भाव से शिरोधार्य किया। |
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